यति नरसिंहानंद के पैग़ंबर मोहम्मद पर दिए बयान के बाद बीजेपी विधायक की मांग की चर्चा

उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद के डासना शिवशक्ति धाम के महंत यति नरसिंहानंद की पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में यति नरसिंहानंद पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बयान देते दिख रहे हैं.

यति नरसिंहानंद की इस टिप्पणी के बाद इस मामले पर राजनीतिक विवाद काफ़ी बढ़ गया है और देशभर के कई इलाकों में उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की जा रही है.

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ़्रेंस से लेकर हैदाराबाद में असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले पर सख़्त कार्रवाई की मांग की है.

नरसिंहानंद के बयान के ख़िलाफ़ देशभर में कई इलाक़ों में प्रदर्शन भी हुए हैं जबकि कुछ लोग इस मामले पर विवादित बयान भी देते नज़र आ रहे हैं.

'अफ़वाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई'

अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक़ इस विवाद के बीच ग़ाजियाबाद के लोनी सीट से बीजेपी विधायक के दावों ने मामले को और भड़का दिया है.

अख़बार के मुताबिक़ लोनी के बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को नरसिंहानंद के मंदिर पर हमला किया गया था. नंद किशोर गुर्जर ने अपने विवादित बयान में कहा है कि जो लोग इसके लिए ज़िम्मेदार हैं “उनका एनकाउंटर कर देना चाहिए.”

सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो में भी पत्रकारों से बातचीत में नंद किशोर गुर्जर ने कहा है, "यहां क़ानून से देश चलेगा. ये कोई सीरिया नहीं है, अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश नहीं है...ये हमला मंदिर पर किया गया है. जिन्होंने हमला किया है उनकी सात पीढ़ी याद रखे पुलिस ऐसी कार्रवाई करे. हम तो चेता रहे हैं पुलिस को कि इनका एनकाउंटर हो."

हालांकि स्थानीय पुलिस ने मंदिर पर किसी हमले की पुष्टि नहीं की है.

ग़ाज़ियाबाद (ग्रामीण) के डीसीपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा है कि 4 अक्तूबर यानी शुक्रवार के दिन डासना मंदिर के बाहर सड़क पर कुछ लड़के आकर हल्ला कर रहे थे, इस सूचना पर मंदिर परिसर में मौजूद पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया.

उनका कहना है, "मंदिर परिसर के आसपास पूरी तरह शांति बनी हुई है. यहां और पुलिस बल लगा दिया गया है. इस संदर्भ में कुछ लोग ग़लत अफ़वाह फैला रहे हैं. ग़लत अफ़वाह फैलाने पर संबंधित के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई की जाएगी."

'असहनीय ईशनिंदा का मामला'

इस विवाद पर राजनीतिक गलियारों से भी प्रतिक्रियाएं आ रही है.

भीम आर्मी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने इस मुद्दे पर यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

उनका कहना है कि आजकल जिस तरह से वीडियो बना-बनाकर जानबूझकर एक धर्म को निशाना बनाया जा रहा है ताकि मुस्लिम समाज में आक्रोश आ जाए और वो सड़क पर आ जाएं और इनका चुनावी एजेंडा सेट हो जाए.

“मैं तो ये कहूंगा कि ग़ाज़ियाबाद वाले जिनका दिमाग़ ख़राब हो गया है उनके ख़िलाफ़ एनएसए की कार्रवाई कर के जेल में ठूंसना चाहिए. जनता किसी तरह के आक्रोश में आकर सड़कों पर न उतरे. उसके लिए हम हैं. मैं संसद में भी इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाऊंगा.”

समाचार एजेंसी पीटीआई की एक ख़बर के मुताबिक़- जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने यति नरसिंहानंद की गिरफ़्तारी की मांग की है. संगठन का कहना है कि इस मामले में केवल एफ़आईआर दर्ज करना काफ़ी नहीं है.

मुस्लिमों के प्रमुख संगठनों में शामिल जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने अपने बयान में कहा है कि यति नरसिंहानंद की पैग़ंबर मोहम्मद पर टिप्पणी "असहनीय ईशनिंदा’’ है.

उत्तर से दक्षिण भारत तक विरोध

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, एआईएमआईएम की शिकायत के बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.

इस मामले पर एआईएमआईएम ने हैदाराबाद में पुलिस कमिश्नर से मिलकर कार्रवाई की मांग की थी.

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, “हमने पुलिस से मांग की है कि यति नरसिंहानंद के बयान को सोशल मीडिया से हटाया जाए. नरसिंहानंद पहले भी इस तरह के बयान दे चुके हैं और उन्हें दोबारा ऐसा न बोलने की चेतावनी भी दी गई थी. उन पर एफ़आईआर करना काफ़ी नहीं है, बल्कि उनकी गिरफ़्तारी होनी चाहिए.”

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर से ‘हेट स्पीच’ पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक़ कार्रवाई करने की मांग की है.

तीन अक्टूबर को जमीयत-उलेमा-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ तुरंत कार्रवाई की मांग की थी.

यति नरसिंहानंद के बयान पर कश्मीर में भी प्रतिक्रिया देखी गई है. श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने नरसिंहानंद के बयान को मुस्लिमों की भावनाओं को बुरी तरह आहत करने वाला बताया है.

अंग्रेज़ी अख़बार डेक्कन हेराल्ड ने पीटीआई के हवाले से कहा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने यति नरसिंहानंद की फ़ौरन गिरफ़्तारी की मांग की है.

इससे पहले यति नरसिंहानंद के बयान के ख़िलाफ़ यूपी के ग़ाज़ियाबाद और बुलंदशहर में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किए थे. पुलिस ने बताया था कि बुलंदशहर के सिकंदराबाद में लोगों ने पुलिसवालों पर पथराव भी किया.

वहीं महाराष्ट्र के अमरावती में शुक्रवार को यति नरसिंहानंद के बयान का विरोध कर रहे लोगों ने भी पुलिस पर पथराव किया था.

उत्तराखंड के हरिद्वार में भी शुक्रवार और शनिवार को यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुए. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने "सर तन से जुदा" जैसे नारे लगाए. जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर चार मुक़दमे दर्ज किए हैं.

पुलिस के मुताबिक, यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ लगाए गए ये नारे भी हेट स्पीच की श्रेणी में आते हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने कार्रवाई के निर्देश दिए.

पुलिस का लाठीचार्ज

यूपी की ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने इस मामले में यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है. एफ़आईआर में नरसिंहानंद पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बयान देने का आरोप लगाया गया है.

बीबीसी के सहयोगी पत्रकार मोहम्मद जावेद चौधरी के मुताबिक़, डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद की ओर से 29 सितंबर को दिए गए भड़काऊ बयान के बाद बुलंदशहर के सिकंदराबाद में उनके ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए. प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया.

पुलिस ने बताया कि उसने प्रदर्शन कर रहे आठ लोगों को हिरासत में लिया है.

वहीं ग़ाज़ियाबाद के मसूरी थाना इलाके में नरसिंहानंद का पुतला जलाने के आरोप में 200 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज किया गया है.

दैनिक हिन्दी अख़बार 'हिन्दुस्तान' के मुताबिक़ यति नरसिंहानंद के बयान के बाद ख़बर लिखे जाने तक 5 एफ़आईआर दर्ज हो चुके हैं, इससे कई जगहों पर हंगामा खड़ा हो गया है और अब तक 9 लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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