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पीएम मोदी ने 'इंडिया' गठबंधन के अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के जवाब में क्या-क्या कहा
केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ संसद में विपक्ष के पेश किए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद गुरुवार को पीएम मोदी लोकसभा में जवाब दिया. पीएम मोदी की स्पीच के बाद विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से गिर गया.
कांग्रेस समेत विपक्ष ने शुरू में तो प्रधानमंत्री का भाषण सुना लेकिन बाद में वॉकआउट कर दिया था.
अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने कहा, "देश की जनता ने हमारी सरकार पर बार-बार भरोसा जताया है और मैं देश की करोड़ों जनता के प्रति अपना आभार जताने के लिए यहां आया हूं."
"आज मैं देख रहा हूं कि आपने (विपक्ष) तय कर लिया है कि जनता के आशीर्वाद से एनडीए और भाजपा पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए प्रचंड जीत के साथ वापस आएगी."
उन्होंने कहा, "भगवान बहुत दयालु हैं और वे किसी ना किसी माध्यम से अपनी इच्छा की पूर्ति करता है. मैं इसे भगवान का आशीर्वाद मानता हूं कि ईश्वर ने विपक्ष को सुझाया और वे प्रस्ताव लेकर आए. विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ होता है. मैंने 2018 में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कहा था कि यह हमारे लिए फ्लोर टेस्ट नहीं है बल्कि ये उनके लिए फ्लोर टेस्ट है और परिणामस्वरूप वे चुनाव हार गए."
मोदी के जवाब की ख़ास बातें
- कई ऐसे बिल थे जो गांव, गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी के लिए थे, उनके कल्याण, भविष्य के साथ जुड़े हुए थे. लेकिन उनको (विपक्ष) इसकी चिंता नहीं है.
- विपक्ष के आचरण, व्यवहार से सिद्ध हुआ है कि उनके लिए देश से अधिक दल है, देश से बड़ा दल है, देश से पहले प्राथमिकता दल की है. मैं समझता हूं कि गरीब की भूख की चिंता नहीं है, आपको सत्ता की भूख सवार है.
- आपने इस प्रस्ताव पर किस तरह की चर्चा की है. मैं सोशल मीडिया पर देख रहा हूं कि 'आपके दरबारी भी बहुत दुखी हैं.' विपक्षी दल एक चीज़ पर जुटे भी तो अपने कट्टर दुश्मन के साथ जुटे. फील्डिंग विपक्ष ने सेट की लेकिन चौके छक्के यहीं से लगे. विपक्ष नो बॉल करता रहा.
- मैंने 2018 में कहा था कि 2023 में फिर से आना. लेकिन फिर भी आपने (विपक्ष) मेहनत नहीं की. आपने (विपक्ष) देश को निराशा के अलावा और कुछ नहीं दिया. मैं विपक्ष के रवैये पर कहूंगा, 'जिनके बही-खाते बिगड़े हुए हैं, वे भी हमसे हमारा हिसाब लिए फिरते हैं.
- सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता का बोलने वालों की सूची में नाम ही नहीं था. विपक्ष के प्रस्ताव पर तीन दिनों से अलग-अलग विषयों पर काफ़ी चर्चा हुई है. अच्छा होता कि सत्र की शुरुआत के बाद से ही विपक्ष ने गंभीरता के साथ सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया होता.
- बीते दिनों इसी सदन ने और दोनों सदनों ने जन विश्वास बिल, मीडिएशन, डेंटल कमिशन बिल, आदिवासियों से जुड़े बिल, डिज़िटल डेटा प्रोटेक्शन बिल, नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बिल, कोस्टल एक्वाकल्चर से जुड़ा बिल समेत कई महत्वपूर्ण बिल पास किए हैं.
- ये ऐसे बिल थे जो हमारे मछुआरों के हक़ के लिए थे जिसका सबसे ज़्यादा लाभ केरल को होना था. केरल के सांसदों से ज़्यादा अपेक्षा थी कि वे ऐसे बिल पर तो अच्छे से चर्चा में हिस्सा लेते. लेकिन राजनीति उन पर ऐसे हावी हो चुकी है कि उन्हें मछुआरों की चिंता नहीं है.
- नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बिल के ज़रिए देश की युवा शक्ति की आशा और आकांक्षाओं के लिए एक नयी दिशा देने वाला बिल था. हिंदुस्तान एक साइंस पावर के रूप में कैसे उभरे, इस सोच के साथ ये बिल लाया गया था, उससे भी आपका एतराज़.
- डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन बिल अपने आप में देश के युवाओं के जज़्बे में जो बात प्रमुखता से है, उससे जुड़ा है. आने वाला समय तकनीक से चलने वाला है. लेकिन राजनीति आपके लिए प्राथमिकता है.
- कई ऐसे बिल थे जो ग़रीब, आदिवासियों, दलितों, गांवों के कल्याण की चर्चा करने के लिए थे, उनके भविष्य के साथ जुड़े हुए थे. लेकिन इसमें इन्हें कोई रुचि नहीं है. देश की जनता ने जिस काम के लिए उन्हें यहां भेजा है, उस जनता का भी विश्वासघात किया गया है.
'आज सदन में कुछ सीक्रेट बताता हूं...'
अपने जवाब की शुरुआत में अविश्वास प्रस्ताव, मॉनसून सत्र में पेश किए बिल का पीएम मोदी ने ज़िक्र किया. पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज भी कसा.
पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष का पसंदीदा नारा है कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी. ये मुझे कोसते हैं. ऐसा क्यों होता है. सदन में कुछ आज सीक्रेट बताता हूं. विपक्ष को वरदान मिला हुआ है कि जिसका बुरा चाहेंगे, उसका भला होगा. एक उदाहरण मैं ही हूं. 20 सालों में क्या कुछ नहीं किया, पर भला ही होता गया.
पीएम मोदी ने कहा, "भारत की उपलब्धियों से विपक्षी दलों को अविश्वास है, जो दुनिया दूर से देख रही है वो ये यहां रहकर नहीं देख पा रहे हैं. अविश्वास और घमंड इनकी रगों में बस गया है. ये जनता के विश्वास को कभी देख नहीं पाते हैं. ये शुतुरमुर्ग रवैया जो है, इस पर देश क्या कर सकता है."
"पुरानी सोच के लोग कहते हैं कि जब कुछ मंगल होता है तो काला टीका लगाते हैं. आज देश का जो मंगल हो रहा है, मैं विपक्ष का धन्यवाद करता हूं कि काला कपड़ा पहनकर आए आए और देश का मंगल किया. मैं इसलिए विपक्ष का धन्यवाद कहता हूं."
पीएम मोदी बोले, "इस समय जो होगा, उसका असर अगले 1000 साल दिखाई देगा."
उन्होंने कहा, "ये कालखंड भारत के लिए हर सपने सिद्ध करने का अवसर हमें देगा. हम सब ऐसे दौर में हैं जो कि काफ़ी अहम है. ये कालखंड जो गढ़ेगा, उसका प्रभाव अगले 1000 साल तक रहने वाला है."
पीएम मोदी बोले, "140 करोड़ देशवासियों का पुरुषार्थ इस कालखंड में अपने पराक्रम और पुरुषार्थ से जो करेगा, वो आने वाले 1000 की मजबूत नींव रखने वाला है. इसलिए इस कालखंड में हम सबका दायित्व है. बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है. ऐसे समय हमारा एक ही फोकस होना चाहिए. देश का विकास और देशवासियों के सपनों को पूरा करने का संकल्प और उस संकल्प को सिद्धि तक ले जाने के लिए जी जान से जुट जाना. यही समय की मांग है."
विपक्ष के लोगों को एक रहस्यमयी वरदान मिला हुआ है कि जिसका भी ये लोग बुरा चाहेंगे उसका भला ही होगा. ऐसा ही एक उदाहरण आपके सामने खड़ा है. 20 साल हो गए क्या कुछ नहीं हुआ पर भला ही होता चला गया.
राहुल गांधी के खेतों में जाने पर तंज
केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ संसद में विपक्ष के पेश किए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद गुरुवार को पीएम मोदी ने जवाब दिया.
इस जवाब के दौरान पीएम मोदी ने राहुल गांधी के कुछ दिनों पहले हरियाणा के खेतों में जाने पर भी तंज कसा.
पीएम मोदी ने कहा, "आजकल जैसे खेतों में जाकर वीडियो शूट होता है, वैसा ही उस समय एचएएल फैक्ट्रियों के दरवाज़े पर मज़दूरों की सभा करके वीडियो शूट किया गया था. कहा गया था कि एचएएल डूब रहा है. देश के संस्थान को इतना बुरा कहा. लेकिन आज एचएएल सफलता की नई बुलंदियों को छू रहा है."
पीएम मोदी ने अपने जवाब के दौरान कहा कि विपक्ष के पास वरदान है कि जिसका ये बुरा चाहते हैं उसका भला होने लगता है.
"विपक्ष जैसे लोकतंत्र को कोसता है, देश मजबूत होने वाला है. हम तो मजबूत होने ही वाले हैं. ये वो लोग हैं, जिन्हें देश के सामर्थ्य, परिश्रम पर विश्वास नहीं है."
'2028 में जब विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगा...'
पीएम मोदी ने कांग्रेस को घेरते हुए कई हमले बोले.
पीएम मोदी ने कहा, "मेरा विश्वास है कि जब 2028 में विपक्ष हमारे ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगा, तब हम दुनिया की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे."
"पाकिस्तान सीमा पर हमले करता था, हमारे यहां आए दिन आतंकवादी भेजता था. पाकिस्तान कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता था. इनका पाकिस्तान पर ऐसा विश्वास था कि ये उनकी बात पर भरोसा कर लेते थे."
"आज दुनिया में कोई भारत के लिए अपशब्द बोलता है तो ये तुरंत पकड़ लेते हैं."
'विपक्ष खंडहर पर प्लास्टर लगाने का जश्न मना रहा है'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद में विपक्ष के पेश किए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद विपक्ष को आड़े हाथों लिया.
पीएम मोदी ने कहा, "बेंगलुरु में यूपीए का विपक्ष ने अंतिम संस्कार किया है. मेरी संवेदनाएं हैं. एक तरफ आप यूपीए का क्रियाकर्म कर रहे थे और दूसरी तरफ जश्न मना रहे थे. जश्न भी किस बात का, खंडहर पर प्लास्टर लगाने का. मजेदार ये है कि मजमा खत्म होने से पहले ही आपमें सिर फुटव्वल चालू हो गया."
पीएम मोदी बोले, "जिन्हें सिर्फ नाम का सहारा है, उन्ही के लिए कहा गया है. दूर युद्ध से भागते, नाम रखा रणधीर, भाग्य चंद की आज तक, सोयी है तकदीर."
पीएम मोदी ने कहा, "कुछ दिन पहले मैंने कहा था कि हमारी सरकार के अगले टर्म में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा."
"अब देश के भविष्य पर थोड़ा भी भरोसा होता. जब हम ये दावा करते हैं कि आने वाले पांच साल में हम देश की अर्थव्यवस्था को तीसरे स्थान पर लाएंगे तो एक जिम्मेदार विपक्ष क्या करता है. वो सवाल पूछता कि निर्मला जी बताओ. ऐसा कैसे करने वाले हो. मोदी जी बताओ. ये कैसे करने वाले हैं. इसका रोडमैप बताओ."
"अब ये भी मुझे सिखाना पड़ रहा है. या वे कुछ सुझाव दे सकते थे. या फिर कहते कि हम चुनाव में जनता के बीच जाकर बताएंगे कि ये तीसरे की बात करते हैं. हम एक नंबर पर लेकर आएंगे और ऐसे लेकर आएंगे."
"कुछ तो करते यार. लेकिन हमारे विपक्ष की त्रासदी ये है. उनके राजनीतिक विमर्श पर गौर कीजिए. कांग्रेस के लोग क्या कह रहे हैं. कितना कल्पनादारिद्रय है. इतने साल सत्ता में रहने के बाद भी कितनी अनुभवता हीन बातें सुनने को मिल रही हैं."
"ये कहते हैं कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कुछ करने की ज़रूरत ही नहीं है. सब ऐसे ही होने वाला है. मुझे लगता है कि इसी सोच के कारण वे इतने सालों तक सोते रहे कि अपने आप होने वाला है. वो कहते हैं कि बिना कुछ किए ऐसे ही पहुंच जाएंगे."
