तेहरान छोड़कर कहाँ जा रहे हैं ईरानी नागरिक? जानिए कुछ ऐसे ही अहम सवालों के जवाब

इसराइल और ईरान के झंडों का कोलाज

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इमेज कैप्शन, इसराइल ने 13 जून को ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले शुरू किए थे

इसराइल और ईरान के एक-दूसरे पर हमले जारी हैं. लेकिन क्या अमेरिका इस संघर्ष का हिस्सा बनेगा?

बुधवार को राष्ट्रपति ट्रंप से जब यह सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मैं शायद शामिल हो सकता हूं, मैं शायद नहीं हो सकता हूं."

बीबीसी संवाददाताओं और विशेषज्ञों ने उन अहम सवालों के जवाब दिए हैं, जो इसराइल-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद लगातार पूछे जा रहे हैं.

इंटरनेट पर लोग इन सवालों के जवाब सर्च कर रहे हैं.

इसराइल ईरान पर अभी बमबारी क्यों कर रहा है?

फ़्रैंक गार्डनर, सुरक्षा संवाददाता

इसराइल का इस सवाल पर कहना है कि उसके पास कोई विकल्प नहीं है.

इसराइल का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में ईरान ने अपने परमाणु हथियार बनाने की योजना को गति दी है.

इसराइल के मुताबिक़, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हुई बातचीत से कोई हल नहीं निकल रहा था और इसलिए ईरान पर हमला ही आख़िरी रास्ता था.

इसराइल का यह भी कहना है कि वह ईरान को अपने अस्तित्व के ख़तरे के रूप में देखता है.

इसके पीछे उसका तर्क है कि अगर ईरान परमाणु हथियार बना लेता है, तो वह इसका इस्तेमाल करेगा क्योंकि उसने पहले भी इसराइल को ख़त्म करने की कसम खाई थी.

ईरान परमाणु हथियार बनाने के क़रीब था, इस क्षेत्र के बाक़ी देशों ने इस मुद्दे को नहीं उठाया है.

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) भी इस बात से सहमत नहीं है.

न ही यह बात अमेरिकी ख़ुफ़िया विभाग की पिछली ओपन-सोर्स रिपोर्ट में कही गई है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने वाला है.

आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई का बयान

ईरानी नागरिक कहां जा सकते हैं?

नफ़ीसे कोहनावार्द, मध्य पूर्व संवाददाता

इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स (आईडीएफ़) ने ईरान की राजधानी तेहरान के कुछ हिस्सों को ख़ाली करने के लिए नोटिस जारी किए हैं, लेकिन ये क्षेत्र घनी आबादी वाले हैं.

हमने भारी ट्रैफ़िक जाम की फ़ुटेज देखी हैं, क्योंकि गाड़ियों की बड़ी-बड़ी क़तारें तेहरान से देश के उत्तरी हिस्से की ओर जाने की कोशिश कर रही हैं.

इस इलाक़े को ईरान के लोग सुरक्षित मानते हैं. लेकिन उन इलाक़ों पर भी हमले हुए हैं.

चूंकि, ईरान में इसराइल का टारगेट इतना बड़ा है कि किसी भी इलाके़ को सुरक्षित नहीं माना जा सकता.

तेहरान में एक करोड़ लोग रहते हैं, इसलिए आप कल्पना कर सकते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को निकालना असल में संभव नहीं है.

ट्रंप ने इसराइल-ईरान संघर्ष में अमेरिका के सीधे तौर पर शामिल होने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है

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अमेरिका संघर्ष में आया तो क्या ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा?

माइकी के, सुरक्षा ब्रीफ़ होस्ट, बीबीसी

इसमें निश्चित रूप से जोख़िम है और अमेरिका के लिए इसके नतीजे काफ़ी गंभीर होंगे.

पूरे मध्य पूर्व में 19 ठिकानों पर क़रीब 40 से 50 हज़ार अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं.

साइप्रस में अमेरिकी सैन्यकर्मी तैनात हैं और बहरीन में भी अमेरिकी नौसेना का ठिकाना है.

यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका इसमें किस तरह से और किस हद तक शामिल होने का फ़ैसला करता है.

