अयोध्या के कथित गैंगरेप केस में बुलडोज़र एक्शन, अब तक इस मामले में क्या-क्या मालूम है?

योगी आदित्यनाथ

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इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

अयोध्या प्रशासन के अनुसार 12 साल की बच्ची से सामूहिक बलात्कार के अभियुक्त की बेकरी पर शनिवार को बुलडोज़र चलाया गया है.

अयोध्या के ज़िला मैजिस्ट्रेट चंद्र विजय सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि 'मोईद ख़ान नाम के शख़्स की बेकरी गिरा दी गई है. ये बेकरी अवैध तरीके से एक तालाब के ऊपर बनी थी.'

यूपी पुलिस ने 30 जुलाई को बेकरी के मालिक मोईद ख़ान और उनके एक कर्मचारी राजू ख़ान को एक रेप केस में गिरफ़्तार किया था.

पुलिस के अनुसार इन दोनों लोगों ने दो महीने पहले एक नाबालिग़ के साथ बलात्कार किया और इसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया था.

उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया था कि मोईद ख़ान का नाता समाजवादी पार्टी से है.

सीएम योगी ने पीड़िता के परिवार से मुलाक़ात भी की है. इस मामले में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन एक ट्वीट में उन्होंने 'कुकृत्य करने वालों का डीएनए टेस्ट करवाने की मांग की है.' समाजवादी पार्टी के हैंडल से एक ट्वीट मे कहा गया है कि अखिलेश यादव ने अयोध्या बलात्कार के मामले में ही ये मांग की है.

वहीं, बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने इस मामले में कार्रवाई को लेकर यूपी सरकार का बचाव किया है और अखिलेश की आलोचना की है.

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क्या है पूरा मामला?

ये मामला दो महीने पुराना है. घटना उस वक्त सामने आई जब मेडिकल चेकअप के दौरान पता चला कि बच्ची गर्भवती है.

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उत्तर प्रदेश विधानसभा में योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि मोईद ख़ान का नाता समाजवादी पार्टी से है और 12 साल की बच्ची के बलात्कार मामले में शामिल हैं.

इस मामले में उत्तर प्रदेश के भदरसा से ताल्लुक रखने वाले मोईद ख़ान और उनके सहयोगी राजू ख़ान को उन्होंने 30 जुलाई को पुरा कलंदर इलाक़े से पकड़ा था.

अयोध्या के एसएसपी राज करण नय्यर ने मीडिया को बताया है कि वीडियो रिकॉर्डिंग के ज़रिए आरोपी ने पीड़िता को डराया-धमकाया.

उन्होंने बताया, "वीडियो के ज़रिए उसे डरा-धमका कर क़रीब ढाई महीनों तक ख़ान बच्ची का यौन शोषण करते रहे. उन्होंने अपने सहयोगी राज ख़ान के साथ मिल कर इस काम को अंजाम दिया."

बाद में परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पुरा कलंदर पुलिस स्टेशन में मामले की रिपोर्ट दर्ज की और जांच शुरू की.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार शिकायत में कहा गया है कि पीड़िता राजू ख़ान के पास काम किया करती थी. ढाई महीने पहले काम ख़त्म करने के बाद राजू ने पीड़िता से कहा कि मोईद ख़ान उससे मिलना चाहते हैं.

पीड़िता के पहुंचने के बाद वहां मोईद ने उसका यौन उत्पीड़न किया और इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया.

बुलडोज़र

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इमेज कैप्शन, शनिवार को तालाब के पास बनी मोईद ख़ान की बेकरी पर प्रशासन ने बुलडोज़र चला दिया है

मोईद ख़ान की बेकरी पर क्यों चला बुलडोज़र?

शनिवार को अयोध्या के एडीएम अनिरुद्ध कुमार सिंह ने कहा कि अवैध अतिक्रमण होने की जांच के बाद ढांचों पर प्रशासन ने बुलडोज़र चलाया है.

अनिरुद्ध ने बताया, "अभियुक्त व्यक्ति ने सार्वजनिक तालाब, सार्वजनिक रास्ते पर अवैध अतिक्रमण कर के मल्टीकॉम्प्लेक्स और बेकरी बनाई गई थी. यहां पर अवैध बाउंड्री बनाई जा रही थी. इसके संबंध में हमारी राजस्व टीम ने जांच की थी."

"प्राधिकरण और नगर निगम द्वारा विधिक कार्रवाई के बाद शनिवार को इसे गिराया जा रहा है."

उन्होंने कहा, "मल्टीकॉम्प्लेक्स में एक बैंक चल रहा है. हमने उसके मैनेजर से बात की है, बैंक के वहां से हटने के बाद, इनकों भी हमने नोटिस दिया है, अगर ये इसके बाद भी अवैध अतिक्रमण को नहीं हटाते हैं तो उसपर कार्रवाई की जाएगी."

"इन्होंने जो ज़मीन पर कब्ज़ा कर रखा हुआ था वो सड़क के किनारे की ज़मीन है और बाज़ार दर के अनुसार एक करोड़ रुपये की है. इनकी अन्य संपत्तियों को लेकर भी राजस्व टीमें गठित की गई है उसकी जांच चल रही है. हम नियमसंगत कार्रवाई करेंगे."

इससे एक दिन पहले पीड़िता के परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की थी, जिसके बाद बच्ची की मां ने बताया था कि सीएम ने मोईद खान की संपत्तियों की जांच कराने का भरोसा दिया है.

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अयोध्या सांसद का वीडियो वायरल

इधर अयोध्या से सासंद अवधेश प्रसाद का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है.

वीडियो में एक टीवी चैनल से जुड़े पत्रकार उनसे पूछते हैं कि "क्या आप मोईद ख़ान को जानते हैं", तो इसके जवाब में वो जवाब देते हैं "नहीं, नहीं."

एक और बार सवाल पूछने पर उन्होंने पत्रकार को झिड़क दिया और नाराज़ होते हुए कहा वो पहले संचार मंत्री हुआ करते थे.

हालांकि समाचार एजेंसी एएनआई से उन्होंने इस मसले पर कहा कि पार्टी कभी भी अन्याय के साथ खड़ी नहीं रही है.

बुलडोज़र कार्रवाई पर उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "ये माननीय मुख्यमंत्री जी की बहुत पुरानी विचारधारा है. मुस्लिम से, यादव से पता नहीं कौन-सी दुश्मनी है, हमें पता नहीं. बीजेपी को इस तरह की शर्मनाक़ घटना पर राजनीति नहीं करनी चाहिए."

इस घटना को लेकर उन्होंने एएआई से कहा "ये घटना बेहद शर्मनाक- है, दर्दनाक है. इस घटना की जितनी निंदा की जाए शब्द छोटा पड़ जाएगा. इस घटना के दोषियों को पकड़ा जाए, उनके ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए."

"पुलिस को चाहिए कि वो किसी के दबाव में न आए और जांच कर दूध का दूध, पानी का पानी करे. पीड़िता के साथ हम लोग, हमारी पार्टी पूरी तरह से खड़े हैं, इसमें कोई शक़ोशुबह की बात नहीं है."

"अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि बीजेपी इस पर राजनीति कर रही है. ये राजनीति का वक्त नहीं है, संवेदना का वक्त है. पीड़िता तो न्याय दिलाने में लगे, मासूमों को इसमें फंसाया नहीं जाए और डीएनए टेस्ट करा लिया जाए. पीड़िता को आर्थिक सहायता दी जाए."

मोईद ख़ान के साथ अपनी तस्वीर से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, "हम लोग राजनीति करते हैं. चुनाव जीतने के बाद, चुनाव के दरम्यान लोग हमारे साथ सेल्फ़ी ले लेते हैं. कोई लोग कहते हैं हमारे सिर पर हाथ दे दीजिए, कंधे पर हाथ दे दीजिए. तस्वीर का जहां तक सवाल है, हम किसी को कैसे मना कर सकते हैं."

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बीजेपी का आरोप

यूपी बीजेपी ने अवधेश प्रसाद का वायरल वीडियो और मोईद ख़ान के साथ उनकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं.

पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर आरोप लगाया, "दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देने वाली समाजवादी पार्टी का असली चेहरा एक बार फिर देखने को मिल रहा है."

पार्टी ने लिखा, "अयोध्या में नाबालिग़ से बलात्कार करने का आरोपी ही अखिलेश यादव के सबसे करीबी सांसद का शागिर्द है, लेकिन जब इस मुद्दे पर उनसे सवाल पूछा गया तो वो पत्रकारों को अपना राजनीतिक रसूख बताने लगे."

शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय विधायक अमित सिंह चौहान के साथ पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की थी. उन्होंने इसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "बच्ची को हर कीमत पर न्याय दिलाने हेतु हम प्रतिबद्ध हैं."

