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मोहम्मद सिराज के मज़बूत इरादों की आम से ख़ास बनने की कहानी
- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारत आठवीं बार एशिया का चैपियन बना. लेकिन 2023 के एशिया कप में मोहम्मद सिराज की पारी इतिहास में दर्ज हो गई है.
कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि इसकी लंबे समय तक प्रशंसा की जाएगी. रोहित ने कहा कि भारतीय तेज़ गेंदबाज़ काफ़ी वक़्त से बहुत कड़ी मेहनत कर रहे हैं.
फ़ाइनल मुक़ाबले में जब श्रीलंका ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया तो बादल छाए रहने की स्थिति को देखते हुए क्रिकेट के कई जानकारों ने आश्चर्य जताया.
टॉस के बाद बारिश आ गई, जिससे खेल क़रीब 40 मिनट देर से शुरू हुआ.
बारिश बहुत तो नहीं हुई लेकिन भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों को अपना पैनापन दिखाने के लिए माकूल माहौल मिल चुका था.
गेंदबाज़ी की कमान जसप्रीत बुमराह ने संभाली, उनकी गेंदें हवा में लहराते हुए टप्पा खाने के बाद दोनों तरफ़ स्विंग हो रही थीं.
सिराज का गोल्डन ओवर
पहले ही ओवर में बुमराह ने कुशाल परेरा को विकेट के पीछे कैच आउट करा दिया.
मैच का दूसरा ओवर सिराज डालने आए. इसी ओवर में उन्होंने आगे का ट्रेलर दिखा दिया. कुसाल मेंडिस सामने थे और सिराज उन्हें अपनी फुलर, लेंथ गेंद और एंगल्ड गेंदों से ऑफ़ स्टंप्स के बाहर बीट करते रहे तो रोहित शर्मा ने तीसरा स्लिप भी लगा दिया.
मैच का चौथा और सिराज का दूसरा ओवर वनडे क्रिकेट में अविस्मरणीय बन गया.
पहली गेंद पर सिराज ने प्रथुम निस्सांका को जडेजा के हाथ कैच आउट कराया. जडेजा ने पॉइंट पर डाइव लगा कर बेहतरीन कैच लपका. तो तीसरी गेंद सदीरा समरविक्रम की पैड पर जा लगी और वे एलबीडब्ल्यू करार दिए गए.
अगली गेंद पर ही सिराज ने चरित असालांका को कवर पर खड़े ईशान किशन के हाथों कैच आउट कराया. सिराज हैट्रिक पर थे लेकिन धनंजय डी सिल्वा ने अगली गेंद मिड ऑन से बाउंड्री लाइन के बाहर पहुंचाया.
अगली ही गेंद पर धनंजय को सिराज ने अपनी गुड लेंथ गेंद से चौंकाया. धनंजय गेंद अपने शरीर से दूर खेलना चाहते थे लेकिन वो बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए विकेटकीपर केएल राहुल के दस्ताने में चली गई.
इस ओवर में सिराज ने चार विकेट लिए और आधी श्रीलंकाई टीम केवल 12 के स्कोर पर पविलियन लौट गई.
इसके बाद सिराज ने अपना पांचवां और छठा विकेट लिया तो श्रीलंका के बाक़ी तीन विकेट हार्दिक पंड्या ने झटक लिए.
विपक्षी कप्तान और वसीम अकरम क्या बोले?
मैच के बाद श्रीलंकाई कप्तान दसुन शनाका ने आसमान में बादल की वजह से तेज़ गेंदबाज़ों को मिल रही मदद को स्वीकारते हुए सिराज की जम कर तारीफ़ की.
वे बोले कि सिराज ने जिस तरह इस मैच को लिया और प्रदर्शन किया वो काबिले तारीफ़ है.
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और तेज़ गेंदबाज़ वसीम अकरम ने तो ये तक कह दिया कि भारत वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा दावेदार है.
अकरम ने कहा, “ये भारतीय टीम की ताक़त की नुमाइश थी और यह टीम अपने ही मैदानों पर खेले जाने वाले आगामी वर्ल्ड कप में जीत की सबसे प्रबल दावेदार है.”
मैच के बाद मोहम्मद कैफ़ ने सिराज के करियर की पहली पारी को याद करते हुए कहा, सिराज की मैच जिताऊ 6/21 की पारी के दिन उनके डेब्यू पर 0/76 की गेंदबाज़ी को याद कीजिए. सिराज ने सबको बताया है कि आप कैसे कमबैक कर सकते हैं.”
सिराज क्या बोले?
मैच के बाद सिराज बोले, “पिच तो बहुत ही अच्छी थी और गेंद विकेट पर स्विंग हो रही थी.“
एक ही ओवर में चार विकेट लेने पर सिराज ने कहा, “मुझे पहले इतनी स्विंग नहीं मिल रही थी जितनी आज मिली. मुझे आउटस्विंग गेंदों पर विकेटें मिली, जो आमतौर पर नहीं मिला करती हैं. तो मैंने कोशिश की कि मेरी गेंदें बल्लेबाज़ अधिक से अधिक खेले... यह प्रदर्शन एक सपने की तरह है.”
