एससीओ समिट से पहले पाकिस्तान में धमाका, दो चीनी नागरिकों की मौत, चीन ने क्या कहा?

आत्मघाती हमला

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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान का सबसे बड़े शहर कराची में एयरपोर्ट के पास रविवार रात धमाका हुआ था
    • Author, कौरलाइन डेविस, केली एनजी
    • पदनाम, इस्लामाबाद, बीबीसी न्यूज़

पाकिस्तान के कराची एयरपोर्ट के पास हुए एक संदिग्ध आत्मघाती धमाके में चीन के दो नागरिकों की मौत हो गई जबकि कम से कम 10 अन्य लोग घायल हुए हैं.

एक तीसरा शव भी बरामद हुआ है, जिसके बारे में समझा जा रहा है कि यह हमलावर का हो सकता है.

यह हमला तब हुआ है, जब 15 और 16 अक्टूबर को पाकिस्तान में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन यानी एससीओ का समिट होने जा रहा है. इस समिट में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल होने वाले हैं.

पाकिस्तान में चीनी दूतावास ने कहा है कि रविवार रात को हुआ धमाका, सिंध प्रांत में एक ऊर्जा परियोजना में काम करने वाले चीनी इंजीनियरों के कारवां को निशाना बनाकर किया गया “आतंकवादी हमला” था.

अलगाववादी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है, जो कि हाल के सालों में पाकिस्तान में विकास से जुड़ी परियोजनाओं में शामिल चीनी नागरिकों पर हमले करता रहा है.

अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे हुसैन हक़्क़ानी ने चीनी नागरिकों की मौत पर ट्वीट कर कहा, ''1995 में कराची में आतंकवादियों ने अमेरिकी राजनयिकों की जान ले ली थी. पिछली रात चीनी इंजीनियरों को निशाना बनाया गया. इन 29 सालों में पाकिस्तान आतंकवादियों और हथियारबंद समूहों को काबू करने में नाकाम रहा है.''

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पाकिस्तान ने क्या कहा?

शाहबाज़ शरीफ़

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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ ने इस हमले को "जघन्य कृत्य" क़रार दिया है

सोमवार को जारी बयान में इस चरमपंथी समूह ने कहा कि “कराची एयरपोर्ट से आने वाले चीनी इंजीनियरों और निवेशकों के उच्च स्तरीय कारवां को निशाना बनाया.”

बाद में इस ग्रुप की ओर से कहा गया कि यह एक आत्मघाती हमला था और हमलावर का नाम शाह फ़हद बताया, जो कि बीएलए के आत्मघाती दस्ते मजीद ब्रिगेड से थे.

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समाचार एजेंसी रायटर्स ने बीएलए के हवाले से कहा, “इस हमले को गाड़ी में इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का इस्तेमाल करके अंजाम दिया गया.”

यह हमला रविवार को 23.00 बजे के क़रीब हुआ.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''बीती रात कराची में हुई दुखद घटना से गहरा सदमा और दुख पहुँचा है. इस घटना में दो बहुमूल्य चीनी ज़िंदगियां चली गईं और कई अन्य लोग घायल हुए हैं. मैं इस जघन्य कृत्य की निंदा करता हूँ और चीनी नेत़त्व, चीनी नागरिकों ख़ासकर मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ.”

“इस कायरतापूर्ण घटना को अंजाम देने वाले पाकिस्तानी नहीं हो सकते बल्कि पाकिस्तान के कट्टर दुश्मन हैं. अपराधियों को चिह्नित करने और क़ानून के सामने लाने के लिए तत्काल जांच शुरू कर दी गई है. पाकिस्तान हमारे चीनी दोस्तों की सुरक्षा के लिए तत्पर है. हम उनकी सुरक्षा और भलाई में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.”

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वो चीनी “अधिकारियों से संपर्क” में है और “इस कायराना हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों को क़ानून के अनुसार सज़ा दी जाएगी.”

मंत्रालय के अनुसार, “यह आतंकवादी हमला केवल पाकिस्तान पर ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान और चीन की दोस्ती पर भी हुआ है. इस बर्बर कृत्य के लिए ज़िम्मेदार लोगों को बख़्शा नहीं जाएगा.”

चीन ने क्या कहा

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इमेज कैप्शन, चीन ने पाकिस्तान से इस हमले की पूरी जांच करने और दोषियों को सज़ा देने की मांग की है

चीनी दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा कि ये इंजीनियर चीनी वित्त पोषित परियोजना पोर्ट क़ासिम पावर जेनरेशन को. लि. का हिस्सा थे.

इस परियोजना के तहत कराची के पास क़ासिम पोर्ट पर दो कोयला संचालित बिजली संयंत्र बनाया जा रहा है.

सोमवार को चीनी दूतावास ने अपने नागरिकों और चीनी कंपनियों को और सावधानी बरतने के साथ “सुरक्षा को लेकर सजग रहने” की सलाह जारी की.

दूतावास ने कहा कि उसे उम्मीद है कि पाकिस्तान इस हमले की जांच करेगा और “हत्यारों को कड़ी सज़ा देगा.”

बयान के मुताबिक़, पाकिस्तान में चीनी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने तत्काल इमर्जेंसी प्लान शुरू किया है और पाकिस्तान से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के साथ देश में मौजूद चीनी नागरिकों, संस्थाओं और परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए ज़रूरी उपाय किए जाने को कहा गया है.

पाकिस्तान में हज़ारों की संख्या में चीनी वर्कर मौजूद हैं, इनमें से अधिकांश बीजिंग की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना के तहत दोनों देशों के बीच आर्थिक कॉरिडोर के निर्माण में शामिल हैं.

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कई आधारभूत और ऊर्जा परियोजनाओं के साथ पोर्ट क़ासिम भी इसी कॉरिडोर का हिस्सा है.

यह प्रांत प्राकृतिक संसाधनों से भरा है. यहाँ गैस और खनिज पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं.

अन्य क़बाइली बलोच समूहों के साथ बीएलए अलग देश की मांग के लिए लंबे समय से हथियारबंद संघर्ष छेड़े हुए हैं.

बीएलए ने इस इलाक़े में मौजूद चीनी नागरिकों को लगातार निशाना बनाया है. उसका दावा है कि प्रांत में विदेशी निवेश और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से होने वाली कमाई में क़बाइली बलोच नागरिकों को उनका हिस्सा नहीं मिल रहा है.

कितना शक्तिशाली था धमाका

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इमेज कैप्शन, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने इस आत्मघाती हमले की ज़िम्मेदारी ली है

धमाका इतना तगड़ा था कि इसकी आवाज़ शहर में दूर तक सुनाई दी. कुछ स्थानीय मीडिया के फुटेज में धुएं का घना बादल और कारों के जलने का दृश्य दिखाई दे रहा है.

ऑनलाइन तस्वीरों में दिख रहा है कि सुरक्षा अधिकारी और दमकलकर्मी धमाके की जगह पहुंच कर जांच कर रहे हैं और वहां कई जली हुई गाड़ियां दिखाई दे रही हैं.

एक पुलिस सर्जन डॉ. सुमैया ने डॉन न्यूज़ को बताया, “दस लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर है. इन सभी को जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कॉलेज में लाया गया है.”

उन्होंने बताया कि घायलों में एक पुलिस कॉन्स्टेबल और एक महिला भी है.

सिंध के गृह मंत्रालय की ओर से एक्स पर एक बयान पोस्ट किया गया है, जिसमें कहा गया है कि एयरपोर्ट रोड पर एक टैंकर ट्रक में विस्फोट हुआ था.

जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जाने वाली सड़क को बंद कर दिया गया है, लेकिन सोमवार को एयरपोर्ट का संचालन सामान्य बना रहा.

पाकिस्तान में शांघाई कोऑपरेशन आर्गेनाइजेशन (एससीओ) की बैठक होने वाली है और इसमें कई शीर्ष नेता शामिल होने वाले हैं, इसकी वजह से भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

हाल के सालों में पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर कई हमले हुए हैं. इनमें से अधिकांश हमलों की ज़िम्मेदारी बीएलए ने ली है, इनमें मार्च में हुए ग्वादर पोर्ट के पास पाकिस्तानी नेवी एयरबेस पर हमला शामिल है.

ग्वादर पोर्ट भी चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा है.

निशाने पर चीनी नागरिक

पाकिस्तान

अप्रैल 2022 में, बीएलए ने कराची यूनिवर्सिटी के कन्फ़्यूशियस इंस्टीट्यूट के पास एक आत्मघाती धमाका कर तीन चीनी शिक्षकों और एक पाकिस्तानी ड्राइवर की जान ले ली थी.

नवंबर 2018 में कराची में हथियारबंद लोगों ने चीनी वाणिज्यिक दूतावास पर हमला कर कम से कम चार लोगों को मार डाला था.

चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स की ख़बर के अनुसार, मार्च 2024 में चीनी वित्त पोषिद दासू हाइड्रोपवॉर प्रोजेक्ट के पास एक आत्मघाती बम हमले में पांच चीनी इंजीनियर और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई थी.

इस हमले के बाद पाकिस्तान ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया था.

साल 2021 में दासू के पास ही ऐसे ही एक आत्मघाती हमले में 9 चीनी इंजनीयरों की मौत हो गई थी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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