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गुरुवार, 25 नवंबर, 2004 को 17:35 GMT तक के समाचार
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विवादित मुद्दे पर नहीं बोले अनिल अंबानी
अनिल अंबानी
अनिल अंबानी देखते हैं रिलायंस एनर्जी लिमिटेड का काम
भारत के सबसे बड़े व्यापारिक घराने रिलायंस ग्रुप में स्वामित्व को लेकर विवाद थमता नज़र नहीं आ रहा है.

क़रीब एक सप्ताह बाद इस मामले पर अपनी ख़ामोशी तोड़ते हुए रिलांयस ग्रुप के उपाध्यक्ष अनिल अंबानी ने कहा है कि जब सही समय आएगा, तभी वे इस मामले पर कुछ बोलेंगे.

अपनी अगुआई वाली कंपनी रिलायंस एनर्जी के छह निदेशकों के इस्तीफ़े के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी का बोर्ड इस बारे में सही समय पर विचार करेगा.

दोनों भाइयों मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के बीच विवाद की ख़बरों के बाद पहली बार अनिल अंबानी मीडिया के सामने आए.

लेकिन उन्होंने विवादित मुद्दे पर बोलने से इनकार किया. उन्होंने कहा, "मैं इस मुद्दे पर अभी कुछ नहीं कहना चाहता. मैंने इस विषय पर कुछ नहीं कहा है और मैं फ़िलहाल ऐसा ही करूँगा. जब सही समय आएगा और अगर ज़रूरी होगा, तभी मैं बोलूँगा."

हालाँकि अनिल अंबानी ने इस मामले पर कुछ नहीं बोला है लेकिन जानकारों का कहना है कि अनिल अंबानी ने इस बात के मज़बूत संकेत दे दिए हैं कि वे इतनी आसानी से हार नहीं मानेंगे.

इससे पहले रिलायंस एनर्जी के छह निदेशकों ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. जिससे विवाद और गहराता नज़र आने लगा है.

इस कंपनी का कामकाज अनिल अंबानी ही देखते हैं. माना जा रहा है कि इस्तीफ़ा देने वाले सभी छह निदेशकों ने अनिल अंबानी के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए त्यागपत्र दिया है.

जानकारों का कहना है कि यह कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर दबाव डालने की एक कोशिश है.

विवाद

यह विवाद पिछले हफ़्ते शुरु हुआ था जब रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक टेलीविज़न चैनल से बात करते हुए स्वीकार किया था कि समूह में स्वामित्व को लेकर विवाद है.

इसके बाद शेयर बाज़ार में रिलायंस के शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट आ गई थी.

 मैं इस मुद्दे पर अभी कुछ नहीं कहना चाहता. मैंने इस विषय पर कुछ नहीं कहा है और मैं फ़िलहाल ऐसा ही करूँगा. जब सही समय आएगा और अगर ज़रूरी होगा, तभी मैं बोलूँगा
अनिल अंबानी

तीन दिन पहले मुकेश अंबानी ने रिलायंस समूह के सभी 80 हज़ार कर्मचारियों को एक ईमेल भेजकर यह संदेश दिया था कि उनके वक्तव्य को ग़लत समझा गया और उनके पिता धीरुभाई अंबानी ने अपने जीते जी ही स्वामित्व का सारा मामला साफ़ कर दिया था.

मुकेश अंबानी ने कहा था कि समूह में वे सर्वेसर्वा हैं और उन्ही का फ़ैसला अंतिम होता है.

दूसरी ओर पिछले कई दिनों से यह चर्चा चल रही है कि अनिल अंबानी इस विषय में कुछ कह सकते हैं लेकिन वे चुप्पी साधे हुए हैं.

इस्तीफ़े की शुरुआत दो दिनों पहले शुरु हुई थी जब ने इस्तीफ़ा दे दिया था. वे कंपनी के स्वतंत्र निदेशक थे और अंबानी परिवार के विश्वासपात्र माने जाते थे.

इसके बाद गुरुवार को रिलायंस एनर्जी लिमिटेड के छह निदेशकों ने और इस्तीफ़ा दे दिया.

इस्तीफ़ा देने वालों में सतीश सेठ, एससी गुप्ता, जेपी चल्सानी, केएम मांकड़, प्रोफ़ेसर जे रामचंद्र और अमिताभ झुनझुनवाला हैं. इनमें से अमिताभ झुनझुनवाला को अनिल अंबानी का बेहद क़रीबी माना जाता है.

इन निदेशकों के इस्तीफ़े की सूचना बम्बई शेयर बाज़ार को दे दी गई है.

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