अरविंद केजरीवाल के खान-पान पर भिड़े ईडी और 'आप', आतिशी ने कहा- 'जेल में जान से मारने की साज़िश रची जा रही है'

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दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने गुरुवार को ये दावा किया कि "जेल में अरविंद केजरीवाल जी को जान से मारने की साज़िश रची जा रही है."
दिल्ली की एक्साइज़ पॉलिसी केस के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ़्तार किया था और वे इस समय तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं.
केजरीवाल सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी ने जेल प्रशासन पर ये आरोप गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए.
आतिशी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से कुछ घंटे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में ये दावा किया था कि केजरीवाल टाइप टू डायबिटिज़ से पीड़ित होने के बावजूद रोज़ाना आम और मिठाई जैसे हाई शुगर फूड खा रहे हैं.
सीबीआई और ईडी के मामलों को देखने वाली विशेष अदालत की जज कावेरी बावेजा की अदालत में प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया कि केजरीवाल इसलिए ऐसा कर रहे हैं ताकि वे ज़मानत के लिए मेडिकल ग्राउंड बना सकें.
इस पर स्पेशल जज ने केजरीवाल के डायट चार्ट और पूरे मामले पर तिहाड़ जेल के प्रशासन को रिपोर्ट देने को कहा है.
आतिशी की प्रेस कॉन्फ्रेंस

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आतिशी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिहाड़ जेल के प्रशासन और प्रवर्तन निदेशालय पर कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा-
- "21 मार्च के बाद से अरविंद केजरीवाल जी का शुगर लेवल लगातार बिगड़ रहा है. वह जेल प्रशासन से इंसुलिन देने के लिए कह रहे हैं, लेकिन जेल अधिकारी इंसुलिन देने से मना कर रहे हैं. जेल प्रशासन का अरविंद केजरीवाल जी को इंसुलिन ना देना दिखा रहा है कि केजरीवाल जी को जान से मारने की साज़िश रची जा रही है."
- "दिल्ली के लोकप्रिय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी को बीजेपी हरा नहीं सकती है. जिसके बाद इन लोगों ने केजरीवाल जी की जान लेने की साजिश करना शुरू कर दिया है."
- "ईडी अरविंद केजरीवाल जी को जेल में मिलने वाला घर का बना हुआ खाना रोकने की कोशिश कर रही है, जिससे उनका स्वास्थ्य बिगड़े और उनकी जान चली जाए. ईडी कोर्ट में बार-बार झूठ बोल रही है. ईडी ने कोर्ट में कहा कि अरविंद केजरीवाल जी मीठी चाय और मिठाई खा रहे हैं. वह केला खा रहे हैं."
- "अरविंद केजरीवाल जी जेल में डॉक्टर द्वारा 'प्रिसक्राइब्ड एरीथ्रीटोल स्वीटनर' से बनी चाय और मिठाई खा रहे हैं. वहीं बात रही केला खाने की तो डॉक्टर सलाह देते हैं कि शुगर के मरीजों को अपने साथ हमेशा ही केला या टॉफी रखनी चाहिए. ईडी आज जो अरविंद केजरीवाल जी के साथ कर रही है, उसके लिए भगवान इन्हें माफ़ नहीं करेगा."
- "जेल में अरविंद केजरीवाल जी को इंसुलिन नहीं दी जा रही है. उनका घर का खाना रोकने की कोशिश हो रही है जिससे जेल के खाने में कुछ मिलाकर खिलाया जा सके. डॉक्टरों से सलाह नहीं लेने दी जा रही है. यह सब अरविंद केजरीवाल जी को जान से मारने की साजिश है."
ईडी के दावे

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स्पेशल जज कावेरी बावेजा की अदालत में ईडी ने दावा किया कि "केजरीवाल सोच समझकर शक्कर वाली चाय, आम, केला, एक या दो पीस मिठाई, पूरी, आलू सब्जी जैसी चीज़ें नियमित रूप से खा रहे हैं."
ईडी ने ये भी कहा कि केजरीवाल ये अच्छी तरह से जानते हैं कि ऐसी चीज़ें खाने से ब्लड शुगर बढ़ता है. ये मेडिकल इमर्जेंसी क्रिएट करने के लिए किया जा रहा है ताकि अदालत से मेडिकल ग्राउंड्स पर सहानुभूतिपूर्ण बर्ताव हासिल किया जा सका.
ईडी का ये भी दावा है कि केजरीवाल मेडिकल ग्राउंड्स पर बेल लेना चाहते हैं या फिर खुद को अस्पताल शिफ्ट कराना चाहते हैं.
ईडी के इन दावों के बाद स्पेशल जज ने अधिकारियों से कल तक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.
ईडी के वकील ने अदालत से बाहर निकलते हुए पत्रकारो को बताया, "केजरीवाल रोज़ाना आम और मिठाई खा रहे हैं तो डायबिटीज़ के मरीज़ के लिए सही नहीं है. हमने उनका डायट चार्ट कोर्ट के सामने रखा है."
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस बीच अरविंद केजरीवाल ने अदालत से अपनी वो याचिका वापस ले ली है जिसमें उन्होंने हफ़्ते में तीन बार अपने डॉक्टर से वर्चुअल तरीके से सलाह मशविरा लेने की इजाजत मांगी थी.
केजरीवाल का दावा है कि उनका शुगर लेवल तेज़ी से ऊपर-नीचे आ-जा रहा है और वे इस पर नज़र रखने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना चाहते थे.
आज अदालत में क्या-क्या हुआ

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गुरुवार को स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने दिल्ली एक्साइज़ पॉलिसी केस में गिरफ़्तार किए गए एक अन्य अभियुक्त चनप्रीत सिंह को 23 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
चनप्रीत सिंह के बारे में ईडी का ये दावा है कि साल 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव के लिए उन्होंने आम आदमी पार्टी के फंड मैनेज किए थे.
चनप्रीत को 15 अप्रैल को गिरफ़्तार किया गया था और प्रवर्तन निदेशालय की उनकी कस्टडी ख़त्म होने के बाद आज उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था.
इसी मामले में पिछले एक साल से भी ज़्यादा समय से जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को न्यायिक हिरासत की अवधि स्पेशल कोर्ट ने 26 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी. मनीष सिसोदिया अदालत की कार्यवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए थे.
सिसोदिया के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार का जो मामला सीबीआई चला रही है, उसकी न्यायिक हिरासत की अवधि भी 26 अप्रैल को ख़त्म हो रही है.
इस केस में सिसोदिया के सह अभियुक्त और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए. उन्हें पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत दे दी थी.
दिल्ली एक्साइज़ केस का पूरा मामला

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केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय का ये आरोप है कि साल 2020-21 की दिल्ली एक्साइज़ पॉलिसी में बदलाव करते वक़्त अनियमितता बरती गई जिससे लाइसेंस धारकों को बेज़ा फ़ायदा पहुंचाया गया, लाइसेंस फी ख़त्म या कम कर दी गई और बिना सक्षम प्राधिकार की मंज़ूरी लिए लाइसेंस की अवधि बढ़ा दी गई.
ईडी का ये दावा है कि इस पूरे प्रकरण में आम आदमी पार्टी को रिश्वत के तौर पर साउथ ग्रुप से 100 करोड़ रुपये की रकम मिली जिसका इस्तेमाल गोवा विधानसभा चुनावों में किया गया.
एक्साइज़ पॉलिसी का फ़ायदा उठाने वाले लोगों ने कथित तौर पर अभियुक्त पदाधिकारियों को अवैध लाभ पहुंचाया और पकड़े जाने से बचने के लिए अपने हिसाब-किताब में हेरा-फेरी की.
मनीष सिसोदिया को इस मामले में सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को गिरफ़्तार किया था जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 9 मार्च, 2023 को गिरफ़्तार किया.
मनीष सिसोदिया ने 28 मार्च, 2023 को दिल्ली कैबिनेट से अपना इस्तीफ़ा दे दिया था.
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