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योगेश्वर दत्त पर जमकर बरसे विनेश, बजरंग और साक्षी, कहा- बृजभूषण को जेल भेजकर लेंगे दम
ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने योगेश्वर दत्त पर ग़लतबयानी का आरोप लगाया है. तीनों पहलवानों ने कहा है कि योगेश्वर दत्त ने ग़लत जानकारी दे रहे हैं.
पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने शनिवार को क़रीब 40 मिनट का एक फेसबुक लाइव किया और पहलवान योगेश्वर दत्त पर पलटवार किया.
तीन पहलवानों ने आरोप लगाया कि योगेश्वर दत्त ने 'देश की महिलाओं के विरोध में' काम किया है. योगेश्वर दत्त कभी भी 'महिलाओं के समर्थन में खुलकर सामने नहीं आए' हैं.
साक्षी, विनेश और बजरंग ने कहा कि उनकी लड़ाई बेटियों के न्याय के लिए है. ये आज के लिए नहीं बल्कि भविष्य के लिए है.
उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि स्पॉन्सरशिप सीधे पहलवान को मिलनी चाहिए न कि उसका पैसा फेडेरेशन के पास जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि बृजभूषण इसे रोक रहे थे.
साक्षी मलिक ने कहा कि महिला पहलवानों ने ट्रायल न देने से जुड़ी कोई चिट्ठी कमिटी में नहीं दी है, बल्कि उन्होंने कमिटी से केवल थोड़ा वक्त मांगा था. इससे पहले योगेश्वर ने कहा था कि महिला पहलवानों ने इंडियन ओलंपिक असोसिएशन की एड-हॉक कमिटी को चिट्ठी लिखकर ट्रायल में छूट मांगी थी.
योगेश्वर दत्त ने इंडियन ओलंपिक असोसिएशन (आईओए) की एड-हॉक कमिटी के उस फ़ैसले से नाराज़ होकर सवाल उठाए हैं, जिसमें रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को ओलंपिक क्वालिफिकेशन ट्रायल में छूट दी गई है.
बजरंग, विनेश और साक्षी के आरोप
बजरंग पूनिया ने कहा-
- योगेश्वर दत्त हमारी चिठ्टी की बात कर रहे हैं. वो खुद ओलंपिक कमिटी के सदस्य हैं, क्या उन्होंने हमारी चिट्ठी पढ़ी है? हमने सरकार से केवल समय मांगा है क्योंकि हम अभी इस संघर्ष में लगे हुए हैं.
- 2013 में आपने कोई टूर्नामेंट नहीं खेला, 2014 में कोई नेशनल चैंपियनशिप नहीं खेली. लेकिन आपने डायरेक्ट बिना ट्रायल के कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना सिलेक्शन करवा लिया.
- जूनियर खिलाड़ियों और लड़कियों के हक में दत्त कभी खड़े नहीं हुए. पहले आप खिलाड़ी थे, अब आज बस एक राजनेता बन गए हैं.
- आप कहते हैं कि आप कुश्ती के हितैषी हैं और आपने शोषण की बात पहले सुनी थी. आपने कहा था कि विनेश ने पहले इस बारे में बृजभूषण सिंह को क्यों नहीं बताया. मेरा सवाल है कि जो शोषण कर रहा है क्या उसी के पास शिकायत लेकर जाते?
- हमारी लड़ाई आपके साथ नहीं है बल्कि आप जिसे बचा रहे हैं उसके साथ है.
साक्षी मलिक ने कहा-
- आप कहते हैं कि आप कुश्ती के पक्ष में हैं, लेकिन लड़कियों ने जब बयान दिया था उसके बाद आप लड़कियों से सामने क्यों नहीं आए.
- बृजभूषण सिंह से सभी डरते थे. आपको खुश होना चाहिए कि हम अपनी जान की बाज़ी लगाकर उनके ख़िलाफ़ खड़े हैं.
- हमने ट्रायल से बचने के लिए कभी भी चिट्ठी नहीं लिखी है. हमने बस समय मांगा था, आप ग़लत जानकारी फैला रहे हो.
- अब तक स्पॉन्सरशिप का जितना पैसा आता था वो सीधे फेडेरेशन में जाता था. स्पॉन्सशिप का पैसा सीधे पहलवान को मिलनी चाहिए, न कि उसका पैसा फेडेरेशन के पास जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि बृजभूषण इसे रोक रहे थे.
- हम पर कांग्रेस की मदद लेने का आरोप लगाया गया रहा है, ये बेबुनियाद आरोप है. हम बेटियों के न्याय के लिए लड़ रहे हैं.
विनेश फोगाट ने कहा-
- चाहे जान चली जाए, दांव पर कुछ भी लगाना पड़ जाए, जब तक बृजभूषण को सज़ा नहीं मिल जाती तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे.
- एफ़आईआर के आधार पर जांच कर पुलिस ने बृजभूषण को दोषी करार दिया है और उन पर संगीन धाराएं लगाई हैं. आप जिस बात के सबूत मांग रहे हैं, उन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ धाराएं लगाई हैं.
- पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है लेकिन हमें अभी उसकी कॉपी नहीं मिली है. इसलिए हम अभी शांत हैं लेकिन हमारी लड़ाई जारी है. हम सभी तज़ार कर रहे हैं और जब तक चार्जशीट नहीं मिलती हम बातों का जवाब नहीं दे पा रहे हैं. हम भी जानना चाहते हैं कि चार्जशीट में किस तरह का केस बनाया गया है.
इसके पहले ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने पहलवान विनेश फोगाट की ओर से लगाए गए आरोपों को 'बेबुनियाद' करार दिया.
उन्होंने कहा कि बताया उन पर इंडियन रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की 'चापलूसी' का आरोप लगाया जा रहा है लेकिन उनसे 'नज़दीकी' का असली फायदा तो खुद विनेश फोगाट ने उठाया है.
योगेश्वर दत्त ने कहा कि वो पहलवानों के चयन के लिए बनी कमिटी में थे लेकिन उन्होंने इसमें रहते हुए किसी लड़की या उनके माता-पिता पर कभी कोई दबाव नहीं बनाया.
बीबीसी से उन्होंने कहा, "विनेश फोगाट कह रही हैं कि मैंने लड़कियों के घर पर फोन कर उनके मां-बाप से कहा कि अपनी लड़कियों को समझा लो. वो बृजभूषण सिंह का विरोध न करें. लेकिन मैं कहता हूं अगर मैंने किसी लड़की के घर पर फोन किया हो तो वो मेरा कॉल पेश करें. मेरा नंबर गया होगा."
मामला शुरू कहां से हुआ?
ये पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ जब इंडियन ओलंपिक असोसिएशन (आईओए) की एड-हॉक कमिटी ने महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण मामले में बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे छह पहलवानों को ट्रायल में छूट देने का फ़ैसला किया.
इनमें साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, संगीता फोगाट, सत्यव्रत कादियान और जितेंद्र किन्हा शामिल हैं.
इससे पहले बीते कई महीनों से पहलवान बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. इस दौरान वो कई सप्ताह तक दिल्ली के जंतर-मंतर में घरने पर भी बैठे.
योगेश्वर दत्त ने इस फ़ैसले की कड़ी आलोचना की और कहा कि प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को सिलेक्शन में छूट देना ग़लत है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि ये कुश्ती के लिए ये बिल्कुल अच्छा फ़ैसला नहीं है और सभी पहलवानों को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को चिट्ठी लिखकर इसका फ़ैसले का विरोध करना चाहिए.
इसके जवाब में विनेश फोगाट ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक लंबा पोस्ट डाला.
उन्होंने लिखा, "जब तक कुश्ती में योगेश्वर जैसे जयचंद रहेंगे, यकीनन जालिमों के हौसले बुलंद रहेंगे."
उन्होंने योगेश्वर पर आरोप लगाया कि "योगेश्वर महिला पहलवानों के लिए बनी दोनों कमेटियों का हिस्सा थे लेकिन महिला पहलवान कमिटी को अपनी आपबीती बता रही थीं तो वह बहुत घटिया तरह से हंसने लगते थे. उन्होंने कई महिला पहलवानों के घर फ़ोन कर कहा कि वो अपनी लड़की को समझा लें.उन्होंने कई महिला पहलवानों के घर फ़ोन कर कहा कि वो अपनी लड़की को समझा लें."
विनेश फोगाट के इस पोस्ट को साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने भी रीट्वीट किया है.
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