कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी पर हिमंत के आरोप और गोगोई का जवाब, क्यों इतने आक्रामक हैं मुख्यमंत्री

गौरव गोगोई अपनी पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न के साथ (फ़ाइल फ़ोटो)

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    • Author, दिलीप कुमार शर्मा
    • पदनाम, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए

असम की सियासत प्रदेश के दो बड़े नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप की वजह से काफ़ी गर्म है. प्रदेश के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता हिमंत बिस्वा सरमा, जोरहाट से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी पर हमलावर हैं.

हिमंत और उनकी पार्टी के नेता, गौरव गोगोई की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न की विदेशी नागरिकता को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं और उनके पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने के आरोप लगा रहे हैं.

वहीं गौरव गोगोई ने कहा है कि कुर्सी खोने के डर से हिमंत ऐसे हास्यास्पद आरोप लगा रहे हैं.

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हिमंत के आरोप

हिमंत बिस्वा सरमा

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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार, 13 फ़रवरी को अपने आरोप दोहराते हुए एक्स पर लिखा, "2015 में भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने पहली बार बने सांसद (गौरव गोगोई) और उनके स्टार्टअप, पॉलिसी फॉर यूथ को नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया था. उल्लेखनीय बात यह है कि यह सांसद उस समय विदेशी मामलों की संसदीय समिति तक के सदस्य नहीं थे. जिससे उनके पाकिस्तानी उच्चायोग जाने की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं. गोगोई ऐसे वक़्त में पाकिस्तानी उच्चायोग गए जब भारत ने अपने अंदरूनी मामलों में उच्चायोग के दख़ल और हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के नेताओं से उसके संपर्क करने को लेकर आधिकारिक विरोध जताया था."

मुख्यमंत्री ने ये भी लिखा कि इस मुलाक़ात फ़ौरन बाद 'द हिंदू' में प्रकाशित लेख में सांसद के स्टार्टअप ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) की आलोचना करते हुए अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों से निपटने के उनके तरीक़ों पर एतराज़ जताया.

गोगोई के संसद की कार्रवाई के दौरान पूछे गए प्रश्नों का ज़िक्र करते हुए हिमंत ने उनकी मंशा पर सवाल उठाए और इशारा किया कि संवेदनशील रक्षा मामलों की तरफ़ उनका ध्यान लगातार बढ़ रहा है.

उन्होंने इस पोस्ट में ये भी लिखा कि ये सभी डेवलपमेंट उनकी एक ब्रितानी महिला से शादी के बाद होने शुरु हुए. उन महिला का प्रोफ़ेशनल बैकग्राउंड और भी कई संदेहों को जन्म देता है.

इससे पहले हिमंत ने एक और पोस्ट में लिखा था, "आईएसआई से संबंधों, युवाओं को ब्रेनवॉश करने और कट्टरपंथी बनाने के लिए पाकिस्तानी दूतावास में ले जाने तथा पिछले 12 वर्षों से भारतीय नागरिकता लेने से इनकार करने के आरोपों से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब दिए जाने की आवश्यकता है."

इससे पहले बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा था, "विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख और आईएसआई से संबंध पाए गए हैं. यह बेहद चिंताजनक है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है. इसलिए उम्मीद है कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और गौरव गोगोई पाकिस्तान और आईएसआई के साथ उनके संबंधों के बारे में स्पष्ट करेंगे."

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के जवाब

गौरव गोगोई

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इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गौरव गोगोई ने पीटीआई से कहा, "बीजेपी के पास कोई मुद्दा ही नहीं है. वो झूठे आरोपों पर निर्भर रहते हैं. मुझे लगता है कि भारत के लोग राजनीतिक रूप से बहुत सक्रिय हैं. वो जानते हैं कि असत्य क्या है. बीजेपी झूठ फैलाते जाए हम तो अपना काम करते जाएंगे. आने वाले साल में असम में विधानसभा चुनाव हैं, हम असम से जुड़े मुद्दे उठाते जाएंगे."

उन्होंने इससे पहले समाचार एजेंसी एएनआई से कहा था कि प्रदेश सरकार पर कई भ्रष्टाचार के आरोप हैं और उनसे ध्यान हटाने के लिए हिमंत ये अजीबोग़रीब आरोप लगा रहे हैं.

उन्होंने कहा, "अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की आईएसआई की एजेंट है तो मैं भारत की रॉ का एजेंट हूं. मुझे फर्क नहीं पड़ता अगर कोई ऐसा परिवार मुझ पर आरोप लगाए जिस पर खुद ही कई गंभीर आरोप लगे हैं."

कौन हैं सांसद गोगोई की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न

एलिज़ाबेथ कोलबर्न

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ब्रिटेन में जन्मी एलिज़ाबेथ कोलबर्न से गौरव गोगोई की मुलाकात 2010 में हुई थी जब वे दोनों संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की एक समिति में एक साथ इंटर्नशिप कर रहे थे.

एलिज़ाबेथ का परिवार लंदन में बसा है. तीन साल बाद यानी 2013 में गौरव गोगोई ने नई दिल्ली में एलिज़ाबेथ से शादी कर ली.

एक जानकारी के अनुसार एलिज़ाबेथ ने मार्च 2011 से जनवरी 2015 तक सीडीकेएन (क्लाइमेट डेवलपमेंट एंड नॉलेज नेटवर्क) के साथ काम किया था.

सीडीकेएन की वेबसाइट के अनुसार यह संस्था ग़रीब और जलवायु परिवर्तन के प्रति सबसे सबसे अधिक संवेदनशील लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में काम करती है.

एलिज़ाबेथ इस संस्था के लिए भारत-पाकिस्तान और नेपाल में काम कर चुकी हैं.

जलवायु परिवर्तन से जुड़े उनके कई लेख सीडीकेएन की वेबसाइट पर अब मौजूद है.

एलिज़ाबेथ ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातक की पढ़ाई की है.

वह इस समय ऑक्सफ़ोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट से जुड़ी हुई हैं, जो जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए काम करती है.

सांसद गौरव गोगोई ने 2024 के आम चुनाव में जो हलफ़नामा दाखिल किया है उसमें पत्नी के काम की जानकारी के तौर पर उन्हें ऑक्सफ़ोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में वरिष्ठ सलाहकार बताया गया है.

हिमंत इतने आक्रामक क्यों हैं?

हिमंता बिस्वा सरमा

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असम में क़रीब चार दशकों से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार बैकुंठ नाथ गोस्वामी ने इस मामले पर बीबीसी से कहा, " गौरव गोगोई के साथ हिमंत की पुरानी रंजिश है, क्योंकि प्रदेश के पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के तीसरे कार्यकाल में हिमंत (तब वो कांग्रेस में थे) उम्मीद लगाकर बैठे थे कि आगे उन्हें सीएम बनने का मौका मिलेगा. लेकिन तरुण गोगोई ने 2014 में अपने बेटे गौरव गोगोई को लोकसभा चुनाव में खड़ा कर राजनीति में एंट्री करवा दी. इस समय गौरव असम में एक बड़े नेता हैं. क्योंकि हिमंता ने गौरव की पुरानी लोकसभा सीट कलियाबोर को परिसीमन के तहत खत्म कर दिया था ताकि गौरव मुसलमानों के वोट से जीत न सकें. लेकिन गौरव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में हिंदू बहुल जोरहाट सीट से जीत दर्ज कर हिमंता को बड़ा झटका दे दिया. लिहाजा गौरव असम में सीएम सरमा के बड़े प्रतिद्वंद्वी बनकर सामने आ गए है."

असम विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता देवव्रत सैकिया ने कहा कि बीजेपी सरकार केवल आरोप लगाकर गुमराह की राजनीति करती है.

वो कहते है, "अगर इस मामले में बीजेपी के लोगों को कुछ गैर-कानूनी लग रहा था तो सरकार तो उनकी है. उनके पास तो खुफिया तंत्र से लेकर सारी ताकत है. दरअसल हमारी पार्टी के नेता सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के भ्रष्टाचार, ज़मीन घोटाले और सिंडिकेट के कारनामों को उजागर करते रहे हैं. लिहाजा अब वो सांसद पर झूठे आरोप लगाकर लोगों के बीच गौरव की छवि को खराब करना चाहते हैं. वो पहले भी ऐसा कर चुके है लेकिन सफल नहीं हो पाए है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित

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