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महाराष्ट्र का सीएम कौन होगा, एकनाथ शिंदे की प्रेस कॉन्फ्रेंस से क्या बीजेपी की राह आसान हो गई है?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन की जीत के बाद राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा, ये अभी तक साफ़ नहीं है.
हालांकि शिवसेना नेता और राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद तस्वीर कुछ साफ़ होती दिख रही है कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी का ही होगा.
अभी तक ये कहा जा रहा था कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री पद के लिए अड़े हुए हैं, लेकिन अब उनकी प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद साफ़ हो गया है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए गेंद बीजेपी के पाले में डाल दी है.
शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि उन्हें सीएम पद की लालसा नहीं है और पीएम मोदी, अमित शाह, बीजेपी जो भी फ़ैसला लेंगे वो उन्हें मंज़ूर होगा.
एकनाथ शिंदे ने क्या-क्या कहा?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन महायुति ने बड़ी जीत दर्ज की थी. इन चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसने 132 सीटें जीती थीं.
वहीं महायुति गठबंधन में शामिल शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटें जीती थीं. 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 145 है.
चुनाव परिणाम आने के बाद से ये अनुमान लगाए जा रहे थे कि मुख्यमंत्री बीजेपी का ही हो सकता है क्योंकि उसके सबसे अधिक विधायक हैं.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भी तारीफ़ की.
एकनाथ शिंदे ने कहा, “हर क्षेत्र के विकास के लिए पीएम मोदी और अमित शाह मेरे साथ पहाड़ की तरह खड़े रहे. ये आम जनता की सरकार है. मैं ख़ुद को मुख्यमंत्री नहीं समझता था, मैंने ढाई साल कार्यकर्ता के रूप में काम किया है.”
उन्होंने महायुति सरकार की ‘लाडकी बहिन योजना’ की तारीफ़ करते हुए कहा कि वो अब बहनों के ‘लाडले भाई’ बन गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने अपनी सरकार की तारीफ़ करते हुए कहा कि उन्होंने जनता की सरकार चलाई.
मुख्यमंत्री पद के सवाल पर एकनाथ शिंदे ने साफ़ कहा कि वो नाराज़ होने वाले लोगों में नहीं हैं बल्कि काम करने वाले शख़्स हैं. उन्होंने कहा कि महायुति गठबंधन और मज़बूत हुआ है और उन्हें काफ़ी काम करना है.
शिंदे ने कहा कि उनकी कल पीएम मोदी से बात हुई थी और उन्होंने उनसे साफ़ कहा कि उनकी तरफ़ से सरकार बनाने को लेकर कोई अड़चन या रुकावट नहीं है, आप निर्णय लो जिसे अमल में लाया जाएगा.
“बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री पद के बारे में जो निर्णय लेंगे उसको शिवसेना का समर्थन है और यही बताने के लिए सबको बुलाया गया है."
उन्होंने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ये भी बताया कि ‘कल अमित शाह जी के साथ महायुति गठबंधन के तीनों दलों की बैठक दिल्ली में होने वाली है जिसमें विस्तार से चर्चा होनी है और सरकार बनाने को लेकर अहम फ़ैसला लिया जाएगा.’
एकनाथ शिंदे की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने सभी शंकाओं को दूर कर दिया है.
उन्होंने एकनाथ शिंदे की बात को दोहराते हुए कहा कि जो भी निर्णय करेंगे वो पीएम मोदी, अमित शाह और बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा.
चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि एकनाथ शिंदे के बयान से आज महायुति और मज़बूत हुई है, एकनाथ शिंदे ने जिस तरह से सरकार में काम किया उसका अभिनंदन करते हैं.
बीजेपी का कौन होगा चेहरा?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 132 सीटें मिलने के बाद ये अनुमान लगाया जाने लगा था कि मुख्यमंत्री बीजेपी का ही होगा क्योंकि बीजेपी के पास बड़ा नंबर है. और ऐसा तय माना जा रहा था कि पिछली बार की तुलना में उसको अपने सहयोगी शिवसेना और एनसीपी के पीछे नहीं चलना पड़ेगा.
23 नवंबर को नतीजे वाले दिन बीजेपी के एमएलसी प्रवीण दरेकर ने बयान दिया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनना चाहिए.
दरेकर तब इस बात पर ज़ोर दे रहे थे कि जो पार्टी सबसे ज़्यादा सीटें जीतेगी, सीएम उसका होना चाहिए.
इस पर एकनाथ शिंदे का कहना था, "ऐसा तय नहीं हुआ था कि जिसकी ज़्यादा सीटें होंगी, उसका सीएम होगा. अंतिम आंकड़े आने के बाद सभी पार्टियां मिलकर नाम तय करेंगी."
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी एकनाथ शिंदे की बात को दोहराया था और कहा कि सीएम के चेहरे पर कोई विवाद नहीं होगा और तीनों दल इस पर बैठकर फ़ैसला करेंगे.
चुनाव परिणामों के बाद एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर शिव सैनिक सोशल मीडिया पर लगातार मांग कर रहे थे, लेकिन बीते कुछ दिनों में इस मांग में कमी आई है.
इसी वजह से ये मानकर चला जा रहा है कि एक बार फिर देवेंद्र फडणवीस राज्य के मुख्यमंत्री होंगे. देवेंद्र फडणवीस 2014 से 2019 तक राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके थे.
क्या बीजेपी के लिए मुख्यमंत्री की राह आसान हो गई है? इस सवाल पर बीबीसी संवाददाता अंशुल सिंह से वरिष्ठ पत्रकार और 'चेकेमेट: हाउ द बीजेपी वॉन एंड लॉस्ट महाराष्ट्र' किताब के लेखक सुधीर सूर्यवंशी कहते हैं कि शिंदे की प्रेस क्रॉन्फ़्रेंस से बीजेपी की राह अब भी उतनी आसान नहीं है.
सुधीर सूर्यवंशी कहते हैं, "ऊपर से देखने पर दिखेगा कि बीजेपी के लिए अपना मुख्यमंत्री बनाने का रास्ता साफ़ हो गया है लेकिन एक चुनौती भी है. शिंदे की वजह से जो मराठा कांग्रेस-एनसीपी छोड़कर आया था उसमें तो नाराज़गी जाएगी ही क्योंकि चेहरा तो शिंदे का ही था. हो सकता है कि विपक्ष भी इसे मुद्दा बनाए. बीजेपी का क्षेत्रीय दलों के साथ इतिहास बहुत अच्छा रहा भी नहीं है. इसका प्रभाव आगामी स्थानीय चुनाव में देखने को भी मिल सकता है."
हालांकि वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकार विनया देशपांडे की राय सुधीर सूर्यवंशी से अलग है.
विनया देशपांडे बीबीसी संवाददाता अंशुल सिंह से कहती हैं, "बीजेपी के लिए अब राह आसान हो गई है. महायुति से अब बीजेपी का ही मुख्यमंत्री बनेगा. अब मोदी और शाह तय करेंगे कि किस फॉर्मूले के साथ राज्य में आगे बढ़ना है."
महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार
पिछली बार के विधानसभा चुनाव (2019) में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को बहुमत मिला था. वो चुनाव बीजेपी और शिवसेना ने साथ मिलकर लड़ा था.
एनडीए को 161 सीटों पर जीत मिली थी, जिसमें से बीजेपी ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत हासिल की थी.
लेकिन उस वक्त दोनों ही पार्टियों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर तनातनी चली और आख़िरकार यह गठबंधन टूट गया. इसके बाद शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई और उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे.
हालांकि यह सरकार ज़्यादा दिनों तक नहीं चल सकी और ढाई साल पहले 2022 में शिवसेना के एकनाथ शिंदे ने बग़ावत करते हुए बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली.
सरकार बनाने के लिए बीजेपी को मुख्यमंत्री पद से समझौता करना पड़ा था और देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री पद से ही संतोष करना पड़ा था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित