ग़ुलाम हैदर बनाम सीमा हैदर: नोएडा फैमिली कोर्ट के इस मुक़दमे पर क्या कहता है क़ानून?

सीमा हैदर
    • Author, विभुराज
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

भारत में अवैध रूप से दाखिल होने वाली पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं.

इस बार पाकिस्तान में रह रहे सीमा हैदर के पहले पति ग़ुलाम हैदर ने नोएडा के फैमिली कोर्ट में उनके ख़िलाफ़ तलाक़/न्यायिक अलगाव की याचिका दायर की है.

नोएडा फैमिल कोर्ट के प्रिंसिपल जज बुद्धि सागर मिश्रा की अदालत ने पाकिस्तानी नागरिक ग़ुलाम हैदर की याचिका पर सीमा को 27 मई को अपना पक्ष रखने के लिए हाजिर होने को कहा है.

इससे पहले फरवरी के महीने में ऐसी रिपोर्ट आई थी कि सीमा हैदर के पहले पति ने अपने बच्चों को वापस लाने के लिए एक भारतीय वकील की सेवाएं ली हैं.

पाकिस्तानी वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने भारतीय समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया था कि ग़ुलाम हैदर ने अपने बच्चों को वापस लाने में मदद के लिए उनसे संपर्क किया था. अंसार बर्नी ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया को अपनाने के बाद भारतीय वकील अली मोमिन को हायर किया है और भारत में क़ानूनी प्रक्रिया शुरू करने के लिए उन्हें पावर ऑफ़ अटॉर्नी भेज दी गई है.

अदालत का समन

सीमा हैदर

ग़ुलाम हैदर बनाम सीमा हैदर के मैट्रिमोनियल केस (वैवाहिक मुक़दमा) नंबर 537/2024 में गौतम बुद्ध नगर के प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट ने सीमा हैदर के नाम से एक समन जारी किया है.

समन जारी किए जाने की तारीख़ 12 अप्रैल है.

ग़ुलाम हैदर के डिवोर्स पिटीशन पर अदालत ने अपने समन में उन्हें निजी तौर पर या अपने वकील के जरिए 27 मई को दिन के 11 बजे उपस्थित होने के लिए कहा है.

फैमिली कोर्ट ने ये भी कहा है कि मुक़दमे से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सवालों के जवाब वे खुद या उनके वकील देंगे या उनके साथ कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो उन सवालों का जवाब देने में सक्षम होगा.

इसके साथ ही अदालत ने सुनवाई की तारीख़ के दिन सीमा हैदर को अपने बचाव में ज़रूरी सबूत, गवाह और दस्तावेज़ पेश करने का भी निर्देश दिया है.

सीमा हैदर के वकील एपी सिंह ने उनके मुवक्किल को अदालती समन मिलने पर बीबीसी संवाददाता अभिनव गोयल से कहा, "अब जब कि सीमा ने सनातन धर्म ग्रहण कर लिया है, भारत में रह रही हैं. जब वो रो रही थी तो कोई आंसू पोछने नहीं आया लेकिन आज जब वो खुश हैं तो उसको फिर से रुलाने, दुखी करने, परेशान करने के लिए इस तरह की टैक्टिस अपना करना उसका शारीरिक, मानसिक और वित्तीय रूप से उत्पीड़न किया जा रहा है."

क़ानूनी सवाल

सीमा हैदर के पहले पति ग़ुलाम हैदर
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इस मामले में ये सर्वविदित तथ्य है कि सीमा हैदर एक पाकिस्तानी नागरिक हैं. वे नेपाल के रास्ते बिना वैध दस्तावेज़ों के भारत आई थीं और भारतीय नागरिक सचिन मीणा से विवाह के पहले उन्होंने पाकिस्तान में ही ग़ुलाम हैदर से शादी की थी.

ऐसे में एक आम सवाल ये उठता है कि क्या कोई पाकिस्तानी नागरिक अपनी पाकिस्तानी पत्नी के ख़िलाफ़ किसी भारतीय अदालत में तलाक़ का मुक़दमा दायर कर सकता है. भारतीय अदालत के ज्यूरिस्डिक्शन पर क़ानून क्या कहता है और ये मुक़दमा सुनवाई के लिहाज से कितना टिक पाएगा. हमने ऐसे कुछ सवालों का जवाब क़ानूनी विशेषज्ञों से समझने की कोशिश की है.

सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड्स अजय विक्रम सिंह कहते हैं कि मुक़दमा दायर किए जाने को लेकर कोई समस्या नहीं है.

एडवोकेट अजय विक्रम सिंह कहते हैं, "चूंकि पत्नी भारत में रह रही हैं इसलिए पति (ग़ुलाम हैदर) भारतीय अदालत में केस दायर कर सकता है. विदेशों में रह रहे भारतीय दंपति भी वहां की अदालतों में वैवाहिक विवादों से जुड़े मुक़दमें दायर करते हैं. क़ानूनी तौर पर इसमें समस्या नहीं है."

इस सवाल पर कि ग़ुलाम हैदर ने किसी पाकिस्तानी अदालत में ये मुक़दमा दायर क्यों नहीं किया?

एडवोकेट अजय विक्रम सिंह कहते हैं, "सिविल मामले में पाकिस्तानी अदालत का समन भारत में सर्व नहीं किया जा सकता था. इस मामले में बच्चों की कस्टडी का सवाल भी हो सकता है. केस दायर करने की जगह का फ़ैसला इससे भी तय हो सकता है कि बच्चा कहां रह रहा है. भारतीय अदालत में केस दायर करने की एक वजह ये भी हो सकती है कि ग़ुलाम हैदर के बच्चे सीमा के साथ भारत में रह रहे हैं."

सीमा हैदर

हालांकि अभी ये साफ़ नहीं है कि ग़ुलाम हैदर ने अपने डिवोर्स पिटीशन में बच्चों की कस्टडी का मुद्दा उठाया है या नहीं.

एडवोकेट सोनाली करवासरा एक दूसरे क़ानूनी पहलू की तरफ़ इशारा करती हैं.

वो कहती हैं, "भारत में फैमिली कोर्ट्स शादी और विवाह के क़ानून और कुछ पर्सनल लॉ से संचालित होते हैं. मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़ा क़ानून भारत में रह रहे मुस्लिम व्यक्ति पर लागू होता है. इस मामले में ये सवाल उठाया जा सकता है कि सीमा हैदर के भारत में रहने की क़ानूनी स्थिति क्या है?"

एडवोकेट सोनाली ये भी कहती हैं कि ग़ुलाम हैदर ने पावर ऑफ़ अटॉर्नी के जरिए भारत में केस दायर तो किया है और वे इसकी मदद से मुक़दमे की सुनवाई में हिस्सा ले सकते हैं लेकिन सवाल उठता है कि वे साक्ष्य कैसे देंगे?

वो सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया फ़ैसले का हवाला देती हैं जिसमें शीर्ष अदालत ने कहा था कि पावर ऑफ़ अटॉर्नी धारक उन चीज़ों पर साक्ष्य नहीं दे सकता है जो उसके निजी ज्ञान से जुड़ी हुई न हों.

ये मामला अदालत में टिक पाएगा या नहीं, इस पर सोनाली कहती हैं, "समन जारी करने का ये मतलब नहीं है कि ये केस मेनटेनेबल रहेगा और आगे ट्रायल होगा."

सीमा हैदर का मामला

सचिन मीणा और सीमा हैदर

इमेज स्रोत, SHAHNAWAZAHMAD/BBC

इमेज कैप्शन, सचिन मीणा और सीमा हैदर

सीमा को साल 2019 में ऑनलाइन पब्जी गेम खेलते हुए ग्रेटर नोएडा में रबूपुरा के रहने वाले सचिन मीणा से प्रेम हो गया था.

सीमा हैदर ने पुलिस को बताया था कि भारत का वीजा न मिलने के चलते उसने नेपाल का वीजा लिया. वह 10 मार्च, 2023 को शारजहां होते हुए नेपाल पहुंची थी. यहां सचिन मीणा उनसे मिलने आए थे. दोनों ने काठमांडू के न्यू बस पार्क इलाके में मौजूद न्यू विनायक होटल में एक कमरा लिया और यहां दोनों सात दिनों तक रहे.

इसके बाद सीमा ग़ुलाम हैदर वापस पाकिस्तान चली गईं थी. ठीक दो महीने बाद सीमा हैदर फिर से टूरिस्ट वीजा लेकर नेपाल पहुंची. इस बार सीमा के साथ उनके चार बच्चे भी थे, लेकिन सचिन भारत में ही थे.

एफआईआर के मुताबिक़, अपने चार बच्चों के साथ 13 जुलाई की रात सीमा हैदर यमुना एक्सप्रेस-वे पर फलैदा कट के पास उतर गई, जहां सचिन मीणा उनका इंतजार कर रहे थे.

यहां से सचिन, सीमा और बच्चों को ग्रेटर नोएडा में रबूपुरा के अंबेडकर मोहल्ले में ले गए.

कहां की रहने वाली हैं सीमा

वीडियो कैप्शन, सीमा की वजह से पाकिस्तान के हिंदू मुश्किल में हैं?

सीमा पाकिस्तान के रिंद सिंध के खैरपुर जिले के रहने वाली हैं. ये इलाका खजूर की खेती के लिए जाना जाता है. ये आखिरी आजाद रियासत थी जो बाद में पाकिस्तान में शामिल हो गई.

सीमा के पति ग़ुलाम हैदर जकोबाबाद के रहने वाले हैं. सीमा और ग़ुलाम हैदर दोनों बलोच हैं. ग़ुलाम हैदर मिस्ड कॉल का जवाब देने के क्रम में सीमा रिंद के संपर्क में आए थे.

दोनों में बातचीत शुरू हुई और फिर उन्होंने मोहब्बत का इजहार किया.

शादी में आने वाली मुश्किलों को देखते हुए सीमा ने अपना घर छोड़ दिया था. घर छोड़ने के बाद सीमा ने ग़ुलाम हैदर से कोर्ट में शादी कर ली.

मामला पंचायत में गया और ग़ुलाम हैदर के परिवार वालों को जुर्माना देना पड़ा.

बीवी के कहने पर ग़ुलाम हैदर कराची चले आए. यहां वो ऑटो रिक्शा चला कर और मजदूरी करके खर्च चला रहे थे और साल 2019 में वे काम के लिए सऊदी चले गए थे.

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