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यमन में हूती विद्रोहियों पर इसराइली हमला: मध्य पूर्व के इलाक़े के अन्य गुट क्या कह रहे हैं?
तेल अवीव पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में इसराइल ने यमन के हूती विद्रोहियों को निशाना बनाते हुए यमन के अल हुदैदाह बंदरगाह पर शनिवार को बड़ा हवाई हमला किया है.
हुदैदाह बंदरगाह ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के नियंत्रण में हैं. इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है और अस्सी से अधिक घायल हुए हैं.
हूती विद्रोहियों के मुताबिक़ इसराइल ने बंदरगाह पर तेल डिपो और ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया है.
हमले के कई घंटों बाद भी बंदरगाह से आग की लपटें उठती रहीं, जिन्हें दूर से भी देखा जा सकता था.
इसराइल का कहना है कि ये हमला हूती विद्रोहियों के तेल अवीव पर किए गए ड्रोन हमले के जवाब में किया गया है. इस हमले में एक इसराइली नागरिक की मौत हुई थी.
इसराइल के 1800 किलोमीटर दूर यमन के हुदैदाह पर हमले के बाद मध्य पूर्व में सक्रिय अन्य गुट और ईरान समर्थित गुट प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
लेबनान के हिज़बुल्लाह ने कहा है कि उसे लगता है कि इसराइल के इस बेवकूफ़ाना क़दम से समूचे क्षेत्र में चल रहे बेहद महत्वपूर्ण संघर्ष में एक अहम मोड़ आ गया है.
वहीं इराक़ के मिलिशिया क़ताइब हिज़बुल्लाह ने कहा है कि ये हवाई हमले यमन के लोगों को फ़लस्तीनियों का मज़बूत समर्थन करने से रोकने के लिए किया गया कायराना प्रयास हैं.
वहीं सीरियाई सरकार ने भी इसराइल को इन हवाई हमलों के संभावित परिणामों को लेकर चेताया है.
प्रतिक्रियाएं देने वाले ये समूह बीते साल सात अक्तूबर को इसराइल और हमास के बीच ग़ज़ा में युद्ध शुरू होने के बाद से ही अलग-अलग तरीक़ों से इसराइल के ख़िलाफ़ या तो बयान देते रहे हैं या फिर हिंसक कार्रवाई में शामिल रहे हैं.
तेल अवीव पर ड्रोन हमला
इसराइल ने हुदैदाह के बंदरगाह पर ये बड़ा हवाई हमला तेल अवीव पर हुए ड्रोन हमले के एक दिन बाद किया.
तेल अवीव पर ये ड्रोन हमला दुर्लभ था क्योंकि एयर डफेन्स सिस्टम से लैस इसराइल अधिकतर ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराता है.
इसराइली सेना का कहना था कि यमन के सैंकड़ों ड्रोन और मिसाइलों ने इसराइली ज़मीन को निशाना बनाया जिस के जवाब में सेना ने फ़ाइटर जेट से हूती सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया.
हूती विद्रोहियों का जवाब
इसराइल के हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने कहा है कि उनका समूह किसी आक्रामकता से नहीं डरता और वो इस आक्रामकता का जवाब देंगे.
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुलसलाम ने कहा है कि हूती विद्रोहियों का इसराइल से टकराव अब एक ऐसा 'खुला युद्ध' हो जाएगा जिसमें हूती विद्रोही युद्ध के किसी नियम का पालन नहीं करेंगे.
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार अब्दुलसलाम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इसराइल ने तेल स्टोरेज डिपो और पावर स्टेशन को निशाना बनाया है. उन्होंने लिखा कि ये हमले लोगों की परेशानी बढ़ाने और यमन के ग़ज़ा के लिए समर्थन को कम करने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं.
अब्दुलसलाम ने ये भी कहा कि यमन के लोगों के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ना इसराइल के लिए आसान नहीं होगा.
ग़ज़ा में संघर्ष शुरू होने के बाद से ही हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में इसराइल से सामान ला रहे या उसकी तरफ़ सामान ले जा रहे जहाज़ों को निशाना बनाते हुए कई हमले किए हैं.
हूती विद्रोहियों ने इसराइल पर सीधे ड्रोन और मिसाइल हमले के प्रयास भी किए हैं.
अब्दुलसलाम ने कहा है कि हूती विद्रोही फ़लस्तीनी लोगों के समर्थन में ऐसा कर रहे हैं.
हिज़्बुल्लाह की प्रतिक्रिया
लेबनान का ताक़तवर समूह हिज़्बुल्लाह भी ग़ज़ा में संघर्ष शुरू होने के बाद से ही इसराइल के उत्तर में लेबनान से सटी उसकी सीमा पर इसराइली सेना के साथ लगातार झड़पों में लगा हुआ है.
इस हमले के बाद हिज़बुल्लाह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. इस गुट ने कहा है कि इसराइल के ये क़दम बेवकूफ़ाना है.
एक बयान जारी कर हिज़बुल्लाह ने कहा है कि इस हमले से समूचे क्षेत्र में जारी संघर्ष का नया और अहम चरण शुरू हो गया है.
हिज़बुल्लाह का बयान हूती समूह के पक्ष में उसका विश्वास दिखाता है और इसराइल के ख़िलाफ़ संघर्ष में उसकी भूमिका की सराहना भी करता है.
उसके अनुसार यमन में मौजूद हूती ईरान समर्थत ऐसे समूह हैं जिन्हें वो ‘सपोर्ट फ्रंट्स’ या ‘यूनिटी ऑफ़ फ्रंट्स’ कहता है.
हिज़बुल्लाह ने कहा है कि इसराइल-हमास संघर्ष में कई और ईरान समर्थित समूह भी अलग-अलग मोर्चों पर हिस्सा ले रहे हैं.
इस बयान के अलावा, हिज़बुल्लाह की वेबसाइट अल मनार ने एक लेख में कहा है कि तेल अवीव का आसमान यमन के विमानों के लिए खुल गया है और इसराइली टैंक हिज़बुल्लाह के हथियारों के निशाने पर हैं.
कताइब हिज़बुल्लाह का रीएक्शन
वहीं इराक़ी मिलिशिया समूह कताइब हिज़बुल्लाह ने टेलीग्राम पर एक बयान जारी करते हुए कहा है कि "इसराइली हमले यमन के पुरुषों को फ़लस्तीनियों की मदद करने से रोकने के लिए किया गया एक दयनीय प्रयास हैं."
अपने बयान में इस समूह ने कहा, "यमन के लोगों और उनके नेताओं के पास अहंकारी ताक़तों को रोकने के लिए प्रबल इच्छाशक्ति और ताक़त है और वो इसराइली सुरक्षाबलों को शर्मिन्दा करने में सक्षम हैं, जैसा कि उन्होंने पहले लाल सागर में अमेरिकियों के साथ किया था."
कताइब हिज़बुल्लाह ने कहा है, "यमन के नागरिक इलाक़ों पर यहूदी इसराइल का हमला कुछ नहीं, बस इसराइल के कन्फ़्यूज़न का सबूत है और इस हमले से इसराइल के अपने अहंकार को स्थापित करने का प्रयास है. फ़लस्तीनी लोगों के समर्थन में लड़ रहे समूहों ने इसराइल के इसी अहंकार को नेस्तनाबूद कर दिया था."
सीरियाई सरकार ने क्या कहा?
सीरियाई सरकार ने भी इसराइल के इस हमले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
सीरियाई सरकार मौखिक रूप से तो ईरान समर्थित समूहों का साथ देती है लेकिन वो अपने पुराने दुश्मन इसराइल पर सीधा हमला करने से बचती है.
अब सीरियाई सरकार ने एक बयान जारी कर हुदैदाह पर हमले के संभावित परिणामों से इसराइल को चेताया है.
सीरियाई सरकार ने रविवार को कहा है कि ये हवाई हमले मध्य पूर्व के क्षेत्र में इसराइल का तनाव बढ़ाने वाला क़दम हैं.
हमले की आलोचना करते हुए सीरियाई सरकार ने हूती विद्रोहियों की तारीफ़ की और उनके प्रति समर्थन ज़ाहिर किया.
इसराइल सीरिया के इलाक़ों पर भी हवाई हमले करता रहा है. इसराइल ने सीरिया के भीतर सरकारी सैन्य बलों, उसके सैन्य ठिकानों और ईरान समर्थित माने जाने वाले लड़ाकों पर हमले किए हैं.
ऐसे हमलों के बाद सीरिया इसराइल की आलोचना में बयान जारी करता रहा है.
इस साल जुलाई में ही सीरिया समर्थक लेबनानी अख़बार अल-अख़बार ने सीरियाई सरकार के इसराइल के ख़िलाफ़ लड़ाई में सक्रिय ना होने पर लेख लिखा था.
अख़बार ने लिखा था, "इस पर पहले दिन से ही सहमति थी कि सीरिया समर्थक मैदान तो होगा लेकिन समर्थक मोर्चा नहीं बनेगा और इसराइल के ख़िलाफ़ कोई सीधा क़दम उठाने की ज़रूरत सीरिया को नहीं थी."
अख़बार ने ये भी कहा था कि सीरिया में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान समर्थित हमलों का ना सीरियाई सरकार विरोध करती है और ना ही इनमें अड़चन डालती है.
हूती विद्रोहियों के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार देर शाम बताया कि इन हवाई हमलों में मरने वालों की तादाद बढ़कर छह पहुंच गई है जबकि तीन लोग लापता हैं और अस्सी से अधिक घायल हैं.
इसराइल के एफ़-35 और एफ़-15 विमानों ने क़रीब 1,800 किलोमीटर का सफ़र तय करके हुदैदाह पर हमला किया है.
इसराइल ने इससे पहले हूती विद्रोहियों पर कभी सीधे तौर पर हमला नहीं किया था और ना ही इतनी दूरी तक हवाई हमला किया था.
ये हमला करने से पहले इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट ने बैठक भी की थी.
हमले के बाद इसराइली सेना ने एक बयान जारी कर कहा, "सेना कहीं भी कार्रवाई करने में सक्षम है और इसरािलियों को ख़तरे में डालने वाली किसी भी ताक़त पर हमला करेगी."
वहीं इसराइली रक्षा मंत्री योआव गैलांट ने कहा, "हूती विद्रोहियों ने हम पर 200 से अधिक बार हमला किया. पहली बार उन्होंने किसी इसराइली नागरिक को नुकसान पहुंचाया, हमने उन पर हमला किया. और हम ऐसा हर उस जगह करेंगे, जहां इसकी ज़रूरत होगी."
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