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मध्य प्रदेश: बीजेपी नेता पर महिला के साथ रेप का आरोप, सोशल मीडिया पर धमकी देने का वीडियो वायरल
- Author, विष्णुकांत तिवारी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
मध्य प्रदेश के सतना ज़िले के रामपुर बघेलान क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर एक महिला के साथ बीजेपी के एक नेता बदतमीज़ी करते, गाली-गलौज करते और धमकी देते नज़र आते हैं.
बीजेपी के इस नेता का नाम अशोक सिंह है.
इस वीडियो में जब महिला कहती हैं कि वो अपने साथ हुए व्यवहार की शिकायत करेगी, तो अभियुक्त की तरफ से जवाब आता है, "क्या होगा मेरा? कुछ नहीं होगा, डाल दो सोशल मीडिया पर वीडियो".
इस वीडियो में महिला रोते हुए शिकायत करने की बात कहती सुनाई देती हैं.
इस संबंध में सतना पुलिस ने बीबीसी को बताया है कि अभियुक्त अशोक सिंह को 28 दिसंबर को गिरफ़्तार किया गया है.
पुलिस ने यह भी कहा कि अशोक सिंह के ख़िलाफ़ पूर्व में कई अपराध लंबित हैं और फ़िलहाल मौजूदा मामले की जांच की जा रही है.
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महिला ने अपने साथ हुई घटना की शिकायत सतना पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह के ऑफिस में 22 दिसंबर को की थी.
पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने पांच दिन बाद 27 दिसंबर की रात 10 बजकर 47 मिनट पर इस मामले पर बयान देते हुए बीबीसी से कहा, "इस मामले में महिला की शिकायत पर अभी एफआईआर दर्ज हो रही है."
मामले दर्ज करने में पांच दिन क्यों लगे?
जब हमने मामला दर्ज करने में इस देरी के बारे में एसपी से पूछा तो उनका जवाब था, "आप मुझे बताइए कि क्या एफआईआर एसपी ऑफिस में दर्ज होती है?"
"अगर आपके ख़िलाफ़ कोई मुख्यमंत्री ऑफिस में शिकायत कर दे तो क्या हम एफआईआर दर्ज कर लेंगे? महिला को आज थाने में बुलाया गया है और उनके बयान पर एफआईआर दर्ज की जा रही है."
इतना कहने के बाद पुलिस अधीक्षक ने फ़ोन काट दिया.
देर रात पुलिस ने बताया, "फरियादी की शिकायत पर थाना रामपुर बघेलान में अशोक सिंह के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. फरियादी की शिकायत में अश्लील इशारे करने, अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने, छेड़छाड़, अश्लील हरकत करने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं."
"महिला की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है."
वायरल वीडियो को लेकर महिला ने आरोप लगाया है कि अभियुक्त ने 11 नवंबर से लेकर 27 दिसंबर तक कई मौक़ों पर उनका यौन उत्पीड़न किया और उन्हें अलग-अलग तरह से धमकी भी दी, जिसे कई बार वो मोबाइल में रिकॉर्ड करने में सफल रहीं.
अशोक सिंह के फोन नंबर पर जब बीबीसी ने संपर्क किया तो उनके भांजे विष्णुप्रताप सिंह ने उत्तर दिया.
उन्होंने कहा, "जो महिला आरोप लगा रही हैं वो हमारी ही प्रॉपर्टी पर तीन साल से किराएदार हैं. पिछले कई महीनों से उन्होंने किराया नहीं जमा किया था. मामा उस दिन किराए को लेकर ही बात करने पहुंचे थे लेकिन थोड़ा ड्रिंक कर रखा था और इसीलिए सामने वाले पक्ष ने उनका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया. उन पर लग रहे आरोप झूठे हैं".
महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध
मध्य प्रदेश देश में महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाले अपराधों में शीर्ष के पांच राज्यों में से एक है.
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की सबसे ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार राज्य में साल 2023 में महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाले अपराधों के 32,342 मामले दर्ज किए गए थे.
सतना के इस मामले की शिकायत ने 22 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक (एसपी) में लिखित तौर पर की गई थी.
महिला ने अपनी लिखित शिकायत में कहा है कि अशोक सिंह ने क़रीब छह महीने पहले उनके घर में घुसकर चाकू की नोक पर उनके साथ बलात्कार किया और इस दौरान आपत्तिजनक वीडियो भी बनाया.
महिला का आरोप है कि अभियुक्त ने वीडियो वायरल करने और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर उन्हें चुप रहने पर मजबूर किया.
सतना पुलिस के पाँच दिन तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज न करने के कारण पुलिस के ढीले रवैए पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 20 दिसंबर को अभियुक्त एक बार फिर उनके पास पहुंचा और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छेड़छाड़ की, जिसके बाद से वे बेहद डरी हुई हैं.
बीबीसी ने कई ऐसे दस्तावेज़ हासिल किए हैं, जिसके मुताबिक़ अशोक सिंह पर 8 मुकदमे दर्ज हैं.
इनमें से साल 1996 से 2024 के बीच 4 मामलों में अशोक सिंह पर आईपीसी की धारा 294 के तहत चार मामले लंबित हैं.
यह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने से पहले का क़ानून है और आईपीसी 294 अश्लील हरकतों से जुड़े क़ानून से संबंधित है.
सतना के पूर्व कलेक्टर अनुराग वर्मा के साल 2024 के एक आदेश के अनुसार अभियुक्त के आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर पहले भी ज़िला प्रशासन कार्रवाई कर चुका है.
बीबीसी के पास मौजूद दस्तावेज़ों के मुताबिक़, तत्कालीन कलेक्टर अनुराग वर्मा ने साल 2024 के अपने आदेश में ज़िक्र किया था कि थाना रामपुर बघेलान में साल 1996 से 2024 के बीच अशोक सिंह के ख़िलाफ़ कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं.
इसी आदेश में अभियुक्त अशोक सिंह के बयान के अनुसार वो रामपुर बघेलान के मौजूदा विधायक विक्रम सिंह के रिश्तेदार हैं.
अनुराग वर्मा के आदेश में यह भी कहा गया था कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया के दौरान अशोक सिंह कानून व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है और जनता में भय का माहौल बना सकता है. इसी आधार पर पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ कई तरह के प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए थे.
हालांकि पुलिस ने पुराने मामलों पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.
हालांकि बीबीसी से बात करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "अशोक सिंह आदतन अपराधी हैं और उसके ख़िलाफ़ कई मामले दर्ज हैं. राजनीतिक पृष्ठभूमि के चलते कोई कठोर कार्रवाई अब तक नहीं हो पाई है."
कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया अपराधी को संरक्षण देने का आरोप
मध्य प्रदेश में विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बीजेपी पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है.
हालाँकि इस मामले पर सत्तारूढ़ बीजेपी या राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक्स पर लिखा, "सतना में बीजेपी नेता अशोक सिंह ने एक महिला के साथ चाकू की नोक पर दुष्कर्म किया, वीडियो बनाया और फिर दोबारा दुष्कर्म करने के लिए महिला के घर पहुँचा.."
जीतू पटवारी ने आगे मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया, "आप सरकार चला रहे हैं या सर्कस? यह कैसा तमाशा है, जहाँ आपकी पार्टी के नेता प्रदेश की बेटियों के साथ घिनौने कृत्य करते हैं और छह महीने तक आपकी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती. इसी लापरवाही के चलते दुष्कर्मी बीजेपी नेता दोबारा कुकृत्य करने पहुँच गया…"
मुख्यमंत्री मोहन यादव 27 दिसंबर को सतना में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे. इस विषय पर न तो मुख्यमंत्री न ही बीजेपी की तरफ से अब तक कोई बयान आया है.
26 दिसंबर की रात सतना ज़िले में ही एक और महिला इंसाफ़ की मांग को लेकर रात भर एसपी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठी रहीं. उन्होंने बीजेपी के पूर्व ज़िला अध्यक्ष के ख़िलाफ़ चल रहे रेप के मुक़दमे में गिरफ़्तारी की मांग की है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.