You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
महाराष्ट्र: पुणे बस स्टैंड पर युवती से बलात्कार का अभियुक्त पकड़ा गया, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का विवादास्पद बयान
महाराष्ट्र में पुणे के स्वारगेट बस स्टैंड पर एक युवती के साथ बस में बलात्कार के मुख्य अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
पुणे पुलिस ने गुरुवार की रात को अभियुक्त दत्तात्रेय गाडे को गिरफ़्तार किया. पुलिस ने बताया कि यह हमला एक युवती पर हुआ जो पुणे से फलटण जा रही थी. इस घटना के सामने आने के बाद पुणे पुलिस इस मामले के अभियुक्त दत्तात्रेय गाडे की तलाश कर रही थी.
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के मुताबिक़, इस मामले में अभियुक्त की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई. पुलिस के मुताबिक़, "पीड़िता पुणे में काम करती है. वो पुणे के स्वारगेट बस स्टैंड पर आई थी. उस समय, अभियुक्त उसके पास आया और उसे अपना परिचय दिया. उसने उससे मीठी-मीठी बातें कीं और उसे अपने विश्वास में ले लिया. जब उसने उससे पूछा कि वह कहाँ जा रही है, तो उसने कहा कि वह फलटण जा रही है. तब अभियुक्त ने उसे बताया कि फलटण बस यहाँ नहीं बल्कि कहीं और रुकती है. और वो उसे बस दिखाने के बहाने कहीं और ले गया.''
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
हालांकि लड़कियों को अजनबियों से बात न करने की उनकी सलाह पर विवाद खड़ा हो गया है और सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस बयान की आलोचना की है.
इस बीच, महाराष्ट्र में कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना करते हुए कहा उनकी नाकामी की वजह से राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है. पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'सिर्फ क़ानून बनाना पर्याप्त नहीं है.'
पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, "जब निर्भया रेप केस हुआ था, तबसे क़ानून में काफ़ी बदलाव लाया गया था. हालांकि केवल क़ानून से ही ऐसी घटनाओं को हम कम नहीं कर सके. समाज पर बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है लेकिन समाज के अलावा क़ानून को लागू होना चाहिए."
"महिलाओं के लिए जो भी क़ानून बनाए गए हैं उनको ढंग से लागू किया जाए ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित किया जा सके."
महाराष्ट्र में कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "महाराष्ट्र में लगातार महिलाओं के शोषण की ख़बरें आ रही हैं. देवेंद्र फडणवीस ने जबसे गृह मंत्रालय का काम संभाला है तब से कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. हम सब इसके पीड़ित हैं. इस मामले के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.''
इससे पहले महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा था कि घटना के दोषी को बख़्शा नहीं जाएगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, अभियुक्त हिस्ट्री शीटर है और 2019 से ही ज़मानत पर बाहर था.
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 25 फ़रवरी की सुबह पुणे से फलटण की ओर जा रही 26 वर्षीय महिला के साथ यह घटना घटी है.
पुणे शहर पुलिस उपायुक्त स्मार्तना पाटिल के अनुसार, "पीड़िता पुणे में काम करती है. वह सुबह 5:30-6 बजे अपने गांव जाने के लिए स्वारगेट बस स्टैंड पर आई थी. उस समय, अभियुक्त उसके पास आया और उसे अपना परिचय दिया."
"भरोसे में लेने के बाद उसने पूछा कि वह कहाँ जा रही है, तो युवती ने फलटण जाने की बात बताई. इसके बाद अभियुक्त ने उससे कहा कि फलटण बस कहीं और रुकती है. और वह उसे बस दिखाने के बहाने कहीं और ले गया."
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज बरामद किया है जिसमें दोनों बात करते दिखाई दे रहे हैं.
पुलिस के मुताबिक़, अभियुक्त स्टैंड पर खड़ी एक बस में पीड़िता को ले गया लेकिन जब पीड़िता ने पूछा कि वहां अंधेरा क्यों है तो अभियुक्त ने कहा कि बस देर से आई है और सभी यात्री सो रहे हैं.
उसने पीड़िता को विश्वास में लेने के लिए टॉर्च जलाकर खुद देखने को कहा. पीड़िता बस में चढ़ गई और फिर अभियुक्त ने बस का दरवाजा बंद कर बलात्कार किया.
पुलिस का कहना है कि अभियुक्त के फरार होने के बाद पीड़िता ने घर जाते हुए रास्ते में अपनी दोस्त को फ़ोन कर घटना की जानकारी दी और उसके कहने पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के बयान पर विवाद
इस घटना पर महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.
चाकणकर ने बयान दिया, "युवती सीसीटीवी पर कुछ देर तक उससे बात करती दिखी. लड़कियों के लिए अजनबियों से बात करते समय सावधान रहना बहुत ज़रूरी है. दुर्भाग्य से, इस लड़की ने अजनबी पर भरोसा किया और बाद में यह गंभीर और दर्दनाक घटना घटी."
उन्होंने कहा, "वहां सरकारी तंत्र है और पूछताछ केंद्र है उनसे मदद लेनी चाहिए. मेरी अपील है कि युवा लड़कियों और महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर घूमते समय अजनबियों पर भरोसा नहीं करना चाहिए. अधिकारियों की मदद लें और अपना ख्याल रखें."
उनके इस बयान की सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आलोचना की है.
एक यूज़र जागृति काटकर ने एक्स पर लिखा, "पुणे में गिरती क़ानून व्यवस्था, महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ते अपराध पर बात करिए. और अगली बार जब ऐसी घटना घटे तो अजनबियों से बात न करने से बेहतर सलाह दीजिए. भगवान के लिए पीड़िता को ही दोषी न ठहराएं."
सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "महिला आयोग को हमें ये बताने की ज़रूरत नहीं है कि महिलाओं को अजनबियों पर भरोसा नहीं करना चाहिए. महिलाएं अजनबियों पर भरोसा नहीं करतीं. लेकिन महिला आयोग क्या कर रहा है?"
उन्होंने कहा, "रुपाली चाकणकर पुणे की हैं लेकिन अगर पुणे की महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं तो वह क्या कर रही हैं? स्वारगेट बस स्टैंड की घटना के 48 घंटे हो चुके हैं. सरकार क्या कर रही है? अभी तक अपराधी गिरफ़्तार नहीं हुआ है."
उन्होंने कहा, "महिलाएं भरोसा करके यात्रा करती हैं कि यह सरकारी बस है, लेकिन ऐसी घटना घट जाती है तो यह गृह विभाग और पुलिस की कमी है. उन्हें तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए."
इसी बीच महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने स्वारगेट घटना की जांच के आदेश दिए हैं.
विपक्षी दलों ने क्या कहा
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ पार्टी को क़ानून व्यवस्था के मसले पर घेरा है.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने ट्वीट कर इस घटना को बेहद 'अपमानजनक' बताया है.
उन्होंने लिखा, "स्वारगेट जैसे व्यस्त बस स्टैंड इलाके में एक युवती के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. दिलचस्प यह है कि बस स्टैंड के पास ही एक पुलिस चौकी भी है. इसके अलावा, पुलिसकर्मी समय-समय पर बस स्टैंड पर गश्त लगाते हैं. फिर भी आरोपी द्वारा इस तरह के जघन्य अपराध को अंजाम देने का साहस करना दिखाता है कि अपराधियों को कानून का कोई डर नहीं है."
उन्होंने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा किया और आरोप लगाया कि गृह विभाग गंभीर अपराधों पर नकेल कसने में नाकाम रहा है.
एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने महाराष्ट्र सरकार पर क़ानून व्यवस्था में विफल होने का आरोप लगाते हुए कहा, "एक निर्दोष लड़की का सरकारी बस में रेप होता है और अभियुक्त अभी तक गिरफ़्तार नहीं होता. ये किस किस्म की क़ानून व्यवस्था है."
उन्होंने कहा, "आप बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नारी सम्मान, लाडली बहिना की बात करते हैं...लेकिन राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं... इस तरह की स्कीमों का क्या इस्तेमाल है?"
पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता रवींद्र धांगेकर ने एक्स पर लिखा, "स्वारगेट बस स्टेशन प्रशासन और स्वारगेट पुलिस स्टेशन के अधिकारियों को इस घटना को गंभीरता से लेना चाहिए. राज्य के कई जिलों से बड़ी संख्या में महिला यात्री स्वारगेट बस स्टेशन पर आती हैं. लेकिन स्वारगेट बस स्टेशन पर कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है."
रात में बस स्टेशन पर अंधेरा होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'यहां रात में कई बहनों के साथ छेड़छाड़ होती है. कई बार तो बस स्टेशन क्षेत्र में शराबी और मनचले बैठे रहते हैं.'
उन्होंने कहा, "गश्त पर निकली पुलिस को ऐसे लोगों को बस स्टेशन क्षेत्र से हटाना चाहिए. पिछले मानसून के दौरान भी बस स्टेशन तालाब जैसा दिखाई दिया था और अभी भी यहां बुनियादी सुविधाओं का काम नहीं हुआ है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)