आदिपुरुष: विवाद, ट्रोलिंग और बैन की मांग के बीच दो दिन में कमाई 240 करोड़, क्या है वजह?

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दिलनवाज़ पाशा
बीबीसी संवाददाता
आदिपुरुष फ़िल्म ने रिलीज़ के दो दिन के अंदर दुनिया भर में 240 करोड़ रुपये का कारोबार किया है. तीसरे दिन का आंकड़ा अभी आया नहीं हैं. लेकिन अगर बॉक्स ऑफ़िस पर फ़िल्म के पहले दो दिनों का ट्रेंड बरक़रार रहा तो फ़िल्म आसानी से तीन दिनों में तीन सौ करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेगी.
ये तब है जब समीक्षकों ने फ़िल्म को अच्छी रेटिंग नहीं दी है और सोशल मीडिया पर इसकी जबरदस्त ट्रोलिंग हो रही है.
पहले दो दिनों की कमाई को देखा जाए तो ये बॉलीवुड के लिए एक नया रिकॉर्ड है. बॉक्स ऑफ़िस पर बॉलीवुड की अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली फ़िल्म ‘पठान’ ने पहले दो दिनों में 127 करोड़ रुपये का कारोबार किया था. अगर इस आंकड़े को देखा जाए तो आदिपुरुष काफ़ी आगे नज़र आती है.
फ़िल्म समीक्षकों और दर्शकों की आलोचना और डायलॉग की भाषा को लेकर हुए विवाद के बावजूद लोग बड़ी तादाद में सिनेमाघरों की तरफ़ जा रहे हैं.
बढ़ते विवाद के बीच रविवार को फ़िल्म के निर्माताओं ने विवादित डायलॉग को फ़िल्म से हटाने और उनकी जगह नए डायलॉग शामिल करने का वादा किया है.
विवादित डायलॉग का बचाव

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लोगों की सबसे ज़्यादा आपत्ति लंका दहन से पहले हनुमान के किरदार के उस डायलॉग को लेकर है जिसमें वो कहते हैं, "कपड़ा तेरे बाप का, तेल तेरे बाप का, आग भी तेरे बाप की और जलेगी भी तेरे बाप की."
फ़िल्म के कुछ अन्य डायलॉग भी काफ़ी चर्चा में हैं.
एक दृष्य में रावण का एक राक्षस हनुमान से कहता है, "तेरी बुआ का बगीचा है कि हवा खाने चला आया..."
वहीं जब राणव को अंगद ललकारते हैं तो बोलते हैं, "रघुपति राघव राजा राम बोल और अपनी आज जान बचा ले वरना आज खड़ा है, कल लेटा हुआ मिलेगा.."
फ़िल्म में इस्तेमाल की गई इस तरह की भाषा को 'अभद्र और अपमानजनक' बताते हुए दर्शक अपनी शिकायत सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं.
डायलॉग लेखक मनोज मुंतशिर ने इसी बीच फ़िल्म के डायलॉग का बचाव किया है.
रिपब्लिक टीवी को दिए साक्षात्कार में मनोज मुंतशिर ने कहा है, “हमारे यहां कथावाचन की परंपरा है. रामायण एक ऐसी कथा है जिसे हम बचपन से सुनते आ रहे हैं. हमारे यहां दादी-नानी जब रामायण की कथा सुनाती थीं तब इसी भाषा में सुनाती थीं. देश के बड़े संत और कथावाचक इस डायलॉग को ऐसे ही बोलते हैं जैसे मैंने लिखा है.”
जब उनसे हनुमान के किरदार के लिए लिखे गए डायलॉग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “ये ग़लती नहीं है, हमने ये जानबूझकर किया है. बजरंग बली के लिए लिखे गए डायलॉग बहुत सोच-विचारकर लिखे गए हैं. एक फ़िल्म के सभी चरित्र एक जैसी भाषा नहीं बोल सकते हैं.”
फ़िल्म का बचाव

