|
विप्रो ने दोहराया इंफ़ोसिस का कारनामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय सॉफ़्टवेयर कंपनी इंफ़ोसिस के बाद अब विप्रो भी एक अरब डॉलर का कारोबार करनेवाली कंपनी बन गई है. विप्रो ने 2003-2004 के नतीजे घोषित किए हैं जिसके अनुसार उनका कारोबार एक अरब 20 करोड़ डॉलर हो गया है. इंफ़ोसिस के बाद अमरीका के टेक्नोलॉजी शेयर बाज़ार नैसडैक में दर्ज ऐसी दूसरी कंपनी बन गई है जिसका कारोबार एक अरब डॉलर तक चला गया है. विप्रो की आईटी सेवाओं और उत्पाद के कारोबार में पिछले साल के मुक़ाबले 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. विप्रो की प्रतियोगी कंपनी इंफ़ोसिस ने इसी सप्ताह अपने सालाना नतीजे घोषित किए थे जिसमें उसका कारोबार एक अरब छह करोड़ डॉलर हो गया था. विप्रो के शुद्ध लाभ में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और ये लाभ 820 करोड़ रूपए से बढ़कर 1,031 करोड़ रूपए हो गया है. भारतीय सॉफ़्टवेयर जगत की सबसे बड़ी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस पहले ही एक अरब डॉलर का कारोबार कर चुकी है. टीसीएस ने ये कारनामा पिछले साल ही कर दिखाया था मगर ये कंपनी नैसडैक की सूची में शामिल नहीं है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||