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असम में महिला का उसके बच्चों के सामने बलात्कार करने का आरोप, अभियुक्त गिरफ़्तार
- असम: बच्चों की मौजूदगी में ही एक शख़्स पर पड़ोसी महिला से बलात्कार का आरोप
- परिवार के मुताबिक़ अभियुक्त ने एसिड जैसा लिक्विड भी फेंका
- अभियुक्त का का दावा- महिला के पति ने उस पर लगाया झूठा आरोप
- महिला का अस्पताल में इलाज जारी, बयान दर्ज करना बाकी
- एक पुलिस अधिकारी ने की बलात्कार की पुष्टि, जांच जारी
- Author, बिस्वा कल्याण पुरकायस्थ
- पदनाम, सिलचर से, बीबीसी हिंदी के लिए
असम के कछार ज़िले में एक 30 साल की महिला से उनके दो बच्चों के सामने बलात्कार का मामला सामने आया है.
अभियुक्त महिला का पड़ोसी है, आरोप है कि पड़ोसी ने महिला से मोबाइल नंबर मांगा था और जब उसने देने से मना किया तो अभियुक्त ने कथित तौर पर महिला के हाथ-पैर बांधे और उसके दोनों बच्चों के सामने ही बलात्कार किया.
पीड़िता का इलाज सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसएमसीएच) में चल रहा है. पुलिस ने बताया कि उन्होंने गुरुवार सुबह केस दर्ज करने के बाद अभियुक्त को तलाशना शुरू कर दिया था और अब उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.
महिला के परिवारवालों का आरोप है कि बलात्कार के बाद अभियुक्त ने महिला पर एसिड जैसा कोई तरल पदार्थ फेंका और भाग गया. हालांकि, अभियुक्त का कहना है कि उन्हें झूठे केस में फंसाया जा रहा है.
पूरा मामला क्या है?
ये मामला बुधवार को उस वक्त सामने आया जब महिला के पति ने पत्रकारों से न्याय की गुहार लगाई.
मामले से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया है कि ये कथित घटना 22 जनवरी को हुई थी और उसके अगले दिन इस बारे में धोलई पुलिस थाने में शिकायत दर्ज हुई.
पीड़िता के पति का आरोप है कि 21 जनवरी की रात पहली बार अभियुक्त उनके घर आया था. उन्होंने कहा, "मैं किसी काम के कारण घर पर नहीं था. उसने (अभियुक्त) जबरन घर में घुसने के बाद मेरी पत्नी से उनका फोन नंबर मांगा. मेरी पत्नी ने जब नंबर देने से इनकार कर दिया तो उसने धमकी दी."
बीबीसी को महिला के पति ने बताया कि 22 जनवरी को जब वह घर लौटे तो उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी ज़मीन पर पड़ी थी. उनका मुंह, हाथ और पैर सब बंधे हुए थे. महिला के शरीर पर एसिड जैसा कोई पदार्थ था.
महिला के पति ने कहा, "इसके बाद मैं तुरंत ही अपनी पत्नी को लेकर नज़दीकी सरकारी अस्पताल पहुंचा लेकिन चिकित्सकों ने हमसे सिलचर मेडिकल कॉलेज जाने के लिए कह दिया. हमने पुलिस को फोन किया लेकिन उन्होंने हमसे अगले दिन पुलिस थाने आने के लिए कहा."
23 जनवरी को पति ने धोलाई पुलिस स्टेशन में एफ़आईआर दर्ज कराई और इसके बाद भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया.
धोलई पुलिस के स्टेशन के प्रभारी जॉनपन बे ने बताया कि अभियुक्त को गुरुवार गिरफ़्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है.
थाना प्रभारी के मुताबिक़, ''हमने अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है और उन्हें जल्द अदालत में पेश किया जाएगा. पीड़िता का इस समय इलाज चल रहा है. डॉक्टरों से विचार-विमर्श करने के बाद पीड़िता का बयान दर्ज किया जाएगा."
उन्होंने ये भी कहा, "इस मामले में कितनी धाराएं लगी हैं, इसकी उन्हें सटीक जानकारी नहीं है लेकिन पीड़िता ने यौन शोषण का आरोप लगाया है. एसएमसीएच से पीड़िता की जांच रिपोर्ट आने के बाद कुछ और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं."
हालांकि, अब धोलई पुलिस की ओर से बताया गया है कि अभियुक्त को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार), 331(4) जबरन घर में घुसने, 123 (ज़हरीले पदार्थ से नुकसान पहुंचाना) के तहत गिरफ़्तार किया गया है.
पीड़िता के पति ने आरोप लगाया, "अभियुक्त आदतन अपराधी है. वो कई महिलाओं के साथ पहले भी बदसलूकी कर चुका है. उनका कहना है, "वो विवाहित महिलाओं को निशाना बनाता है. उनसे उनका नंबर मांगता और सोशल मीडिया आपत्तिजनक बातें भी लिखता है. पहले ऐसे कई मामलों को स्थानीय लोगों ने आपस में बातचीत करके सुलझा लिया था लेकिन वो अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आया."
अभियुक्त का क्या कहना है?
हालांकि, अभियुक्त का कहना है कि उसे झूठे आरोप में फंसाया जा रहा है जबकि पीड़िता के पति ने उससे बड़ी रकम उधार ले रखी थी, जब वो अपना पैसा मांगने गया तो आरोप में फंसा दिया गया.
गिरफ़्तारी के बाद अभियुक्त ने पत्रकारों से बातचीत में ये दावा किया, ''मैं वहां अपना पैसा मांगने गया था, लेकिन उन्होंने मुझे इन झूठे आरोपों में फंसा दिया.''
वहीं, पीड़िता के परिवार वालों का दावा है कि एसिड से हमले के कारण महिला का 70 फ़ीसदी शरीर जल गया है. महिला के पति ने कहा,"उसकी हालात गंभीर है और हमें नहीं पता कि वो ज़िंदा बचेगी या नहीं. हमारे दोनों बच्चे ये पूरी बर्बरता उनके आंखों के सामने देखी है और वो सदमे में हैं.''
हालांकि, पुलिस के मुताबिक ये पक्का नहीं कहा जा सकता कि महिला पर एसिड से हमला किया गया है कि नहीं. घूंघुर पुलिस आउटपोस्ट के एक अधिकारी ने कहा, "महिला के शरीर पर जो पदार्थ फेंका गया है, वो कुछ ज़हरीली चीज़ थी. हम इसके लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं हालांकि बलात्कार की पुष्टि हो गई है."
सिलचर मेडिकल कॉलेज इसी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है.
सिलचर मेडिकल कॉलेज और हास्पिटल के अधीक्षक देबा कुमार चक्रवर्ती ने पीड़िता के मिलते-जुलते विवरण से मेल खाते हुए एक मरीज के भर्ती किए जाने की पुष्टि की है लेकिन गोपनीयता का हवाला देते हुए उनकी स्थिति, चोट सहित कोई और ब्योरा देने से मना किया.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित
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