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कई दर्शकों का ये आरोप है कि फ़िल्म में रामायण को अलग तरीक़े से पेश किया गया है. फ़िल्म से जुड़े लोगों ने इसका भी बचाव किया है.
समाचार चैनल आज तक को दिए एक साक्षात्कार में मनोज मुंतशिर ने कहा है, “फ़िल्म का नाम है आदिपुरुष. जब हम आदिपुरुष बना रहे हैं, तो हमने रामायण नहीं बनाई है, हम रामायण से प्रेरित है. मार्केटिंग की स्ट्रेटजी के हिसाब से हमारे लिए फ़िल्म का नाम रामायण रखना बहुत आसान था.”
हालांकि फ़िल्म की रिलीज़ से पहले एबीपी न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में मनोज मुंतशिर ने कहा था कि जो रामायण लोगों ने पढ़ी सुनी और देखी है वही फ़िल्म में हैं.
एक सवाल के जवाब में मनोज मुंतशिर ने कहा था, “क्या हम ओरिजनल रामायण से हटे हैं, क्या हमने उसे मार्डेनाइज़ करने का प्रयास किया है, क्या हमने कोई अलग टेक लिया है, इसका सीधा जवाब है, बिलकुल नहीं. जो लोगों ने पढ़ी है, देखी है, सुनी है बिलकुल वही रामायण है, इसके अलावा कुछ नहीं.”
विरोध के बावजूद रिकॉर्ड कमाई

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फ़िल्म के डायलॉग लेखक मनोज मुंतशिर ख़ासकर लोगों के निशाने पर हैं. फ़िल्म को सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा अदालत में फ़िल्म के ख़िलाफ़ याचिका भी डाली गई है.
फ़िल्म देखकर निकल रहे कई दर्शकों ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे भारत के राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन पर प्रसारित रामायण धारावाहिक से कमतर आंका हैं.
फ़िल्म आदिपुरुष में भारत की सबसे चर्चित कहानी- रामायण- को नए तरीके से थ्री-डी तकनीक के साथ कई भाषाओं में पेश किया गया है.
फ़िल्म की आलोचना सिर्फ़ इसके डायलॉग तक ही सीमित नहीं है. बल्कि कई लोगों इसके वीएफ़एक्स (वर्चुअल इफ़ेक्ट्स यानी तकनीक के ज़रिए पेश किए गए विशेष प्रभाव) की भी आलोचना कर रहे हैं.
इस फ़िल्म में ‘बाहुबली’ से चर्चित हुए दक्षिण भारत के स्टार अभिनेता प्रभाष राघव (राम), कीर्ति सेनन केतकी (सीता) और सैफ़ अली ख़ान लंकेश (रावण) की भूमिका में हैं. इसका निर्देशन ओम राउत ने किया है और टी-सीरीज़के भूषण कुमार इस फ़िल्म के निर्माता हैं. किरदारों के लुक और पहनावे को लेकर भी सवाल उठाये जा रहे हैं.
ज़बरदस्त ट्रोलिंग, सख़्त आलोचना और ख़राब समीक्षाओं के बावजूद फ़िल्म के निर्माताओं को भरोसा है कि फ़िल्म का बॉक्स ऑफ़िस पर सफ़र ऐसे ही जारी रहेगा.
फ़िल्म निर्माता टी-सीरीज़ ने बताया है कि फ़िल्म ने पहले दो दिनों में दुनियाभर में 240 करोड़ रुपये की कमाई की है. निर्माता के मुताबिक़ फ़िल्म ने पहले दिन 140 करोड़ रुपये और दूसरे दिन 100 करोड़ रुपये कमाये. फ़िल्म को हिंदी के अलावा तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम में भी रिलीज़ किया गया है.
फ़िल्म को लेकर राजनीति

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फ़िल्म को लेकर विवाद सिर्फ़ दर्शकों की राजनीति तक ही सीमित नहीं हैं. बल्कि इसे लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी हो रही है.
आम आदमी पार्टी ने फ़िल्म पर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजेपी ने सस्ती राजनीति के लिए इस फ़िल्म को रिलीज़ होने दिया है.
वहीं दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता शंकर कपूर ने कहा है कि जब तक फ़िल्म के विवादित डायलॉग और दृश्यों की फिर से समीक्षा नहीं हो जाती तब तक सेंसर बोर्ड को इस फ़िल्म की स्क्रीनिंग को रोक देना चाहिए.
वहीं छत्तीसगढ़ के महेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ज़िले में फ़िल्म के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुआ है और फ़िल्म पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की अपील की घई है.
हिंदू सेना नाम के एक संगठन ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर फ़िल्म पर प्रतिबंध की मांग की है.
फ़िल्म का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि फ़िल्म ‘सनातन धर्म के ख़िलाफ़ एक साज़िश है.’
इतनी कमाई कैसे कर रही है फ़िल्म?

