कन्हैया लाल मर्डर केस में अशोक गहलोत ने क्यों कहा, झूठ मत बोलिए अमित शाह जी - प्रेस रिव्यू

अमित शाह पर अशोक गहलोत का पलटवार

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राजस्थान में चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुद्दे उछालने की होड़ तेज हो गई़ है.

शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने उदयपुर में पिछले साल टेलर कन्हैया लाल की हत्या का मामला उठाया.

‘द हिंदू’ ने इस मामले में अमित शाह के आरोपों और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जवाबी हमले की विस्तृत रिपोर्ट छापी है.

द हिंदू के मुताबिक़ अमित शाह ने कहा कि अगर राजस्थान सरकार ने कन्हैया लाल मर्डर केस में स्पेशल कोर्ट का गठन किया होता तो हत्यारों को अब तक फांसी हो चुकी होती.

वहीं अशोक गहलोत ने कहा कि हत्यारे बीजेपी के सक्रिय सदस्य थे. ये पता लगाना चाहिए कि उन्हें मदद करने वाले बीजेपी के नेता कौन थे.

जून 2022 में उदयपुर में दो लोगों ने गला रेत कर टेलर कन्हैया लाल की हत्या कर दी थी. कन्हैया लाल पर सोशल मीडिया में इस्लाम के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था.

कहा गया कि हमलावरों ने इसी वजह से कन्हैया लाल की हत्या की थी.

हमलावरों को हत्या के कुछ ही घंटों के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया था. एनआईए ने 11 आरोपियों के ख़िलाफ़ 2022 में चार्जशीट दाखिल की थी.

अमित शाह ने शुक्रवार को उदयपुर में आयोजित एक रैली में अशोक गहलोत सरकार को ‘भ्रष्टाचार में नंबर 1’ करार दिया था.

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इमेज कैप्शन, टेलर कन्हैया लाल से कपड़े सिलवाने के लिए आए दो लोगों ने उनकी हत्या कर दी थी

गहलोत सरकार पर अमित शाह का निशाना

अमित शाह ने पटना में विपक्षी दलों की बैठक पर निशाना साधते हुए कहा, ‘’अगर राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बने तो घोटाला और भ्रष्टाचार देश की नियति बन जाएंगे, लेकिन नरेंद्र मोदी दोबारा पीएम बनते हैं तो भ्रष्टाचार करने वाले जेल की सलाखों को पीछे होंगे.’’

उन्होंने कहा, "वोट बैंक की राजनीति की वजह से ही कन्हैया लाल के हत्यारों, रियाज़ अत्तारी और गौस मोहम्मद को सजा दिलाने में देरी हो रही है.’’

उन्होंने कहा, "कन्हैया को किसने सुरक्षा नहीं दी. किसकी पुलिस चुप रही. आपने तो आरोपियों को पकड़ा तक नहीं. एनआईए ने उन्हें पकड़ा. झूठ मत बोलिये गहलोत जी कि चार्जशीट नहीं दाखिल की गई. मैं पूरे दावे से कह सकता हूं चार्जशीट 22 दिसंबर 2022 को दाखिल की गई थी. अब स्पेशल कोर्ट का गठन आपका काम है ताकि दोषियों को सजा दी जा सके.’’

वसुंधरा राजे

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इमेज कैप्शन, उदयपुर एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत करतीं बीजेपी नेता वसुंधरा राजे

गहलोत का पलटवार

दूसरी ओर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शाह के आरोपों का जवाब दिया. उन्होंने ट्विटर पर लिखा , "अमित शाह झूठ बोल रहे हैं कि कन्हैया लाल के हत्यारे रियाज़ अत्तारी और गौस मोहम्मद को एनआईए ने पकड़ा. सच तो ये है कि वारदात के चार घंटे के अंदर इन लोगों को राजस्थान पुलिस ने धर दबोचा था."

गहलोत ने उस शासकीय आदेश की प्रति पोस्ट की, जिसमें 2 जुलाई 2022 को मामले को राजस्थान पुलिस से एनआईए को सौंपने का जिक्र है.

गहलोत ने कहा, "अमित शाह को शायद ये अच्छी तरह पता होगा कि ये हत्यारे बीजेपी के सक्रिय सदस्य थे. उन्हें ये जांच करवाना चाहिए कि बीजेपी के वो नेता कौन थे जिन्होंने इन दोनों की मदद की थी. कौन इन लोगों के लिए पुलिस थाने में फोन कर रहा था. ये मर्डर का साफ मामला है. फिर चार्जशीट दाखिल करने में इतनी देर क्यों हुई और अब तक उन्हें सजा क्यों नहीं मिली है.’’

अशोक गहलोत

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चीन और पाकिस्तान ने एससीओ बैठक में शामिल होने के बारे में क्या कहा

भारत में 4 जुलाई को होने वाली एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन ) की बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ हिस्सा लेंगे. भारत ने ये बैठक वर्चुअल करने का एलान किया है.

