प्लेन बनाने वाली कंपनी बोइंग के भीतर इस कदर उठापटक क्यों है?

बोइंग विमान

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    • Author, थियो लेगेट
    • पदनाम, बिजनेस रिपोर्टर, बीबीसी न्यूज़

कैप्टन डेनिस ताजेर बोइंग 737 मैक्स उड़ाने का वर्णन कुछ इस तरह करते हैं, "ऐसा लगता है, जैसे मैं एक परेशान बच्चे को देख रहा हूँ."

अमेरिकी एयरलाइनों के पायलटों की यूनियन एलाइड पायलट एसोसिएशन के प्रमुख इस बात पर ज़ोर देते हैं कि अगर विमान सुरक्षित नहीं होगा तो वे उसमें कभी सवार नहीं होंगे.

उनका कहना है कि जिस विमान को मैं उड़ा रहा हूँ, उसकी गुणवत्ता को अब मैं और हल्के में नहीं ले सकता.

वो कहते हैं, ''मैं ऐसी सतर्क स्थिति में नहीं हूँ कि मुझे कभी भी बोइंग हवाई जहाज में नहीं चढ़ना पड़े.''

"मुझे भरोसा नहीं है कि उन्होंने उन प्रक्रियाओं का पालन किया है, जिन्होंने मुझे इससे पहले तीन दशकों से अधिक समय तक बोइंग हवाई जहाज पर सुरक्षित रखा."

बोइंग के 737 मैक्स विमान की समस्या क्या है?

डेनिस ताजेर

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वर्जीनिया के अर्लिंगटन में स्थित हवाई जहाज बनाने वाली इस दिग्गज कंपनी को ऐसा लगता है कि हर दिन कंपनी के लिए और अधिक बुरी ख़बरें आ रही हैं, जो कि नियामकों और एयरलाइंस के दबाव में आ रही हैं. इससे कंपनी की प्रतिष्ठा को काफ़ी नुक़सान पहुँचा है.

इस समस्या की शुरुआत जनवरी में शुरू हुई, जब पोर्टलैंड के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद एक नए बोइंग 737 मैक्स विमान में लगे आपातकालीन निकास द्वार टूटकर गिर गया.

यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक़ विमान में दरवाज़े को सुरक्षित रूप से जोड़ने के लिए बनाए गए चार बोल्ट लगाए नहीं गए थे.

ख़बरों के मुताबिक़ बोइंग इस घटना की आपराधिक जांच के साथ-साथ विमान में सवार यात्रियों की ओर से क़ानूनी कार्रवाई का सामना कर रही है.

हालांकि इस घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई लेकिन इस घटना का व्यापक असर हुआ. इसने हवाई जहाज बनाने वाली दिग्गज कंपनी के कॉर्पोरेट कल्चर और सुरक्षा के प्रति रवैये पर प्रकाश डाला.

उड़ान संख्या 1282

बोइंग का लोगो

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हर यात्री का सबसे बुरा सपना वह भयावह क्षण जब विमान का दरवाज़ा हवा में ही टूट गया.

पांच साल पहले बोइंग को अपने इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक का सामना करना पड़ा था. उस समय दो नए बोइंग 737 मैक्स विमान लगभग एक जैसी दुर्घटनाओं में नष्ट हो गए थे. इन हादसों में 346 लोगों की मौत हो गई थी.

इसका कारण उड़ान नियंत्रण सॉफ्टवेयर की खामी थी. बोइंग पर इस जानकारी को जानबूझकर नियामकों से छिपाने का आरोप लगा था.

कंपनी धोखाधड़ी के आरोपों के सेटलमेंट के लिए ढाई अरब डॉलर देने पर सहमत हुई थी. उसने धोखाधड़ी की बात भी स्वीकार की थी, हालांकि बाद में हुई अदालती सुनवाई में उसने औपचारिक रूप से ख़ुद को दोषी नहीं बताया. बोइंग पर आरोप लगाए गए उसने यात्रियों के जीवन से पहले अपने मुनाफ़े को तरजीह दी.

उसने सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. साल 2020 की शुरुआत में इसके नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी डेव कैलहौन ने वादा किया कि यह बेहतर हो सकता है.

लेकिन इस साल जनवरी में हुई घटना की जांच ने बोइंग की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सुरक्षा चिंताओं पर कैलहौन ने कहा, "हम धीमी रफ्तार से आगे बढ़ेंगे. हम सिस्टम में जल्दबाज़ी नहीं करेंगे और इसे दुरुस्त करने के लिए हम समय लेंगे."

एफ़एए की ऑडिट में क्या निकला

बोइंग 737 मैक्स

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इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी नियामक, फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने कहा कि बोइंग में 737 मैक्स की उत्पादन प्रक्रिया और उसके सप्लायर स्पिरिट एयरोसिस्टम्स की छह हफ्ते तक ऑडिट की गई. इसमें कई मामले ऐसे मिले, जहां कंपनियों ने निर्माण के गुणवत्ता नियंत्रण की ज़रूरतों का पालन नहीं किया.

इसके ठीक पहले विशेषज्ञों के एक पैनल ने बोइंग की सुरक्षा संस्कृति पर एक रिपोर्ट दी थी. समिति ने अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला था कि कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन और नियमित कर्मचारियों के बीच कोई संबंध नहीं था. इस बात के भी संकेत मिले की कर्मचारी कार्रवाई के डर से समस्याओं की जानकारी देने में झिझक रहे थे. इस रिपोर्ट के ठीक बाद ही ऑडिट रिपोर्ट आई है.

बोइंग के पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक एडम डिक्सन ने कभी 737 मैक्स परियोजना पर काम किया था. वे इस बात से सहमत हैं कि बोइंग के कारखाने में अधिकारियों और मज़दूरों के बीच एक खाई है.

वे कहते हैं, "पिछले एक दशक से भी अधिक समय से बोइंग की कार्य संस्कृति में भरोसा जहरीला है."

उनका दावा है, "आप सुरक्षा के क़दम उठा सकते हैं और प्रक्रियाएं जोड़ सकते हैं, लेकिन अविश्वास का बुनियादी मुद्दा उन बदलावों को क़रीब अप्रभावी बना देता है."

इस बीच इस हफ्ते इस बात के और सबूत सामने आए हैं कि उत्पादन संबंधी समस्याएं सुरक्षा को कैसे ख़तरे में डाल सकती हैं.

एफएए ने बोइंग को क्या चेतावनी दी है?

बोइंग 737 मैक्स

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एफएए ने चेतावनी देते हुए कहा है कि 737 मैक्स विमानों पर अनुचित तरीक़े से लगाए गए तारों के बंडल क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, इससे पंखों पर से नियंत्रण अप्रत्याशित रूप से हट सकता है, इससे विमान लुढ़कने लगेगा.

एफएए ने कहा है कि यदि इसका समाधान नहीं किया गया तो इससे हवाई जहाज का नियंत्रण खो सकता है. अब पहले से ही सेवा दे रहे सैकड़ों विमानों की जांच करनी पड़ेगी.

वहीं बोइंग ने कहा है कि वह एफएए ऑडिट के आधार पर तत्काल बदलावों को लागू करने और सुरक्षा और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए एक व्यापक कार्य योजना बनाने और अपने ग्राहकों और उनके यात्रियों का विश्वास को कायम करने पर काम कर रहा है.

लेकिन बोइंग के उत्पादन मानकों ती चिंताएं नई नहीं हैं.

व्हिसलब्लोअर की मौत से उठते सवाल

व्हिसलब्लोअर जॉन बार्नेट पिछले सप्ताहांत मृत पाए गए थे. उन्होंने 2010 से 2017 में अपनी रिटायरमेंट तक दक्षिण कैरोलाइना में बोइंग के कारखाने में काम किया था.

वे 787 ड्रीमलाइनर कार्यक्रम में गुणवत्ता प्रबंधक थे. उन्होंने दावा किया था कि अधिक से अधिक मुनाफ़ा कमाने के लिए विमानों को जल्द से जल्द बनाने की जल्दबाजी ने असुरक्षित प्रक्रियाओं को जन्म दिया है.

कई आरोपों के बीच उन्होंने बीबीसी को बताया कि कुछ मामलों में मज़दूरों ने दबाव में आकर जानबूझकर विमानों में घटिया सामान लगा दिए थे.

हालांकि बोइंग ने बार्नेट के दावों का खंडन किया. लेकिन कंपनी के ख़िलाफ़ जारी एक मुक़दमे में क़ानूनी सुनवाई के दौरान हुई उनकी असमय मौत ने उन पर नए तरह से ध्यान केंद्रित किया है.

एयरलाइनों की परेशानी

विमान निर्माण की इस दिग्गज कंपनी का संकट अब एयरलाइनों के लिए समस्या पैदा कर रहा है.

रेयान एयर ने चेतावनी दी है कि नए विमानों की डिलिवरी में देर होने की वजह से इस साल गर्मी में यूरोप में यात्री किराए बढ़ जाएंगे.

अमेरिकी विमानन कंपनी साउथवेस्ट इस साल अपनी क्षमता में कटौती की योजना बना रहा है, क्योंकि उसे ज़रूरी विमान नहीं मिल पा रहे हैं.

वहीं कुछ एयरलाइन बोइंग की जगह एयरबस के मॉडल हासिल करने का प्रयास कर सकते हैं. लेकिन अमेरिकी निर्माता से यूरोप तक ऑर्डर का थोक हस्तांतरण बिल्कुल अव्यावहारिक बात है.

दोनों कंपनियों के पास पहले से ही बहुत ऑर्डर हैं. एयरबस के पास 8,000 से अधिक विमानों का और बोइंग के पास 6,000 से अधिक विमानों का ऑर्डर है.

एयरलाइन कंपनियों को पहले से ही नए विमानों के लिए अपेक्षा से अधिक इंतज़ार करना पड़ रहा है. एयरबस की सप्लाई चेन की अपनी समस्याएं हैं, इससे विमानों की डिलिवरी में देरी होती है.

विमान निर्माण के बाज़ार पर चीन की नज़र

चीनी कंपनी कोमैक

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यहां एक तीसरा संभावित खिलाड़ी भी है. चीनी निर्माता कॉमैक ने C919 बनाया है.

इस विमान को 737 मैक्स और A320 नियो के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए डिजाइन किया गया है.

लेकिन यह परियोजना अभी शुरुआती अवस्था में है. कॉमैक 2028 तक हर साल केवल 150 विमान ही बनाएगा.

अगर दूसरे शब्दों में कहें तो बाजार के लिए ज़रूरी है कि बोइंग स्वस्थ हो और वह अपनी समस्याओं से जल्द निजात पाए, लेकिन क्या ऐसा हो सकता है?

फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी के कार्यकारी निदेशक एड पियर्सन के मुताबिक़ इससे जुड़े मामले जटिल तो हैं, लेकिन उनका समाधान किया जा सकता है.

वो कहते हैं, "बोइंग, उसके सप्लायर्स, एयरलाइंस और सरकारी एजेंसियां ​​इन चुनौतियों से पार पाने में सक्षम हैं, लेकिन इन समस्याओं के समाधान के लिए उठाया जाने वाला पहला कदम ईमानदार होना चाहिए."

"उन्हें यह स्वीकार करना होगा कि ये समस्याएं मौजूद हैं और सच्चाई को घुमाने-फिराने की कोशिशें बंद कर देनी चाहिए. जितना अधिक वे बातों को घुमाएंगे, समस्याओं के समाधान में उतना ही अधिक समय लगेगा और जोखिम उतना ही अधिक होगा."

बोइंग का कहना है कि पिछले सालों में उसने चीजों को दुरुस्त करने के लिए जरूरी समय लेने के लिए उसने उत्पादन धीमा करने, उत्पादन रोकने या डिलीवरी रोकने से कभी संकोच नहीं किया है.

उसका कहना है कि उसने एक 'स्पीक अप' कार्यक्रम शुरू किया है. यह कार्यक्रम कर्मचारियों को अपने मुद्दों को उठाने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिन मुद्दों पर ध्यान देने की ज़रूरत है.

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