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बोइंग के बारे में बुश ने बात की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने अमरीका से कहा है कि वह इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया के लिए यात्री विमान ख़रीदते समय अमरीकी कंपनी बोइंग के प्रस्ताव पर ग़ौर करेगा. भारत की यात्रा पर आए अमरीका के परिवहन मंत्री नॉर्मन मिनेटा ने दिल्ली में पत्रकारों को इसकी जानकारी दी. नॉर्मन मिनेटा ने कहा, "इस बारे में थोड़ी देर पहले राष्ट्रपति बुश ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बात की है." इसी सिलसिले में अमरीकी परिवहन मंत्री ने भारत के नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल पटेल से भी बातचीत की है. भारत सरकार से एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद अमरीकी परिवहन मंत्री पत्रकारों से मिले. अमरीकी परिवहन मंत्री ने कहा कि "भारत ने बोइंग के प्रस्ताव पर पूरा ध्यान देने की बात कही है." मिनेटा ने बताया कि जब भारत के नागरिक उड्डयन मंत्री अमरीका गए थे तब भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी. अमरीकी परिवहन मंत्री ने कहा कि "इस बारे जल्दी ही फ़ैसला होने की संभावना है." इंडियन एयरलाइंस ने पहले विमान बनाने वाली यूरोपीय कंपनी एयरबस से 43 विमान ख़रीदने की इच्छा ज़ाहिर की है, जबकि एयर इंडिया ने तय किया है कि वह 50 विमान ख़रीदेगा जिसमें बोइंग और एयरबस दोनों शामिल होंगे. बोइंग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि भारत को "बहुत ही लुभावनी कीमतों" का प्रस्ताव रखा गया है. बोइंग के इस अधिकारी का कहना है कि उनकी कंपनी भारत की दूसरी प्राइवेट एयरलाइनों--जेट एयर और एयर सहारा जैसी कंपनियों से भी बातचीत कर रही है. अमरीकी परिवहन मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि भारत और अमरीका के बीच गंतव्य शहरों की संख्या की सीमा समाप्त करने का समझौता हो गया है. इसे 'ओपन स्काई एग्रीमेंट' कहा जा रहा है जिसके तहत भारतीय और अमरीकी विमान दोनों देशों में किसी भी शहर से उड़ान भर सकेंगे. |
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