You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर भारत के साथ मुक़ाबले से पहले क्या कह रहे हैं
चैंपियंस ट्रॉफ़ी में भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को मुक़ाबला होने जा रहा है. दोनों देशों के बीच होने वाले इस मैच पर लाखों क्रिकेट फ़ैंस के अलावा कई एक्सपर्ट्स की भी नज़र है.
एक तरफ़ भारत ने जहां अच्छा फ़ॉर्म बरक़रार रखते हुए चैंपियंस ट्रॉफ़ी के अपने पहले मैच में बांग्लादेश को 6 विकेट से हरा दिया है. वहीं पाकिस्तान अपना पहला मुक़ाबला न्यूज़ीलैंड से 60 रनों के बड़े अंतर से हार गया है.
पाकिस्तान को इस हार के बाद अपने क्रिकेट प्रशंसकों की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है और उसके लिए भारत के ख़िलाफ़ अच्छा प्रदर्शन करने का बड़ा दबाव होगा.
दूसरी तरफ़ पाकिस्तान में मैच न खेलने की शर्त की वजह से भारत अपने मैच दुबई में खेल रहा है. भारत को इसके लिए पाकिस्तानी क्रिकट प्रशंसकों की आलोचना झेलनी पड़ी है, ऐसे में भारत पर भी अपने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को मात देने का दबाव होगा.
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
भारत और पाकिस्तान के बीच हुए पिछले 135 मैचों में भारत ने 57 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि उसे 73 मैच में हार का सामना करना पड़ा है.
भारत साल 2013 में चैंपियंस ट्रॉफ़ी का विजेता बना था, जबकि पाकिस्तान ने साल 2017 में यह टूर्नामेंट अपने नाम किया था.
आइए नज़र डालते हैं इस मैच को लेकर दोनों देशों के क्रिकेट दिग्गज क्या कह रहे हैं.
यूसुफ़ पठान
भारत के पूर्व ऑलराउंडर यूसुफ़ पठान ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है, "भारत ने जो शुरुआत की है, उसमें हम लोग एक मैच जीत चुके हैं. जबकि पाकिस्तान एक मैच हारा है, तो प्रेशर उन पर रहेगा."
उनका मानना है कि जब भी इंडिया-पाकिस्तान का मैच होता है, तो ज़्यादातर प्रेशर पाकिस्तान पर रहता है.
पठान ने कहा, "इंडिया ने आईसीसी ट्रॉफ़ी में काफ़ी बार पाकिस्तान को हराया है. जब भी मैच हुए हैं, तो हमने ज़्यादा मैच जीते हैं. प्रतिद्वंदी टीम पर एक प्रेशर तो रहता है कि आपने कितनी बार उनको हराया है."
उन्होंने कहा, "इंडिया ने अच्छी शुरुआत की है. सारे लड़के अच्छा परफ़ॉर्म कर रहे हैं, तो निश्चित तौर पर मैच अच्छा होगा."
शोएब अख़्तर
पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा है कि दुबई भारत के लिए घरेलू मैदान की तरह है, क्योंकि वो अपने सारे मैच दुबई में खेल रहा है, जबकि पाकिस्तान वहां मेहमान टीम होगी.
शोएब अख़्तर का कहना है, "आपको पता है कि आपको (पाकिस्तान को) हिन्दुस्तान ठीक-ठाक मारेगा. एक तो उनके बल्लेबाज़ कभी न ख़त्म होने वाली कहानी है. उनके पास गेंदबाज़ हैं. अगर भारत की बैटिंग की बात की जाए तो मुझे लगता है कि भारत इस प्रतियोगिता में काफ़ी ज़्यादा मज़बूत टीम है."
"हालांकि मैं फिर भी चाहता हूं कि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत की हार हो, लेकिन भारत इस प्रतियोगिता को जीतने के लिए सबसे अच्छी टीम है, इसमें कोई संदेह नहीं है. पर मैं चाहता हूं कि भारत को हराने के लिए पाकिस्तान सच में बहुत अच्छा खेले."
शोएब अख़्तर ने भारत और बांग्लादेश के बीच मुक़ाबले पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा है कि बांग्लादेश की टीम बहुत अच्छी है लेकिन वो अंत में जीत तक नहीं पहुंच पाते हैं.
उनका कहना है कि बांग्लादेश को भारत के ख़िलाफ़ क़रीब 300 रन बनाने थे, क्योंकि विकेट बल्लेबाज़ों की मदद कर रहा था.
राशिद लतीफ़
पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ राशिद लतीफ़ का कहना है कि पाकिस्तानी बल्लेबाज़ स्पिनर्स के ख़िलाफ़ जोखिम नहीं लेते हैं, जो उन्हें नुक़सान पहुंचा सकता है.
भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को होने वाले मुक़ाबले के बारे में लतीफ़ का कहना है, "शुरू के पांच-दस ओवर दोनों टीमों के लिए बहुत अहम होते हैं. हो सकता है कि दुबई में बहुत ज़्यादा रन न बने. दुबई में 250 रन या 300 के आसपास रन बनते हैं. लेकिन भारत के लिहाज़ से दुबई के कंडीशन बहुत अच्छे हैं."
