एआई से जुड़े वे कोर्स, जो एक अच्छा करियर और सैलरी दे सकते हैं

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एआई सिर्फ़ नौकरियां ले नहीं रहा है बल्कि इसकी वजह से नौकरी के कई नए मौके भी बन रहे हैं (सांकेतिक तस्वीर)
    • Author, प्रियंका झा
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • पढ़ने का समय: 8 मिनट

ऑफिस हो, घर हो या फिर दोस्तों की बैठक, इन दिनों एक सवाल सभी के दिमाग़ में घूम रहा है. एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या हमारी नौकरियां ले सकता है?

और ये चिंता सिर्फ एंट्री लेवल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि ऊंचे पदों पर बैठे सीनियर लोगों को भी परेशान कर रही है.

सवाल ये कि अगर एआई हमारे काम तेज़ी से और कम लागत में कर सकता है तो इंसानों और उनकी नौकरियों का क्या होगा?

इस सवाल का स्पष्ट जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है. लेकिन इतना तय है कि एआई अब भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है.

मोबाइल फोन से लेकर बैंकिंग सिस्टम, ऑनलाइन शॉपिंग, सोशल मीडिया और हेल्थकेयर तक हर जगह एआई काम कर रहा है.

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई सिर्फ़ नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नई नौकरियां भी पैदा करेगा.

जनवरी 2026 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एक रिपोर्ट के मुताबिक एआई के कारण दुनियाभर में लाखों नई नौकरियां बनी हैं.

12वीं पास करने के बाद अगर कोई एआई फ़ील्ड में करियर बनाना चाहे तो शुरुआत सही कोर्स चुनने से होती है.

करियर कनेक्ट में आज हम ऐसे टॉप पांच एआई कोर्स बताएंगे, जो मज़बूत करियर और अच्छी सैलरी की दिशा में पहुंचा सकते हैं.

क्या होता है एआई?

एआई क्या होता है

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, एआई का मतलब है मशीनों की वह क्षमता जिससे लगे कि वे इंसानी दिमाग़ की तरह काम कर रहे हैं (सांकेतिक तस्वीर)
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

आपको ये सोचकर कभी हैरानी हुई है कि आपका फ़ोन कैसे आपके चेहरे को पहचानता है, कोई स्ट्रीमिंग सर्विस ये कैसे समझ लेती है कि आपको कौन सी फ़िल्म पसंद आएगी या फिर कोई कार ड्राइवर के बिना कैसे चल सकती है? इन सभी सवालों का जवाब है आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस यानी एआई.

शिव नाडर यूनिवर्सिटी में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के हेड प्रोफ़ेसर आकाश सिन्हा एआई को आसान भाषा में समझाते हुए कहते हैं, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आप ऐसे समझिए कि मशीन या कंप्यूटर की ऐसी क्षमता, जिससे ऐसा लगे कि वो इंसानों की तरह ही सोचने-समझने के काबिल है."

वह कहते हैं रोज़मर्रा की लाइफ़ में देखें तो आप जहां भी कंप्यूटर-मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं, उसके पीछे आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस काम कर रहा है.

वह कहते हैं, "जब आप यूट्यूब खोलते हैं तो आपको कौन सा वीडियो दिखाया जाएगा, यह कोई व्यक्ति बैठकर तय नहीं करता. इसके पीछे एआई एल्गोरिदम काम करता है. फेसबुक पर कौन सा पोस्ट दिखेगा, कौन सा विज्ञापन आएगा, या बैंकिंग लेनदेन में धोखाधड़ी कहां हो सकती है, इन सबका विश्लेषण एआई करता है."

समय के साथ एआई सिस्टम लगातार सीखते और बेहतर होते जाते हैं, ठीक वैसे ही जैसे इंसान अनुभव से सीखते हैं, वो भी सीख रहे हैं. यही वजह है कि इसे कई नौकरियों के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है.

एआई और नौकरियां

एआई के पांच टॉप कोर्स

दिल्ली में टेक पॉलिसी फ़ोकस्ड थिंकटैंक इसिया सेंटर की डायरेक्टर और जानी-मानी एआई एक्सपर्ट मेघना बल कहती हैं, ''एआई उन लोगों के लिए ख़तरा नहीं है, जो खुद को अपडेट रखते हैं. बल्कि यह उनके लिए मौका है, जो टेक्नोलॉजी को समझकर उसके साथ काम करना सीख लेते हैं.''

मेघना बल कहती हैं कि कुछ बेसिक लेवल कोर्स तो सभी को करने चाहिए. कई कोर्स तो सरकार के 'SWAYAM' पोर्टल के ज़रिए फ्री में भी किए जा सकते हैं. इसके अलावा जेनरेटिव एआई के टूल को कैसे इस्तेमाल करें, इसका फंडामेंटल कोर्स सभी को करना चाहिए.

वो कहती हैं, "मशीन लर्निंग के बेसिक कॉन्सेप्ट, अप्लाइड मशीन लर्निंग के बेसिक कॉन्सेप्ट से जुड़ा कोर्स कर सकते हैं, जो आपको बताएगा कि मशीनें कैसे काम करती हैं. एआई अप्लाइड ऑन बिज़नेस एंड डेटा एनालिटिक्स जैसे कोर्स भी कर सकते हैं. इससे ये समझ आएगा कि डेटा को कैसे हैंडल करना है. एक हो सकता है, एआई रिलेटेड टू प्रॉडक्ट एंड स्ट्रैटेजी मैनेजमेंट, जो बताते हैं कि प्रॉडक्ट से जुड़े, स्ट्रैटेजी से जुड़े, मैनेजमेंट से जुड़े फ़ैसले कैसे लेने हैं. उनमें एआई कैसे इस्तेमाल होगा. ये एक अच्छा कोर्स हो सकता है.''

"एआई साइबर सिक्योरिटी से कैसे जुड़ सकता है, ये भी एक स्पेशलाइज़्ड कोर्स है, लेकिन ये ख़ासतौर पर इंजीनियर के लिए कोर्स होता है. साइबर सिक्योरिटी और रोबोटिक्स जैसे कोर्स इंजीनियरिंग में करियर को आगे बढ़ाने का भरपूर मौका देंगे."

मगर किसी को करियर ही एआई में बनाना हो तो प्रोफ़ेसर सिन्हा उनके लिए पांच बेस्ट कोर्स का सुझाव देते हैं, जो मज़बूत विकल्प हो सकते हैं.

  • एमबीए/पीजी डिप्लोमा इन एआई एंड बिज़नेस एनालिटिक्स: ये कोर्स उनके लिए बेहतर है जो बिज़नेस, मैनेजमेंट और कॉमर्स बैकग्राउंड से हैं और जो एआई स्ट्रैटेजी, एनालिटिक्स और प्रोडक्ट मैनेजमेंट में जाना चाहते हैं. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट (IIMs), इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस, और अपग्रैड, या ग्रेट लर्निंग जैसी एडुटेक कंपनियों के साथ जुड़कर ये कोर्स किया जा सकता है. फ़ीस होती है करीब ढाई से सात लाख रुपये, जो कॉलेज और संस्थान के हिसाब से अलग हो सकती है. और कोर्स करने के बाद संभावित सैलरी छह से बीस लाख रुपये के बीच हो सकती है. ये भी कंपनी और पोस्ट पर निर्भर करता है.
  • एआई सर्टिफ़िकेट प्रोग्राम (ऑनलाइन): ये भी Udacity या दूसरे ऑनलाइन एडुटेक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है. प्रोफ़ेसर सिन्हा कहते हैं कि इसकी फीस डेढ़ लाख रुपये के आसपास है. ये उन लोगों के लिए है, जो एकदम शुरुआती चरण में हैं और फ्लेक्सिबल लर्निंग के साथ एआई की बुनियादी समझ बनाना चाहते हैं. ये कोर्स करने के बाद भी सालाना सैलरी 10 लाख तक मिल सकती है.
  • एमसीए/एम टेक इन एआई एंड मशीन लर्निंग: आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और कई दूसरे प्रमुख विश्वविद्यालय से ये कोर्स किया जा सकता है. इसके अलावा आईआईटी में एआई से जुड़े कई क्रैश कोर्स भी उपलब्ध हैं. मास्टर्स की फ़ीस सालाना एक लाख से दस लाख के बीच हो सकती है. मगर ये कोर्स करने के बाद सालाना सैलरी 22 लाख रुपए तक मिल सकती है. ये कोर्स उनके लिए है जो एक मज़बूत टेक्नोलॉजी विशेषज्ञता चाहते हैं.
  • बीएससी/बीटेक इन एआई एंड डेटा साइंस: दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, एमिटी यूनिवर्सिटी, सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज, एनआईटी जैसे बड़े संस्थानों से ये कोर्स किया जा सकता है. पूरे प्रोग्राम की फ़ीस एक लाख से बीस लाख रुपए के बीच हो सकती है. संभावित सैलरी सालाना 6 से 18 लाख रुपये तक जा सकती है. ये कोर्स उनके लिए बेहतर है, जो ग्रेजुएशन के दौरान ही एआई में विशेषज्ञता चाहते हैं.
  • एआई बूटकैंप और इंडस्ट्री प्रोग्राम: आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे और कई बड़े निजी संस्थान में ये कोर्स उपलब्ध है. फ़ीस करीब 1 लाख से साढ़े तीन लाख रुपये हो सकती है. कोर्स के बाद संभावित पैकेज 6 से 18 लाख रुपए या उससे ज़्यादा हो सकता है. ये कोर्स करियर बदलने वाले प्रोफ़ेशनल के लिए है और साथ ही उन कामकाजी लोगों के लिए भी, जो एआई में अपस्किल होना चाहते हैं.

प्रोफ़ेसर सिन्हा बताते हैं कि सीनियर एआई रोल में सैलरी 25 से 40 लाख रुपये या उससे ज़्यादा भी मिल सकती है. ख़ास तौर पर बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे टेक हब और ग्लोबल टेक कंपनियों में.

इन नौकरियों पर रहेगा एआई का कम असर

जानकार कहते हैं कि एआई का ख़तरा उन पेशों पर कम होगा, जहां इंसानी कनेक्ट की ज़रूरत होगी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, जानकार कहते हैं कि एआई का ख़तरा उन पेशों पर कम होगा, जहां इंसानी कनेक्ट की ज़रूरत होगी (सांकेतिक तस्वीर)

इनवेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट में ये कहा गया है कि एआई से साल 2030 तक दुनियाभर में 30 करोड़ फुल-टाइम जॉब रिप्लेस हो जाएंगी.

लेकिन जानकार मानते हैं कि हर वो फ़ील्ड, जहां भी एक एक्सपर्ट की ज़रूरत हो, अनुभव की ज़रूरत हो...उनका एआई से रिप्लेस होना मुश्किल है या इसमें अभी समय लगेगा. इसलिए ऐसा ज़रूरी नहीं कि सिर्फ़ एआई के कोर्स करके ही करियर को फ्यूचर रेडी बनाया जा सकता है.

मेघना बल कहती हैं, "नर्स, हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल, फिज़ियोथेरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, टीचर के काम एआई नहीं कर पाएगा. इन कामों के लिए इंसान ही चाहिए. ह्यूमन कनेक्शन के बिना लोग सिर्फ ऑटोमेटेड जवाबों से संतुष्ट नहीं होंगे."

"इसके अलावा क्रिएटिव डायरेक्टर्स हैं, लेखक हैं या कॉन्टेंट स्ट्रैटेजिस्ट. जहां भी क्रिटिकल थिंकिंग की ज़रूरत होगी, उन कामों में एआई मदद कर सकता है, लेकिन इनकी जगह नहीं ले सकता. मगर जिन कामों में कुछ नया नहीं है, जो हर बार एक ही तरह से किए जाते हैं, उन्हें आसानी से एआई कर लेगा."

वहीं प्रोफ़ेसर आकाश सिन्हा कहते हैं, "चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, नर्स, एआई इंजीनियर, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, वकील...करियर इन्ही पांच-छह फील्ड में लोग सिक्योर हैं, बशर्ते कि आप इसमें अपनी विशेषज्ञता कायम रखें. आप खुद एआई टूल का इस्तेमाल करना सीखें, ताकि काम जल्दी कर सकें."

हालांकि, वो करियर के इन विकल्पों को भी पूरी तरह एआई से सुरक्षित नहीं मानते.

प्रोफ़ेसर सिन्हा कहते हैं, "जहां पर भी आपको एक एक्सपर्ट के तौर पर देखा जाएगा, वहां आपकी नौकरी सुरक्षित है. क्योंकि एआई पर किसी एक्सपर्ट के लेवल जितना भरोसा आते-आते लोगों को समय लगेगा. अगर इन्हीं करियर में आप एंट्री या मिड लेवल पर हैं तो आपकी नौकरी पर ख़तरा है. ऐसे में आप आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के टूल इस्तेमाल कर अपने काम को बेहतर बनाएं और नौकरी को सुरक्षित रखें."

बीबीसी के लिए कलेक्टिवन्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.