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अमरीकी में युकोस की अपील ख़ारिज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की एक अदालत ने रूस की तेल कंपनी युकोस की संरक्षण देने की अपील को ठुकरा दिया है. युकोस ने ह्यूस्टन में चैप्टर 11 के तहत अपील दायर की थी और रूसी में उसकी युगांस्क इकाई की सरकारी नीलामी पर रोक लगाने की माँग की थी. युकोस के पूर्व प्रमुख मिखाइल खोदोरकोवस्की धोखेबाज़ी और कर चोरी के मामले में रूस में 10 साल क़ैद की सज़ा काट रहे हैं. युकोस की अपील पर सुनवाई करते हुए टेक्सस की जज लेटिटिया क्लार्क ने कहा कि अमरीका में युकोस की उपस्थिति इतनी नहीं कि वह अमरीकी न्याय प्रणाली के दायरे में आए. अपने फ़ैसले में जज क्लार्क ने कहा, "युकोस का ज़्यादातर व्यापारिक और वित्तीय कामकाज रूस में ही है. इस तरह के कामकाज में रूसी सरकार की भागीदारी भी ज़रूरी है." इस फ़ैसले पर अभी युकोस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. तर्क युकोस का तर्क है कि अमरीकी अदालत को उसे दिवालिया घोषित करने का अधिकार है क्योंकि उसके बैंक खाते अमरीका में भी हैं और उसके मुख्य वित्तीय अधिकारी ब्रूस मिसामोर ह्यूस्टन में ही रहते हैं. हालाँकि रूस ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वह किसी भी स्थिति में अमरीकी अदालत के फ़ैसले से बंधा हुआ नहीं है. युकोस की मुख्य तेल उत्पादक इकाई युगांस्क को इसलिए बेचा गया था ताकि कर की बकाया साढ़े 27 अरब डॉलर की राशि वसूली जा सके. युगांस्क को एक अनजान कंपनी ने 9.4 अरब डॉलर में ख़रीदा था लेकिन इसके तुरंत बाद इसे सरकार नियंत्रित तेल कंपनी रोसनेफ़्ट ने ख़रीद लिया. जज क्लार्क ने अपने फ़ैसले में कहा है कि यह लगता है कि रूसी सरकार की एजेंसियों ने जिस तरह काम किया है वह अमरीकी क़ानून के तहत कंपनी का अधिग्रहण करना माना जाएगा. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी भूमिका सिर्फ़ न्यायक्षेत्र तय करना था. अमरीकी अदालत के अधिकार को डॉयचे बैंक और गज़प्रोमनेफ़्ट ने चुनौती दी थी. गज़प्रोमनेफ़्ट रूसी गैंस कंपनी गज़प्रौम की इकाई रह चुकी है और इसका विलय रोज़नेफ़्ट में होना है. |
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