दिल्ली: सीएम रेखा गुप्ता की कैबिनेट के इन 6 चेहरों को जानिए

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दिल्ली की शालीमार बाग सीट से बीजेपी की विधायक रेखा गुप्ता ने गुरुवार, 20 फरवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. रेखा गुप्ता दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनी हैं.
उनके साथ बीजेपी के छह और विधायकों ने शपथ ली. गुरुवार शाम तक उनके विभागों का भी एलान कर दिया गया.
रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री पद के अलावा सामान्य प्रशासन, सेवा, वित्त, राजस्व, महिला और बाल विकास, भूमि और भवन, सूचना और जनसंपर्क, सतर्कता, योजना और प्रशासनिक सुधार विभाग संभालेंगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक्स' पर दिल्ली की नई सीएम बनी रेखा गुप्ता को बधाई दी.
उन्होंने लिखा, "दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर श्रीमती रेखा गुप्ता जी को बधाई. वे ज़मीनी स्तर से उठकर आई हैं, कैंपस राजनीति, प्रदेश संगठन, नगर निगम प्रशासन में सक्रिय रहीं और अब विधायक और मुख्यमंत्री भी हैं."
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे लिखा, "मुझे विश्वास है कि वे पूरी ताकत से दिल्ली के विकास के लिए काम करेंगी. उन्हें सफल कार्यकाल के लिए मेरी शुभकामनाएं."

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रामलीला मैदान में रेखा गुप्ता के दिल्ली की मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद छह बीजेपी विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले विधायकों के नाम हैं- प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविन्द्र इन्द्राज सिंह, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह.
प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली सरकार में मंत्री बनने वाले इन विधायकों को भी शुभकामनाएं दी हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की बीजेपी सरकार में मंत्री बनने वाले विधायकों को जोश और अनुभव का बेहतरीन जोड़ बताया. उन्होंने कहा कि ये टीम निश्चित रूप से दिल्ली के लिए सुशासन सुनिश्चित करेगी.
कैसा रहा है दिल्ली में मंत्री बनने वाले इन बीजेपी विधायकों का राजनीतिक सफ़र? डालते हैं एक नज़र.
प्रवेश साहिब सिंह वर्मा

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प्रवेश वर्मा पीडब्ल्यूडी, विधायी मामले, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण, जल और गुरुद्वारा चुनाव विभाग संभालेंगे.
प्रवेश वर्मा नई दिल्ली सीट से विधायक चुने गए हैं. उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को 4 हजार 89 वोटों के अंतर से हराया.
प्रवेश वर्मा को कुल 30,088 वोट मिले, जबकि अरविंद केजरीवाल को 25,999 वोट मिले.
प्रवेश वर्मा भारतीय जनता पार्टी का पंजाबी और जाट चेहरा हैं. प्रवेश वर्मा 'राष्ट्रीय स्वयं' नाम का एक सामाजिक सेवा संगठन भी चलाते हैं.
प्रवेश वर्मा ने 2013 में पहली बार चुनाव लड़ा और महरौली से विधायक बने. वर्मा पश्चिमी दिल्ली से दो बार के सांसद भी रहे हैं.
आपराधिक मामलों की बात करें, प्रवेश वर्मा के खिलाफ एक आपराधिक मामला चल रहा है.
प्रवेश वर्मा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता दिवंगत साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं. यह परिवार दिल्ली के प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक है.
प्रवेश वर्मा के चाचा भी राजनीति में हैं. वह उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर रह चुके हैं और उन्होंने मुंडका से 2013 में विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था.
प्रवेश की पत्नी स्वाति सिंह मध्य प्रदेश के भाजपा नेता विक्रम वर्मा की बेटी हैं.
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी के पक्ष में नतीजे आने के बाद से ही प्रवेश वर्मा को सीएम की कुर्सी का प्रबल दावेदार माना जा रहा था. हालांकि, पार्टी ने रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री चुना.
आशीष सूद

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आशीष सूद को घर, बिजली, शहरी विकास और शिक्षा मंत्रालय दिया गया है.
वो जनकपुरी सीट से विधायक चुने गए हैं. उन्होंने आम आदमी पार्टी के प्रवीण कुमार को 18 हज़ार 766 वोटों के अंतर से हराया.
आशीष सूद को 68 हज़ार 986 वोट मिले, जबकि प्रवीण कुमार को 50 हज़ार 220 वोट मिले. आशीष सूद पहली बार विधायक बने हैं.
आपराधिक मामलों की बात करें, तो आशीष सूद के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है.
आशीष सूद दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के एक प्रमुख नेता हैं. सूद अपने कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में सक्रिय रहे. वे अखिल भारतीय विद्यार्धी परिषद (एबीवीपी) से भी जुड़े रहे.
साल 2002, में आशीष सूद भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) में शामिल हो गए. साल 2008 में उन्हें भाजपा दिल्ली का सचिव नियुक्त किया गया और 2009 में वे भाजपा दिल्ली के महासचिव बने.
साल 2012 में वो दक्षिण एमसीडी के पार्षद चुने गए थे. वे गोवा के लिए भाजपा के प्रभारी और पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई के सह-प्रभारी भी हैं.
मनजिंदर सिंह सिरसा

