चरणजीत सिंह चन्नी की संसद में अमृतपाल पर टिप्पणी, विवाद बढ़ने पर कांग्रेस ने दी सफ़ाई

इमेज स्रोत, ANI
लोकसभा में गुरुवार को कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के एक बयान पर विवाद हो गया है.
विवाद बढ़ा तो कांग्रेस ने सफ़ाई देते हुए ख़ुद को अलग कर लिया और कहा कि यह चन्नी की निजी राय है.
संसद में बजट सत्र पर चर्चा के दौरान पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने लोकसभा में खालिस्तान समर्थक और निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह के समर्थन में बयान दिया था.
चन्नी ने कहा था कि एनएसए के तहत एक निर्वाचित सांसद को क़ैद करके रखना केंद्र की अघोषित आपातकाल का हिस्सा है.
चन्नी ने कहा था, ''हर रोज़ आपातकाल की बात करते हैं, लेकिन आज देश में जो अघोषित आपातकाल है, उसका क्या?’’
चन्नी के इस बयान के बाद बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर हो गई. कहा जा रहा है कि इस बयान से कांग्रेस के भी कई सांसद नाराज़ थे.
इसके बाद कांग्रेस ने ‘डैमेज कंट्रोल’ की कोशिश करते हुए चन्नी के बयान से दूरी बना ली
पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा, ''अमृतपाल सिंह पर चन्नी का बयान उनकी निजी राय है और किसी भी स्थिति में पार्टी का यह रुख़ नहीं है ’’

बीजेपी हमलावर, कार्रवाई की मांग

इमेज स्रोत, ANI
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने चन्नी के बयान की आलोचना करते हुए समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''मैं सिर्फ़ यही कहूंगा कि इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले खालिस्तानी थे और कांग्रेस खालिस्तानी का समर्थन कर रही है. वाह रे कांग्रेस, जय चन्नी. ये भारत की संप्रभुता पर हमला है. इस मामले में कार्रवाई की जानी चाहिए. कांग्रेस का हाथ. खालिस्तान का साथ.''
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने चन्नी की ओर से अघोषित इमजरेंसी का ज़िक्र करने पर कहा ’’ मुझे नहीं पता कि 1975 में चन्नी की उम्र क्या रही होगी. मुझे तो लगता है कि उनकी पार्टी के युवा नेताओं ने तब जन्म भी नहीं लिया होगा. मुझे पता है कि आपातकाल के दौरान क्या हालात थे. राजनीतिक दलों के नेताओं को रातोंरात जेल में बंद कर दिया गया था. लोगों की आजादी घट गई थी. अख़बार ख़ाली पन्नों के साथ छप रहे थे.’’
चरणजीत सिंह चन्नी ने क्या कहा था?

इमेज स्रोत, ANI
चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरुवार को संसद में बजट सत्र के दौरान संसद में अमृतपाल सिंह का नाम लिए बगैर कहा था, ''20 लाख लोगों ने पंजाब से एक सांसद चुना और उसे एनएसए लगा कर अंदर रखा गया है. वो अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों के बारे में नहीं बोल पा रहा है. ये भी आपातकाल ही है.’’
चन्नी ने अमृतपाल सिंह का नाम नहीं लिया था लेकिन बाद में जयराम रमेश की प्रतिक्रिया से स्पष्ट हो गया कि चन्नी अमृतपाल सिंह के बारे में ही कह रहे थे.

इमेज स्रोत, ANI
संसद में अमृतपाल सिंह का सवाल उठाने पर उनकी मां ने चन्नी का शुक्रिया अदा किया है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अमृतपाल सिंह की मां बलविंदर कौर ने कहा, ''हम चन्नी जी का शुक्रिया अदा करते हैं. उन्होंने पंजाब के साथ किए जा रहे अत्याचार पर आवाज़ उठाई है. मैं लोगों से यही कहना चाहूंगी कि जहाँ भी नाइंसाफ़ी हो उन्हें बोलना चाहिए. मेरे बेटे पर लगा एनएसए हटाया जाना चाहिए. उसे तुरंत रिहा किया जाए. मैं चन्नी जी का शुक्रिया अदा करती हूँ. उन्होंने सच की आवाज़ उठाई है.’’
अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने कहा, ''हम पंजाब के दूसरे सांसदों से भी अपील करते हैं कि वो सूबे के अधिकार के लिए आवाज़ उठाएं. बजट में पंजाब के साथ जो किया गया है, उसका भी विरोध होना चाहिए.’’
संसद में चन्नी और मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भिड़े

इमेज स्रोत, ANI
संसद में अमृतपाल सिंह के समर्थन में बोलने के बाद मचे बवाल से पहले चन्नी और पंजाब से केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू में जम कर ज़ुबानी जंग देखने को मिली.
बिट्टू ने चन्नी पर टिप्पणी की जिससे वो भड़क गए. उन्होंने कहा, ''बिट्टू जी आपके दादा शहीद हुए थे. लेकिन वो उस दिन नहीं मरे थे. वो उस दिन मरे थे, जिस दिन आपने कांग्रेस छोड़ी थी.''
इस पर बिट्टू ने कहा, ''मेरे दादा सरदार बेअंत सिंह ने देश के लिए क़ुर्बानी दी थी न कि कांग्रेस के लिए. ये चन्नी ग़रीबी की बात कर रहे हैं. लेकिन चन्नी पंजाब का सबसे अमीर है और सबसे भ्रष्ट भी.''
बिट्टू के जवाबी हमले के बाद जब चन्नी ने बोलना शुरू किया तो बीजेपी के सांसद शोर करने लगे.
एक वक़्त तो ऐसा आया कि दोनों पक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए. इससे सदन में आपसी झड़प की स्थिति पैदा हो गई. इस स्थिति को देखते हुए संसद दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई.
बाद में संसद के बाहर जब पत्रकारों ने चन्नी से उनके बयान में बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ''मैंने किसानों के बारे में बात की. एमएसपी पर बात की. मैंने बजट पर चर्चा के दौरान उनकी बात उठाई.’’
जब उनसे पूछा गया कि अमृतपाल सिंह के बारे में आपने जो बोला उस पर क्या कहेंगे. इस पर उन्होंने कहा, मैंने जो बोलना था बोल दिया.’’
दूसरी ओर रवनीत सिंह बि्टटू ने कहा कि चन्नी एक देशद्रोही की तरह बात कर रहे हैं.
उन्होंने चन्नी के साथ-साथ कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर भी निशाना साधा.
बिट्टू ने कहा, ''चन्नी देशद्रोही की तरह व्यवहार कर रहे हैं और देश को गुमराह कर रहे हैं. चन्नी ने कहा कि किसानों पर एनएसए लगा हुआ है जबकि एनएसए तो उन पर लगा हुआ है जो देश और पंजाब को तोड़ना चाहते थे.''
कैसे पैदा हुई तनातनी

इमेज स्रोत, ANI
गुरुवार को जब संसद में चन्नी को बजट प्रस्तावों पर बोलने के लिए बुलाया गया तो उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ग़ैर मौजदूगी का सवाल उठाया. इसके बाद उन्होंने बीजेपी को ईस्ट इंडिया कंपनी बताते हुए कहा कि फ़र्क़ सिर्फ़ रंग का है.
बिट्टू को हराने वाले अमरिंदर सिंह वारिंग उनकी ओर बढ़ते नज़र आए. माहौल गर्म होता देख. सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई. दरसअल बिट्टू को हारने के बावजूद बीजेपी ने उन्हें मंत्री बनाया है. अभी बिट्टू किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं.
बाद में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह देते हुए चन्नी और बिट्टू की टिप्पणियों को सदन के रिकार्ड से निकालने के आदेश दिए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












