केएल राहुल ने कैसे पलट दिया मैच का पासा और वो रन आउट जिसने लगाया बेंगलुरु पर ब्रेक

    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

केएल राहुल ने अपनी बल्लेबाज़ी से दिल्ली कैपिटल्स की हारी बाजी को जीत में बदल दिया. दिल्ली ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को उनके घर में छह विकेट से हराया.

बेंगलुरु की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए सात विकेट पर 163 रन बनाए. इसके जवाब में 18वें ओवर में ही दिल्ली कैपिटल्स ने चार विकेट के नुकसान पर 169 रन बनाकर मैच जीत लिया.

आरसीबी के 163 रनों के जवाब में एक समय दिल्ली ने 8.4 ओवरों में 58 रनों पर चार विकेट गंवा दिए थे.

लेकिन, केएल राहुल ने दिखाया है कि विपरीत परिस्थितियों में भी विकेट पर टिकना किसे कहते हैं. उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ भी जीत में अर्धशतकीय पारी खेली थी और गुरुवार को राहुल अपनी मैच विजेता वाली पारी में शतक से सिर्फ़ सात रन दूर रह गए.

राहुल ने 53 गेंदों की पारी में 175 से ज़्यादा की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करके सात चौकों और छह चौकों की मदद से नाबाद 93 रन बनाए.

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विकेटकीपिंग राहुल के काम आई

प्लेयर ऑफ़ द मैच बनने पर केएल राहुल ने कहा, "विकेट थोड़ा मुश्किल था, पर मेरा 20 ओवर विकेट के पीछे खड़ा होना काम आया. मैं यह समझने में सफल रहा कि विकेट कैसा खेल रहा है और मुझे इस पर कौन से शॉट खेलने हैं."

"यह मेरा घरेलू मैदान भी है और मैं इसे किसी अन्य के मुकाबले ज़्यादा जानता हूं. मैं यहां खेलता रहा हूं. मैं जानता था कि यदि छक्का मारना है, तो किस स्थान पर मारना आसान है. मैंने आक्रामक शुरुआत करने के बाद बीच में अपनी पारी को जमाने का भी प्रयास किया."

स्टब्स से मिला अच्छा सहयोग

ट्रिस्टन स्टब्स ने राहुल को अच्छा साथ दिया.

स्टब्स के बारे में कप्तान अक्षर पटेल ने कहा, "उन्हें हम लोगों ने आक्रामक अंदाज़ में खेलने की छूट दी है और इस प्रयास में उनको विकेट खोने से डरने की ज़रूरत नहीं है."

"इस मैच से पहले वह बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे. लेकिन, अब लगता है कि वह रंगत पाने में सफल रहे हैं और वह आगे मैचों में अपना जलवा दिखा सकते हैं."

स्टब्स ने अपनी 38 रनों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया.

असल में उन्होंने इस पारी के दौरान राहुल के सहयोगी की भूमिका निभाई. उन्होंने एक रन लेकर राहुल को ज़्यादा से ज़्यादा खेलने का मौका देने का प्रयास किया.

राहुल और स्टब्स ने पहले विकेट पर टिककर और फिर हाथ खोलकर 55 गेंदों में 111 रनों की नाबाद साझेदारी निभाकर टीम को जीत दिलाई.

स्टब्स ने बाद में कहा, "मेरे लिए यह प्रदर्शन बहुत ही संतुष्टि देने वाला है. मैं मुश्किल स्थिति में खेलने आया था, पर कभी भी रन गति हाथ से निकलती नहीं दिखी. राहुल जिस तरह से खेल रहे थे, उसमें मुझे कुछ ख़ास करने की ज़रूरत नहीं थी."

बादलों के आने से रनों को मिली रफ़्तार

दिल्ली कैपिटल्स की पारी के दौरान 10-11 ओवर फेंके जाने के समय ही आसमान में बादल छा गए और बारिश की आशंका होने पर यह आंकड़ा सामने आया कि अगर डकवर्थ नियम लागू हुआ, तो दिल्ली को 15 ओवर में 115 रन तक पहुंचना होगा.