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मनजिंदर सिरसा को उद्योग, पर्यावरण विभाग मिला है.
राजौरी गार्डन से चुनाव जीतने वाले मनजिंदर सिंह सिरसा इसी सीट से इससे पहले भी दो बार विधायक रह चुके हैं.
इस बार के दिल्ली विधानसभा चुनाव में सिरसा ने आम आदमी पार्टी की ए धनवती को 18 हज़ार 190 वोटों के अंतर से हराया.
सिरसा को 64 हज़ार 132 वोट मिले, जबकि ए धनवती को 45 हज़ार 942 वोट मिले.
सिरसा बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव भी हैं. वे इससे पहले शिरोमणि अकाली दल से भी जुड़े रह चुके हैं.
आपराधिक मामलों की बात करें, तो मनजिंदर सिंह सिरसा के ख़िलाफ़ पांच आपराधिक मामले चल रहे हैं.
रविन्द्र इन्द्राज सिंह

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रविन्द्र इन्द्राज सिंह को सामाजिक कल्याण, एससी और एसटी कल्याण विभाग मिला है.
वो दिल्ली की बवाना सीट से विधायक बने हैं. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी के जय भगवान उपकार को 31 हज़ार 475 वोटों के अंतर से हराया.
रविन्द्र इन्द्राज सिंह को 1 लाख 19 हज़ार 515 वोट मिले, जबकि जय भगवान को 88 हज़ार 40 वोट मिले.
रविन्द्र इन्द्राज सिंह पहली बार विधायक बने हैं. रविन्द्र इन्द्राज सिंह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य भी हैं.
इनके खिलाफ कोई आपराधिक केस नहीं चल रहा है.
कपिल मिश्रा

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कपिल मिश्रा को कानून और न्याय, श्रम मंत्रालय मिला है.
करावल नगर सीट से वो दूसरी बार विधायक चुने गए हैं.
इस बार के चुनाव में कपिल मिश्रा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मनोज कुमार त्यागी को 23 हज़ार 355 वोटों के अंतर से हराया. कपिल मिश्रा को 1 लाख 7 हज़ार 355 वोट मिले, जबकि मनोज कुमार त्यागी को 84 हज़ार 12 वोट मिले.
पहली बार वो 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर करावल नगर सीट से विधायक बने थे.
कपिल मिश्रा आम आदमी पार्टी (आप) सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे. उन्होंने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार में जल संसाधन मंत्री के तौर पर काम किया. साल 2017 में उनके मंत्रालय के काम में अनियमितताओं के आरोपों के चलते उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था.
इसके बाद साल 2019 में कपिल मिश्रा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए.
अब वो दिल्ली की बीजेपी सरकार में मंत्री बनाए गए हैं. कपिल मिश्रा दिल्ली बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं.
आपराधिक मामलों की बात करें, तो कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ तीन आपराधिक मामले चल रहे हैं.
पंकज कुमार सिंह

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पंकज कुमार सिंह को स्वास्थ्य, परिवहन, आईटी विभाग मिला है.
वो विकासपुरी सीट से विधायक चुने गए हैं.
उन्होंने इस चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी के महिंदर यादव को 12 हज़ार 876 वोटों के अंतर से हराया.
पंकज कुमार सिंह को 1 लाख 35 हज़ार 564 वोट मिले, जबकि महिंदर यादव को 1 लाख 22 हज़ार 688 वोट मिले.
पहली बार विधायक बने पंकज कुमार सिंह दिल्ली प्रदेश पूर्वांचल मोर्चा के महामंत्री भी हैं. वे पार्षद रह चुके हैं.
48 साल के पंकज कुमार सिंह के पास डेंटिस्ट की डिग्री है. उन्होंने 1998 में बोधगया, बिहार की मगध यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ़ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) की डिग्री ली है. पंकज कुमार सिंह की पत्नी भी डेंटिस्ट हैं.
आपराधिक मामलों की बात करें, पंकज कुमार सिंह के ख़िलाफ़ एक आपराधिक मामला दर्ज है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित












