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इसराइल ने गज़ा पर हमले के बीच भारत से की ये मांग- प्रेस रिव्यू
भारत के लिए इसराइल के राजदूत नाओर गिलोन ने कहा है कि वक़्त आ गया है कि भारत फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करे.
द हिंदू अख़बार में छपी एक ख़बर के अनुसार, बुधवार को दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमास के साथ जारी इसराइल के युद्ध का असर न तो आई2यू2 (भारत, इसराइल, अमेरिका और यूएई का संगठन) और (भारत मध्य-पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा ) आईएमईसी जैसे कार्यक्रमों पर पड़ेगा और न ही इसराइल की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.
उन्होंने कहा, "भारत इसराइल का क़रीबी दोस्त है और उसे दुनिया में अहम की आवाज़ के तौर पर जाना जाता है. आतंकवाद की बात करें तो भारत दशकों से इसका भुक्तभोगी रहा है और इसके बारे में उसका अपना नज़रिया है."
"दुनिया के लोकतांत्रिक देश इस वक़्त इसराइल के साथ हैं और मुझे लगता है, वक़्त आ गया है कि भारत आधिकारिक तौर पर हमास को एक आतंकवादी संगठन घोषित करे. यूरोपीय संघ, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश ये काम पहले ही कर चुके हैं."
सात अक्तूबर को हमास के लड़ाकों ने हवाई, ज़मीनी और समुद्री मार्ग से इसराइल पर हमला किया था. भारत ने इसे "आतंकी हमला" क़रार देते हुए आतंक के ख़िलाफ़ इसराइल के समर्थन की बात की थी.
साथ ही भारत ने कहा था कि दशकों से चले आ रहे इसराइल और फ़लस्तीन मुद्दे का हल दो-राष्ट्र समाधान में है, जिसके तहत स्वतंत्र फ़लस्तीनी राष्ट्र बनाया जाना चाहिए.
अख़बार के अनुसार, नाओर गिलोन ने कहा कि उन्होंने हमास को आतंकवाद संगठन घोषित करने से संबंधित मुद्दे पर "भारत में संबंधित अधिकारियों" से बात की है.
उन्होंने कहा, "ये पहली बार नहीं है, जब हम ये बात कर रहे हैं. हम इसके लिए दबाव नहीं बना रहे. हमारा मानना है कि ये वो काम है जो पहले ही हो जाना चाहिए था. हमने हमास के हमले के बाद ये मुद्दा उठाया है और हम अभी इस पर चर्चा कर रहे हैं. ये दोस्ताना चर्चा है. हम दोनों ही मुल्क आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करते."
'युद्ध का असर इसराइल की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ेगा'
इस दौरान बातचीत में नाओर गिलोन ने कहा कि ताज़ा संघर्ष का असर इसराइल की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ेगा.
उन्होंने कहा, "गुज़रा वक्त इसराइल के लिए अच्छा रहा है और उसके सामने सुनहरा भविष्य है. हम विकास के रास्ते पर चलते रहेंगे. अभी हमारे लिए सबसे ज़रूरी बात है, ख़तरे को ख़त्म करना, इसके बाद हम सामान्य कामकाज़ की तरफ़ लौट आएंगे."
उन्होंने कहा कि इसराइल का ध्यान इस तरफ़ है कि वो हमास के कब्ज़े से बंधकों को कैसे छुड़ाए. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वो इसके लिए हमास पर दबाव बनाएं.
उन्होंने कहा कि ज़रूरत पड़ी तो इसराइल एक तरफ़ गज़ा में हमास के साथ और दूसरी तरफ़ लेबनान की सीमा पर हिज़बुल्लाह के साथ दो मोर्चों पर युद्ध लड़ सकता है, लेकिन वो इलाक़े के संवेदनशील हालात समझता है और ऐसा नहीं करना चाहता.
अख़बार के अनुसार, उन्होंने कहा कि लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के अंतरिम सुरक्षाबल (यूएनआईएफ़आईएल) तैनात हैं, जिनमें भारतीय सैनिक भी हैं.
उन्होंने कहा, "हम दूसरा मोर्चा खोल सकते हैं और हमें पता है कि हमें उनसे कैसे निपटना है. लेकिन हम ऐसा नहीं करना चाहते क्योंकि हमें इसका अहसास है कि लेबनान समेत दूसरों को इसकी क्या क़ीमत चुकानी पड़ सकती है. मुझे लगता है कि भारत की इसमें दिलचस्पी होगी क्योंकि उसके सैनिक यूएनआईएफ़आईएल में हैं. कोई नहीं चाहता कि इस तरह का युद्ध शुरू हो."
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में मुसलमान व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में मंगलवार को भीड़ ने 25 साल के एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी जिसके बाद वहां हालात तनावपूर्ण हो गए हैं.
अख़बार द हिंदू में छपी एक ख़बर के अनुसार ये मामला मंगलवार शाम का है, जब हापुड़ के लुहारी गांव में इरशाद मोहम्मद नाम के एक युवक की मोटरसाइकिल दशहरा समारोह में हिस्सा लेने आए एक व्यक्ति से टकरा गई.
इसके बाद शुरू हुई कहासुनी ने जल्द ही हिंसा का रूप ले लिया और भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने इरशाद को पीटना शुरू कर दिया. बाद में इरशाद को स्थानीय सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
अख़बार लिखता है कि इस घटना के इलाक़े में तनाव बढ़ गया है और स्थानीय प्रशासन ने यहां की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, हालात को देखते हुए यहां अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी है.
पुलिस का कहना है कि इस मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और चार की तलाश अभी जारी है.
एनसीईआरटी पैनल का प्रस्ताव, किताबों में इंडिया की जगह हो भारत
अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार, एनसीईआरटी की बनाई एक समिति ने सिफ़ारिश की है कि एनसीईआरटी की किताबों में इंडिया की जगह भारत का इस्तेमाल किया जाए.
साथ ही एनसीईआरटी की किताबों में क्लासिकल इतिहास और हिंदुओं की जीत से जुड़ी जानकारी शामिल की जाए.
अख़बार लिखता है कि समिति की सिफ़ारिशों के बाद इस मुद्दे पर विवाद गहरा गया है और अब किताबों का मसौदा तैयार करने के लिए ज़िम्मेदार सरकारी ऐजेंसी को इस पर विचार करना चाहिए.
जहां समिति का कहना है कि इंडिया की जगह भारत के इस्तेमाल से देश की सांस्कृतिक धरोहर और हिंदू पहचान को बल मिलेगा, वहीं आलोचकों का कहना है कि ये एक राजनीतिक क़दम है और सरकार का ध्यान इसकी बजाय शिक्षा के गुणवत्ता बढ़ाने और शिक्षकों के खाली पड़े पदों को भरने की तरफ़ होना चाहिए.
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मोदी होंगे शामिल
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में अगले साल 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और इस कार्यक्रम में पीएम मोदी शामिल होंगे.
अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाक़ात कर उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है.
मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस मुलाक़ात की जानकारी दी और लिखा, ये मेरा सौभाग्य है कि अपने जीवनकाल में, मैं इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनूंगा."
ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय ने कहा है कि इस मौक़े पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे.
माना जा रहा है कि इस मौक़े पर कई दिनों तक समारोह आयोजित किए जाएंगे और बड़ी संख्या में देशभर से लोग अयोध्या पहुंच सकते हैं.
चाइल्ड सेक्स कॉन्टेंट न हटाने पर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म होंगे ज़िम्मेदार
सोशल मीडिया यूज़र को नुक़सान पहुंचा सकने वाला कॉन्टेंट न हटाने पर भारत सरकार आईटी एक्ट के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दी गई सुरक्षा हटाने पर विचार कर रही है.
इसमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कॉन्टेंट, फर्जी ख़बरें या धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला कॉन्टेंट शामिल है.
आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया है कि भारत सरकार इंफ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स के तहत ऐसे प्रावधान लागू करने पर विचार कर रही है जिससे फ़ेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम, यूट्यूब और गूगल को भारतीय क़ानून के तहत ज़िम्मेदार ठहराया जा सके.
अख़बार लिखता है कि बच्चों के यौन हिंसा से जुड़े कॉन्टेंट को हटाने की सरकार के आदेश से बचने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म थर्ड पार्टी कंटेन्ट से जुड़ी क़ानून की धारा 79 के तहत उन्हें मिल सुरक्षा का इस्तेमाल कर रहे हैं.
उनका कहना है कि इस मामले में यूट्यूब, एक्स और टेलिग्राम जैसे प्लेटफ़ॉर्म सरकारी आदेशों का "सही से जवाब" नहीं दे रहे, और बार-बार हो रही इस तरह की घटनाओं पर सरकार "गंभीरता से विचार" कर रही है.
अख़बार के अनुसार इंफ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स 2021 के रूल 7 के लागू होने पर, आपत्तिजनक कंटेन्ट के ख़िलाफ़ कदम न उठाने पर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की सुरक्षा ख़त्म हो जाएगी.
सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन बनाने के लिए भारत और जापान में सहमति
बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन बनाने के लिए पर भारत और जापान के बीच एक अहम साझेदारी को मंजूरी दी है.
इस समझौते पर जुलाई में हस्ताक्षर हुए थे. डेकन हेराल्ड में छपी एक ख़बर के अनुसार, बयान में कहा गया है कि इस समझौते पर हो रहे काम बारे में पीएम मोदी को जानकारी दी गई है.
अमेरिका के बाद जापान क्वॉड में शामिल दूसरा देश है जिसके साथ भारत ने सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन बनाने के लिए समझौता किया है.
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