पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव: हिंसा में 12 की मौत, बीजेपी और कांग्रेस के निशाने पर ममता बनर्जी, टीएमसी ने क्या कहा

पश्चिम बंगाल

इमेज स्रोत, Sanjay Das

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए शनिवार को हुए मतदान में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर हिंसा होने की ख़बर है.

इन हिंसक घटनाओं में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए. हालांकि गैर-सरकारी सूत्रों ने दावा किया है कि मरने वालों की संख्या ज़्यादा भी हो सकती है.

शनिवार को हुई हिंसा ने वर्ष 2018 के पंचायत चुनाव में हुई 10 मौतों के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया है.

भारी हिंसा के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाया है.

वहीं तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी, कांग्रेस और सीपीएम पर राज्य की सत्ताधारी पार्टी को बदनाम करने का आरोप लगाया है.

पश्चिम बंगाल में शनिवार को पूरे राज्य में एक ही चरण में पंचायत चुनाव करवाए गए. राज्य के 20 जिलों में तीन स्तरीय चुनाव हुए और दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों में दो स्तरीय चुनाव हुए.

चुनाव परिणाम 11 जुलाई को घोषित किए जाएंगे.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 1

बीजेपी नेताओं के आरोप

बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के ग्राम पंचायत चुनाव में हिंसा का तांडव हो रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘ममता जी आप इस हिंसा के तांडव को कब रोकेंगी. भाजपा इस हिंसा की निंदा करती हैं. ममता जी आप बैलेट बॉक्स ले आईं. उन बैलेट बॉक्स को छीना, तालाब में फेंका, किसी में स्याही डाली जा रही है. ममता जी आपकी सरकार के लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता की परीक्षा हो रही है.’’

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 2

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजमूदार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर राज्य में लोकतंत्र बहाल करने की मांग की है.

छोड़िए X पोस्ट, 3
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 3

वहीं राज्य के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता में कहा, ‘‘आज लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म हो गया है. हमारी मांग है कि जहां भी सीसीटीवी नहीं है और जहां भी चुनाव में धांधली हुई, वहां फिर से मतदान कराया जाए.’’

‘‘बंगाल में इतना गोला बारूद आया, अधिकतर मृत्यु गोली से हुई हैं. यह सब कौन भेजा, इसकी फंडिंग किसने की, यह देश विरोधी ताकतें हैं इसलिए इसकी जांच एनआईए द्वारा की जानी चाहिए.’’

अधिकारी ने राज्य चुनाव आयोग के खिलाफ धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज़ करने की मांग की है.

छोड़िए X पोस्ट, 4
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 4

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

वहीं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रामाणिक ने आरोप लगाया, ‘‘पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी बैलेट पर नहीं बल्कि बुलेट पर भरोसा करती है इसलिए राज्य की यह स्थिति है. बाहरी घुसपैठिए, असामाजिक तत्त्व और तृणमूल के गुंडों को ममता बनर्जी पनाह दे रही हैं. आज बंगाल की स्थिति क्या हो गई है.’’

‘‘चुनाव गणतंत्र का महोत्सव होता है लेकिन बंगाल में इस बार का पंचायत चुनाव गणतंत्र का महोत्सव नहीं बल्कि मृत्यु का उत्सव बन गया है. जब से चुनावों की घोषणा हुई है तब से आज तक सरकार के पास भी मौत के सही आंकड़े नहीं होंगे.’’

‘‘यह पूरी तरह से लोकतंत्र की हत्या है. राज्य के एक चुनाव आयोग का किसी एक पार्टी के लिए काम करना, लोकतंत्र के सख्त ख़िलाफ़ है. बंगाल में चुनाव की घोषणा से लेकर नतीजे के एलान तक जितने लोगों की मौत होगी, उन सभी की ज़िम्मेदारी चुनाव आयोग और वहां की सरकार की होगी.’’

प्रामाणिक के अनुसार, ‘‘राज्य चुनाव आयोग ने जल्दबाजी में एक ही फेज में और बिना केंद्रीय बल की तैनाती के चुनाव कराने का निर्णय लिया था. हम इसके ख़िलाफ़ कोर्ट गए और कोर्ट ने भी इसे माना, लेकिन ज़मीनी हकीकत अलग है. केंद्रीय बल को सिर्फ पेट्रोलिंग ड्यूटी के लिए रखा गया और किसी भी बूथ पर केंद्रीय बल के जवानों को तैनात नहीं किया गया.’’

राज्यपाल ने क्या कहा?

इससे पहले, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य के उत्तर 24 परगना ज़िले के अपने दौरे के दौरान कहा, ‘‘मैं सुबह से ही फील्ड में हूं... लोगों ने मुझसे अनुरोध किया, रास्ते में मेरा काफिला रोका. उन्होंने मुझे अपने आसपास हो रही हत्याओं के बारे में बताया, गुंडों की ओर से रोके जाने की जानकारी दी. लोगों को मतदान केंद्रों पर जाना चाहिए... चुनाव गोलियों से नहीं बल्कि मतपत्रों से होना चाहिए.’’

छोड़िए X पोस्ट, 5
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 5

कांग्रेस ने क्या कहा?

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पीटीआई से हुई बातचीत में दावा किया, ‘‘यहां की स्थिति बहुत खराब और तनावपूर्ण है. राज्य में कानून-व्यवस्था बिल्कुल नहीं रह गई है. बंगाल अराजक स्थिति में बदलता जा रहा है.’’

छोड़िए X पोस्ट, 6
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 6

तृणमूल कांग्रेस ने क्या कहा

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने विरोधी दलों पर ही आरोप मढ़े हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘हमें बदनाम करने के लिए बीजेपी, सीपीएम और कांग्रेस द्वारा पंचायत चुनाव को लेकर गलत बातें फैलाई जा रही हैं.

'अब तक हुई 27 मौतों में से 17 मौतें टीएमसी कार्यकर्ताओं की हुई हैं, जो कुल हताहतों का 60 प्रतिशत से अधिक है. इस दौरान केंद्रीय सुरक्षा बल केवल मूकदर्शक बने रहे. विपक्ष हम पर आरोप लगाकर हालात का केवल राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहा है.'

पश्चिम बंगाल

इमेज स्रोत, Sanjay Das

कहां-कहां हुई हिंसा?

सबसे ज्यादा हिंसा मुर्शिदाबाद जिले में हुई है. उसके अलावा नदिया, कूचबिहार, मालदा, बर्दवान, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिले में हिंसक घटनाओं में भी लोगों की मौत हुई है.

सरकारी सूत्रों के अनुसार, बड़े पैमाने पर हुई हिंसक झड़पों के अलावा आगजनी, बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान की भी सैकड़ों शिकायतें सामने आई हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)