सिंगापुर के मंत्री ईश्वरन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगना इतनी बड़ी बात क्यों है?

एस ईश्वरन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, एस ईश्वरन

सिंगापुर के कैबिनट मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. एक असाधारण मामले में सुब्रमण्यम ईश्वरन का नाम आने पर पूरा देश सकते में है.

ईश्वरन पर भ्रष्टाचार के कुल 27 आरोप दर्ज किए गए हैं. उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया है.

उन्हें उस समय सिंगापुर के पर्यटन उद्योग को संभालने के लिए जाना जाता है जब फॉर्मूला वन ग्रैंड प्रिक्स ने यहां अपनी शानदार शुरुआत की थी.

ईश्वरन ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. हालांकि, उनपर लगे भ्रष्टाचार के आरोप से जुड़ी ख़बरें सिंगापुर के मीडिया में हर तरफ़ छाई हैं.

अभियोजन पक्ष की ओर से जारी आरोप पत्रों से पता चलता है कि उनपर संपत्ति बाज़ार के बड़े कारोबारी ऑन्ग बेंग सेंग के व्यवसायिक हितों को आगे बढ़ाने के बदले उन्होंने कथित तौर फ्लाइट्स, होटल में रहने और ग्रैंड प्रिक्स की टिकट मुफ़्त में हासिल की. इन सबकी लागत 1 लाख 60 हज़ार सिंगापुरी डॉलर से अधिक थी.

उनपर वेस्ट एंड म्यूज़िकल्स और फ़ुटबॉल मैचों के टिकट लेने का भी आरोप है.

सुब्रमण्यम ईश्वरन को बीते साल ऑन्ग बेंग के साथ ही गिरफ़्तार किया गया था. मई 2008 में सिंगापुर में एफ़1 रेस की शुरुआत करने में ऑन्ग बेंग की मुख्य भूमिका मानी जाती है. हालांकि, ईश्वरन पर लगे सभी आरोपों में ऑन्ग का नाम है. कई मामलों में उन्होंने कथित तौर पर घूस की पेशकश भी की.

गुरुवार को प्रधानमंत्री ली सीन लूंग को पत्र में ईश्वरन ने लिखा, "मैं आरोपों को खारिज करता हूं और मैं निर्दोष हूं."

इस्तीफ़े का एलान करने के साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वह बीती जुलाई से लेकर अब तक का वेतन और अन्य भत्ते लौटाएंगे. जुलाई में ही उनके ख़िलाफ़ जाँच शुरू हुई थी.

गिरफ़्तारी के बाद ईश्वरन को छुट्टी पर भेज दिया गया था लेकिन फिर भी उन्हें हर महीने साढ़े आठ हज़ार सिंगापुरी डॉलर वेतन मिल रहा था. सांसद होने के नाते उन्हें हर महीने 15 हज़ार सिंगापुरी डॉलर भत्ते के तौर भी दिए जा रहे थे.

सिंगापुर के सांसद दुनिया में सबसे अधिक वेतन पाने वालों में से हैं. यहां मंत्रियों की शुरुआती तनख़्वाह के तौर पर 45 हज़ार सिंगापुरी डॉलर मिलते हैं. नेताओं ने अतीत में इस ऊंचे वेतन का ये कहकर बचाव किया कि इससे भ्रष्टाचार से जंग में मदद मिलेगी.

सत्ताधारी पीपल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) के दिग्गज नेता ईश्वरन अपने पूरे करियर के दौरान कई बड़ी कंपनियों के निदेशक पद पर रह चुके हैं.

सरकार में रहते हुए उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, संचार और पर्यटन मंत्रालय सहित कई अहम ज़िम्मेदारियां मिलीं.

एस ईश्वरन

इमेज स्रोत, Getty Images

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

लेकिन व्यापार और उद्योद मंत्रालय में लंबा वक्त गुज़ारने के दौरान उन्हें पहचान मिली.वर्ष 2000 से 2010 और उसके बाद सिंगापुर के पर्यटन उद्योग की तस्वीर को बदलने में उनका बड़ा हाथ माना जाता है.

ये वह वक्त था जब सरकार ने कसीनो, होटल, टूरिस्टों के आकर्षण के निर्माण और एफ़1 रेस जैसे आयोजनों के लिए विशाल संसाधन झोंके और अरबों-खरब रुपये विदेशी निवेश हुआ.

वो सिंगापुर के कई आयोजनों के मंच पर जाना-माना चेहरा होते थे.

उनके ख़िलाफ़ मुकदमा उन राजनीतिक स्कैंडलों में से एक है, जिसने पीएपी को हिलाकर रख दिया. ये वह पार्टी है जो लंबे समय तक अपने भ्रष्टाचार और अनैतिक व्यवहार विरोधी रुख का ढिंढोरा पीटती रही है.

सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने ईश्वरन का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है और उनकी सरकार इस मामले से 'सख्ती' से निपटी है.

उन्होंने कहा, "मैं पार्टी और सरकार की पवित्रता तथा ईमानदारी वाली हमारी छवि को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं. सिंगापुर के लोग इससे कम कुछ भी नहीं चाहते."

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार 61 वर्षीय ईश्वरन प्रधानमंत्री ली सीन लूंग के कैबिनट में साल 2006 में एक जूनियर मंत्री के तौर पर जुड़े थे. धीरे-धीरे उनका कद बढ़ा और मई 2021 तक वह पर्यटन मंत्री बन चुके थे.

सिंगापुर के लिए क्यों है बड़ा झटका?

एस ईश्वरन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, सिंगापुर के प्रधानमंत्री के साथ एस ईश्वरन

सिंगापुर की छवि क्लीन गवर्नेंस वाली रही है. मौजूदा समय में भी ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की सालाना आने वाली भ्रष्टाचार से जुड़ी 180 देशों की सूची में सिंगापुर पाँचवें स्थान पर है.

मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के मुकदमे दर्ज होना इस देश में आम बात नहीं है.

सिंगापुर में आखिरी बार वर्ष 1986 में किसी मंत्री ने भ्रष्टाचार के केस में जाँच का सामना किया था. उस समय राष्ट्रीय विकास मंत्री तेह चियांग वान के ख़िलाफ़ घूस लेने के आरोपों की जाँच हुई थी. हालांकि, आरोप तय होने से पहले ही उन्होंने आत्महत्या कर ली थी.

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करने वाली सिंगापुर की भ्रष्टाचार निरोधी एजेंसी 'करप्ट प्रैक्टिसेज़ इनेवेस्टिगेशन ब्यूरो (सीपीआईबी)' ईश्वरन पर लगे आरोपों की जाँच की अगुवाई कर रही है.

इसी रिपोर्ट में बताया गया है कि ईश्वरन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की टाइमिंग प्रधानमंत्री ली के लिहाज से संवेदनशील है. वह 20 साल तक नेतृत्व संभालने के बाद अब पीएम पद छोड़ने की योजना में है. सिंगापुर में 2025 में आम चुनाव होने हैं.

बीती नवंबर में ईश्वरन के मुकदमें के बारे में बात करते हुए पीएपी के एक कार्यक्र में ली ने कहा था, "पार्टी को सिंगापुर के लोगों और दुनिया को ये दिखाना चाहिए कि सरकार में आधी सदी बीतने के बाद भी पीएपी के मानक अभी भी हमेशा की तरह ऊंचे हैं."

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ईश्वरन पर लगे 27 आरोपों में भ्रष्टाचार और कानूनी जाँच में बाधा पैदा करना भी शामिल हैं.

रॉयटर्स ने इस बारे में कारोबारी ऑन्ग के कार्यालय से भी संपर्क किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

अगर ईश्वरन दोषी पाए जाते हैं तो उनपर एक लाख सिंगापुरी डॉलर का जुर्माना लग सकता है या फिर उन्हें सात साल जेल की सज़ा भी हो सकती है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)