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एक ग़लती से कंपनी को करोड़ों का चूना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टाइप की एक ग़लती किसी कंपनी के लिए इतनी घातक साबित होगी, ये न कंपनी ने सोचा होगा और न टाइप करने वाले ने. लेकिन यही हुआ जापान में और नुक़सान कितना हुआ होगा! अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाए. इस कंपनी को नुक़सान हुआ है 22 करोड़ डॉलर का. मिज़ुहो सिक्यूरिटीज़ नाम की इस कंपनी ने ग़लती से एक येन (जापानी मुद्रा) में 610,000 शेयर की पेशकश कर दी जबकि करना था 610,000 येन में एक शेयर. लेकिन तब तक तो देर हो चुकी थी. कंप्यूटर पर शेयर व्यापार के शुरु होते ही स्टॉक बाज़ार तक सबकी पहुँच हो गई जो कि अब तक कुछ ही लोगों तक सीमित थी. घर बैठे आम निवेशकर्ता भी शेयरों की खरीद बिक्री करने लगे और सारी प्रणाली चाक चौबंद और काफी तेज़ हो गई. शेयर दलाल एक दिन ज्यादा से ज़्यादा व्यापार करने लगे लेकिन जापान के मिज़ुहो सिक्र्यूरिटीज़ की बात करें तो उन्हें इसका ख़ासा नुकसान हुआ है. इस कंपनी ने अपने एक क्लाइंट के कहने पर किसी कंपनी का एक शेयर 610,000 येन या पाँच हज़ार डॉलर में बेचा लेकिन बेचते समय उसके दलाल ने शायद दुनिया की सबसे महंगी टाइपिंग की ग़लती कर डाली. दलाल ने येन की जगह शेयर लिख दिए यानी एक शेयर की बज़ाय 610,000 शेयर बेच दिए गए वो भी एक येन की क़ीमत पर जी हां.....एक येन में बिक गए 610,000 शेयर. मिज़ुहो कंपनी ने दो मिनट से भी कम समय में ग़लती खोज निकाली लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. ऑनलाइन पर बैठे ग्राहकों की तेज़ नज़र से ये बात छुपी नहीं और व्यापार शुरु हो गया यानी इन शेयरों की ख़रीद शुरू हो गई. कई घंटों तक ग़लती नहीं मानने वाली मिज़ुहो कंपनी अब उन शेयरों को कम से कम क़ीमत में ख़रीदने की कोशिश कर रही है लेकिन कंपनी का कहना है कि इससे उन्हें 22 करोड़ डॉलर का नुक़सान होगा. सरकार ने पूरे मामले की जाँच की घोषणा कर दी है कि शेयर मार्केट के कंप्यूटर ऐसी भूल को तत्काल क्यों नहीं पकड़ सके. कंपनी ने अपनी सालाना पार्टी रद्द कर दी है और शायद इस साल कार्यकर्ताओं को क्रिसमस का बोनस भी बहुत कम मिले. | इससे जुड़ी ख़बरें ईबे इंटरनेट कंपनी स्काइप को ख़रीदेगी12 सितंबर, 2005 | कारोबार ग़ैरकानूनी नहीं रहेगा संगीत डाउनलोड27 अगस्त, 2005 | विज्ञान समारा की प्राचीन मीनार को नुक़सान01 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना आँख के इशारे से टाइपिंग 26 अगस्त, 2002 | पहला पन्ना गूगल सबसे बड़ी मीडिया कंपनी08 जून, 2005 | कारोबार मित्तल दुनिया में तीसरे बड़े अमीर11 मार्च, 2005 | कारोबार टाटा स्टील ने सिंगापुर की कंपनी ख़रीदी16 अगस्त, 2004 | कारोबार युकोस तेल कंपनी के मुख्यालय पर छापा03 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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