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तेज प्रताप से क्या आरजेडी को कुछ सीटों पर नुक़सान हो सकता है?
- Author, रजनीश कुमार
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
तेजस्वी यादव ने रविवार को महुआ विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी मुकेश रौशन के लिए रैली की थी.
महुआ से ही तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव चुनावी मैदान में हैं. मुकेश रौशन महुआ के मौजूदा विधायक हैं.
दूसरी तरफ़ तेज प्रताप 2015 में इस सीट से चुनाव जीत चुके थे लेकिन 2020 में उन्हें आरजेडी ने समस्तीपुर ज़िले के हसनपुर सीट पर भेज दिया था.
तेज प्रताप हसनपुर नहीं जाना चाहते थे लेकिन उन्हें पार्टी के दबाव में जाना पड़ा था.
जब तेज प्रताप को इसी साल मई में आरजेडी से बाहर किया गया तो उन्होंने जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) नाम से अलग पार्टी बनाई और हसनपुर के बदले महुआ से उम्मीदवार बने.
रविवार को महुआ में आयोजित जनसभा में तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी से बड़ा कोई नहीं होता है, इसलिए पार्टी के चुनाव चिह्न पर मतदान कीजिए. यानी उन्होंने अपने बड़े भाई का नाम नहीं लिया लेकिन उनके ख़िलाफ़ वोट करने के लिए ज़रूर कहा.
तेजस्वी के ख़िलाफ़ की रैली
इसके जवाब में तेज प्रताप ने सोमवार को राघोपुर में रैली की और अपने उम्मीदवार प्रेम कुमार के लिए वोट मांगा.
राघोपुर भी राष्ट्रीय जनता दल का गढ़ रहा है और यह सीट भी यादवों के दबदबे वाली है. राघोपुर से तेज प्रताप के उम्मीदवार प्रेम कुमार भी यादव ही हैं. अगर यादवों का वोट बँटता है तो तेजस्वी की लड़ाई भी आसान नहीं रहेगी.
राघोपुर की रैली में तेज प्रताप ने तेजस्वी के ख़िलाफ़ प्रेम कुमार को वोट करने की अपील की.
ऐसी उम्मीद नहीं की जा रही थी कि तेजस्वी अपने बड़े भाई के ख़िलाफ़ महुआ में रैली करेंगे लेकिन पिछले कुछ हफ़्तों में स्थिति तेज़ी से बदली हैं.
दरअसल तेज प्रताप ने बिहार में कुल 43 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. इनमें से ज़्यादातर सीटें वे हैं, जो यादव बहुल हैं और आरजेडी जीतती रही है.
मिसाल के तौर पर बख़्तियारपुर सीट से गुलशन यादव तेज प्रताप की पार्टी से उम्मीदवार हैं. यहाँ से आरजेडी के अनिरुद्ध यादव 2020 में जीत मिली थी और इस बार भी वही उम्मीदवार हैं. गुलशन यादव का कहना है कि आरजेडी के नाम पर यादव वोट नहीं करेंगे.
उन्होंने कहा, ''हम पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ रहे हैं और जीत का अंतर बहुत नहीं होने जा रहा है. तेज प्रताप भैया को पार्टी से अपमानित करके निकाला गया है.''
तेज प्रताप की पार्टी में कई ऐसे उम्मीदवार हैं, जिन्हें आरजेडी और जनसुराज पार्टी से टिकट नहीं मिला. जैस किशनगंज से तेज प्रताप के उम्मीदवार तारिक़ अनवर हैं. तारिक़ अनवर जेजेडी के उम्मीदवार तब बने जब उन्हें जनसुराज से टिकट नहीं मिला.
तारिक़ अनवर कहते हैं, ''मैंने जनसुराज के लिए बहुत मेहनत की थी. पैसे भी ख़र्च किया था लेकिन टिकट किसी और को दे दिया गया. अब मैं तेज प्रताप की पार्टी से हूँ और पूरे दमखम से चुनावी मैदान में हूँ. मुझे यादव और मुसलमान दोनों का वोट मिलेगा. एमवाई समीकरण आरजेडी का विकल्प तलाश रहा है. हम उनके वोट बैंक में सेंध लगाने जा रहे हैं.''
लेकिन राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवल किशोर यादव को ऐसा नहीं लगता है. नवल किशोर यादव कहते हैं, ''बिहार परिवर्तन के मुहाने पर खड़ा और तेजस्वी यादव ने 17 महीने की सरकार में ही साबित कर दिया था. हमारा कोई वोट नहीं काट रहा है बल्कि जनता हमें ज़िम्मेदारी सौंपने जा रही है. हर कोई अपनी पार्टी के लिए प्रचार करता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारा कोई वोट काट रहा है.''
हाल ही में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने एक इंटरव्यू में कहा कि तेज प्रताप पार्टी से निकले हैं लेकिन उनके मन से नहीं निकले हैं. महुआ में तेज प्रताप की पार्टी का चुनावी कैंपेन देख रहे एक स्थानीय नेता ने कहा कि राबड़ी देवी चाहती हैं कि उनका बड़ा बेटा चुनाव जीत जाए.
क्या होगा असर?
उन्होंने कहा, ''मैं आरजेडी में भी रहा हूँ. पिछले चुनाव में मुझे टिकट नहीं मिला तो पार्टी छोड़ दी थी. इस बार फिर मुकेश रौशन को टिकट मिल गया. मुझे उसे किसी भी हाल में हराना है. छठ के बाद राबड़ी जी का फोन मेरे पास आया था और पूछ रही थीं कि कैंपेन कैसा चल रहा है. लेकिन तेज प्रताप ने महुआ के बाहर भी चुनाव प्रचार करना शुरू कर दिया तो वह नाराज़गी जता रही थीं.''
''दरअसल आरजेडी ने तेज प्रताप को तीन सीट देने का प्रस्ताव रखा था लेकिन वह नहीं माने. राघोपुर से तेजस्वी के ख़िलाफ़ मेरे मौसेरे भाई के लड़के को जेजेडी से टिकट मिला है. मेरी वहाँ बात होती है तो लोगों का कहना है कि प्रेम कुमार को 10 हज़ार से ज़्यादा वोट मिलेंगे. अगर ऐसा होता है तो ये दस हज़ार वोट तेजस्वी के ही जाएंगे.''
50 साल मोहम्मद सादिक़ महुआ में तेज प्रताप के आने का इंतज़ार कर रहे हैं.
सादिक़ महुआ स्थित जेजेडी के दफ़्तर में तैयारी कर रहे हैं. तेज प्रताप के लिए क्या आरजेडी का मुस्लिम-यादव समीकरण महुआ में टूट जाएगा?
जवाब में सादिक़ कहते हैं, ''महुआ में तो ऐसा ही होने जा रहा है. देखिए यादवों में तेज प्रताप को लेकर सहानुभूति है. यादवों को लगता है कि तेज प्रताप को पार्टी से बाहर नहीं करना चाहिए था. मुसलमानों का वोट बँटेगा क्योंकि यहाँ ओवैसी की पार्टी का भी उम्मीदवार है और एक निर्दलीय मुस्लिम उम्मीदवार है. कुछ मुसलमान आरजेडी के साथ भी जाएंगे ही.''
समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर विधानसभा क्षेत्र से तेजप्रताप ने अजय कुमार बुल्गानिन को अपना उम्मीदवार बनाया है.
बुल्गानिन यहां से तीन बार विधायक के चुनाव जीते हैं. अजय भी यादव जाति से ही ताल्लुक रखते हैं और फ़रवरी 2005 में आरजेडी के टिकट से चुनाव जीते थे. आरजेडी से यहाँ की उम्मीदवार एज्या यादव हैं. सोनपुर से आरजेडी के प्रदेश महासचिव रहे सुरेंद्र यादव जेजेडी से उम्मीदवार हैं.
तेज प्रताप ने जिन सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, वहाँ उनका कोई नया वोट बैंक नहीं है बल्कि आरजेडी के वोट बैंक में सेंध लगाएंगे.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.