"भारत के पास बहुत अच्छे अच्छे स्पिनर हैं. हम स्पिनर्स के ख़िलाफ़ चांस नहीं लेते हैं. हम स्वीप नहीं मारते हैं, बड़े शॉट्स नहीं लगाते हैं. हमारे अंदर एक ख़ौफ़ है जिसकी वजह से हमें मुश्किल हो रही है."
युवराज सिंह
स्टार स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान भारत के पूर्व बल्लेबाज़ युवराज सिंह ने कहा है, "भारत और पाकिस्तान का मैच हमेशा एक बड़ा मैच होता है, चाहे वो फ़ाइनल हो, सेमीफाइनल हो या टूर्नामेंट का शुरुआती मैच हो. लेकिन पहले मैच जीतने से आपका आत्मविश्वास बढ़ता है इससे आपको मोमेंटम मिलता है."
युवराज सिंह का कहना है, "पिछली बार जब मैंने चैंपियंस ट्रॉफ़ी खेला था तो पहले मैच में हमने पाकिस्तान को हराया था और पाकिस्तान ने हमें फ़ाइनल में हरा दिया था. इसलिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन पहले मैच में जीत आपको आत्मविश्वास देता है."
साल 2017 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में ओवल के मैदान में पाकिस्तान ने भारत को 180 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया था.
युवराज सिंह इस बातचीत में रोहित शर्मा और विरोट कोहली जैसे बल्लेबाज़ों के साथ खड़े नज़र आए.
उन्होंने कहा, "रोहित शर्मा फॉर्म में हों या न हों, मेरे लिए यह कोई मायने नहीं रखता है. मैं हमेशा अपने मैच विनर के साथ खड़ा रहता हूं. वो वनडे में व्हाइट बॉल के साथ सबसे बड़े मैच विनर हैं."
नवजोत सिंह सिद्धू
वहीं पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने भारत-पाकिस्तान मुक़ाबले का खिलाड़ियों पर बड़े दबाव की बात कही.
सिद्धू ने कहा, "जब 150 करोड़ लोग आपसे जीत की उम्मीद लगाते हैं और ये हार उनको हज़म नहीं होगी. यह एक मनोवैज्ञानिक मुक़ाबला होगा."
सिद्धू का कहना है, "जब साल 1996 के वर्ल्ड कप के क्वार्टर फ़ाइनल में हमने पाकिस्तान को हराया था, तो वसीम अकरम 6 महीने के लिए लंदन चले गए थे. वो छह महीने तक पाकिस्तान नहीं गए."
साल 1996 के वर्ल्ड कप के क्ववार्टर फ़ाइनल मैच में भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया था. उस मैच में सिद्धू ने भारत की तरफ़ से सबसे ज़्यादा रन बनाए थे, जबकि अजय जडेजा ने अंतिम ओवरों में काफ़ी तेज़ बल्लेबाज़ी की थी.
हालांकि बेंगलुरु (उस समय बंगलौर) में खेले गए उस मैच में अकरम पाकिस्तानी टीम में नहीं थे, मैच से थोड़ी देर पहले ही उनका नाम अंतिम ग्यारह खिलाड़ियों में नहीं होने के बारे में पता चला था.
इसी बातचीत के दौरान पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंज़माम उल हक़ ने भारत के युवा खिलाड़ियों की प्रशंसा की है, लेकिन उनका कहना है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा का मामला बिल्कुल अलग है.
इंज़माम ने कहा, "विराट और रोहित को लेकर अलग से (पाकिस्तान पर) दबाव है, क्योंकि ये बीस-बीस साल से प्रदर्शन करते आ रहे हैं. अगर ये जल्दी आउट होते हैं तो इंडिया के ड्रेसिंग रूम पर बहुत फ़र्क पड़ेगा और पाकिस्तान का मनोबल बहुत ऊपर होगा. "
इसी तरह जब पाकिस्तान की टीम में बाबर आज़म आउट होते हैं तो दूसरी टीम की गेंदबाज़ी पाकिस्तान के ऊपर हावी हो जाती है और पाकिस्तान की ड्रेसिंग रूम के मनोबल पर असर पड़ता है.
हर्षा भोगले
क्रिकेट के मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले का मानना है कि शुभमन गिल और मोहम्मद शमी के फ़ॉर्म से भारत बहुत खुश होगा.
उनका कहना है कि भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान को अपनी टीम में एक अन्य स्पि नर को जगह देनी चाहिए.
"पाकिस्तान को भारत के ख़िलाफ़ दो ज़रूरी काम करने होंगे. पाकिस्तान ने जब भी मैच जीते हैं तो उन्होंने पावरप्ले में विकेट चटकाए हैं. अगर नसीम शाह और शाहीन अफ़रीदी पावरप्ले में विकेट नहीं निकाल पाते हैं तो बॉलिंग अटैक काफ़ी अलग नज़र आएगा."
हर्षा भोगले का मानना है कि पाकिस्तान को मैच जीतने के इरादे से मैदान में उतरना होगा. उन्होंने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की धीमी बल्लेबाज़ी की आलोचना की है.
चैंपियंस ट्रॉफ़ी के अपने पहले मैच में न्यूज़ीलैंड के 320 रनों का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम 20 ओवरों तक क़रीब तीन रन प्रति ओवर की गति से रन बना रही थी.
न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ हार के बाद अगर पाकिस्तान भारत के ख़िलाफ़ भी मैच हार जाता है तो चैंपियंस ट्रॉफ़ी में उसका बने रहना मुश्किल होगा.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित