फ़ैसल करीम मसूद कौन हैं, जिनकी उस्मान हादी हत्या मामले में बांग्लादेश पुलिस को है तलाश

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बांग्लादेश में छात्र नेता और इंक़लाब मंच के संयोजक शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या के प्रमुख अभियुक्त के तौर पर फ़ैसल करीम मसूद का नाम सामने आ रहा है.
बांग्लादेश की पुलिस के मुताबिक़ उस्मान हादी को गोली मारने की घटना में शामिल दो लोगों की पहचान कर ली गई है. पुलिस ने कहा है कि ये दो लोग हैं - फ़ैसल करीम मसूद और मोहम्मद आलमगीर शेख़.
ख़बरों में कहा जा रहा है कि फ़ैसल और उनके सहयोगी आलमगीर शेख़ ने हादी को गोली मारने के बाद किसी दूसरे देश में शरण ले ली है. हालांकि बांग्लादेश पुलिस के डिटेक्टिव ब्रांच ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
बांग्लादेश पुलिस ने बीबीसी बांग्ला को बताया है कि हादी की हत्या के मामले में पुलिस ने मसूद और आलमगीर शेख़ के परिवार के कुछ सदस्यों समेत 13 लोगों को गिरफ़्तार किया है.
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लेकिन पुलिस अभी तक इस बारे में कोई पुख़्ता जानकारी नहीं दे पाई है कि मसूद और उनके सहयोगी आलमगीर शेख़ कहां हैं. हालांकि बीबीसी बांग्ला के मुताबिक़ कई सोशल मीडिया पोस्ट में कहा जा रहा है कि दोनों भारत भाग गए हैं.
शरीफ़ उस्मान हादी 12 दिसंबर को ढाका में हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
बेहतर इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर भेजा गया था लेकिन इलाज के दौरान 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई.
इसके बाद बांग्लादेश में व्यापक रूप से प्रदर्शन और हिंसा हुई थी.
कौन हैं फ़ैसल करीम?

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बांग्लादेश पुलिस के डिटेक्टिव ब्रांच के प्रमुख शफीक़ुल इस्लाम ने बीबीसी बांग्ला से कहा कि पुलिस ने ऐसी पोस्ट्स देखी है और इसमें ये कहा जा रहा है कि फ़ैसल करीम हादी की हत्या के बाद भारत भाग गए हैं. लेकिन अभी तक इनकी पुष्टि नहीं हुई है.
ये भी कहा गया है कि उनका देश से भागना संभव नहीं है क्योंकि उनके पासपोर्ट ब्लॉक कर दिए गए हैं.
बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन और पुलिस ने हादी की हत्या के मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ़्तार किया है.
इनमें मसूद के माता-पिता, पत्नी और पत्नी के भाई का शामिल है . इसके अलावा मसूद की एक गर्लफ़्रेंड को भी गिरफ़्तार किया गया है.
इससे पहले मसूद ने मोबाइल पर अपनी पत्नी, पत्नी के भाई और अपनी गर्ल फ़्रेंड से कई बार बात की थी.
बीबीसी बांग्ला के मुताबिक जांच अधिकारियों को पता चला है कि मसूद ने हादी पर गोली चलाई थी.
पुलिस के मुताबिक़ तीनों को पूछताछ के लिए दो चरणों में कुल नौ दिनों की रिमांड पर भेजा गया है.
इसके अलावा, हमले से पहले और बाद में अलग-अलग तरीकों से सहयोग करने के आरोप में आठ और लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
बीबीसी बांग्ला के अनुसार कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने मानव तस्करी गिरोह के दो सदस्यों को भी गिरफ़्तार किया है.
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया था कि रैपिड एक्शन बटालियन हादी पर हुए हमले में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल के असली मालिक बताए जा रहे अब्दुल हन्नान को गिरफ़्तार किया था.
रैपिड एक्शन बटालियन के मुताबिक़, हमले में इस्तेमाल मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक हन्नान को गिरफ़्तार कर पलटन थाने के हवाले किया गया .
हन्नान ने पुलिस को बताया कि वह अपनी बाइक पहले ही बेच चुका था और उसके बाद बाइक के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी.
पुलिस का कहना था कि संदिग्धों ने हेलमेट पहनकर बहुत नज़दीक से उस्मान हादी पर गोली चलाई थी.
इस बीच, बांग्लादेश में नेशनल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू ने वाणिज्यिक बैंकों को निर्देश दिया है कि उस्मान हादी की हत्या के संदिग्ध फै़सल करीम मसूद और उनकी आईटी कंपनी 'एप्पल सॉफ्ट आईटी लिमिटेड' के सभी बैंक खातों को फ्रीज किया जाए.
बीबीसी बांग्ला के मुताबिक़ पुलिस ने बताया कि फ़ैसल करीम मसूद और उनके सहयोगी आलमगीर शेख़ प्रतिबंधित संगठन छात्र लीग की राजनीति से जुड़े थे.
छात्र लीग शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग का स्टूडेंट विंग है. इस संगठन पर अक्तूबर 2024 में प्रतिबंध लगा दिया गया था.
इसके अलावा मीडिया में मसूद के बारे में कई कयास लगाए जा रहे हैं लेकिन पुख़्ता जानकारी बहुत कम सामने आ रही है.
कौन थे शरीफ़ उस्मान हादी

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हादी पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ उग्र छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे.
वह शेख़ हसीना विरोधी इंकलाब मंच के सदस्य थे. फ़रवरी में होने वाले चुनावों के लिए वो भी संभावित उम्मीदवार थे और हमले के समय ढाका-8 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर प्रचार कर रहे थे.
इंकलाब मंच पिछले साल जुलाई में हुए बांग्लादेश छात्र आंदोलन के दौरान चर्चा में आया था.
इस समूह को कट्टरपंथी संगठन कहा गया है और यह अवामी लीग को कमजोर करने की कोशिशों में आगे रहा है.
छात्र आंदोलन में भूमिका के बावजूद, यूनुस सरकार ने इस मंच को भंग कर दिया था और राष्ट्रीय चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी.
बांग्लादेश में छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा से भारत विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं.
हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बड़े पैमाने पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए.
पिछले सप्ताह देश के दो प्रमुख अख़बारों 'प्रोथोम आलो' और 'डेली स्टार' के दफ़्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई.
'सेवन सिस्टर्स' को अलग-थलग करने की धमकी

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इससे पहले बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के सदर्न चीफ़ ऑर्गेनाइजर हसनत अब्दुल्लाह ने कहा था कि भारत के उच्चायुक्त को देश से बाहर निकाल देना चाहिए था.
हसनत अब्दुल्लाह ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर बांग्लादेश को अस्थिर किया गया तो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों 'सेवन सिस्टर्स' को अलग-थलग कर दिया जाएगा.
इसके बाद भारत ने दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज़ हमिदुल्लाह को तलब कर ढाका में भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जताई थी.
2024 अगस्त में शेख़ हसीना के अपदस्थ होने के बाद से बांग्लादेश और भारत के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं.
शेख़ हसीना के सत्ता से बेदख़ल होने के बाद बांग्लादेश में भारत की भूमिका पर काफ़ी बहस हो रही है. बांग्लादेश के कई नेता भारत की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं.
इस समय शेख़ हसीना भारत में रह रही हैं. उनके बेटे सजीब वाज़ीद जॉय ने आरोप लगाया है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार एक इस्लामी शासन स्थापित करने की कोशिश कर रही है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.















