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आरसीबी का होम ग्राउंड पर ख़राब प्रदर्शन जारी, हारने का अनचाहा रिकॉर्ड बनाया
- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
अपने होम ग्राउंड पर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के ख़राब प्रदर्शन का सिलसिला बदस्तूर जारी है.
2024 में चेन्नई सुपर किंग्स को हराने के बाद से आरसीबी अपने होम ग्राउंड पर कोई मैच नहीं जीत सकी है.
आरसीबी को इस सीज़न में अपने होम ग्राउंड पर खेले गए सभी तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है.
होम ग्राउंड पर हारने का यह सिलसिला 18 साल पहले इस टूर्नामेंट के पहले मुक़ाबले के साथ ही शुरू हो गया था.
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बीती रात आईपीएल का 18वां बर्थडे था. 2008 में ठीक इसी दिन आईपीएल की शुरुआत आरसीबी और केकेआर के मुक़ाबले से हुई थी.
उस मुक़ाबले को 140 रनों के अंतर से हारने वाली आरसीबी तब 82 रन ही बना सकी थी, बीती रात भी उसने केवल 95 रन ही बनाए.
यह महज़ संयोग ही है कि बीते 18 सालों से आरसीबी से जुड़े हुए विराट कोहली का बल्ला 2008 के उस पहले मैच की तरह ही बीती रात भी केवल एक रन ही बना सका.
इतना ही नहीं, अब आईपीएल में होम ग्राउंड पर सबसे अधिक मैच गंवाने का रिकॉर्ड भी आरसीबी के नाम हो गया है.
93 मैचों में 45 हार के साथ ही उसने इस अनचाहे रिकॉर्ड के लिए दिल्ली की टीम को पीछे छोड़ा है.
कहां हुई चूक, क्या बोले पाटीदार?
होम ग्राउंड पर मैच गंवाने के बाद कप्तान रजत पाटीदार ने कहा, "विकेट शुरू में फंस रही थी लेकिन हमारी टीम इससे बेहतर खेल सकती थी. हम नियमित विकेट गंवाते रहे, साझेदारी ज़रूरी थी लेकिन आज ये हो नहीं सकी. बल्लेबाज़ी यूनिट के रूप में हम अपनी ग़लतियों को सुधारने की कोशिश करेंगे."
रजत ने यह भी कहा कि "विकेट काफ़ी देर तक कवर से ढका हुआ था, इसका पंजाब को फ़ायदा मिला."
हालांकि टॉस के वक़्त उन्होंने पिच को हार्ड बताते हुए कहा था कि उनकी टीम इस पर एक अच्छा स्कोर खड़ा करेगी.
श्रेयस अय्यर ने भी पिच को लेकर कहा कि उन्हें मैच से पहले यह नहीं पता था कि पिच कैसा बर्ताव करेगी लेकिन गेंदबाज़ों ने परिस्थिति के मुताबिक़ ख़ुद को ढाला.
पंजाब के गेंदबाज़ों ने रुख़ बदला
पंजाब के कप्तान ने इस जीत का श्रेय अपने गेंदबाज़ों को दिया है जिन्होंने आरसीबी के टॉप ऑर्डर को बिखेर कर रख दिया.
श्रेयस बोले, "मार्को यानसन को पिच से एक्स्ट्रा बाउंस मिल रहा था और उन्होंने उसका बखूबी फ़ायदा उठाते हुए बहुत अच्छी गेंदबाज़ी की. अर्शदीप से बात हुई तो उन्होंने कहा था कि इस पिच पर हार्ड लेंथ गेंदबाज़ी को हिट करना मुश्किल है."
मैच में श्रेयस ने पांच गेंदबाज़ों को मौक़ा दिया और सभी ने विकेट चटकाए. अर्शदीप सिंह, हरप्रीत बराड़ ने दो विकेट झटके, तो जेवियर बार्टलेट ने एक विकेट लिया.
वहीं मार्को यानसन (3-0-10-2) और युज़वेंद्र चहल (3-0-11-2) ने तो विकेटें लेने के साथ ही बहुत कंजूसी से गेंदबाज़ी की.. उन्होंने छह ओवरों में केवल 21 रन खर्चे और आरसीबी के चार खिलाड़ियों को पवेलियन लौटाया.
पंजाब के गेंदबाज़ मैच में इस कदर हावी थे कि 43 डॉट बॉल दिए. यानी कुल 7.1 ओवरों में कोई रन ही नहीं बना सका.
केकेआर के साथ पिछले मुक़ाबले में चार विकेट चटकाने के बाद इस मैच में भी चहल के शानदार प्रदर्शन पर कप्तान श्रेयस ने कहा, "चहल से मेरी बात हुई थी. तब मैंने उनसे यही कहा कि वो एक मैच विनर हैं और उन्हें डिफेंसिव बॉलिंग करने की ज़रूरत नहीं है. वो बाउंस बैक करना जानते हैं."
पंजाब की बॉलिंग यूनिट इस कदर बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है कि बीते दोनों ही मुक़ाबले में उन्होंने विपक्षी टीम को 95 के लो-स्कोर पर रोक दिया.
'बस जीतना है' के स्लोगन के साथ इस सीज़न में उतरी पंजाब की टीम अब तक सात में से पांच मैच जीत चुकी है और अंक तालिका में दूसरे पायदान पर आ गई है.
प्लेयर ऑफ़ द मैच
पंजाब के गेंदबाज़ भले ही मैच में हावी रहे लेकिन आरसीबी के इस बल्लेबाज़ ने अपनी बल्लेबाज़ी से सभी को प्रभावित किया.
जिस पिच पर क़रीब तीन घंटे के दौरान ही एक-एक कर 14 बल्लेबाज़ आउट हो गए हों, गेंदबाज़ धाक जमा रहे हों, वहां एक छोर पर डट कर नाबाद अर्धशतक जमाने का कारनामा आरसीबी के टिम डेविड ने किया.
7वें ओवर में आधी टीम के पवेलियन लौट जाने पर टिम डेविड मैदान में उतरे. तब आरसीबी के स्कोरबोर्ड पर केवल 33 रन थे.
टिम ने आते ही चौका जड़ा लेकिन लगातार गिरते विकेट की वजह से उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी पर संयम रखा.
हालांकि पारी के आखिरी दो ओवर्स में उन्होंने 32 रन बटोरे और अपना अर्धशतक भी पूरा किया.
अगर टिम डेविड ने अर्धशतक नहीं बनाया होता तो पंजाब की टीम यह मुक़ाबला और भी आसानी से जीत जाती.
टिम डेविड ने फ़ील्डिंग के दौरान दो कैच भी लपके और ओपनर्स को पवेलियन भेजने में अहम भूमिका निभाई. टीम के हारने के बावजूद उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' का पुरस्कार दिलाया.
बारिश के कारण दो घंटे से भी अधिक की देरी से शुरू हुए इस मैच को 14 ओवर्स का रखा गया था.
लेकिन चिन्नास्वामी की पिच इस कदर गेंदबाज़ों के लिए मददगार दिखी कि केवल 26.1 ओवरों में ही इसका फ़ैसला हो गया.
अब ये दोनों टीमें एक बार फिर रविवार को टकराएंगी. तब नतीजा किस ओर झुकेगा? क्या आरसीबी को तब होम अवे (घर से दूर) का लाभ मिलेगा?
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित