तुर्की: अर्दोआन के प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने से कुछ दिन पहले गिरफ़्तार

    • Author, हफ़्सा खलील और टोबी लकहर्स्ट
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

तुर्की के अधिकारियों ने इस्तांबुल के मेयर इकरम इमामोअलू को हिरासत में लिया है. ये कार्रवाई इमामोअलु के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर चुने जाने से कुछ ही दिन पहले की गई है.

तुर्की की रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) के इकरम इमामोअलू को तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के सबसे मजबूत राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों में से एक माना जाता है.

अभियोजकों ने इमामोअलु पर भ्रष्टाचार और एक आतंकवादी समूह को सहायता देने का आरोप लगाते हुए उन्हें 'एक आपराधिक संगठन का नेता' बताया.

वहीं, इमामोअलु ने सोशल मीडिया पर कहा कि 'लोगों की इच्छा को दबाया नहीं जा सकता'.

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आरोपों पर इस्तांबुल के मेयर की प्रतिक्रिया

तुर्की के अधिकारियों ने इस्तांबुल के मेयर के अलावा जांच के तहत कुछ अन्य राजनेताओं, पत्रकारों और व्यापारियों सहित सौ संदिग्धों को भी हिरासत में लिया.

यह गिरफ्तारी हाल के महीनों में तुर्की में विपक्षी नेताओं पर की गई बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है.

तुर्की शहर में इमामोअलु के घर पर सुबह-सुबह की गई छापेमारी में दर्जनों पुलिस अधिकारी शामिल थे.

सरकार समर्थक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जबरन वसूली और धोखाधड़ी के आरोपों के अलावा, इमामोअलु पर पीकेके (कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी) को सहायता देने का भी आरोप है.

पीकेके ने 1984 से विद्रोह छेड़ रखा है. इसे तुर्की, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और अमेरिका ने आतंकवादी समूह के रूप में प्रतिबंधित किया है.

ऑनलाइन पोस्ट किए गए वीडियो में इमामोअलु ने तुर्की के लोगों और 'दुनिया भर में लोकतंत्र और न्याय को कायम रखने वाले सभी लोगों' के लिए 'दृढ़ता से खड़े' रहने की कसम खाई.

उन्होंने कहा, "मैं मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए अपनी लड़ाई में दृढ़ता से खड़ा हूं."

बता दें कि रविवार को सीएचपी के अध्यक्ष का चयन होना है, जिसमें इमामोअलु एकमात्र उम्मीदवार हैं.

सरकार बोली- 'तुर्की की न्यायपालिका स्वतंत्र'

आलोचकों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है.

वहीं 22 साल से सत्ता में काबिज अर्दोआन और उनकी पार्टी ने इन दावों का खंडन किया है और ज़ोर देकर कहा है कि तुर्की की न्यायपालिका स्वतंत्र है.

पिछले साल ही इमामोअलु ने इस्तांबुल के मेयर के तौर पर दूसरा कार्यकाल जीता, जब उनकी सीएचपी पार्टी ने वहां और अंकारा में स्थानीय चुनावों में जीत हासिल की.

अर्दोआन के सत्ता में आने के बाद यह पहली बार था कि उनकी पार्टी को देश भर में हार का सामना करना पड़ा.

ये चुनाव राष्ट्रपति अर्दोआन के लिए एक व्यक्तिगत झटका भी था क्योंकि इस्तांबुल न केवल उनका जन्मस्थान है, बल्कि यहीं से उन्होंने 70 के दशक में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था.

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बन पाएंगे इमामोअलु?

इमामोअलु को हिरासत में लेने की घटना इस्तांबुल विश्वविद्यालय के उनकी डिग्री रद्द करने के एक दिन बाद हुई है, अगर यह निर्णय बरकरार रहता है, तो इमामोग्लू राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे. इसकी वजह ये है कि तुर्की के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति बनने के लिए उच्च शैक्षणिक डिग्री ज़रूरी होती है.

इमामोअलु ने इस कदम को 'कानूनी रूप से निराधार' बताया और कहा कि विश्वविद्यालयों को 'स्वतंत्र रहना चाहिए, राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रहना चाहिए और ज्ञान के प्रति समर्पित रहना चाहिए'.

उनकी सीएचपी पार्टी ने उनके ख़िलाफ़ हाल के हस्तक्षेपों को 'राष्ट्र को अगला राष्ट्रपति निर्धारित करने से रोकने' के लिए 'तख्तापलट का प्रयास' बताया है.

पार्टी के अध्यक्ष ओज़्गुर ओज़ेल ने एक्स पर लिखा कि लोगों की ओर से निर्णय लेना, उनकी इच्छा को बदलना, या इसे रोकने के लिए बल का प्रयोग करना तख्तापलट के समान है.

इसके उपाध्यक्ष इल्हान उज़गेल ने आरोप लगाया कि सरकार तुर्की के विपक्ष को डरा रही है. उन्होंने बीबीसी को बताया कि उनकी पार्टी 'तुर्की में लोकतंत्र की स्थिति को लेकर बहुत चिंतित' है.

इस्तांबुल में सभी तरह के प्रदर्शनों पर रोक

बुधवार को सामूहिक हिरासत के बाद, इस्तांबुल के गवर्नर ने 'सार्वजनिक व्यवस्था' को बनाए रखने और 'संभावित भड़काऊ कार्रवाइयों' को रोकने के लिए इस्तांबुल में सभी प्रदर्शनों, बैठकों और प्रेस विज्ञप्तियों पर चार दिनों के लिए प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया.

इस्तांबुल में कई सड़कें भी यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं, जबकि कुछ मेट्रो लाइनों ने भी अपनी सेवाएं रद्द कर दी हैं.

रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अधिकारियों ने गिरफ्तारी के बाद एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसी सोशल मीडिया साइटों तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया है.

यह पहली बार नहीं है जब इमामोअलु को कानूनी मुद्दों का सामना करना पड़ा है.

साल 2022 में उन्हें एक भाषण में सार्वजनिक अधिकारियों का अपमान करने के लिए ढाई साल से अधिक जेल की सजा सुनाई गई थी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित

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