मोहम्मद सिराज ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ बने. ट्रॉफ़ी और ईनाम की रक़म देने के लिए उन्हें बुलाया गया तो उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ की कैश प्राइज़ को ग्राउंड्स मैन को डोनेट करने का एलान कर दिया.
फ़ाइनल में क्या हुआ?
मोहम्मद सिराज अपनी गेंदों से श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों पर ऐसे कहर बन कर टूटे कि छह बार की यह चैंपियन टीम महज 15.2 ओवरों में 50 रन बना कर ऑल आउट हो गई.
श्रीलंकाई विकेटकीपर बल्लेबाज़ कुसल मेंडिस ने इस मैच में टीम के लिए एक तिहाई रन बनाए. उन्होंने सर्वाधिक 17 रनों की पारी खेली. वहीं दुशान हेमंता ने भी 13 रन का योगदान दिया.
इसके अलावा कोई भी श्रीलंकाई बल्लेबाज़ दहाई का आँकड़ा पार नहीं किया. पांच बल्लेबाज़ अपना खाता तक नहीं खोल सके.
भारत की ओर से मैच का पहला विकेट जसप्रीत बुमराह ने लिया. मोहम्मद सिराज ने सात ओवर में 21 रन देकर छह विकेट लिए तो हार्दिक पंड्या ने 2.2 ओवर में तीन रन देकर तीन विकेट लिए.
51 रनों के लक्ष्य के सामने भारत की ओर से शुभमन गिल के साथ ईशान किशन ने ओपनिंग का मोर्चा संभाला. नियमित ओपनर कप्तान रोहित शर्मा ख़ुद नहीं उतरे.
ईशान और गिल ने नाबाद रहते हुए टीम को 10 विकेट से जीत दिला दी.
गिल 27 और ईशान 23 रन बनाकर नाबाद रहे. भारतीय टीम ने 6.1 ओवर में ही मैच जीत लिया.
रिकॉर्ड बुक
यह वनडे क्रिकेट के किसी भी फ़ाइनल मैच का न्यूनतम स्कोर है. इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के नाम था जो उनसे शारजाह में इसी श्रीलंकाई टीम के ख़िलाफ़ साल 2000 में बनाया था. तब भारतीय टीम ने फ़ाइनल में 54 रन बनाए थे.
पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह ने अपने ट्वीट में उस मैच को याद किया.
इतना ही नहीं यह भारत के ख़िलाफ़ वनडे में किसी भी टीम का न्यूनतम स्कोर का रिकॉर्ड भी है. इससे पहले यह रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाम था जो 2014 के मीरपुर वनडे में 58 रन पर ऑल आउट हो गई थी.
मोहम्मद सिराज की कहानी
हैदराबाद के एक बहुत ही साधारण परिवार में पले बढ़े मोहम्मद सिराज के पिता ऑटो ड्राइवर थे तो माँ दूसरे घरों का काम करती थीं.
1994 में जन्मे सिराज को कभी क्रिकेट अकेडमी जाने का मौक़ा नहीं मिला.
छोटी सी उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू करने वाले सिराज की रूचि पहले बल्लेबाज़ी में थी लेकिन बाद में उन्होंने गेंदबाज़ी पर फ़ोकस किया.
उनकी लगन तब रंग लाना शुरू की जब 2015 में वे 21 साल की उम्र में हैदराबाद की रणजी टीम के लिए चुने गए. नौ मैचों में 18.92 की औसत से 41 विकेटें चटका कर उस साल वे तीसरे सबसे सफल गेंदबाज़ रहे.
दो साल रणजी ट्रॉफ़ी में खेलने के बाद सिराज को 2017 में एक बड़ा मौक़ा मिला. रणजी में अपने प्रदर्शन की बदौलत सिराज आईपीएल के लिए खिलाड़ियों की नीलामी की रेस में आ गए.
जब बेस प्राइस से 13 गुना क़ीमत मिली
आईपीएल की बोली के दौरान सनराइज़र्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंज़र्स बैंगलोर की टीमों के बीच उन्हें अपनी टीम में शामिल करने की होड़ लग गई.
आख़िरकार सनराइज़र्स हैदराबाद ने उन्हें ख़रीद लिया, वो भी लंबी चली बोली के बाद 13 गुना अधिक क़ीमत पर. तब सिराज का बेस प्राइस 20 लाख रुपये रखा गया था लेकिन उन्हें 2.6 करोड़ रुपये की क़ीमत मिली थी.
आईपीएल के लिए चुने जाने पर सिराज ने एक इंटरव्यू में कहा था कि यह सपना सच होने जैसा है. बड़ी रक़म पर चुने जाने पर सिराज ने कहा था, “यह मेरी उम्मीदों से परे था. मुझे ऐसी उम्मीद तो बिल्कुल ही नहीं थी कि इतने बड़ी रक़म पर चुना जाउंगा.”
आईपीएल की पारी 2017 में सनराइज़र्स हैदराबाद से शुरू करने वाले सिराज ने उस टूर्नामेंट के आख़िरी लीग मुक़ाबले में चार विकेटें चटकाईं.
अगले साल ही रॉयल चैलेंज़र्स बैंगलोर ने उन्हें आख़िरकार ख़रीद ही लिया और तब से वे लगातार इसी टीम के लिए आईपीएल में खेल रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय टी20
आईपीएल में पहले साल खेलने के बाद अपनी शानदार गेंदबाज़ी की बदौलत कुछ ही महीनों बाद सिराज ने भारत की टी20 टीम में जगह बना ली.
न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ उन्हें मौक़ा मिला, उन्होंने कप्तान केन विलियम्सन के रूप में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट भी लिया लेकिन मैच में बहुत महंगे साबित हुए.
लगातार तीन मैचों में औसत प्रदर्शन के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय टी20 में खेलने का मौक़ा क़रीब साढ़े तीन साल बाद. अब भी अंतरराष्ट्रीय टी20 में भारतीय टीम में उनकी नियमित जगह नहीं है.
वनडे में सिराज का यह साल
सिराज जब 2019 में भारतीय टीम के लिए चुने गए तब जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी टीम के मुख्य गेंदबाज़ थे. लिहाजा मैच में जब तीसरे तेज़ गेंदबाज़ की ज़रूरत पड़ती, तब ही सिराज को मौक़ा मिला करता था.
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एडिलेड अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय में डेब्यू करने वाले सिराज ने अपने पहले मैच में 10 ओवरों में बगैर विकेट लिए 76 रन लुटाए. तब तीन साल बाद 2022 में उन्हें दूसरा वनडे खेलने का मौक़ा मिला.
सही लाइन और लेंथ पर अपनी सटीक गेंदों से सिराज ने विपक्षी टीम के शीर्ष बल्लेबाज़ों को जब परेशान करना और विकेटें निकालनी शुरू की तो उनकी उपयोगिता बढ़ती गई और वे बीते साल से भारतीय टीम के लिए लगभग लगातार खेल रहे हैं.
अब तक 29 मैच में सिराज 53 विकेटें ले चुके हैं. इस साल सिराज का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है. वे आईपीएल में कामयाब रहे हैं. तो इस साल अब तक खेले गए 12 वनडे में 29 विकेटें निकाल चुके हैं.
ड्रीम ईयर
सिराज के लिए यह ड्रीम ईयर है. उन्होंने एशिया कप के फ़ाइनल में अपने वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. आईपीएल में 78 विकेटें ली हैं. तो इस लीग में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 19 विकेटें हासिल कीं. बहुत संभव है कि अगले साल वो आईपीएल में 100 विकेटें चटकाने वाले चुनिंदा गेंदबाज़ी के क्लब से जुड़ जाएं.
21 टेस्ट मैचों में सिराज के नाम जो 59 विकेटें हैं उनमें से 40 ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमों के ख़िलाफ़ ली गई हैं.
वहीं इसी साल जब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में भारतीय बल्लेबाज़ पूरी तरह नाकाम रहे, तो सिराज ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में चार विकेट लीं जो पांच दिवसीय मैच के इस प्रारूप में उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन है. उन्होंने इस प्रदर्शन से ये भी बताया कि उनकी गेंदें बड़ी टीमों के ख़िलाफ़ कितनी मारक हैं.
आ रहा है वर्ल्ड कप
अब आगे ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वनडे सिरीज़ और वर्ल्ड कप 2023 आ रहे हैं.
सिराज के सामने चुनौती बड़ी है लेकिन अपनी मेहनत और बलखाती गेंदों के बूते उन्होंने जिस तरह एशिया कप के फ़ाइनल में प्रदर्शन किया है, उससे उम्मीदें बहुत बढ़ गई हैं.
जसप्रीत बुमराह की टीम में वापसी हो चुकी है, सिराज भी लय में दिख रहे हैं. कुलदीप विकेटें निकाल रहे हैं.
गेंदबाज़ी की अगुवाई कर रही इस तिकड़ी के लिए डग आउट में शमी जैसा वरिष्ठ अनुभवी मौजूद है जो मौक़ा मिलने पर अपनी छाप छोड़ने में उस्ताद रहे हैं.
तो टीम इंडिया का बॉलिंग डिपार्टमेंट तो दुरुस्त दिख रहा है. उसे स्थिरता और निरंतरता अपनी बल्लेबाज़ी में बनानी होगी. ऐसा कर सके तो निश्चित रूप से भारतीय टीम आगामी वर्ल्ड कप में जीत की सबसे प्रबल दावेदार होगी.
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