एकता कपूर और उनकी माँ की इन वजहों से बढ़ सकती हैं मुश्किलें

प्रोड्यूसर एकता कपूर (फ़ाइल फोटो)

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    • Author, मधु पाल
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

प्रोड्यूसर एकता कपूर और उनकी मां शोभा कपूर के ख़िलाफ़ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

ऑल्ट बालाजी के वेब सिरीज़ 'गंदी बात' में नाबालिग लड़कियों के 'बोल्ड दृश्य' को लेकर ये मामला दर्ज हुआ है. जिस एपिसोड को लेकर आरोप है अब उसका प्रसारण नहीं हो रहा है.

‘ऑल्ट बालाजी’ की वेब सिरीज़ ‘गंदी बात’ के इस शो में बोल्ड कंटेंट हैं. दर्ज मामले में धार्मिक भावनाएं भी आहत करने के आरोप हैं.

इन आरोपों पर एकता कपूर से बीबीसी हिंदी ने प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की लेकिन जवाब नहीं आया. हालांकि, उनकी कंपनी ऑल्ट डिजिटल मीडिया एंटरटेनमेंट लिमिटेड की तरफ़ से आए एक बयान में कहा गया है, ''कंपनी सभी क़ानूनों जिसमें पॉक्सो एक्ट भी शामिल है, उनका पूरी तरह पालन करती है.''

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वेब सिरीज़ ‘गंदी बात’ में दृश्य पर हुआ विवाद

मुंबई के बोरीवली स्थित एमएचबी पुलिस थाने में ऑल्ट बालाजी की फ़ाउंडर एकता कपूर और उनकी मां और प्रोड्यूसर शोभा कपूर के ख़िलाफ़ मुंबई में पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेस एक्ट) के तहत मामला दर्ज हुआ है.

दर्ज मामले में कहा गया है कि फ़रवरी 2021 से अप्रैल 2021 के बीच ‘ऑल्ट बालाजी’ पर दिखाई गई वेब सिरीज़ ‘गंदी बात’ में नाबालिग लड़कियों के बोल्ड दृश्य दिखाए गए.

बोरीवली पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर किरन सोर्स ने बताया कि बोरीवली के स्वप्निल रिवाजी की शिकायत पर ये मामला दर्ज हुआ है.

रिवाजी ने शिकायत में कहा है कि शो में स्कूल के बच्चों को यूनिफॉर्म में किस करते दिखाया गया और शो में सिगरेट के विज्ञापन का इस्तेमाल करते हुए महापुरुषों और संतों का अपमान किया गया है.

बोरीवली पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर किरन सोर्स ने बताया कि मुंबई के सत्र न्यायालय से आदेश पर एकता कपूर और उनकी मां शोभा कपूर के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

इस वेब सिरीज़ पर दर्ज हुई शिकायत में एक और आरोप ये भी है कि इसमें सिगरेट के विज्ञापन का इस्तेमाल करते हुए महापुरुषों और संतों का अपमान किया गया है. दृश्य में आपत्तिजनक और भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली भी बात भी कही गई है.

प्रोड्यूसर एकता कपूर के ख़िलाफ़ मुंबई के बोरीवली में मामला दर्ज हुआ

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इमेज कैप्शन, प्रोड्यूसर एकता कपूर के ख़िलाफ़ मुंबई के बोरीवली में मामला दर्ज हुआ

आरोपों के बाद एकता कपूर की कंपनी ऑल्ट डिजिटल मीडिया एंटरटेनमेंट लिमिटेड की तरफ़ से एक बयान जारी किया गया. इस बयान में कंपनी का दावा है कि ''वेब सिरीज़ में नाबालिगों के किसी भी प्रकार से जुड़े होने से संबंधित रिपोर्ट्स पूरी तरह गलत हैं.''

बयान में आगे कहा गया है, ''शोभा कपूर और एकता कपूर कंपनी के रोजाना के कामकाज में दखल नहीं रखती हैं, ये कामकाज अलग-अलग टीमें करती हैं.''

क्या है पॉक्सो एक्ट?

मुंबई हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील नरेंद्र दुबे बीबीसी हिंदी से कहते हैं, "पॉक्सो एक्ट बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है.

इसके तहत विभिन्न प्रकार के अपराधों के लिए प्रावधान बनाए गए हैं.

उन्होंने कहा कि पॉक्सो एक्ट की धारा 13 और 15 के तहत, बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री से जुड़े अपराधों के लिए सज़ा का प्रावधान है.

इसके तहत 'अश्लील मकसद' से बच्चों का इस्तेमाल करने पर कम से कम पांच साल और ज़्यादा से ज़्यादा सात साल की जेल हो सकती है.

अगर कोई व्यक्ति किसी बच्चे से जुड़ी अश्लील सामग्री रखता है या इकट्ठा करता है, लेकिन उसे नष्ट नहीं करता या किसी प्राधिकारी को रिपोर्ट नहीं करता, तो कम से कम 5,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है.

पॉक्सो एक्ट

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सेक्शन 13 और 15 में क्या है?

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एपिसोड

समाप्त

सेक्शन 13: बच्चों की अश्लील तस्वीरों या वीडियो बनाना, वितरण, या प्रसार करना अपराध माना जाता है. इसमें किसी बच्चे की नग्न या यौन संबंधित तस्वीरें, वीडियो या किसी भी तरह की सामग्री शामिल होती है. यदि कोई व्यक्ति किसी भी माध्यम से, चाहे वह इंटरनेट हो या कोई अन्य माध्यम, ऐसी सामग्री का निर्माण या वितरण करता है, तो उसे सजा का प्रावधान है

सेक्शन 15: इस धारा के तहत, यदि कोई व्यक्ति धारा 13 में बताए गए अपराध करता है, तो उसे सजा दी जाती है. पहली बार अपराध करने पर – दोषी को कम से कम 5 साल और अधिकतम 7 साल तक की सजा हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है. यदि अपराधी फिर से अपराध करता है – तो उसे कम से कम 7 साल की सजा होगी और यह सजा आजीवन कारावास में भी बदल सकती है, साथ ही जुर्माना भी लगेगा.

इन धाराओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अश्लील सामग्री से बचाना और इस तरह की गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों को सख्त सजा देना है.

पॉक्सो अधिनियम को 2019 में संशोधित किया गया. इसमें सजा विशेषकर बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को लेकर सजा और कड़ी की गई.

हाई कोर्ट के वकील नरेंद्र दुबे आगे कहते हैं कि एकता कपूर और उनकी मां के ख़िलाफ़ तीसरी धारा 295 ए लगी है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित है.

यह धारा किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने या उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के प्रयास से संबंधित है.

इन आरोपों पर अब तक न तो एकता कपूर और न ही उनकी मां की तरफ से कोई बयान आया है.

अब तक इस सिरीज़ के सात सीजन रिलीज़ हो चुके हैं.

आईएमडीबी ने इस सिरीज़ को इरोटिक थ्रिलर का मर्डर मिस्ट्री बताया है. इसका निर्देशन सचिन मोहिते ने किया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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