जन्म से ही तीन साल तक दराज़ में छिपाई गई बच्ची की मां को जेल

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- Author, कैटी बार्नफील्ड और इवान गॉन
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
ब्रिटेन में एक मां ने अपनी बच्ची को जन्म के बाद से तीन साल तक एक दराज़ में छिपा कर रखा था. इस महिला को सात साल और छह महीने की सज़ा सुनाई गई है. अदालत ने इसे 'अत्यधिक लापरवाही' माना है.
इस बच्ची के वकील का कहना है, ''उसने कभी उजाला नहीं देखा, कभी ताज़ी हवा में सांस नहीं ली.''
बच्ची के बारे में पता ही तब चला, जब घर पर एक मेहमान आए थे और उन्होंने बच्ची के रोने की आवाज़ सुनी.
बच्ची की सुरक्षा के लिए न तो उसकी और न उसके परिवार के किसी सदस्य की पहचान बताई गई है.
इस मामले की सुनवाई चेस्टर क्राउन कोर्ट में हुई थी. जहां इस मां को सज़ा सुनाई गई थी. इस दौरान बच्ची की मां ने बच्ची के प्रति क्रूरता के चार आरोप स्वीकार किए.
(चेतावनी: इस कहानी में आगे कुछ ऐसी बातें हैं जो कुछ लोगों को विचलित कर सकती हैं)

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जज स्टीवन एवरेट ने कहा कि महिला ने इस बच्ची को किसी भी तरह के स्नेह और देखभाल से वंचित रखा है. महिला ने बच्ची को न पर्याप्त भोजन दिया और न ही पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई.
उन्होंने कहा, "एक बच्ची को उस कमरे में ज़िंदा लाश की तरह जीने के लिए मजबूर थी."
'नहीं दिया जाता था पर्याप्त खाना'

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अदालत ने कहा कि इस मां ने बच्ची की मौजूदगी को उसके भाई-बहनों तक से छिपाकर रखा.
मां ने इस बच्ची के जन्म की बात को अपने पार्टनर से भी छिपा कर रखा था.
क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के रशेल वर्थिंग्टन ने कहा कि जब बच्ची मिली तो उसने नाम पुकारे जाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
अदालत को बताया गया कि वह बच्ची बहुत कुपोषित थी. वह सिर्फ़ सात महीने की दिखती थी, जबकि असल में वह तीन साल की थी. वह इतनी कमज़ोर थी कि उसे दूध में मिला हुआ खाना खिलाया जाता था.
उसे बोलने में परेशानी के अलावा कई अन्य समस्याएं भी थी, जिनका उसकी मां ने इलाज नहीं कराया था.
बच्ची के साथ यह अपराध साल 2020 की शुरुआत से हो रहा था और साल 2023 की शुरुआत तक चलता रहा. वह तब मिली, जब घर में आने वाले किसी व्यक्ति ने सीढ़ियों पर उसका शोर सुना.
अदालत को क्या बताया?

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बच्ची के मिलने के बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता को घर में बुलाया गया. जब वह बेडरूम में गई, तो उसने जो देखा उससे वह बहुत डर गई.
उन्होंने बताया कि बच्ची के बाल बहुत उलझे हुए थे और उसकी त्वचा पर छाले पड़े हुए थे. उन्होंने लड़की की मां से पूछा कि क्या वह उसे यहां रखती हैं?
जिसपर उनकी मां ने जवाब दिया कि हां मैं इसे दराज़ में रखती हूं.
उन्होंने आगे कहा, "मैं हैरान हो गई यह देखकर कि मां ने कोई दुख या पछतावा नहीं दिखाया. साथ ही मुझे यह जानकर और भी डर लगा कि बच्ची ने अपनी मां के अलावा केवल मुझे ही देखा था."
अदालत को बताया गया कि दूसरे बच्चों की तुलना में उस बच्ची का विकास अच्छी तरह से नहीं हुआ क्योंकि उसकी उचित देखभाल नहीं की गई थी.
अब यह बच्ची दूसरे परिवार के साथ रह रही है .
पुलिस के साथ बातचीत में महिला ने बताया कि उसे पता ही नहीं था कि वह गर्भवती है और जब उसने बच्चे को जन्म दिया तो वह बहुत डरी हुई थी.
महिला ने पुलिस को बताया कि वह लड़की उसके 'परिवार का हिस्सा नहीं' थी.
मां अपने दूसरे बच्चों के बारे में बात करते हुए रोने लगी. उन्होंने बताया कि वह पहले अपने बच्चों की अच्छी तरह से देखभाल करती थी, लेकिन अब वे उसके साथ नहीं रहते.
जज एवरेट ने कहा, "मैंने अपनी 46 साल की ज़िंदगी में इससे बुरा मामला कभी नहीं देखा."
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