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आदिपुरुष से पहले फ़िल्म पठान को लेकर भी इस स्तर पर विवाद हुआ था और फ़िल्म के ख़िलाफ़ प्रदर्शन भी हुए थे. लेकिन पठान ने बॉक्स ऑफ़िस पर कमाई के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और दुनियाभर में 1050 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फ़िल्म अब तक की सर्वाधिक कमाई करने वाली फ़िल्म बन गई.
आदिपुरुष भी विवाद के बावजूद बॉक्स ऑफ़िस पर जब़रदस्त कमाई कर रही है.
विश्लेषक मानते हैं कि फ़िल्म को लोगों की जिज्ञासा का फ़ायदा मिल रहा है.
बीबीसी की सहोयगी पत्रकार सुप्रिया सोगले से बात करते हुए फ़िल्म निर्माता और बॉलीवुड कारोबार के विश्लेषक गिरीश जौहर कहते हैं, “फ़िल्म को जो नकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं वो सोशल मीडिया पर अधिक हैं. बहुत से लोग फ़िल्म देखने के बाद प्रतिक्रियाएं ज़ाहिर कर रहे हैं. लोगों की प्रतिक्रियाओं का असर शुरुआती दिनों में नहीं दिखता है. वर्ड ऑफ़ माउथ या लोगों की प्रतिक्रियाओं का असर पहले सप्ताह के बाद फ़िल्म की कमाई पर होता है. अगर ऐसी ही नकारात्मक प्रतिक्रियाएं आती रहीं तो हो सकता है अगले दिनों में फ़िल्म की कमाई पर असर हो."
स्टार पावर
फ़िल्म के बॉक्स ऑफ़िस पर शानदार प्रदर्शन करने की वजह बताते हुए गिरीश जौहर कहते हैं, “प्रभास एक बड़े स्टार हैं, ख़ासकर दक्षिण भारत में. उनकी स्टार पॉवर ने भी दर्शकों को फ़िल्म की तरफ़ खींचा है. इसके अलावा फ़िल्म को लेकर लोगों में जिज्ञासा पैदा की गई.”
गिरीश जौहर कहते हैं, “फ़िल्म निर्माताओं ने दावा किया है कि वो रामायण का अपना वर्ज़न दिखा रहे हैं. इस फ़िल्म को बहुत बड़े पैमाने पर भारी ख़र्च के साथ बनाया गया है. लोग ये भी देखना चाह रहे हैं कि नये ज़माने की तकनीक से फ़िल्म में रामायण को कैसे दिखाया गया है.”
भगवान राम के प्रति लोगों की आस्था को भी फ़िल्म की कमाई की वजह माना जा रहा है. गिरीश जौहर कहते हैं, “भारत में घर-घर में लोगों ने रामायण को देखा है. बहुत समय बाद रामायण फिर से आई है. इस वजह से भी लोगों में इस कहानी को नये रूप में देखने की उत्सुकता है.”

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फ़िल्म का संगीत हिट
भारत में इस समय छुट्टियों का समय है और लोगों के पास फ़िल्म देखने का समय भी है. गिरीश जौहर कहते हैं कि लोग छुट्टियों में परिवार के साथ फ़िल्म देखना पसंद कर रहे हैं.
विश्लेषक ये भी मान रहे हैं कि लोग इस फ़िल्म के ज़रिये अपने बच्चों को हिंदू धर्म की जड़ों से जोड़ना चाहते हैं और इसलिए भी बच्चों के साथ लोग फ़िल्म देखने जा रहे हैं.
गिरीश जौहर कहते हैं, “पहले दादी-नानी से कहानी सुनते थे. लेकिन अब एकल परिवार हैं. हर अभिभावक ये चाहता है कि वो किसी भी तरह से अपने बच्चों को ये कहानी सुनाएं, संस्कार दें. परिवार के साथ भी लोग फ़िल्म देख रहे हैं.”
फ़िल्म के संगीत को भी बॉक्स ऑफ़िस पर कमाई का एक कारण माना जा रहा है. गिरीश कहते हैं, “फ़िल्म का संगीत भी लोगों को पसंद आ रहा है. जय श्री राम गाने लोगों को अपनी तरफ़ खींच रहा है. इस गाने की वजह से भी लोग फ़िल्म देखने आ रहे हैं.”
हालांकि वो ये भी कहते हैं कि नकारात्मक रिव्यू और लोगों की प्रतिक्रियाओं का असर फ़िल्म की कमाई पर हो सकता है और “आने वाले दिनों में फ़िल्म के कलेक्शन में गिरावट आ सकती है. अगर जनता को ये लगता है कि वो 200-300 का टिकट वो ख़रीद सकते हैं तो वो ज़रूर सिनेमा तक आएंगे, लेकिन अगर लोगों को लगा कि फ़िल्म का टिकट पैसे की बर्बादी है तो फिर कमाई कम होने लगेगी.”
गिरीश कहते हैं, “शनिवार को कलेक्शन कम हुआ है, लेकिन अगर रविवार को भी फ़िल्म के कलेक्शन में कमी आती है तो इसका सीधा सा मतलब होगा कि फ़िल्म की कमाई अब कम होगी. ”
'विरोध की वजह से हो रही है चर्चा'
अधिकतर समीक्षकों ने इस फ़िल्म की आलोचना की है. लेकिन विश्लेषक मानते हैं कि कई बार समीक्षक जिस नज़रिये से फ़िल्म को देखते हैं दर्शकों का नज़रिया उससे अलग होता है.
गिरीश कहते हैं, “कई बार ऐसा होता है कि फ़िल्म समीक्षकों को पसंद आती है लेकिन पब्लिक को पसंद नहीं आती. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि फ़िल्म समीक्षकों को पसंद नहीं आती लेकिन जनता उसे बहुत पसंद करती है.”
इस फ़िल्म को ख़बरों और विरोध की वजह से ज़बरदस्त पब्लिसिटी भी मिल रही है. विश्लेषक मानते हैं कि पब्लिसिटी का असर भी फ़िल्म की कमाई पर पड़ता है.
गिरीश कहते हैं, “पब्लिसिटी चाहें नकारात्मक हो या सकारात्मक हो, इसका असर पड़ता ही है. लोग जब फ़िल्म के बारे में बहुत देखते सुनते हैं तो वो उसे पर्दे पर जाकर देखना भी चाहते हैं.”
हालांकि बॉलीवुड फ़िल्म उद्योग से जुड़े एक इंडस्ट्री इनसाइडर फ़िल्म की कमाई को लेकर सवाल उठाते हैं.
अपना नाम न ज़ाहिर करते हुए वो बीबीसी से कहते हैं कि फ़िल्म की पहले दिनों में कमाई अधिक दिखाने के लिए फ़िल्म निर्माताओं और वितरकों ने अपनी पूरी ताक़त लगा दी है.
वो कहते हैं, "इस फ़िल्म को स्कूली बच्चे भी बड़ी तादाद में देख रहे हैं."
बीबीसी की सहयोगी पत्रकार सुप्रिया सोगले जब सिनेमाघर में फ़िल्म देखने गईं तो वहां बड़ी तादाद में स्कूली बच्चे थे जो समूह में आए थे.
विवाद से नुकसान?
हालांकि इंडस्ट्री से जुड़े लोग ये आशंका ज़ाहिर कर रहे हैं कि फ़िल्म के साथ जुड़े विवाद का फ़िल्म को नुक़सान हो सकता है.
ये इंडस्ट्री इनसाइडर कहते हैं, “दो तरह के विवाद होते हैं. एक जिसमें अभिनेता और निर्माता सही होते हैं, जैसे पठान फ़िल्म के साथ हुआ. फ़िल्म को विवाद से फ़ायदा हुआ है. दूसरे विवाद ऐसे होते हैं जो फ़िल्म को लेकर होने चाहिए. इस तरह के विवाद के बाद दर्शक फ़िल्म से दूरी बना लेते हैं. पुरानी पीढ़ी, जिसने रामायण देखी है, अगर उन तक ये संदेश जाएगा कि फ़िल्म में देवी-देवताओं का मज़ाक बनाया गया तो वो शायद सिनेमा तक ना आएं.”
वहीं फ़िल्म समीक्षक और कारोबार के विश्लेषक तरण आदर्श ने फ़िल्म की नकारात्मक समीक्षा की है. उन्होंने फ़िल्म को सिर्फ़ डेढ़ स्टार दिया है.
लेकिन तरण आदर्श भी मानते हैं कि फ़िल्म की कमाई शानदार रही है.
फ़िल्म के पहले दिन के कलेक्शन के बाद ट्वीट करते हुए तरण आदर्श ने कहा था, “फ़िल्म को बड़ी शुरुआत मिलनी ही थी क्योंकि फ़िल्म को लेकर बहुत प्रचार हुआ और इसकी एडवांस बुकिंग भी थीं. जैसा की उम्मीद थी, आदिपुरुष ने पहले दिन शानदार शुरुआत की और फ़िल्म के हिंदी वर्ज़न ने भारत में 37.25 करोड़ का कारोबार किया.
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