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समारा की प्राचीन मीनार को नुक़सान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के समारा शहर में पुलिस का कहना है कि वहाँ एक विस्फोट में एक बहुत महत्वपूर्ण और प्राचीन मीनार को नुक़सान पहुँचा है. समारा की यह घुमावदार मीनार देश के सबसे बड़े पर्यटन आकर्षणों में से एक थी. लगभग एक हज़ार साल पुरानी यह मीनार पचास मीटर ऊँची थी और अभी कुछ समय पहले तक अमरीकी सैनिक दूर-दूर तक देखने के लिए इसका इस्तेमाल करते थे. एक महीना पहले अमरीकी सैनिक वहाँ से हट गए थे लेकिन एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बीबीसी से कहा कि उन्हें इसकी सुरक्षा सुनिश्चित कर लेनी चाहिए थी. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शुक्रवार को जो विस्फोट हुआ उससे मीनार के ऊपरी हिस्से में छेद हो गया और मलबा गिरने लगा. इराक़ियों का कहना है कि उन्होंने मुआवज़े की माँग की है. अमरीकी सैन्य टुकड़ियों की पहले ही प्राचीन स्थल बेबीलोन को नुक़सान पहुँचाने के लिए आलोचना हो रही है. अमरीकी सैनिकों ने बेबीलोन को अपना सैन्य ठिकाना बना रखा था. उधर दक्षिणी इराक़ के प्राचीन स्थलों पर लूटपाट की घटनाओं ने पहले ही देश की धरोहरों पर युद्ध के प्रभाव को लेकर चिंताएँ पैदा कर दी हैं. |
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