राजस्थान: हिजाब पर बैन की मांग पर मुस्लिम छात्राएं बोलीं, 'हिजाब नहीं छोड़ेंगे, पढ़ाई छोड़ देंगे'

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- Author, मोहर सिंह मीणा
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
“मैं हिजाब नहीं छोडूंगी, चाहे पढ़ाई छोड़ दूंगी. हम स्कूल से टीसी (ट्रांसफ़र सर्टिफ़िकेट) लेने को तैयार हैं, लेकिन अपना हिजाब नहीं छोड़ेंगे.”
ये कहना है बारहवीं कक्षा की छात्रा क़ायनात का. हिजाब पर बैन की मांग के ख़िलाफ़ सैकड़ों मुसलमान छात्राओं के साथ सोमवार को जयपुर के एक थाने पर विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बीबीसी से बात की.
जयपुर के एक सरकारी स्कूल में हिजाब को लेकर भारतीय जनता पार्टी विधायक बालमुकुंद आचार्य के बयान के बाद इस मामले पर बहस छिड़ गई है. आचार्य पर आरोप हैं कि उन्होंने मुस्लिम छात्राओं से 'जय श्री राम' के नारे लगवाए और हिजाब को लेकर टिप्पणी भी की.
विधायक बालमुकुंद आचार्य के बयान के विरोध में छात्राओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. ये मामला विधानसभा में भी उठाया गया. सत्ताधारी बीजेपी के नेता 'हिजाब पर प्रतिबंध' लगाने की मांग कर रहे हैं.
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों से इस मामले को लेकर रिपोर्ट मांगी है. सरकार के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं.
मुस्लिम छात्राओं ने कहा है कि वो एक फ़रवरी को फिर से सड़क पर उतर कर विरोध-प्रदर्शन करेंगी. छात्राएं चाहती हैं कि बालमुकुंद आचार्य हिजाब पर दिए अपने बयान पर माफ़ी मांगें.
कैसे शुरू हुआ विवाद?

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जयपुर के मुस्लिम बहुल सुभाष नगर इलाक़े में 27 जनवरी को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय गंगापोल का वार्षिकोत्सव मनाया गया.
स्कूल प्रिंसिपल रूबी चिश्ती ने बीबीसी से कहा, “वीडियो में सब कुछ मौजूद है. मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहती.”
हालांकि, उन्होंने यह ज़रूर कहा है, “वार्षिकोत्व कार्यक्रम में विधायक बालमुकुंद आचार्य बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित थे. इस दौरान सब लड़कियां स्कूल ड्रेस में थीं. लेकिन कुछ लड़कियों ने स्कार्फ पहना हुआ था. इस पर विधायक ने आपत्ति जताई. स्कूल में शांतिपूर्ण कार्यक्रम रहा. किसी की कोई प्रतिक्रिया नहीं थी.”
विधायक बालमुकुंद आचार्य का एक वायरल वीडियो आचार्य प्रिंसिपल से कहते हैं, “यह हिजाब का क्या चक्कर लगा रखा है. शादीशुदा हैं क्या यह. मना किया करो हिजाब के लिए. हिजाब की वजह से माहौल ख़राब कर रहे हो आप. स्कूल में तो हिजाब बंद करो.”
स्कूल में मैंने प्रिंसिपल को निवेदन किया कि" मैडम स्कूल में दो प्रकार का ड्रेस कोड मत रखो. सभी स्कूल ड्रेस में आएं या सभी को छूट दे दो कि कुछ भी पहनों.
विधायक बालमुकुंद बोले- 'रचा जा रहा है षडयंत्र'
विधायक बालमुकुंद आचार्य कहते हैं, “ हम तो मांग कर रहे हैं कि स्कूल ड्रेस में सबको छूट दे दो, कोई लहंगा चुन्नी पहनेगा, कोई सलवार सूट पहनेगा. कोई बुर्क़ा पहनेगा, कोई हिजाब पहनेगा. कोई जींस टी शर्ट में आएगा. तब स्कूल नहीं फैशन शो लगेगा, होने दो. या सबके लिए नियम कायदा बराबर करो.”
उन्होंने कहा कि वो शिक्षा मंत्री को पत्र लिखेंगे कि स्कूलों में एक ही ड्रेस कोड रखा जाए.
राजस्थान के स्कूली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि वो अधिकारियों से इस बारे में सारी जानकारी मांगी है.
बच्चियों को स्कूल से थाने ले गए

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विधायक बालमुकुंद का वीडियो सामने आने के बाद 29 जनवरी की सुबह सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम छात्राएं सुभाष नगर थाने का घेराव करने पहुंची.
स्कूल प्रिंसिपल रूबी चिश्ती ने बीबीसी को बताया कि स्कूल दो पारियों में चलता है, सुबह दस बजे पहली पारी का लंच टाइम था तभी लड़कियां बाहर आ गईं, उन्होंने अपने पैरेंट्स को बुलाया हुआ था.”
स्कूल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन अभिभावक उन्हें अपने साथ थाने पर प्रदर्शन के लिए ले गए.
डिप्टी कमिश्नर राशि डोगरा बताती हैं, “इस मामले में अभी कोई एफ़आईआर दर्ज नहीं की गई है. प्रदर्शन के बाद कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया है.”
छात्राओं के प्रदर्शन पर विधायक बालमुकुंद आचार्य कहते हैं कि संभव है ये स्कूल की बच्चियां नहीं हों और बाहर की बच्चियां हों जिनको बरगला कर वहां लेकर गए हैं
कांग्रेस विधायक ने क्या कहा