2017 में एससीओ का सदस्य बनने के बाद भारत पहली बार इसकी अध्यक्षता कर रहा है. पिछले महीने ही भारत ने इसकी बैठक वर्चुअल करने का एलान किया था.

हिन्दुस्तान टाइम्स की ख़बर में कहा गया है कि बैठक में चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाख़स्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के नेता हिस्सा लेंगे. ईरान को इसमें नौवें सदस्य के तौर पर शामिल किया जाएगा.

अख़बार ने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से बताया है कि शी जिनपिंग बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हिस्सा लेंगे.

शी जिनपिंग

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अख़बार के मुताबिक़ पाकिस्तान ने भी शहबाज़ शरीफ के बैठक में हिस्सा लेने का एलान किया है.

पाकिस्तान ने कहा है एससीओ बैठक में सदस्य देशों के नेता ग्लोबल और क्षेत्रीय मुद्दों पर बात करेंगे और भविष्य में सहयोग बढ़ाने का खाका खीचेंगे.

बैठक में जिनपिंग ऐसे वक्त हिस्सा ले रहे हैं जब सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव बरकरार है.

इस साल मई की शुरुआत में गोवा में एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में उस समय विवाद पैदा हो गया था जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत पर हमला किया था.

इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ज़रदारी भिड़ गए थे.

शहबाज़ शरीफ

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उत्तराखंड के यूनिफॉर्म सिविल कोड में क्या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से यूनिफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा उठाने के बाद इस पर बहस तेज हो गई है. इस बीच, उत्तराखंड के ड्राफ्ट यूनिफॉर्म सिविल कोड में लिव-इन और शादी की उम्र को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं.

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की ख़बर में कहा गया है कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है.

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि वो जल्द ही राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करेंगे. सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एक पैनल बनाया था.

अख़बार के मुताबिक़ इस पैनल की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड रंजना देसाई ने कहा, "इस ड्राफ्ट के जरिये हमारा मकसद लैंगिक समानता और महिलाओं, बच्चों का कल्याण है. इसके केंद्र में महिलाएं और बच्चे हैं."

उत्तराखंड के सीएम

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ड्राफ्ट में सभी धर्मों की महिलाओं के लिए शादी की उम्र बढ़ाने का प्रावधान है. ड्राफ्ट पैनल ने विरासत, बहुविवाह और बहु पति प्रथा पर भी गौर किया है.

अख़बार के मुताबिक़ पैनल ने ड्राफ्ट तैयार करने से पहले 20 हजारों लोगों से बात की है. इसके लिए एक साल के भीतर 2.30 लाख लोगों से लिखित जवाब लिए थे.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2022 में सीएम बनने के बाद राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का एलान किया था. ये बीजेपी के चुनावी वादों में से एक है.

अख़बार के मुताबिक़ धामी ने शुक्रवार को कहा, "वादे के मुताबिक़ यूनिफॉर्म सिविल कोड ड्राफ्ट तैयार करने वाले पैनल ने अपना काम पूरा कर लिया है. जल्दी ही उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कर दिया जाएगा."

यूनिफॉर्म सिविल कोड

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सुप्रिया सुले ने फडणवीस के बयान पर कहा- च्यूइंगम का स्वाद शुरुआत में

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एनसीपी , शिवसेना (उद्धव गुट) और भाजपा के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में रस्साकशी का खेल लगातार जारी है.

कभी एक साथ सरकार चलाने वाली भाजपा और शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आज के समय एक-दूसरे के खिलाफ जमकर राजनीतिक टिप्पणी करते हैं.

कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ये दावा किया था कि पहले शरद पवार हमारे साथ (भाजपा) सरकार बनाने के लिए राजी हो गए थे लेकिन वो बाद में मुकर गए.

फडणवीस की इस बात पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार ने भी टिप्पणी की. इसके बाद इस राजनीतिक मुद्दे पर एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने भी अपनी बात रखी है.

'दैनिक जागरण' ने लिखा है, "राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "भाजपा, पिता शरद पवार और चचेरे भाई अजीत पवार के प्रति आसक्त है. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा पार्टी के पास देश या राज्य के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं है."

पत्रकारों से बात करते हुए सुले ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि केंद्र और राज्य की राजनीति मेरे पिता और भाई (अजित पवार) के इर्द-गिर्द घूमती है.

सुप्रिया सुले

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सुप्रिया सुले ने साल 2019 की घटना पर कहा कि च्यूइंगम का स्वाद शुरुआत में अच्छा होता है, लेकिन फिर यह बेस्वाद हो जाता है.

अख़बार ने लिखा है कि साल 2019 में विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद भाजपा और शिवसेना में टकराव हो गया. इसके बाद 12 नवंबर को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया.

लेकिन, 23 नवंबर को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अचानक राष्ट्रपति शासन हटाकर देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री की शपथ दिला दी और अजीत पवार को उप मुख्यमंत्री का शपथ दिलाया गया.

हालांकि, सदन में फडणवीस बहुमत साबित करने में नाकामयाब रहे और उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा.

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