बांग्लादेश: उस्मान हादी के हत्यारे क्या देश से फ़रार हो गए?

शरीफ उस्मान हादी

इमेज स्रोत, Osman Hadi / Facebook

इमेज कैप्शन, शरीफ उस्मान हादी की 18 दिसंबर को मौत हो गई थी

बांग्लादेश में इंक़लाब मंच के नेता शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या के मामले में जांच कर रही एजेंसी डिटेक्टिव ब्रांच ने कहा है कि उसे अभी ये नहीं पता कि हत्या के मुख्य अभियुक्त देश में हैं या नहीं.

डिटेक्टिव ब्रांच (डीबी) के प्रमुख शफीकुल इस्लाम ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि उन्हें अभी भी मालूम नहीं है कि शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या के मामले में मुख्य अभियुक्त फैसल करीम मसूद और उनके सहयोगी आलमगीर शेख बांग्लादेश से भागकर किसी दूसरे देश में शरण ले चुके हैं या नहीं.

उन्होंने कहा कि मुख्य संदिग्धों के सही ठिकाने का पता लगाने के लिए जांच अभी भी जारी है.

इंक़लाब मंच ने हादी के हत्यारों को पकड़ने के लिए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.

बांग्लादेश के छात्र नेता शरीफ़ उस्मान हादी की मौत के बाद राजधानी ढाका के कई इलाक़ों में गुरुवार को हिंसा भड़क गई थी.

प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को कहा था, 'अगर गृह मामलों के सलाहकार मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी और मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक ख़ुदा बख्श चौधरी 21 दिसंबर की शाम तक इस मुद्दे पर जानकारी देने में विफल रहते हैं तो उन्हें 24 घंटे के भीतर इस्तीफ़ा देना होगा.'

डिटेक्टिव ब्रांच के प्रमुख इस्लाम ने बीबीसी बांग्ला को बताया, "हमने घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति और घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल किए गए हथियार और मोटरसाइकिल बरामद कर लिए हैं. कई अभियुक्तों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. उनसे पूछताछ के बाद, अब हम अन्य अभियुक्तों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं."

पुलिस ने क्या कहा?

शरीफ उस्मान हादी
इमेज कैप्शन, शरीफ़ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़की हुई है

वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियुक्त फैसल करीम मसूद और उनके सहयोगी आलमगीर शेख प्रतिबंधित छात्र लीग की राजनीति में शामिल थे.

पुलिस ने कहा कि हादी की हत्या के मामले में अब तक एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य अभियुक्त के परिवार के कई सदस्य भी शामिल हैं.

लेकिन जांच करने वाली एजेंसी ने मसूद और उनके सहयोगी आलमगीर शेख के ठिकाने के बारे में अब तक कोई खास जानकारी नहीं दी है.

हालांकि, सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में दावा किया गया है कि वे दोनों भारत भाग गए हैं.

इस्लाम ने बीबीसी बांग्ला से कहा, "हमने ये पोस्ट देखे हैं. लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है."

14 दिसंबर को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया था कि उन्हें डेटाबेस में हादी पर हमला करने वालों के देश से भाग जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.

पुलिस ने दावा किया था कि उनके लिए कानूनी रूप से देश से भागना संभव नहीं था क्योंकि उनके पासपोर्ट पहले ही ब्लॉक कर दिए गए थे.

लेकिन जांच में जुटी पुलिस के पास इस बात की कोई साफ जानकारी नहीं है कि हत्या के मामले में मुख्य अभियुक्त अवैध रूप से सीमा पार करके किसी दूसरे देश में चले गए हैं या नहीं.

किसे गिरफ्तार किया गया है?

शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या के मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है.

गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य अभियुक्त फैसल करीम मसूद के पिता, माता, पत्नी और साले शामिल हैं. इसके अलावा, मसूद की प्रेमिका को भी गिरफ्तार किया गया है.

जांच अधिकारियों को पता चला कि मसूद ने हादी को गोली मारने से पहले अपने मोबाइल फोन पर अपनी पत्नी, प्रेमिका और साले से कई बार बात की थी.

उन तीनों को पूछताछ के लिए दो चरणों में नौ दिनों के लिए रिमांड पर भेजा गया है.

इसके अलावा, हमले से पहले और बाद में अलग-अलग तरीकों से सहयोग करने के आरोप में आठ और लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

इंक़लाब मंच ने दिया था ये अल्टीमेटम

शरीफ उस्मान हादी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, इंकलाब मंच हादी की हत्या के मामले में लगातार सरकार से सवाल कर रहा है
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

शरीफ़ उस्मान हादी 12 दिसंबर को ढाका में हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया था. लेकिन 18 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.

शनिवार को हादी को ढाका विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की समाधि के बगल में दफनाया गया.

इसी दौरान इंक़लाब मंच ने उस्मान हादी के हत्यारों को पकड़ने के लिए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.

बीबीसी बांग्ला के अनुसार, उस्मान हादी के अंतिम संस्कार के दौरान हुई सभा मे इंकलाब मंच के सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने सरकार से पूछा, "आपने उस्मान हादी के हत्यारों को पकड़ने के लिए क्या किया?"

उन्होंने कहा कि 'अगर इस मुद्दे को सामने नहीं लाया गया तो गृह मामलों के सलाहकार मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी और मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक ख़ुदा बख्श चौधरी को 24 घंटे के भीतर इस्तीफ़ा देना होगा.'

इस दौरान उस्मान हादी के भाई अबू बक्र सिद्दीक़ी ने शनिवार को अंतिम संस्कार से पहले हुई प्रार्थना सभा के दौरान पूछा, "राजधानी में दिनदहाड़े उस्मान हादी को गोली मारने के बाद उनके हत्यारे कैसे फरार हो गए?"

उन्होंने कहा, "सात-आठ दिन बीत जाने के बाद भी हत्यारों को पकड़ना क्यों संभव नहीं हो पाया है? उन्होंने यह भी मांग की कि उस्मान हादी के हत्यारों पर जल्द से जल्द मुक़दमा चलाया जाए."

उन्होंने कहा, "शरीफ़ उस्मान हादी मेरे भाइयों में सबसे छोटा था और आज हमें उसका शव ले जाना पड़ रहा है."

कौन थे हादी उस्मान?

शरीफ उस्मान हादी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, शरीफ़ उस्मान हादी छात्र नेता थे

पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ उग्र छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे.

वह शेख़ हसीना विरोधी इंकलाब मंच के सदस्य थे. फ़रवरी में होने वाले चुनावों के लिए वो भी संभावित उम्मीदवार थे और हमले के समय ढाका-8 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर प्रचार कर रहे थे.

इंकलाब मंच पिछले साल जुलाई में हुए बांग्लादेश छात्र आंदोलन के दौरान चर्चा में आया था.

इस समूह को कट्टरपंथी संगठन कहा गया है और यह अवामी लीग को कमजोर करने की कोशिशों में आगे रहा है.

छात्र आंदोलन में भूमिका के बावजूद, यूनुस सरकार ने इस मंच को भंग कर दिया था और राष्ट्रीय चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी.

हालांकि, मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस, सलाहकार परिषद के सदस्यों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोग शनिवार को दोपहर आयोजित उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए.

बांग्लादेश के अख़बार दैनिक ट्रिब्यून के अनुसार, मोहम्मद यूनुस ने कहा, "हादी, आप कभी भुलाए नहीं जाएंगे. कोई भी आपको भूल नहीं पाएगा. पीढ़ियों तक आप हमारे साथ रहेंगे. आज हम यहां ये वादा करने आए हैं कि जिस चीज़े के लिए आप खड़े रहे, उसे हम पूरा करेंगे. सिर्फ़ हम नहीं बल्कि बांग्लादेश की जनता ये ज़िम्मेदारी लेगी."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.