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जयपुर के एक कांग्रेस विधायक रफीक ख़ान छात्राओं के प्रदर्शन में पहुंचे थे. इससे पहले उन्होंने विधानसभा में मामला उठाया और बालमुकुंद आचार्य पर कार्रवाई की मांग की.
रफीक ख़ान ने विधायक बालमुकुंद आचार्य पर 'नफ़रत की राजनीति' करने के आरोप लगाए हैं.
रफ़ीक़ ख़ान ने बीबीसी से कहा, “बाबा को हिजाब बुरा नहीं लगता है, उन्हें तो हेट पॉलिटिक्स के ज़रिए ख़ुद को सुर्खियों में रखना अच्छा लगता है. जबरन जय श्री राम के नारे लगवाए. राम का नाम लेकर इस तरह का उद्दंड फैलाते हैं और खौफ़ का माहौल बनाते हैं, स्कूल की बच्चियों को डराते हैं.”
इस पर बालमुकुंद आचार्य ने कहा, “इनके अंदर जिन्ना का भूत है और जिन्ना का भूत कहता है भारत माता की जय मत बोलो, वंदेमातरम मत बोलो और भारत की संस्कृति और भारत के ख़िलाफ़ हमेशा बोलते रहो.”
छात्राओं का क्या कहना है?
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दसवीं कक्षा तक गंगापोल के इसी स्कूल में पढ़ीं क़ायनात अब दूसरे स्कूल से बारहवीं की पढ़ाई कर रही हैं. उनकी बहनें अभी भी इसी स्कूल में पढ़ाई कर रही हैं.
उन्होंने कहा, “स्कूल में उन्होंने हमारे हिजाब के लिए भड़काऊ बातें की हैं. जय श्री राम के नारे लगवाए हैं. उस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है. हमारी छोटी बहनों ने भी बताया है.”
स्कूल की यूनिफॉर्म के बारे में वे कहती हैं, “हमारा कोई अलग ड्रेस कोड नहीं है. हम स्कूल ड्रेस में ही आते हैं सिर्फ़ ऊपर से एक हिजाब ही बांधते हैं. बाक़ी हमारी सलवार, कमीज़ और दुपट्टा स्कूल ड्रेस का ही होता है. हम बुर्क़ा स्कूल से घर और घर से स्कूल जाने के दौरान पहनते हैं.”
छात्राओं के समर्थन में बाल आयोग

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राजस्थान बाल आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनिवाल इस मामले में मुसलमान छात्राओं के समर्थन में खड़ी नज़र आ रही हैं.
वह बीबीसी से कहती हैं, “मैं बिलकुल बच्चियों के सपोर्ट में हूं. यदि बच्चियों को इसमें लगता है कि सेफ़ एंड सिक्योर तो वो हिजाब के साथ रहें, बिल्कुल उनको रहना चाहिए.”
बाल आयोग ने इस मामले में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है.
हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग

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हिजाब को लेकर विवाद शुरू होने के बाद बालमुकुंद आचार्य के साथ सत्ताधारी बीजेपी के कई नेता खड़े नज़र आ रहे हैं.
महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता सुमन शर्मा कहती हैं, “मदरसे में बच्चे क्या ड्रेस पहने हैं उस पर हम सवाल नहीं उठाते हैं. लेकिन, सरकारी स्कूल में ड्रेस कोड में आने को मैं उचित मानती हूं.”
राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कहा है, "स्कूल में जो ड्रेस कोड लागू होता है, उसका पालन होना चाहिए. अगर स्कूल में बच्ची हिजाब पहन कर जाएगी तो स्कूल में अनुशासन नहीं रहेगा. कई देशों में हिजाब प्रतिबंधित है. ऐसे में स्कूलों में किसी भी सूरत में इसी अनुमति नहीं दी जा सकती है."
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में ही नहीं बल्कि निजी स्कूलों में भी और मदरसों में भी हिजाब पूरी तरह से प्रतिबंधित होना चाहिए.
सरकारी स्कूलों में ही नहीं बल्कि निजी स्कूलों में भी और मदरसों में भी हिजाब पूरी तरह से प्रतिबंधित होना चाहिए. हमारे एक विधायक ने यह मामला उठाया है, मैं मुख्यमंत्री से बात करूंगा.
कौन हैं बालमुकुंद आचार्य

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पहली बार चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे बालमुकुंद आचार्य जयपुर के हाथोज धाम के महंत हैं. वह जयपुर शहर की हवा महल सीट से बीजेपी के टिकट पर 974 वोटों से चुनाव जीते हैं.
बालमुकुंद आचार्य विधानसभा चुनाव परिणामों के दूसरे ही दिन देशभर में चर्चाओं में आए थे. विधायक पद की शपथ लेने से पूर्व ही वह मीट दुकानों को बंद कराने के लिए सड़क पर उतर आए थे. इस दौरान उनकी पुलिस वालों और दुकानदारों से बहस भी हुई थी.
बालमुकुंद आचार्य के ख़िलाफ़ बीते दिनों कोर्ट के आदेश पर ज़मीन हड़पने, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में एफ़आईआर भी दर्ज की गई है.
विधायक बालमुकुंद आचार्य के कई वीडियो वायरल हुए हैं, इनमें वह पुलिस वालों के साथ बहस करते हुए दिखे हैं.
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