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'वो सेक्स और समलैंगिकता पर चुटकुले सुना रहे हैं': सऊदी अरब के विवादास्पद कॉमेडी फ़ेस्टिवल में क्या-क्या हुआ?
- Author, नूर नांजी
- पदनाम, बीबीसी
"सेक्स और पत्नियों के बारे में चुटकुले थे. सऊदी अरब जैसे देश में इस तरह की कॉमेडी देखना बहुत ही असामान्य बात है."
सऊदी अरब में रहने वाली एक महिला ने ये बात कही है. वो रियाद कॉमेडी फ़ेस्टिवल में शामिल हुई थीं.
उन्होंने कहा, "वहां लोगों का उत्साह देखने लायक था. मैंने यहां ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा."
सारा (यह उनका वास्तविक नाम नहीं है) ने अमेरिकी कॉमेडी स्टार डेव शिपर और बिल बर्र का परफॉर्मेंस देखा. उन्होंने कहा कि हास्य कलाकारों ने सऊदी अरब में मानवाधिकारों की स्थिति के बारे में बात नहीं की.
उनका कहना है कि यहां लोग वैसे भी इन टॉपिक्स पर ध्यान नहीं देते क्योंकि अगर वो ध्यान देंगे तो यहां रह नहीं पाएंगे.
इसमें शामिल कॉमेडियन्स की आलोचना भी हो रही
जिमी कार, जैक व्हाइटहॉल, केविन हार्ट, रसेल पीटर्स और ओमिद जलीली जैसे प्रसिद्ध हास्य कलाकारों को इस फ़ेस्टिवल में प्रदर्शन करने के लिए साथी कलाकारों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा है.
शुक्रवार को हास्य कलाकार जेसिका केरसन ने फ़ेस्टिवल में भाग लेने के लिए माफ़ी मांगी और घोषणा की कि वह अपनी फ़ीस एक मानवाधिकार संगठन को दान कर देंगी.
कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन सऊदी अरब में मानवाधिकार की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर करते रहे हैं, लेकिन सऊदी अरब ने हाल के वर्षों में इस धारणा को बदलने की कोशिश की है.
यह महोत्सव पूरे जोश के साथ चल रहा है. हमने इसके बारे में वहां मौजूद लोगों और हास्य कलाकारों से जानने की कोशिश की.
रियाद कॉमेडी फेस्टिवल पिछले सप्ताह मुख्य रूप से पुरुष कलाकारों की प्रस्तुति के साथ शुरू हुआ.
ज़ैन (यह उनका वास्तविक नाम नहीं है) इस फ़ेस्टिवल में शामिल होने वाले लोगों में शामिल हैं.
ज़ैन बताते हैं कि हास्य कलाकारों के परफॉर्मेंस के दौरान समलैंगिकों और ट्रांसजेंडर लोगों के बारे में चुटकुले बनाए गए, जिनमें बहुत सारी 'अश्लील सामग्री' भी शामिल थी.
उनके अनुसार, शुरुआती सत्र का दस मिनट का कार्यक्रम पूरी तरह से सेक्स के बारे में था.
रियाद में रहने वाले ज़ैन ने कहा कि ऐसे चुटकुले सुनकर उन्हें आश्चर्य हुआ. उनका कहना था कि एक ऐसे देश में जहां समाज रूढ़िवादी है और जहां समलैंगिकता ग़ैरकानूनी है, यह सब देखना बहुत अजीब था.
सऊदी कानून में समलैंगिकता के लिए मृत्यु दंड का प्रावधान है.
ज़ैन ने कहा, "मुझे यकीन नहीं हो रहा कि सऊदी अरब में लोग ऐसी बातें कह रहे हैं. यहां बहुत से लोगों ने कभी स्टैंड-अप कॉमेडी नहीं देखी है, इसलिए इस तरह की सामग्री पर सवाल ही नहीं उठता."
ज़ैन ने कहा, "इन चुटकुलों को भी खूब सराहा गया. मेरे सामने स्थानीय सऊदी महिलाओं का एक समूह था जो इन बातों पर हँस रही थीं."
सारा का कहना है कि डेव चैपल का कार्यक्रम भी विवादास्पद था और उन्होंने ट्रांसजेंडर लोगों के बारे में चुटकुले भी सुनाए थे.
उनके अनुसार, "सऊदी अरब में इस तरह के चुटकुले सुनना वास्तव में असामान्य है और अरबी में इसके लिए 'हराम' शब्द का प्रयोग किया जाता है."
ज़ैन का कहना है कि जलीली ने सऊदी संस्कृति का मज़ाक उड़ाया और साथ ही हिजाब और महिलाओं की ड्राइविंग के बारे में भी टिप्पणी की.
उनके अनुसार, "जलीली ने एक स्केच भी पेश किया जिसमें इस बात का मज़ाक उड़ाया गया कि कैसे रियाद के लोग मानते हैं कि वे पृथ्वी के लिए ईश्वर का उपहार हैं."
ज़ैन का कहना है कि हालांकि बर्र बहुत घबराए हुए लग रहे थे. उन्होंने कॉमेडी का दायरा अपनी पत्नी और बच्चों तक ही रखा.
इस महोत्सव में बड़ी संख्या में स्थानीय सऊदी नागरिकों के साथ-साथ अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हुए जो यहां काम और पर्यटन के लिए आए थे.
आलोचना से बचते नज़र आए कॉमेडियन्स
इस फ़ेस्टिवल में कई चीजों से परहेज भी किया जा रहा था.
कई उपस्थित लोगों ने कहा कि इस शो के दौरान सऊदी सरकार की नीतियों का कोई भी उल्लेख नहीं किया गया.
महोत्सव से पहले ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा था कि यह महोत्सव सऊदी सरकार द्वारा अपनी प्रतिष्ठा सुधारने का एक प्रयास है.
समूह ने कहा कि सऊदी अरब में आलोचकों, पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को अन्यायपूर्ण तरीके से हिरासत में लिया जा रहा है. इसने रियाद में प्रदर्शन कर रहे सभी लोगों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का उपयोग मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठाने के लिए करें.
ह्यूमन राइट्स वॉच में सऊदी अरब के रिसर्चर जॉय शीया ने बीबीसी न्यूज़ को बताया, "अभी तक मैंने किसी भी हास्य कलाकार को इन मुद्दों को उठाते नहीं देखा है, न केवल मंच पर बल्कि सोशल मीडिया या कहीं भी. यह बहुत निराशाजनक है."
हास्य कलाकार अत्सुको ओकात्सुका ने अपने 'एक्स' पोस्ट में कहा कि उन्होंने यहां प्रस्तुति देने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है.
उन्होंने परफॉर्मेंस से पहले कलाकारों को दिए गए एक कॉन्ट्रैक्ट को भी साझा किया, जिसमें कहा गया था कि महोत्सव के दौरान 'सऊदी शाही परिवार या मजहब' के बारे में किसी भी अनुचित बातचीत पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.
बीबीसी न्यूज़ स्वतंत्र रूप से ऐसे किसी समझौते की पुष्टि नहीं कर सका है.
लेकिन ब्रिटिश हास्य कलाकार रोज़ी होल्ट का कहना है कि हास्य कलाकारों को ऐसे दिशानिर्देश मिलना दुर्लभ है.
उन्होंने कहा, "मैंने केवल इतना सुना है कि कभी-कभी विश्वविद्यालय के समारोहों में ऐसा होता है, जैसे समलैंगिकता विरोधी या नस्लवादी टिप्पणियों से बचने के निर्देश, लेकिन इस प्रकार के प्रतिबंध असामान्य हैं."
आलोचक इस महोत्सव के समय पर भी आपत्ति जता रहे हैं. ये कार्यक्रम 26 सितंबर से शुरू हुआ था और ये 9 अक्तूबर तक चलेगा. 2 अक्तूबर को सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या की बरसी भी थी.
सऊदी शाही परिवार के आलोचक जमाल ख़ाशोज्जी 2 अक्तूबर, 2018 को इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास गए थे, जहां उनकी हत्या कर दी गई थी. वो अपने कुछ निजी दस्तावेज़ हासिल करने के लिए वाणिज्य दूतावास के अंदर गए थे.
एक अमेरिकी खु़फिया रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उनकी हत्या की मंज़ूरी दी थी. सऊदी अरब ने इस रिपोर्ट का खंडन किया है.
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी हत्या में अपनी भूमिका से इनकार किया था.
फ़ेस्टिवल के आलोचक अमेरिकी हास्य कलाकार मार्क मैरोन ने एक स्टैंड-अप क्लिप में मोहम्मद बिन सलमान पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, "वही व्यक्ति उन्हें (हास्य कलाकारों को) भुगतान करने जा रहा है, जिसने जमाल ख़ाशोज्जी को हड्डियों में बदलने और उन्हें एक सूटकेस में डालने के लिए कहा था."
रोज़ी होल्ट ने कहा, "यदि हास्य कलाकार रियाद जाकर जमाल ख़ाशोज्जी के बारे में बात कर रहे होते, तो मैं इसे उचित मानती, लेकिन मैं यह भी जानती हूं कि वे ऐसा नहीं करेंगे."
उन्होंने कहा, "एक पुरानी कहावत है कि हास्य कलाकार सत्ता के सामने सच बोलते हैं."
उन्होंने कहा, "उनमें से कई अभिव्यक्ति की आज़ादी के बड़े पैरोकार रहे हैं. लेकिन सऊदी अरब में जाकर परफ़ॉर्म करना, जहां अभिव्यक्ति की आज़ादी पर पाबंदी है, नैतिक रूप से निंदनीय है."
लॉस एंजिल्स के हास्य कलाकार और टिकटॉकर एलेक्स फाल्कोन ने कहा कि यह महोत्सव पूरी तरह से सऊदी सरकार के इशारे पर आयोजित किया जा रहा है, जिस पर मुझे आपत्ति है.
उन्होंने कहा कि किसी देश में परफॉर्म करने और किसी देश के लिए परफॉर्म करने में फ़र्क़ होता है. उनका कहना है कि अगर मुझे यह कहने के लिए पैसे मिलते कि 'ट्रंप महान हैं', तो मैं ऐसे किसी कार्यक्रम में परफॉर्म नहीं करता.
इस महोत्सव की घोषणा करने वाली सऊदी अरब की जनरल एंटरटेनमेंट अथॉरिटी से हमने प्रतिक्रिया के लिए संपर्क किया था लेकिन इस पर ख़बर लिखे जाने तक जवाब नहीं आया है. टिप्पणी के लिए लंदन स्थित सऊदी दूतावास से संपर्क किया गया है.
चैपल, जलीली, बर्र, व्हाइटहॉल और कैर ने अभी तक बीबीसी द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया है.
लाखों डॉलर की पेशकश
महोत्सव में भाग लेने वालों को दी जाने वाली धनराशि का मुद्दा भी बहस का विषय है.
अमेरिकी कॉमेडियन टिम डिलन ने एक पॉडकास्ट में कहा कि उन्होंने (आयोजक) मुझे बहुत बड़ी रकम की पेशकश की थी.
इस पॉडकास्ट के बाद टिम डिलन को कलाकारों की सूची से हटा दिया गया. टिम का दावा है कि उन्हें एक सेगमेंट के लिए लाखों डॉलर तक की पेशकश की गई थी.
अमेरिकी स्टार शेन गिलिस ने अपने पॉडकास्ट पर कहा कि उन्होंने समारोह में परफॉर्मेंस देने का एक "महत्वपूर्ण" प्रस्ताव ठुकरा दिया है. उन्होंने कहा, "मैंने एक सैद्धांतिक रुख अपनाया."
एलेक्स फाल्कोन का कहना है कि जिन लोगों को आमंत्रित किया गया था, वे पहले से ही बहुत सफल हैं. केविन हार्ट की बात करें तो उनके लिए भी यह साल कोई मुश्किल साल नहीं रहा.
सऊदी अरब तेल पर बहुत अधिक निर्भर रहने वाला राष्ट्र है. सऊदी अरब में पिछले कुछ सालों से कई तरह के विविधितापूर्ण निर्णय लिए गए हैं.
क्राउन प्रिंस के नेतृत्व में इसकी विजन 2030 योजना का उद्देश्य पर्यटन, मनोरंजन और खेल जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देना है.
हाल के वर्षों में, सऊदी अरब ने 2034 पुरुष फुटबॉल वर्ल्ड कप सहित कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी का अधिकार हासिल किया है.
ज़ैन का कहना है कि रियाद में हास्य कलाकार सऊदी अरब या उसके नेताओं के बारे में कॉमेडी नहीं करते जबकि वे अन्य जगहों पर ऐसा करते हैं.
(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)