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संसद पर हमले की बरसी के दिन लोकसभा की सुरक्षा में बड़ी चूक, क्या बोले स्पीकर
लोकसभा में बुधवार को संसद की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से एक शख़्स के कूदने का मामला सामने आया है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि ये शख़्स सांसदों की बेंचों के ऊपर से कूदते हुए स्पीकर की कुर्सी की तरफ़ बढ़ रहा है. इस शख़्स को सांसद पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं. इसे भी वीडियो में देखा जा सकता है.
संसद भवन की सुरक्षा चूक के मामले में लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा, "शून्यकाल के दौरान हुई घटना की लोकसभा अपने स्तर पर संपूर्ण जांच कर रही है. इस संबंध में दिल्ली पुलिस को भी जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं. प्राथमिक जांच के अनुसार यह सिर्फ साधारण धुआं था इसलिए यह धुआं चिंता का विषय नहीं है..."
"प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया है और उनके पास मौजूद चीज़ों को ज़ब्त कर लिया गया है. बाहर मौजूद दोनों संदिग्धों को गिरफ़्तार कर लिया गया है."
इस घटना के बाद कई सांसदों ने मीडिया से कहा कि लोकसभा में दर्शक दीर्घा से दो लोग कूदे थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इन लोगों के हाथ में 'कलर स्मोग' था. ये लोग लोकसभा में दर्शक दीर्घा से तब कूदे, जब पश्चिम बंगाल से बीजेपी सांसद खानेन मुर्मू बोल रहे थे.
लोकसभा स्पीकर ने क्या कहा
लोकसभा में शून्य काल के दौरान दो लोगों के गैलरी से कूदने की घटना के बाद सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तो स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि सदनों को कोई रोक नहीं सकता.
स्पीकर बिड़ला ने कहा, "कितनी भी विपरीत परिस्थिति हो, उसके बाद भी सदन चले, ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है. उस घटना के बाद भी सदन चला था, कोई सदनों को रोक नहीं सकता."
आज शून्य काल के दौरान दो लोग लोकसभा की दर्शक दीर्घा से नीचे कूद गए और उन्होंने धुआं फैला दिया. सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया गया.इसके बाद सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरु हुई तो स्पीकर बिड़ला ने कहा, "जो घटना शून्य काल के समय घटित हुई थी, उस घटना की लोकसभा अपने स्तर पर जांच कर रही है. इस बारे में दिल्ली पुलिस को भी आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं."
उन्होंने कहा, "जो हम सबकी चिंता थी कि वो धुआँ क्या था, प्रारंभिक जांच में जानकारी हुई है कि वो साधारण धुआं था, सनसनी फैलाने वाला धुआं था इसलिए चिंता करने की ज़रूरत नहीं है."
स्पीकर ने बताया, "वो दोनों लोग पकड़ लिए गए हैं. उनकी सारी सामग्री को जब्त कर लिया गया है और जो दो लोग बाहर थे, उनको भी गिरफ़्तार कर लिया गया है."
जिस वक़्त ये घटना हुई, उस वक़्त पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल स्पीकर की कुर्सी पर बैठे हुए थे.
राजेंद्र अग्रवाल ने संसद के बाहर आकर मीडिया से कहा, "दर्शक दीर्घा से एक व्यक्ति गिरा, हमें ऐसा लगा कि वो गिरा है. मगर दूसरा व्यक्ति रेलिंग पकड़कर कूद रहा था. तो ध्यान में आया कि दोनों ही कूदे होंगे. उसमें से एक ने जूते में कुछ चीज निकालकर धुआं फैलाया. चिट-पिट की आवाज़ हुई. बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उनको पकड़ लिया था. उनको लेकर गए. अब पता चलेगा कि कौन हैं, कहां से आए. किस संगठन से थे."
समाचार एजेंसी एएनआई के शेयर किए वीडियो में दिल्ली पुलिस के हवाले से बताया गया, ''दो प्रदर्शनकारियों को ट्रांसपोर्ट भवन के बाहर से हिरासत में लिया गया है. ये लोग स्मोक के ज़रिए प्रदर्शन कर रहे थे. ये घटना संसद के बाहर हुई है.''
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय और समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने इसे सुरक्षा में चूक बताया है.
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मीडिया से कहा, ''सदन के अंदर उतर गए. हाथ में कुछ था. भारी भरकम गैस निकल रही थी. सदन के अंदर जितने सांसद थे, सबने उन दोनों को पकड़ लिया. किसी सिक्योरिटी वाले ने नहीं, सांसदों ने उनको पकड़ लिया था. उसके बाद हम लोग बाहर निकले. बाकी दो बजे तक सदन बंद है. लेकिन देखने की बात ये है कि आज सुबह सदन में जो 2001 में हमला हुआ था, उनको हमने श्रद्धांजलि दी. आज ही के दिन जो फिर हमला हुआ, ये हमारी नज़र में सुरक्षा में चूक है.''
टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने मीडिया से कहा, ''ये बहुत भयावह अनुभव था. किसी को नहीं मालूम कि इनका निशाना क्या था और ये लोग ऐसा क्यों कर रहे थे. हम सभी सदन से बाहर निकल गए. ये सुरक्षा में चूक थी. इस तरह के तत्व सदन के अंदर कैसे आ सकते हैं और धुआं कैसे छोड़ सकते हैं?''
डिंपल यादव ने कहा, ''यहाँ पर सभी लोग आते हैं. फिर चाहे विजिटर हों या फिर रिपोर्टर्स हों. इनके पास टैग नहीं होता है. मुझे लगता है कि इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए. ये सुरक्षा में चूक है.''
सांसद दानिश अली के समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "पब्लिक गैलरी से दो लोग कूदे. कूदते ही एकदम धुआं उठने लगा. अफरा तफरी मच गई. सब लोग भागे. उन्हें पकड़ लिया गया है. एक का पास निकाला है तो पता चला है कि वो मैसूर का है. शायद सागर नाम था उसका. मैसूर के सांसद के गेस्ट के रूप में आया था. दूसरे का पता नहीं, क्योंकि बाहर आ गए हम लोग.''
आज संसद पर हुए हमले की बरसी भी है. 13 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद पर चरमपंथियों ने हमला किया था.
इस स्टोरी को अपडेट किया जा रहा है.
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