हरे कछुओं की वापसी से बेजान नदी में जान फूंकने तक, साल 2025 में कुदरत की जीत की सात कहानियां

दशकों के प्रयास की बदौलत हरे कछुओं को विलुप्त होने से बचा लिया गया है.

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, दशकों के प्रयास की बदौलत हरे कछुओं को विलुप्त होने से बचा लिया गया है
    • Author, इंडिया बर्क, इज़ाबेल गेरेस्टन, सोफ़ी हार्डेक, मार्था हेनरिकस, कैथरीन लेदम, लूसी शेरिफ़, जोसेलीन टेंपेरली

इस साल जलवायु और प्रकृति के क्षेत्र में हासिल कुछ ऐसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों की बात, जिनकी ओर शायद आपका ध्यान न गया हो.

पर्यावरण के मामले में इस साल की स्थिति कोई अनजानी नहीं है. उत्सर्जन बढ़ रहा है और प्रकृति का क्षरण जारी है. लेकिन फिर भी 2025 में कुछ सकारात्मक पहलू भी सामने आए हैं.

स्वच्छ ऊर्जा, संरक्षण और स्थानिक अधिकारों के क्षेत्र में चुनिंदा प्रयासों से जलवायु और प्रकृति के लिए कुछ ठोस सकारात्मक नतीजे मिले हैं.

समाचारों के शोरगुल में शांत उपलब्धियां कभी-कभी अनसुनी रह जाती हैं. इसलिए, नवीकरणीय ऊर्जा में नाटकीय वृद्धि से लेकर लुप्तप्राय कछुओं और बाघों की वापसी तक, 2025 में हासिल की गई सात महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर बीबीसी की एक नज़र.

बीबीसी हिन्दी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

1. नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में तेज़ी

इस साल पवन, सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों ने कोयले को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में बिजली के प्रमुख स्रोत का स्थान हासिल कर लिया है.

नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक वृद्धि का मुख्य कारण चीन है, जो स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का बड़े पैमाने पर विस्तार कर रहा है और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के निर्यात में अग्रणी भूमिका निभा रहा है.

सौर ऊर्जा में भारी वृद्धि के अलावा, चीन तूफ़ानों की ऊर्जा का भी इस्तेमाल कर रहा है, जिसके लिए उसने तूफ़ान-रोधी पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं.

पवन ऊर्जा के कारण अन्य देशों में भी वैकल्पिक ऊर्जा में काफी प्रगति हुई है. 2025 में ब्रिटेन में हुए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि पिछले साल पवन ऊर्जा सबसे बड़ा ऊर्जा स्रोत बन गई थी. यह लगभग एक तिहाई मांग को पूरा कर रही थी, जबकि ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयले का इस्तेमाल लगभग समाप्त हो गया था.

ब्रिटेन स्वच्छ ऊर्जा को संग्रहित करने के तरीकों में भी महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है. जब हवा न चल रही हो (या सूरज न चमक रहा हो), तब के लिए उत्तरी ब्रिटेन में दुनिया की सबसे बड़ी लिक्विड एयर एनर्जी स्टोरेज फ़ैसिलिटी का निर्माण शुरू किया गया है.

वैश्विक स्तर पर, 80% से अधिक देशों में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि की दर तेज़ हो रही है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, इसी तरह चलता रहा तो 2030 तक कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता आज के स्तर की तुलना में दोगुनी हो जाएगी.

स्वच्छ ऊर्जा

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, दुनिया तेज़ी से स्वच्छ ऊर्जा की क्षमता बढ़ा रही है

इस वृद्धि का ज़्यादातर श्रेय चीन को जाता है. कार्बन ब्रीफ़ के लिए किए गए एक विश्लेषण के अनुसार, स्वच्छ ऊर्जा अभियान से चीन में इस साल पहली बार कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में गिरावट देखी गई है. मई 2025 तक पिछले 12 महीनों में उत्सर्जन कम हुआ है.

हालांकि, अभी यह शुरुआती दौर है, लेकिन इससे संकेत मिलता है कि देश का उत्सर्जन अपने चरम पर पहुंच रहा है, और कार्बन ब्रीफ़ के एक दूसरे विश्लेषण के अनुसार, यह प्रवृत्ति साल के आखिर तक जारी रही.

वैश्विक ऊर्जा थिंक टैंक एम्बर की एक रिपोर्ट के अनुसार कुल मिलाकर, चीन की वजह से स्वच्छ ऊर्जा में हो रही वैश्विक वृद्धि, जीवाश्म ईंधन से पैदा होने वाली ऊर्जा के उपयोग के चरम सीमा तक पहुंचने और उसके बाद वैश्विक स्तर पर गिरावट की परिस्थितियां पैदा कर रही है.

भले ही, स्वच्छ ऊर्जा की वृद्धि तेज़ है और लगातार बढ़ रही है लेकिन फिर भी यह जलवायु परिवर्तन के ख़तरनाक स्तरों को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है.

2. महासागरों का संरक्षण

देशों की सीमाओं से परे स्थित विशाल समुद्र विश्व के महासागरों का लगभग दो-तिहाई हिस्सा हैं. वर्तमान में, इस विशाल क्षेत्र का केवल एक फ़ीसदी ही संरक्षित है, लेकिन यह स्थिति जल्द ही बदलने वाली है.

दशकों की बातचीत के बाद, 2023 में समुद्रों की सुरक्षा के लिए एक वैश्विक समझौते पर सहमति बनी और सितंबर 2025 में इतने देशों ने इसकी पुष्टि कर दी है कि इसे लागू किया जा सके.

यह अंतरराष्ट्रीय समुद्र संधि इन जलक्षेत्रों के 30% हिस्से को संरक्षित समुद्री क्षेत्रों (एमपीए) में रखने का वादा करती है. इसमें समुद्र के वे हिस्से हैं जो प्राकृतिक आवासों, प्रजातियों और स्वस्थ समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों की सुरक्षा के लिए समर्पित हैं.

देशें के जलक्षेत्र में स्थित महासागरों को भी अतिरिक्त सुरक्षा दी गई है. इस साल फ्रेंच पोलिनेशिया के तैनुई अटेआ में दुनिया का सबसे बड़ासंरक्षित समुद्री क्षेत्र (एमपीए) स्थापित किया गया है. इस एमपीए का उद्देश्य 11 लाख वर्ग किलोमीटर महासागर की रक्षा करना है.

फ़्रेंच पोलिनेशिया के जलक्षेत्र जैव विविधता से भरपूर हैं

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, फ़्रेंच पोलिनेशिया के जलक्षेत्र जैव विविधता से भरपूर हैं

3. वनों के संरक्षण के लिए उपाय

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

इस साल ब्राज़ील ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन यानी कॉप30 की मेज़बानी की थी. यह अमेज़न वर्षावन में आयोजित होने वाला संयुक्त राष्ट्र का पहला वैश्विक जलवायु सम्मेलन था और इसने वनों को एक प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म बनाया. नवंबर में ब्राज़ील के बेलेम में हुए सम्मेलन को 'फ़ॉरेस्ट कॉप' का उपनाम दिया गया.

हालांकि, ब्राज़ील के लिए इसे पूरी तरह से लागू करना आसान नहीं था, लेकिन उसने 2030 तक वनों की कटाई रोकने की पिछली प्रतिबद्धता को लागू करने के लिए एक 'रोडमैप' तैयार करने की घोषणा की. इसका 90 से अधिक देशों ने समर्थन किया, हालांकि इसकी कानूनी स्थिति अब भी पक्की नहीं है.

ब्राज़ील ने मौजूदा वन क्षेत्रों के संरक्षण के लिए ट्रॉपिकल फ़ॉरेस्ट फ़ॉरएवर फ़ैसिलिटी (टीएफ़एफ़एफ़) नाम का एक फ़ंडिंग प्लेटफ़ॉर्म भी स्थापित किया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उष्णकटिबंधीय वनों के संरक्षण का मूल्य उनके विनाश से अधिक है, और उन लोगों को वित्तीय पुरस्कार दिए जाएं जिन्होंने अपने वनों को संरक्षित रखने के लिए सफल कदम उठाए हैं.

यह दृष्टिकोण कई दूसरी वन निधियों से अलग है, जिनमें वनों के संरक्षित क्षेत्रों को बचाए रखने के बजाय उत्सर्जन में कमी को पुरस्कृत किया जाता है. इसका लक्ष्य 125 अरब डॉलर का फंड बनाना है, हालांकि अब तक इस निधि के लिए सिर्फ़ 6.7 अरब डॉलर दिए जाने के वादे ही हासिल हो पाए हैं.

इस साल वनों की कटाई को लेकर ज़मीनी स्तर पर भी कुछ सकारात्मक संकेत मिले. ब्राज़ील के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 तक के 12 महीनों में अमेज़न के उसके हिस्से में वनों की कटाई में 11% की गिरावट आई है.

यह पिछले 11 साल में सबसे कम है. जैव विविधता के लिहाज़ से एक अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र, संवेदनशील सेराडो पारिस्थितिकी तंत्र में भी वनों की कटाई में कमी आई है. इसी तरह, एक स्वतंत्र एनजीओ इमाज़ोन ने पाया कि अक्तूबर 2025 में ब्राज़ीलियाई अमेज़न में वनों की कटाई अक्तूबर 2024 की तुलना में 43% कम थी.

कॉप30 में प्रदर्शनकारियों ने जलवायु परिवर्तन के समाधान की मांग करते हुए मार्च किया

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, कॉप30 में प्रदर्शनकारियों ने जलवायु परिवर्तन के समाधान की मांग करते हुए मार्च किया

संयुक्त राष्ट्र की 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 2015-25 की अवधि में वनों की वार्षिक कटाई दर 1990-2000 की तुलना में 38% कम थी, और अब आधे से अधिक वन क्षेत्र का प्रबंधन लंबे समय की योजनाओं के तहत किया जा रहा है.

हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर अब भी हर साल लगभग 10.9 मिलियन हेक्टेयर (26.9 मिलियन एकड़) क्षेत्र साफ़ किया जा रहा है, जिसका आकार अमेरिकी राज्य नेवाडा के लगभग बराबर है.

4. एक ऐतिहासिक केस

विश्व की सर्वोच्च अदालत माने जाने वाले अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने इस साल एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है जिससे जलवायु परिवर्तन को लेकर देशों के बीच कानूनी कार्यवाही का रास्ता खुल गया. इस कदम से जलवायु परिवर्तन से बुरी तरह प्रभावित देशों को प्रदूषण फ़ैलाने वाले देशों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है.

यह फ़ैसला इस अदालत और घरेलू अदालतों पर बाध्यकारी नहीं है. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि आईसीजे के निष्कर्षों का काफ़ी महत्व होता है और जलवायु संबंधी मामलों को अन्य जगहों पर जिस तरह से निपटाया जाता है, उन पर इसका काफ़ी प्रभाव पड़ सकता है.

5. कई प्रजातियों को विलुप्ति के कगार से बचाना

हरे कछुओं को विलुप्ति के कगार से बचा लिया गया है

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, संरक्षण प्रयासों की बदौलत हरे कछुओं को विलुप्ति के कगार से बचा लिया गया है

इस वर्ष कई लुप्तप्राय प्रजातियों ने उल्लेखनीय वापसी की, जिससे पता चलता है कि जैव विविधता के नुक़सान को धीमा करने या उसे उलटने में संरक्षण के उपाय कितने प्रभावी हो सकते हैं.

दशकों से किए जा रहे संरक्षण प्रयासों की बदौलत, कभी अपने अंडों और सजावटी खोलों के लिए शिकार किए जाने वाले हरे कछुओं को विलुप्ति के कगार से बचा लिया गया है.

संरक्षण प्रयासों में नवजात कछुओं को समुद्र तटों पर छोड़ना और मछली पकड़ने के जालों में ग़लती से इनके फंसने को कम करना शामिल है.

इससे हरे कछुओं की आबादी में इतनी वृद्धि हुई है कि इस साल इस प्रजाति को आईयूसीएन (प्रकृति संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ) की रेड लिस्ट में 'लुप्तप्राय' श्रेणी से 'कम चिंताजनक' श्रेणी में रखा गया है.

(आप इस महत्वपूर्ण संरक्षण उपलब्धि के बारे में हेलेन ब्रिग्स की रिपोर्ट पढ़ सकते हैं.)

इस साल कछुओं के लिए एक और अच्छी ख़बर यह है कि फ़्लोरिडा में समुद्री कछुओं के घोंसला बनाने का रिकॉर्ड तोड़ मौसम रहा. इस दौरान दो हज़ार से अधिक लेदरबैक कछुओं के घोसले पाए गए.

कछुए समुद्र तट पर रेत में अंडे देते हैं, जिसे 'कछुओं का घोंसला बनाना' कहते हैं.

वहीं, भारत में अब दुनिया के 75 प्रतिशत बाघ पाए जाते हैं. सौतिक बिस्वास की जनवरी 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, एक दशक से थोड़े ही अधिक समय में भारत में बाघों की संख्या दोगुनी होकर 3,600 से अधिक हो गई है.

ये बाघ 1,38,200 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैले हुए हैं, जो लगभग ब्रिटेन के आधे आकार का है. यहां लगभग 6 करोड़ लोग रहते हैं और बाघों को बचाने के साथ ही इंसानों के साथ उनके संघर्ष को कम करने के लिए काफ़ी प्रयास किए गए हैं.

वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे बहुमूल्य सबक मिले हैं और दुनिया को पता चला है कि संरक्षण किस प्रकार बाघों की रक्षा कर सकता है, जैव विविधता को बढ़ावा दे सकता है और स्थानीय समुदायों की मदद कर सकता है.

6. स्थानीय समुदायों का विकास

इस साल, संयुक्त राष्ट्र के स्तर पर स्थानीय समुदायों को औपचारिक रूप से ग्रह के संरक्षण और प्रबंधन के अग्रणी के रूप में मान्यता दी गई.

एक नई स्थायी समिति के गठन के समझौते ने इस अधिकार को मान्यता दी. इससे वार्ता में मूल निवासियों की पहले की अनौपचारिक और प्रतीकात्मक स्थिति को एक स्थायी और औपचारिक दर्जा मिल गया.

ब्राज़ील में आयोजित कॉप30 जलवायु सम्मेलन में भी पुश्तैनी ज्ञान के महत्व पर बल दिया गया. यहां, कॉप के इतिहास में मूल निवासियों के सबसे बड़े प्रतिनिधिमंडल ने उनका प्रतिनिधित्व किया, जिसमें लगभग 2,500 मूल निवासी शामिल हुए.

जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान हासिल उपलब्धियों में नए वित्तीय अनुदानों को अपनाना और स्थानिक भूमि अधिकारों को मान्यता देने की प्रतिबद्धताएं शामिल रहीं. अकेले ब्राज़ील में ही 10 नए स्थानिक क्षेत्र बनाए गए. लेकिन चिंताएं बनी हुई हैं कि ये वादे वास्तविक बदलाव में तब्दील नहीं होंगे.

इस बीच, कई स्थानीय समुदायों के लिए ख़तरे अब भी जारी हैं. सम्मेलन के दौरान, सर्वाइवल इंटरनेशनल ने ब्राज़ील के दक्षिण में एक गुआरानी काइओवा नेता की हिंसक हत्या की ख़बर दी.

7. क्लैमथ नदी का पुनर्जीवन

चार बड़े बांधों को हटाने के बाद क्लैमथ क्षेत्र में सैमन मछलियों की संख्या फिर से बढ़ रही है

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, चार बड़े बांधों को हटाने के बाद क्लैमथ क्षेत्र में सैमन मछलियों की संख्या फिर से बढ़ रही है

कैलिफ़ोर्निया की क्लैमथ नदी पर बने चार बांधों को हटाए जाने के ऐतिहासिक घटनाक्रम के ठीक एक साल बाद, साल्मन मछली अपने पारंपरिक प्रजनन स्थलों पर लौट आई हैं.

कैलिफोर्निया डिपार्टमेंट ऑफ़ फ़िश एंड वाइल्डलाइफ़ के क्लैमथ वाटरशेड प्रोग्राम के पर्यावरण प्रबंधक माइकल हैरिस ने लोकल मीडिया को बताया, "इस समय पूरे इलाके में सैमन ही सैमन मछलियां हैं. उनकी वापसी की गति कमाल की है."

कई पीढ़ियों से नदी के ऊपरी इलाकों से सैमन मछली गायब थी. लेकिन आदिवासी नेतृत्व वाले एक अभियान के परिणामस्वरूप, दशकों से नदी को बुरी तरह प्रदूषित करने वाले चार जलविद्युत बांधों को 2024 में तोड़ दिया गया. इससे शक्तिशाली क्लैमथ नदी एक बार फिर स्वतंत्र रूप से बहने लगी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)