"कांग्रेस की मानें कि सब कुछ अपने आप होने वाला है तो इसका मतलब है कि कांग्रेस के पास न नीति है, न नीयत है और न विज़न है, न वैश्विक अर्थ जगत की समझ है और भारतीय अर्थजगत की ताक़त का पता है."
'ये इंडिया नहीं, घमंडिया गठबंधन है...'
केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ संसद में विपक्ष के पेश किए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद गुरुवार को पीएम मोदी ने जवाब दिया.
पीएम मोदी ने कहा, "विपक्ष ने इंडिया के टुकड़े कर दिए- I.N.D.I.A."
पीएम मोदी बोले, "कांग्रेस ने वोटरों को बुलाने के लिए गांधी नाम चुरा लिया. कांग्रेस का अपना कुछ नहीं है. झंडे से लेकर चुनाव चिह्न तक दूसरों से लिया हुआ है. ये इंडिया नहीं, घमंडिया गठबंधन है. इस बारात में हर कोई दूल्हा बनना चाहता है. अभी हालात ऐसे हैं, इसी लिए हाथों में हाथ हैं. जहां हालात बदले फिर छुरिया भी निकलेंगी."
"सड़कों, पार्कों, गरीब कल्याण की योजनाओं, खेल पुरस्कारों पर उनका नाम. अपने नाम से योजनाएं चलाईं और फिर उसमें भ्रष्टाचार था. लोगों को मदद चाहिए लेकिन उसे मिला तो सिर्फ धोखा."
"कांग्रेस की कोई चीज़ अपनी नहीं है, न तो चुनाव चिन्ह और न ही उसकी विचारधारा. जिन चीज़ों पर वो अपना दावा करती है वो दरअसल किसी और से लिया हुआ है. उसने अपनी कमियों को छिपाने के लिए दूसरों से चीज़ें ले लीं."
"पार्टी के संस्थापक ए ओ ह्यूम थे जो भारतीय नहीं थे. 1920 में उसे जो ध्वज मिला था वो भी कांग्रेस का छीना हुआ था. ये खेल 1920 से चल रहा है."
"पश्चिम बंगाल में आप टीएमसी और कम्युनिस्ट पार्टी के ख़िलाफ़ हैं. अधीर बाबू 1991 पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनाव. इन्हीं कम्युनिस्ट पार्टी ने अधीर बाबू के साथ क्या व्यवहार किया था, वो आज भी इतिहास में दर्ज है. 1991 की बात पुरानी है."
"पिछले साल वायनाड में जिन लोगों ने कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ की. ये लोग उनके साथ दोस्ती करके बैठे है. बाहर से तो अपना लेबल बदल सकते हैं. लेकिन पुराने पापों का क्या होगा. यही पाप आपको ले डूबेंगे."
राहुल गांधी के लंका जलाने वाले बयान पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था, "लंका हनुमान ने नहीं, रावण के अहंकार के कारण जली थी."
पीएम मोदी ने राहुल की कही इस बात पर तंज कसा. पीएम मोदी ने कहा, "कभी कभी सच निकल जाता है. लंका हनुमान ने नहीं, उनके घमंड ने जलाई. जनता जर्नादन भगवान राम के रूप की है. इसलिए 400 से 40 हो गए."
"कल यहां दिल से बात करने की बात कही गई थी, उनके दिमाग का हाल देश लंबे समय से जानता है. अब उनके दिमाग का हाल भी देश जान गया. इनको 24 घंटे मोदी सपनों में आता है. मोदी अगर भाषण देते समय मैं पानी पीता हूं तो ये सीना तानकर कहते हैं कि मोदी को पानी पिला दिया."
"मैं कांग्रेस की मुश्किल समझता हूं. ये हर साल एक ही फेल प्रोडक्ट पेश करते हैं पर हर बार लॉन्चिंग फेल हो जाता है. फेल लॉन्चिंग होती है और गुस्सा जनता पर करते हैं."
