डोनाल्ड ट्रंप का उद्घाटन भाषण: अमेरिका और दुनिया के लिए क्या-क्या बोले, 5 बड़ी बातें

इमेज स्रोत, Getty Images
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बन चुके हैं. उन्होंने भारतीय समय के अनुसार सोमवार रात राष्ट्रपति पद की शपथ ली.
ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में दुनिया भर के कई राष्ट्रनेता, कारोबारी, बराक ओबामा, जॉर्ज बुश, बिल क्लिंटन जैसे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति शामिल हुए.
अपने उद्घाटन भाषण में ट्रंप ने अपनी नीतियों और प्रशासन के तहत अमेरिका का "कैसा भविष्य" होगा, इस पर अपनी सोच साझा की.
उन्होंने कहा, "आज से अमेरिका का स्वर्णिम युग शुरू हो रहा है. हमारा देश अब समृद्ध और सम्मानित होगा. मैं साफ़ तौर पर कहना चाहता हूं कि मैं हमेशा अमेरिका को प्राथमिकता दूंगा."
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
राष्ट्रपति बनने के पहले ही दिन ट्रंप क़रीब 100 कार्यकारी आदेशों (एग्ज़ीक्यूटिव ऑर्डर्स) पर हस्ताक्षर करने वाले हैं, जिनमें इमिग्रेशन, एनर्जी, इकॉनमी, जेंडर से जुड़े मुद्दे शामिल होंगे.
ऐसे में जानते हैं, डोनाल्ड ट्रंप के उद्घाटन भाषण की बड़ी बातें:
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
''अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर नेशनल इमरजेंसी''
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वो अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर नेशनल इमरजेंसी घोषित करेंगे. उन्होंने बताया कि इस संबंध में कार्यकारी आदेश (एग्ज़ीक्यूटिव ऑर्डर) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.
ट्रंप ने कहा कि अवैध प्रवेश को तुरंत रोका जाएगा और सरकार लाखों ''अवैध'' प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू करेगी.
इसके अलावा, "रिमेन इन मेक्सिको (मेक्सिको में रहो)" नीति को फिर से लागू करने और सीमा पर अधिक सैनिकों और संसाधनों की तैनाती की योजना का भी ज़िक्र किया.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि जल्द ही गल्फ़ ऑफ़ मेक्सिको का नाम बदलकर "गल्फ़ ऑफ अमेरिका" रखा जाएगा.

इमेज स्रोत, Getty Images
ट्रंप का पनामा नहर को लेकर चीन पर आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर को "एक मूर्खतापूर्ण तोहफ़ा'' बताया. उन्होंने दावा किया कि "पनामा नहर को चीन ऑपरेट कर रहा है.''
ट्रंप ने कहा, "हमने इसे चीन को नहीं दिया. हम इसे वापस लेंगे.''
भाषण के दौरान जब उन्होंने ऐसा कहा तो उनके समर्थकों ने तालियां बजाईं, जबकि बाइडन और कमला हैरिस बिना कोई प्रतिक्रिया दिए शांत बैठे रहे.
पिछले महीने डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा से कहा था कि वो पनामा नहर की फीस कम करे या तो उस पर नियंत्रण अमेरिका को वापस कर दे.
ट्रंप ने कहा था कि पनामा नहर चीन के लिए नहीं है. उन्होंने कहा था कि ये नहर ग़लत हाथों में चली गई है. हालांकि, पनामा के राष्ट्रपति ने इस बयान पर कहा था कि इस नहर पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चीन का नियंत्रण नहीं है.

''अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री मंगल ग्रह पर जाएंगे''
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में अमेरिका को नई ऊंचाइयों और बड़ी सफलताओं तक पहुंचाने की बात की. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपनी संपत्ति बढ़ाएगा, अपने क्षेत्र का विस्तार करेगा और मंगल ग्रह पर भी अपना झंडा फहराएगा.
उन्होंने कहा, "हम सितारों की ओर आगे बढ़ेंगे और मंगल ग्रह पर अमेरिकी झंडा फहराएंगे."

इमेज स्रोत, Getty Images
मध्य पूर्व पर क्या बोले ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वो मध्य पूर्व में शांति लाने वाले और सबको जोड़ने वाले नेता बनेंगे.
उन्होंने तीन इसराइली बंधकों का ज़िक्र किया, जिन्हें ग़ज़ा में हमास ने बंधक बना लिया था. रविवार को वो सभी बंधक अपने परिवार के पास पहुंच गए थे.
ट्रंप ने कहा, "अमेरिका अपनी सही जगह फिर से हासिल करेगा, जो दुनिया का सबसे महान, शक्तिशाली और सम्मानित देश होने की है. हमारा देश पूरी दुनिया को प्रेरित करेगा और प्रशंसा का केंद्र बनेगा.''
''सिर्फ़ दो जेंडर होंगे, पुरुष और महिला"
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि उनकी सरकार जाति और लिंग को सार्वजनिक और निजी जीवन के हर पहलू में शामिल करने की मौजूदा नीति को ख़त्म करेगी.
ट्रंप ने ये भी घोषणा की कि आज से अमेरिकी सरकार की आधिकारिक नीति होगी कि सिर्फ़ दो जेंडर हैं-पुरुष और महिला.
अपने भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडन प्रशासन और प्रवासी संकट को संभालने के तरीकों की कड़ी आलोचना की.
कूटनीतिक मामलों के बीबीसी संवाददाता पॉल एडम्स इस भाषण को दुनिया के लिए ट्रंप का कड़ा संदेश बताते हैं.
उनका मानना है कि ट्रंप के इस भाषण ने वैश्विक मंच पर अमेरिका की ताकत और संभावनाओं को उजागर करते हुए कड़ा संदेश दिया है. उन चुनौतियों के बारे में भी बात की जो अमेरिका के सामने हैं. ट्रंप ने टैरिफ़ पर भी अपना नज़रिया ज़ाहिर किया है. ट्रंप कहते हैं, "हम दूसरे देशों पर टैक्स और टैरिफ़ लगाकर अपने लोगों को समृद्ध बनाएंगे."
इसी के साथ राष्ट्रपति ट्रंप ने महंगाई और बढ़ती ऊर्जा की ज़रूरतों पर बात भी की, जो उनके पिछले कैंपेन का अहम मुद्दा रहा है.
उन्होंने कहा कि वो अपने कैबिनेट के सभी सदस्यों को निर्देश देंगे कि महंगाई को हराने और लागत और क़ीमतों को तेजी से कम करने के लिए हर संभव कोशिश करें.
ट्रंप ने ये भी घोषणा की कि वो 'नेशनल एनर्जी इमरजेंसी'' घोषित करेंगे और अपने प्रशासन में अमेरिका में तेल और गैस के खनन को तेज करने का वादा दोहराया.
उन्होंने कहा, अमेरिका फिर से एक 'मैन्युफ़ेक्चरिंग नेशन' बनेगा.
ट्रंप ने कहा कि हमारे पास दुनिया में सबसे ज्यादा तेल और प्राकृतिक गैस है, और हम इसका पूरा इस्तेमाल करेंगे. उन्होंने "ड्रिल बेबी ड्रिल" का नारा भी दिया.
ट्रंप की इस घोषणा का असर आने वाले समय में भारत पर भी पड़ेगा. तेल खपत में अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है. भारत अपनी ज़रूरत का क़रीब 80 फ़ीसदी तेल आयात करता है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















