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रिलायंस एनर्जी के निदेशकों के इस्तीफ़े | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रिलायंस उद्योग समूह में अंबानी भाइयों के बीच स्वामित्व का विवाद गहराता दिख रहा है. गुरुवार को समूह की एक कंपनी रिलायंस एनर्जी लिमिटेड के छह निदेशकों ने अपने पदों से इस्तीफ़े दे दिए. इस कंपनी का कामकाज अनिल अंबानी देखते हैं. यह विवाद पिछले हफ़्ते शुरु हुआ था जब रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक टेलीविज़न चैनल से बात करते हुए स्वीकार किया था कि समूह में स्वामित्व को लेकर विवाद है. इसके बाद शेयर बाज़ार में रिलायंस के शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट आ गई थी. तीन दिन पहले मुकेश अंबानी ने रिलायंस समूह के सभी 80 हज़ार कर्मचारियों को एक ईमेल भेजकर यह संदेश दिया था कि उनके वक्तव्य को ग़लत समझा गया और उनके पिता धीरुभाई अंबानी ने अपने जीते जी ही स्वामित्व का सारा मामला साफ़ कर दिया था. मुकेश अंबानी ने कहा था कि समूह में वे सर्वेसर्वा हैं और उन्ही का फ़ैसला अंतिम होता है. दूसरी ओर पिछले कई दिनों से यह चर्चा चल रही है कि अनिल अंबानी इस विषय में कुछ कह सकते हैं लेकिन वे चुप्पी साधे हुए हैं. इस्तीफ़े इस्तीफ़े की शुरुआत दो दिनों पहले शुरु हुई थी जब ने इस्तीफ़ा दे दिया था. वे कंपनी के स्वतंत्र निदेशक थे और अंबानी परिवार के विश्वासपात्र माने जाते थे. इसके बाद गुरुवार को रिलायंस एनर्जी लिमिटेड के छह निदेशकों ने और इस्तीफ़ा दे दिया. इस्तीफ़ा देने वालों में सतीश सेठ, एससी गुप्ता, जेपी चल्सानी, केएम मांकड़, प्रोफ़ेसर जे रामचंद्र और अमिताभ झुनझुनवाला हैं. इनमें से अमिताभ झुनझुनवाला को अनिल अंबानी का बेहद क़रीबी माना जाता है. इन निदेशकों के इस्तीफ़े की सूचना बम्बई शेयर बाज़ार को दे दी गई है. |
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