ईरान पर इसराइली हमले के बाद अर्दोआन की प्रतिक्रिया
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क्या संघर्ष में ईरान के प्रॉक्सी उसे समर्थन दे सकते हैं?

फ़्रैंक गार्डनर, सुरक्षा संवाददाता

मैं ऐसा नहीं सोचता हूं- अब तो और भी नहीं.

7 अक्तूबर 2023 को हमास के इसराइल पर हमले के बाद से इसराइल ने व्यवस्थित तरीक़े से ईरान की रक्षा प्रणाली के ज़्यादातर हिस्से को नुक़सान पहुंचाया है.

इसराइल ने ग़ज़ा में हमास को तबाह कर दिया है. उन्होंने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के हथियार रखने की जगहों को काफ़ी हद तक ख़त्म कर दिया है.

सीरिया अब ईरान का दोस्त नहीं रहा, क्योंकि वहां बशर अल-असद को सत्ता से बेदखल कर दिया गया है. हालांकि, इस काम को इसराइल ने अंजाम नहीं दिया है.

यमन के हूती विद्रोही काफ़ी सीमित हैं, इसलिए उनका तालमेल बहुत अच्छा नहीं है.

ईरान और इसराइल की तुलना से संबंधित ग्राफ़िक्स

ईरान के नेता के पास कितना समर्थन है?

नफ़ीसे कोहनावार्द, मध्य पूर्व संवाददाता

ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई हैं. वह एक धार्मिक शख़्सियत हैं जिनके पास ईरान के राष्ट्रपति से कई गुना ज़्यादा ताक़त है.

वह सुरक्षा बलों के कमांडर-इन-चीफ़ हैं. अमेरिका से बातचीत और अन्य मुद्दों पर ख़ामेनेई फ़ैसले करने वाले प्रमुख व्यक्ति हैं.

लेकिन उन्हें ईरान का पूरी तरह से समर्थन हासिल नहीं है. ईरान में लोग बंटे हुए हैं और यह विभाजन गहरा होता जा रहा है.

महज़ दो साल पहले ईरान के लोगों ने सुप्रीम लीडर की सत्ता के ख़िलाफ़ कई बड़े विरोध प्रदर्शन देखे.

महिलाओं ने इन विरोध प्रदर्शनों में अपनी आज़ादी और अधिकारों की मांग करते हुए हिस्सा लिया था.

लेकिन हम इस बात को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते कि इस शासन के अभी भी समर्थक हैं - जिनमें शासन से जुड़े सशस्त्र बल भी शामिल हैं.

नेतन्याहू का बयान

अगर ईरान में सत्ता को उखाड़ फेंका जाता है तो क्या होगा?

नफ़ीसे कोहनावार्द, मध्य पूर्व संवाददाता

इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है.

हमने पिछले कुछ सालों में देखा है कि कोई एकजुट विपक्ष नहीं है जो सरकार को बदलने के लिए मिलकर काम कर सके.

अभी कई विकल्प हैं, जिनमें ईरान के पूर्व शाह के निर्वासित बेटे रेज़ा पहलवी भी शामिल हैं, जो अब विदेश में रह रहे हैं.

ईरान के अंदर और बाहर उनके समर्थक हैं, लेकिन कितने समर्थक हैं, यह नहीं बताया जा सकता है.

उनके विरोधी भी हैं, जिनमें अंदर के सुधारवादी भी शामिल हैं. वे शायद ईरान की राजशाही में वापस नहीं जाना चाहेंगे जिसे लगभग 40 साल पहले उखाड़ फेंका गया था.

इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि कोई विकल्प है या नहीं.

फोर्दो ईरान का सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकाना माना जाता है.

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फोर्दो कहां है और यह क्या है?

माइकी के, सुरक्षा ब्रीफ़ होस्ट

फोर्दो तेहरान से लगभग 200 किलोमीटर दक्षिण में है और ईरान के दो अहम परमाणु संवर्धन केंद्रों में से एक है.

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे एक पहाड़ में बनाया गया है. यह मूल रूप से उन प्रमुख केंद्रों में से एक है जिसका उपयोग ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को बढ़ाने के लिए कर रहा है.

