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रिलायंस ने रिकॉर्ड शुद्ध मुनाफ़ा कमाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के सबसे बड़े उद्योग समूह रिलायंस ने बीते साल में रिकॉर्ड शुद्ध मुनाफ़ा कमाकर एक नई मिसाल क़ायम की है. कंपनी ने गुरूवार को पिछले साल के वित्तीय आँकड़े जारी किए जिनके मुताबिक़ रिलायंस समूह के मुनाफ़े में 29 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है. रिलायंस समूह ने जो आँकड़े जारी किए हैं उनके मुताबिक़ 31 मार्च 2004 को समाप्त हुए साल में इस उद्योग समूह ने 51 अरब, 60 करोड़ रूपए यानी क़रीब एक अरब 16 करोड़ डॉलर का शुद्ध मुनाफ़ा कमाया है यानी कुल हुई आमदनी में से तमाम ख़र्च निकालकर यह रक़म शुद्ध मुनाफ़े के रूप में बची है. कंपनी के चेयरमैन अनिल अंबानी ने गुरूवार को मुंबई में एक पत्रकार सम्मेलन में कहा, "एक साल में एक अरब से ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने वाली रिलायंस भारत में पहली कंपनी बन गई है." "हमें भरोसा है कि इस अच्छी वृद्धि दर से भविष्य में भी हमें अपनी वित्तीय ज़िम्मेदारियाँ निभाने में मदद मिलेगी." कंपनी का कहना है कि मार्च में समाप्त हुए साल में उसके कुल कारोबार में भी 14 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ है और यह बढ़कर सात खरब 44 अरब और 18 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है. कंपनी का कहना कि उसका निर्यात भी तीस प्रतिशत बढ़कर 149 अरब, 69 करोड़ रूपए हो गया है. ग़ौरतलब है कि रिलायंस ऐसा उद्योग समूह है जिसका कारोबार गैस, तेल, कपड़े से लेकर दूरसंचार तक फैला हुआ है कंपनी के क़रीब चालीस करोड़ शेयर धारक हैं. कंपनी का कहना है कि रिलायंस समूह मोबाइल टेलीफ़ोन सेवा शुरू करने के पहले साल के भीतर ही इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है. भारत के सकल घरेलू उत्पाद में क़रीब साढ़े तीन प्रतिशत योगदान रिलायंस समूह के पास है. लेकिन आम चुनावों में अनिश्चितता का माहौल देखते हुए पिछले कुछ दिनों में अन्य कंपनियों के साथ-साथ रिलायंस के शेयरों के मूल्यों में भी गिरावट देखी गई है. |
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