"देश की जनता भी कहती है कि ये झूठ की दुकान और नफरत का बाज़ार है. तुम्हारी दुकान ने इमरजेंसी बेची है और बंटवारा बेचा है, सिखों पर अत्याचार बेचा है. इतिहास बेचा है. तुमने सेना का स्वाभिमान बेचा है."
पीएम मोदी ने कहा, "सदन में बड़ी संख्या में लोग गांव और कस्बों से आते हैं और कभी गांव के व्यक्ति विदेश जाते हैं तो सालों तक वहां के गीत गाते हैं."
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "जिन लोगों ने कभी गमले में मूली नहीं उगाई वो खेतों को देख का आश्चर्य तो होंगे. जिन्होंने गाड़ी का शीशा उतार कर केवल लोगों की ग़रीबी देखी है उन्हें सब कुछ हैरान कर देता है."
'कांग्रेस वाले बाबा साहेब आंबेडकर के कपड़ों का मजाक उड़ाते थे'
पीएम मोदी ने कहा, "इस दरबार सिस्टम ने कई विकेट लिए हैं. कितनों का हक़ मारा है. कांग्रेस ने जी जान लगाकर बाबा साहेब आंबेडकर को दो बार हरवाया. कांग्रेस के लोग बाबा साहेब आंबेडकर के कपड़ों का मजाक उड़ाते थे. ये वो लोग हैं.
बाबू जगजीवन राम ने इमरजेंसी पर सवाल उठाए तो उन्हें भी इन लोगों ने प्रताड़ित किया. मोरारी जी भाई देसाई, चरण सिंह, चंद्रशेखर जी, आप कितने ही नाम लीजिए. दरबारवाद के कारण देश के महान लोगों के अधिकारों को इन लोगों ने हमेशा के लिए तबाह कर दिया."
इसके साथ ही पीएम मोदी ने देश के पूर्व शीर्ष नेताओं को उचित सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, "जो दरबारी नहीं थे, उनके पोर्टेट तक संसद के सेंट्रल हॉल में लगाने में इन्हें झिझक होती थी. 1990 में उनके पोर्टेट सेंट्रल हॉल में तब लगे जब बीजेपी समर्थित ग़ैर-कांग्रेसी सरकार सत्ता में आई."
"लोहिया जी की पोर्टेट भी संसद में तब लगा जब 1991 में गैर कांग्रेसी सरकार बनी. नेता जी की पोर्टेट सेंट्रल हॉल में 1978 में तब लगाई गई जब जनता पार्टी की सरकार थी. लाल बहादुर शास्त्री और चरण सिंह का पोर्टेट भी 1993 में ग़ैर-परिवार की सरकार में लगा."
पीएम मोदी के जवाब के दौरान विपक्ष का वॉकआउट
लोकसभा में विपक्ष के सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी के जवाब के दौरान वॉकआउट किया है. सदन में विपक्ष ने तब वॉक आउट किया, जब सरकार की तरफ से पीएम मोदी कांग्रेस को घेर रहे थे.
पीएम मोदी ने कहा, "सुनने का धैर्य नहीं. झूठ बोलो और भाग जाओ. यही विपक्ष का खेल है. विपक्ष को बोलने की हिम्मत तो होती है लेकिन इनमें सुनने की क्षमता नहीं होती."
"अगर इन्होंने गृह मंत्री के मणिपुर विषय पर बात पर गंभीरता दिखाई होती तो फिर हर मुद्दे पर चर्चा की जो सकती है. वो आज अविश्वास प्रस्ताव लाएं, तो हमारा दायित्व बनता है कि हम भी इस पर बात करें. लेकिन न तो चाहत थी, न इरादा था. उन पेट में दर्द था ओर वो सिर फोड़ रहे थे."
"मणिपुर की स्थिति पर गृह मंत्री अमित शाह ने दो घंटे विस्तार से समझाया और देश की चिंता को प्रकट किया था. विपक्ष को उसे चुनना चाहिए था."
मणिपुर और 'भारत माता की हत्या' वाले बयान पर क्या कहा
पीएम मोदी के बोलने के दौरान विपक्ष ने शाम 6.40 के करीब वॉकआउट किया.
जब विपक्ष वॉकआउट कर गया तो पीएम मोदी ने कहा, "अमित भाई ने कल विस्तार से बताया है कि मणिपुर में अदालत का एक फ़ैसला आया. अदालतों में क्या हो रहा है, हम जानते हैं. उसके पक्ष और विपक्ष में जो परिस्थितियां बनीं."
पीएम मोदी ने कहा, "हिंसा का दौर शुरू हो गया. इसमें बहुत परिवारों को मुश्किल हुए. अनेक लोगों ने अपने स्वजन भी खोए. महिलाओं के साथ गंभीर अपराध हुआ. ये अपराध अक्षम्य है. दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार भरपूर प्रयास कर रही है. मैं देश के सभी नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जिस तरह प्रयास चल रहे हैं, शांति का सूरज जरूर उगेगा."
"मैं मणिपुर के लोगों से भी आग्रह करना चाहता हूं. वहां की माताओं और बेटियों से कहना चाहता हूं कि देश आपके साथ हैं. ये सदन आपके साथ है. हम सब मिलकर इस चुनौती का समाधान निकालेंगे. वहां फिर से शांति होगी. मैं मणिपुर के लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि मणिपुर एक बार फिर विकास के रास्ते पर तेज गति से आगे बढ़े, उसमें प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी."
राहुल गांधी ने मणिपुर में भारत माता और हिंदुस्तान की हत्या होने की बात कही थी.
पीएम मोदी ने इस पर हमला बोलते हुए कहा, "सत्ता के बिना लोगों का क्या हाल हो जाता है. मां भारती के बारे में जो कहा गया, वो देश को चुभा."
'इनसे पूछो कि कच्छतीवु क्या है?'
पीएम मोदी ने इस दौरान कच्छथीवू का ज़िक्र करते हुए कांग्रेस सरकार को घेरा. पीएम मोदी ने संसद में कहा है कि कांग्रेस का इतिहास माँ भारती को छिन्न-भन्न करने का रहा है.
पीएम मोदी ने कहा, "ये जो बाहर गए हैं न... कोई पूछे इनसे (विपक्ष) कि कच्छतीवु क्या है. इतनी बड़ी बातें करते हैं न... पूछिए कि कच्छतीवु कहां है. इतनी बड़ी बातें लिखकर देश को गुमराह करने का प्रयास करते हैं."
"डीएमके वाले, उनकी सरकार, उनके मुख्यमंत्री मुझे चिट्ठी लिखते हैं कि मोदी जी कच्छतीवू वापस ले आइए. ये कच्छतीवू है कहां. तमिलनाडु से आगे... श्रीलंका से पहले एक टापू किसने किसी दूसरे देश को दे दिया था. कब दिया था."
"क्या ये भारत माता नहीं थी वहां. क्या वो माँ भारती का अंग नहीं था. इसे भी आपने तोड़ा. कौन था उस समय?"
"श्रीमति इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हुआ था. कांग्रेस का इतिहास माँ भारती को छिन्न-भिन्न करने का रहा है. कांग्रेस का माँ भारती के प्रति प्रेम क्या रहा है...एक सच्चाई बड़े दुख के साथ मैं इस सदन के सामने रखना चाहता हूं. ये पीड़ा वो नहीं समझ पाएंगे. मैं नॉर्थ ईस्ट के चप्पे-चप्पे पर घूमा हुआ व्यक्ति हूं. जब राजनीति में कुछ नहीं था तब भी अपने पैर वहां घिसता था. मेरा एक भावनात्मक जुड़ाव है उस क्षेत्र के साथ, इन्हें अंदाज नहीं है."
लोकसभा में गिरा अविश्वास प्रस्ताव
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार शाम सदन की कार्यवाही ख़त्म होने से पहले केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के गिरने की घोषणा की है.
इससे पहले इस अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तीन दिन तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों की ओर से अपने विचार रखे गए.
विपक्ष इस अविश्वास प्रस्ताव को मणिपुर के मुद्दे पर लेकर आया था.
पीएम मोदी की ओर से जवाब दिए जाने के बाद लोकसभा स्पीकर ने इस मुद्दे पर ध्वनि मतदान से मतदान कराया जिसके बाद प्रस्ताव गिरने का एलान किया गया.
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