फोर्दो पर पहले ही इसराइल रक्षा बलों (आईडीएफ़) की ओर से हमला किया जा चुका है.

हालांकि, ऐसा माना जाता है कि हमले ईरान की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और उसके आस-पास की वायु रक्षा क्षमताओं को निशाना बनाकर किए जा रहे थे, ताकि उसे और अधिक असुरक्षित बनाया जा सके.

गुरुवार को ईरान ने इसराइल के सोरोका अस्पताल पर मिसाइल हमला किया था. हालांकि, ईरान का कहना है कि उसके निशाने पर इसराइली सेना के ठिकाने थे न कि अस्पताल
इमेज कैप्शन, गुरुवार को ईरान ने इसराइल के सोरोका अस्पताल पर मिसाइल हमला किया था. हालांकि, ईरान का कहना है कि उसके निशाने पर इसराइली सेना के ठिकाने थे, अस्पताल नहीं

ईरान परमाणु बम हासिल करने के कितने क़रीब है?

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मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

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फ्रैंक गार्डनर, सुरक्षा संवाददाता

ईरान परमाणु बम बनाने की दिशा में काम कर रहा था या नहीं, यह निश्चित रूप से सिर्फ़ ईरान के सबसे भरोसेमंद परमाणु वैज्ञानिक, सुरक्षा अधिकारियों के अंदरूनी लोग और ख़ुद सर्वोच्च नेता ही जानते हैं. बाक़ी सब अनुमान है.

लेकिन इस महीने की शुरुआत में तब चिंता की बात सामने आई जब संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था (आईएईए) ने पाया कि ईरान ने अपने परमाणु अप्रसार दायित्वों का उल्लंघन किया है, जो लगभग 20 सालों में पहली बार हुआ है.

ईरान ने 60 फ़ीसदी तक संवर्धित लगभग 400 किलोग्राम यूरेनियम जमा कर लिया है, जो नागरिक परमाणु उद्देश्यों के लिए ज़रूरी स्तर से कहीं अधिक है.

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने कहा कि ईरान पूरी तरह से सहयोग करने में विफल रहा है और यह साबित करने में असमर्थ है कि परमाणु सामग्री का परमाणु हथियार बनाने में कोई इस्तेमाल नहीं हुआ है.

इसराइली सेना ने पिछले हफ़्ते कहा था, "बीते कुछ महीनों में ख़ुफ़िया जानकारी से पता चला है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने में पहले से कहीं ज़्यादा करीब है."

लेकिन किसकी ख़ुफ़िया जानकारी? शायद इसराइल के सबसे क़रीबी सहयोगी अमेरिका की नहीं.

मार्च में अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस की निदेशक तुलसी गबार्ड ने कांग्रेस को बताया था कि 'ईरान ने हथियार बनाने योग्य यूरेनियम तो जमा कर लिया है, लेकिन ऐसा नहीं लगता कि वो परमाणु बम बना रहा है.'

इस बीच, ईरान ने हमेशा यह कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है.

वीडियो कैप्शन, ईरान से लौटे छात्र, संघर्ष के बारे में क्या बताया?

क्या इसराइल के पास परमाणु हथियार हैं?

माइकी के, सुरक्षा ब्रीफ़ होस्ट

अनुमान है कि इसराइल के पास लगभग 90 परमाणु हथियार हैं. लेकिन असली जवाब यह है कि हम नहीं जानते.

इसराइल ने न तो परमाणु क्षमता की पुष्टि की है और न ही इनकार किया है.

इसराइल परमाणु अप्रसार संधि का हिस्सा नहीं है, जो अधिक देशों को परमाणु बम हासिल करने से रोकने के लिए एक वैश्विक समझौता था.

परमाणु हथियार रखने के लिए तीन चीज़ों की ज़रूरत होती है: पहला- 90% तक संवर्धित यूरेनियम, दूसरा- वॉरहेड बनाने की क्षमता और तीसरा- उस वॉरहेड को टारगेट तक पहुंचाने का तरीक़ा.

इन तीनों पर ही इसराइल ने स्पष्ट रूप से कोई घोषणा नहीं की है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित