मणिपुरः बीजेपी के मंत्री की संपत्ति भीड़ ने जलाई, 120 करोड़ का माल ख़ाक - प्रेस रिव्यू

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मणिपुर के इंफ़ाल ईस्ट इलाक़े में शुक्रवार की रात बीजेपी के एक मंत्री की संपत्तियों को भीड़ ने आग के हवाले कर दिया.
द देलीग्राफ़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस आगजनी में सरकार के सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए रखे गए 120 करोड़ रुपये की क़ीमत के पाइप भी जल गए. अख़बार के मुताबिक इस आगजनी की वजह ग़लतफ़हमी हैं.
बीजेपी के मंत्री एल सुसींद्रो मैतेई के निजी गोदाम, दो वाहनों और बीजेपी के दफ़्तर को भी आग लगा दी गई.
मणिपुर के स्वास्थ्य मंत्री एल सुसींद्रो मैतेई ने शुक्रवार को दो महिलाओं को हमलावरों से बचाया था.
लेकिन मैतेई भीड़ को लगा कि जिन महिलाओं की जान मंत्री ने बचाई है वो कूकी हैं. इसके बाद भीड़ ने इंफ़ाल ईस्ट ज़िले के खुराई विधानसभा क्षेत्र में स्थित मंत्री की संपत्तियों पर हमला कर दिया.
मैतेई समुदाय से आने वाले सुसींद्रो मणिपुर की बीजेपी सरकार में मंत्री हैं. अख़बार से बात करते हुए उन्होंने बताया, “ये आगजनी इसलिए हुई क्योंकि मैंने शुक्रवार को भीड़ के हमले से दो महिलाओं को बचाया था. भीड़ को शक था कि वो महिलाएं कूकी समुदाय की जासूस हैं. लोग मुझ पर इसलिए आक्रोशित हो गए क्योंकि उन्हें लग रहा है कि मैं कूकी समुदाय को बचा रहा हूं.”
मणिपुर में 3 मई को हिंसा शुरू होने के बाद से ही मैतेई और कूकी समुदायों का एक दूसरे से भरोसा टूट गया है. हिंसा में अब तक 110 से अधिक लोग मारे गए हैं और 60 हज़ार से अधिक लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है.
शुक्रवार को जब सुसींद्रो महिलाओं को भीड़ से बचाकर अस्पताल ले जा रहे थे तब भीड़ ने उन पर भी हमला करने की कोशिश की थी. सुसींद्रो के सुरक्षाकर्मियों को गोलियां चलानी पड़ीं.
मणिपुर में हिंसा शुरू होने के बाद से निर्वाचित प्रतिनिधियों के घरों पर भी हमले हो रहे हैं. सुसींद्रो समेत अब तक दस प्रतिनिधियों के घरों पर हमले हो चुके हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं.

दिल्ली: सांप्रदायिक तनाव रोकने के लिए अर्धसैनिक बल तैनात
द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर-पूर्वी दिल्ली में चाकू हमले के बाद सांप्रदायिक तनाव रोकने के लिए अर्धसैनिक बल तैनात करने पड़े हैं.
शनिवार को एक बीस वर्षीय युवक पर चाकू हमले के बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बृजपुरी इलाक़े में अर्धसैनिक बल तैनात किए गए.
डीसीपी (उत्तर-पूर्वी दिल्ली) जॉय टिर्की के मुताबिक ये घटना शुक्रवार रात क़रीब दस बजे की है. राहुल अपने कज़िन भाई सोनू के साथ बाहर आइसक्रीम खाने निकला था जहां किसी बात पर उसका बीस वर्षीय मोहम्मद ज़ैद से विवाद हो गया.
पुलिस के मुताबिक किसी मामूली बात पर हुए विवाद के बाद ज़ैद ने राहुल पर चाकू से हमला कर दिया. उसे बचाने आया सोनू भी इस हमले में घायल हो गया.
घटना के बाद से अभियुक्त फ़रार है और पुलिस उसे पकड़ने का प्रयास कर रही है. घटना के पीछे किसी भी सांप्रदायिक कारण के होने से इनकार करते हुए पुलिस ने कहा है कि अहतियात के तौर पर अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं.
घायल राहुल इस समय जीटीबी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है. 2020 में दिल्ली में हुए दंगों के दौरान बृजपुरी इलाक़ा प्रभावित रहा था.

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उत्तराखंडः खच्चर को सिगरेट पिलाये जाने के वीडियो की जांच करेगी पुलिस
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड पुलिस खच्चर को ज़बरदस्ती सिगरेट पिलाये जाने की घटना की जांच करेगी.
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में केदारनाथ धाम यात्रा के रूट पर घुड़सवारी कराने वाले कुछ लोग एक खच्चर को ज़बरदस्ती सिगरेट पिलाते दिख रहे हैं.
उत्तराखंड पुलिस ने अब इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कर ली है और घटना की जांच शुरू कर दी है.
ये संदेह ज़ाहिर किया गया था कि खच्चर से अधिक वज़न उठवाने के लिए उसे नशा कराया जा रहा है.
उत्तराखंड पुलिस ने कहा है, संबंधित मामले में एफ़आईआर दर्ज कर क़ानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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आईटीबीपी के अधिकारी के घर जवान की हत्या
दिल्ली में आईटीबीपी के एक जवान की वरिष्ठ अधिकारी के बेटे द्वारा हत्या के मामले में अब अधिकारी पर मुक़दमा दर्ज किया गया है.
इंडियन एक्सप्रेस ने पुलिस के हवाले से बताया है कि 32 वर्षीय अभियुक्त दिग्विजय सिंह ने आईटीबीपी के जवान भूप सिंह मीणा की चोरी के शक में गोली मारकर हत्या कर दी थी.
अभियुक्त को द्वारका में उसके घर से गिरफ़्तार कर लिया गया था. ये घटना इसी घर में हुई थी.
रिपोर्ट के मुताबिक मृतक भूप सिंह मीणा आईटीबीपी के अधिकारी लोकपाल सिंह के घर पर पिछले एक साल से काम कर रहे थे.
लोकपाल संवेदनशील इलाक़े में तैनात रहे थे और उनके पास हथियार रखने का लाइसेंस था.
पुलिस के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने अपने पिता के निजी लाइसेंसी हथियार से भूप सिंह मीणा की हत्या की थी. 5-6 गोलियां चलाई गईं थीं जिनमें से तीन मृतक को लगी थीं.
अख़बार ने पुलिस के हवाले से बताया है कि घटना के दिन दिग्विजय सिंह की कुछ क़ीमती चीज़ें नहीं मिल रही थीं जिनकी वजह से वो सुबह से ही ग़ुस्से में था.
दोपहर के वक़्त जब मीणा खाना बनाने किचन में गया तब अचानक दिग्विजय सिंह ने उस पर गोलियां चला दीं. मीणा ने भागने की कोशिश की लेकिन वो बालकनी छोटी होने की वजह से भाग नहीं सके.
गोलियां चलने की आवाज़ के बाद आईटीबीपी के कमांडेंट राजेश सहानी ने पीसीआर कॉल की थी और सेकंड कमांडेंट के घर गोलियां चलने की जानकारी दी थी.
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