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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इमेज कैप्शन, बातचीत के दौरान की ये तस्वीर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक हैंडल से जारी की गई है

सीएम कार्यालय की तरफ से एक बयान भी जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि "बच्ची की मां ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस बात को लेकर आश्वस्त किया है कि आरोपी सपा नेता मोईन खान की संपत्तियों की जांच कराई जाएगी और अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र चलेगा."

इसके अलावा सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बच्ची के स्वास्थ्य और उसकी सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंधन किए जाएं.

पीड़िता को जनरल वार्ड से प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट करने और अनजान लोगों से न मिलने देने के साथ-साथ अस्पताल और पीड़िता के घर के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं.

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य से भी पीड़िता से मुलाक़ात करने को कहा गया है, साथ ही जिला प्रोबेशन अधिकारी से कहा हया है कि बैंक में बच्ची का खाता खोलकर सरकार की योजनाओं का लाभ उन्हें दिलवाया जाए.

वहीं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा, कि अयोध्या के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने को कठोर क़ानूनी कार्रवाई होगी.

उन्होंने सपा नेता अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए लिखा, "आप, आपकी पार्टी और आपके सांसद ऐसे अपराधियों को नहीं बचा पायेंगे. लोकसभा चुनाव के बाद से सपाई गुंडे अराजकता पर उतारू हैं, प्रदेश का माहौल ख़राब कर रहे हैं, सपा को इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी."

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अखिलेश यादव ने क्या कहा?

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर मोईद ख़ान का नाम तो नहीं लिया लेकिन लेकिन कहा कि मामले में सियासत न की जाए.

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "कुकृत्य के मामले में जिन पर भी आरोप लगा है उनका डीएनए टेस्ट कराकर इंसाफ़ का रास्ता निकाला जाए, न कि केवल आरोप लगाकर सियासत की जाए."

उन्होंने लिखा, "जो भी दोषी हो उसे क़ानून के हिसाब से पूरी सज़ा दी जाए, लेकिन अगर डीएनए टेस्ट के बाद आरोप झूठे साबित हों तो सरकार के संलिप्त अधिकारियों को भी न बख्शा जाए. यही न्याय की माँग है."

हालांकि, बाद में समाजवादी पार्टी के हैंडल से मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के हवाले से एक लंबा बयान जारी किया गया.

इसमें कहा गया है, "समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्रीअखिलेश यादव ने कहा है कि अयोध्या के भदरसा मामले में बिना डीएनए टेस्ट के भाजपा का आरोप दुराग्रह पूर्ण माना जाएगा. कुकृत्य के मामले में जिन पर भी आरोप लगा है उनका डीएनए टेस्ट कराकर इंसाफ का रास्ता निकाला जाए न कि केवल आरोप लगाकर सियासत की जाए. जो भी दोषी हों उन्हें कानून के हिसाब से पूरी सजा दी जाए लेकिन अगर डीएनए टेस्ट के बाद आरोप झूठे साबित हों तो सरकार के संलिप्त अधिकारियों को भी न बख्शा जाए. उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए."

सपा की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया

मायावती

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इमेज कैप्शन, मायावती ने इस मामले में यूपी सरकार की कार्रवाई को सही बताया है

सपा प्रमुख की इस मांग का जवाब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर दिया है.

उन्होंने लिखा है, "बलात्कारियों को बचाना सपा की जन्मजात फ़ितरत है. अगर बलात्कारी मुसलमान हो तब पूरा का पूरा सैफ़ई परिवार उसे बचाने के लिए खूंटा गाड़ देता है."

वहीं बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा है कि यूपी सरकार अयोध्या गैंगरेप केस में आरोपी के ख़िलाफ़ जो सख्त कार्रवाई की जा रही है वो उचित है.

अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्होंने सवाल उठाया, "सपा का यह कहना कि आरोपी का डीएनए टेस्ट होना चाहिए, इसे क्या समझा जाए."

"सपा को यह भी बताना चाहिए कि उनकी सरकार में ऐसे आरोपियों के ख़िलाफ़ कितने डीएनए टेस्ट हुए हैं."

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, "यूपी में अपराध नियंत्रण और क़ानून-व्यवस्था में भी ख़ासकर महिला सुरक्षा और उत्पीड़न को लेकर बढ़ती चिन्ताओं के बीच अयोध्या और लखनऊ जैसी घटनाएं दुख देने वाली और चिन्तित करने वाली हैं."

"सरकार इनके निवारण के लिए जाति-बिरादरी और राजनीति से ऊपर उठकर सख़्त कदम उठाए तो बेहतर होगा."

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