रूसी पत्रकार पर हमला, पुतिन के करीबी क़ादिरोव पर क्यों उठ रहे सवाल?

इमेज स्रोत, Sergei Babinets/Crew Against Torture
रूस की जानी-मानी खोजी पत्रकार येलेना मिलाशिना का मॉस्को के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. चेचेन्या की राजधानी ग्रोज़्नी में चेहरा छिपाए हमलावरों ने उन्हें बुरी तरह पीटा है.
येलेना मिलाशिना को चेचेन्या के नेता से धमकी मिली थी लेकिन वो वहां एक कोर्ट की सुनवाई में गई थीं.
येलेना को इससे पहले इस इलाक़े के कुख्यात नेता रामज़ान कादिरोव की ओर से जान से मारने की धमकी मिली थी.
येलेना मिलाशिना कहती हैं कि सोमवार को जैसे ही वो चेचेन्या हवाई अड्डे पर उतरीं, उन्हें एक कार में अगवा कर लिया गया,उन्हें प्लास्टिक के पाइप से मारा गया.
सिर के बाल शेव कर दिए गए और चेहरे पर हरा रंग पोत दिया गया और ये सब एयरपोर्ट से महज कुछ ही दूरी पर हुआ.
वो कहती हैं कि हमलावरों ने उनकी उंगुलियां तोड़ने की कोशिश की और उनके फ़ोन का पासवर्ड मांगा.
येलेना अपने वकील एलेक्जेंडर नेमोव के साथ यात्रा कर रही थीं. वो भी घायल हुए हैं.
चेचेन्या के पड़ोसी इलाके में एक अस्पताल में दो दिन बिताने के बाद उन्हें और नेमोव को एक निजी विमान से मॉस्को लाया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया.
चेचेन्या पर 2007 से ही रमज़ान कादिरोव का बोलबाला है. वो व्लादिमीर पुतिन के कट्टर समर्थक हैं और यूक्रेन युद्ध के सबसे पड़े पैरोकार हैं.
उन पर चेचेन्या में हत्या, अपरहण और यातना देने के आरोप लगते रहे हैं.

इमेज स्रोत, Crew Against Torture
येलेना मिलाशिना कौन हैं?
रूस की प्रमुख पत्रकार येलेना मिलाशिना ने चेचेन्या में मानवाधिकार उल्लंघन की कई घटनाओं को उजागर किया है.
उनकी ये रिपोर्टें रूस के स्वतंत्र अख़बार 'नोवाया गैज़ेटा' में छपीं, जिसके एडिटर इन चीफ़ दमित्री मुरातोव को 2021 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था.
चेचेन्या में अत्याचारों की ख़बरें खोज निकालने में मिलाशिना ने बहुत बहादुरी दिखाई, उन्होंने एलजीबीटी कम्युनिटी के दमन और राजनीतिक विरोध के ख़िलाफ़ कड़ी सज़ा के बारे में रिपोर्टें लिखीं.
इससे पहले भी इस तरह का काम करने वाली दो महिलाओं की हत्या की जा चुकी है.
साल 2006 में 'नोवाया गैज़ेटा' में काम करने वाली अन्ना पोलित्कोव्स्काया को मॉस्को में उनके फ्लैट में गोली मार दी गई.
जबकि उनकी दोस्त नतालिया एस्तेमिरोवा को ग्रोज़्नी में अगवा कर लिया गया और गोली मार दी गई थी.
मिलाशिना ने बीबीसी के यूक्रेनकास्ट पॉडकास्ट से पिछले हफ़्ते ही बात की और कहा कि उन्हें 'पता था कि कादिरोव और उनके लोग, मौत की धमकी को ‘आसानी से अमल’ में ला सकते हैं.'
उन्होंने कहा, “मैं इस तरह की चीजों की आदी हो चुकी हूं क्योंकि कादिरोव हर साल कई बार मेरे या 'नोवाया गैज़ेटा' के पत्रकारों के पते पर इस तरह की धमकियां भेजते रहते हैं. वो ऐसे बर्ताव करते हैं जैसे चेचेन्या उनकी जागीर हो.”
फ़रवरी 2022 में कादिरोव ने मिलाशिना को टेररिस्ट करार देते हुए कहा था, “हमने आतंकवादियों और उनके सहयोगियों का हमेशा सफाया किया है.” इसके बाद मेलिना ने रूस छोड़ दिया था.

इमेज स्रोत, Crew Against Torture
ताज़ा हमला
इन धमकियों के बावजूद मिलाशिना ग्रोज़्नी में एक कोर्ट की सुनवाई में शामिल होने पहुंची थीं, जहां कादिरोव की आलोचना करने वाले तीन निर्वासित लोगों के मामले में फैसला सुनाया जाना था.
लेकिन वो और उनके साथी वकील नेमोव इस सुनवाई में पहुंच नहीं पाए. यहां आरोपी ज़ारेमा मुसायेवा को राजनीति से प्रेरित आरोप लगाने के आधार पर 5.5 साल की सज़ा दी गई.
मिलाशिना ने बताया कि जैसे ही वो ग्रोज़्नी एयरपोर्ट पर उतरीं, उसके कुछ देर बाद ही दस नकाबपोश लोगों ने उनकी कार पर अचानक हमला बोल दिया.
ग्रोज़्नी में चेचेन मानवाधिकार अधिकारी को उन्होंने बताया, “ये बिल्कुल फ़िल्मी टाइप किडनैपिंग थी. उन्होंने कार रोकी और ड्राइवर को बाहर फेंक दिया, इसके बाद वे कार में सवार हो गए, हमारे सिर झुका दिए, हाथों को बांध दिया, घुटने पर झुकाया और सिर पर बंदूक तान दी.”
रशियन बार एसोसिएशन को नेमोव ने बताया, “उन्होंने हमें सड़क के किनारे फेंक दिया और चेहरे और पूरे शरीर पर लात मारने लगे...उन्होंने मेरे पैर में चाकू भी मारा.”
मिलाशिना ने बाद में बताया कि उन्हें सड़क किनारे खाई में खींच कर ले जाया गया और उन लोगों ने प्लास्टिक के पाइप से पीटना शुरू कर दिया. वे मोबाइल फ़ोन अनलॉक करने को कह रहे थे.
उन्होंने कहा कि उनका पासवर्ड थोड़ा जटिल है इसलिए खुलने में देर हो रही थी.
मिलाशिना ने मानवाधिकार ग्रुप क्रू अगेंस्ट टॉर्चर के सेर्गेई बैबीनेट्स को बताया, “वो समझ नहीं रहे थे और जब तक हमारी बात समझ में आती, उन्होंने मेरा सिर शेव कर दिया और चेहरे पर हरा रंग पोत दिया था और मैं कुछ भी नहीं देख पा रही थी.”
प्रशासन ने इस मामले की छानबीन का आश्वासन दिया है.

इमेज स्रोत, AFP
घटना की जांच का आश्वासन
मानवाधिकार मामलों में रूसी सरकारी जांच अधिकारी तात्याना मोस्काल्कोवा ने कहा है कि उन्होंने मामले की जांच के लिए चेचेन अधिकारियों को बोला है.
स्थानीय जांच एजेंसियों के कई लोगों का दावा है कि जांच शुरू हो गई है.
क्रेमलिन के आधिकारिक प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने शुरू में तो ऐसे हमले रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही लेकिन बाद में जांच के नतीजे आने का इंतज़ार करने को कहा.
रमज़ान कादिरोव ने अपने सोशल मीडिया पेज पर लिखा कि उन्होंने मामले की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि जनवरी 2022 में उन्होंने मिलाशिना और नेमोव को "टेररिस्ट" कहा था.
कादिरोव के एक मंत्री ने ‘इस हमले को चेचेन्या के ख़िलाफ़ उकसावे वाली कार्रवाई बताया, जिसका मकसद विल्नियस में नेटो बैठक के पहले उसे बदनाम करना था.’
दुनिया भर में हमले की निंदा
ह्यूमन राइट वाचडॉग- काउंसिल ऑफ़ यूरोप के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा “बहुत चिंताजनक बात है कि यह घटना पत्रकारों और 'नोवाया गैज़ेटा' के सहयोगियों पर हमले की कड़ी में दिखाई देता है.”
अधिकारी दुन्जा मिजातोविक ने काउंसिल के सदस्य देशों से कहा है कि वो रूसी फ़ेडरेशन में पत्रकारों के साथ खड़े हों और इस घटना की जवाबदेही तय हो.
'नोवाया गैज़ेटा' में मिलाशिना की सहयोगी ने एक बायान में कहा है कि चेचेन्या की उनकी यात्रा की योजना बहुत पहले बनी थी और ख़तरों को कम करने का काफी हद तक आकलन किया गया था.
बयान के अनुसार, “ये दिखाता है कि अर्द्ध सैनिक संगठनों और जांच एजेंसियों पर रूसी सरकार का नियंत्रण लगातार ढीला होता जा रहा है.”
ये भी पढ़ेंः-
- (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