15वें ओवर की समाप्ति तक दिल्ली का स्कोर 121 रनों पर पहुंच गया. इसके बाद राहुल ने बहुत ही विस्फोटक अंदाज़ में खेलकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया.

विप्रज-कुलदीप की भूमिका भी रही ख़ास

दिल्ली कैपिटल्स की इस जीत में युवा लेग स्पिनर विप्रज निगम और कुलदीप यादव की भूमिका भी अहम रही. विप्रज ने विराट कोहली का विकेट निकालकर आरसीबी की रीढ़ तोड़ने का काम किया.

विप्रज ने दिखाया कि उनमें बड़े मैचों वाला टेंपरामेंट है.

विराट ने उनकी एक गेंद पर छक्का लगाया, पर उन्होंने जिस स्टाइल में वापसी की, उसकी जितनी तारीफ़ की जाए, वह कम है. उन्होंने छक्का खाने के बाद भी अपने ऊपर दबाव हावी नहीं होने दिया.

उन्होंने गेंद को फ्लाइट कराने के साथ-साथ गेंद भी धीमी फेंकी, जिससे उन्हें स्पिन मिलती रही.

उनकी गुगली को विराट समझ नहीं पाए और बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में मिचेल स्टार्क के हाथों लपक लिए गए. उन्होंने क्रुणाल पांड्या का भी अहम विकेट लिया.

कुलदीप यादव हमेशा ही अपनी गेंदबाज़ी से प्रभावित करते रहे हैं और वह इस मैच में अपना प्रभाव छोड़ने में सफल रहे.

इन दोनों स्पिनरों की जादुई गेंदबाज़ी का ही कमाल था, जिससे दिल्ली मध्य ओवरों की लड़ाई को जीतने में सफल हो गई. कुलदीप और विप्रज ने चार-चार ओवर फेंककर क्रमश: 17 और 18 रन देकर दो-दो विकेट निकाले.

साल्ट के आउट होने से पारी लड़खड़ा गई

फ़िल साल्ट ने विराट कोहली के साथ जिस तरह से पारी की शुरुआत की, उससे लगा कि साल्ट हर गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने के इरादे से उतरे हैं. यही वजह थी कि आरसीबी ने पहले तीन ओवरों में 53 रन बना लिए.

फ़िल साल्ट के खेलने के अंदाज़ से लग रहा था कि आरसीबी एक बड़ा स्कोर बनाएगी.

लेकिन, विराट कोहली के साथ रन लेने को लेकर बनी गफ़लत की वजह से वह रन आउट हो गए. हुआ यह कि साल्ट ने एक्स्ट्रा कवर पर खड़े अक्षर की तरफ़ शॉट खेला और अक्षर के तेज़ी से गेंद थ्रो करने पर कुछ क़दम बाहर निकले, मगर विराट लौट गए.

इस समय तक साल्ट आधी पिच तक आ गए थे और वह पलटने पर फिसल भी गए और रन आउट हो गए.

साल्ट ने मात्र 17 गेंदों की पारी में 37 रन बनाए. इसमें उन्होंने चार चौके और तीन छक्के लगाए. इस झटके के बाद आरसीबी की टीम कभी उबर नहीं सकी.

आरसीबी की पारी के एक समय तो 150 रनों तक ही सीमित होने की आशंका बन गई थी. पर आख़िरी समय में टिम डेविड ने 20 गेंदों में 37 रन बनाकर स्कोर को सात विकेट पर 163 रन तक पहुंच सका. उन्होंने दो चौके और चार छक्के लगाए.

टिम डेविड के प्रदर्शन को देखकर कमेंटेटरों का मानना था कि उन्हें यदि थोड़ा पहले लाया जाता, तो स्कोर में 15-20 रन और जुड़ सकते थे.

दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल में अपने विजय अभियान को जारी रखकर अब तक खेले चारों मैच जीतकर टाइटंस के बराबर आठ अंक बनाए हैं और वह अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है. वहीं, बेंगलुरु की टीम पांच मैचों में तीन जीत और दो हार के साथ तीसरे पायदान पर है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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