किंग चार्ल्स को कैंसर: अब तक जो बातें मालूम हैं

किंग चार्ल्स

इमेज स्रोत, Getty Images

ब्रिटेन के बकिंघम पैलेस ने बताया है कि किंग चार्ल्स को कैंसर है.

किंग चार्ल्स प्रोस्टेट बढ़ने का हाल ही में जब इलाज करवा रहे थे, तभी इस बारे में पता चला.

ये कैंसर किस तरह का है, इस बारे में नहीं बताया गया है. मगर ये प्रोस्टेट कैंसर नहीं है.

बकिंघम पैलेस ने बताया है कि किंग चार्ल्स ने सोमवार से नियमित इलाज शुरू कर दिया है और इलाज के दौरान वो अपनी सार्वजनिक ज़िम्मेदारियों से दूर रहेंगे.

किंग चार्ल्स 75 साल के हैं.

राजपरिवार की ओर से जारी बयान
 प्रिंस हैरी और प्रिंस विलियम
इमेज कैप्शन, प्रिंस हैरी और प्रिंस विलियम

किंग चार्ल्स ने बेटों को ख़ुद दी कैंसर की जानकारी

बकिंघम पैलेस के बयान के मुताबिक़, किंग चार्ल्स इलाज के प्रति पूरी तरह से सकारात्मक हैं और जल्द से जल्द अपनी सार्वजनिक ज़िम्मेदारियों की तरफ़ लौटेंगे.

किंग चार्ल्स को किस स्टेज का कैंसर है, इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है.

किंग चार्ल्स ने इस बीमारी के बारे में अपने दोनों बेटों प्रिंस हैरी और प्रिंस विलियम को ख़ुद बताया है.

बताया गया है कि प्रिंस ऑफ वेल्स विलियम लगातार अपने पिता के संपर्क में हैं.

ड्यूक ऑफ ससेक्स प्रिंस हैरी अमेरिका में रहते हैं. हैरी ने अपने पिता से बात की है और आने वाले दिनों में वो पिता से मिलने ब्रिटेन आएंगे.

किंग चार्ल्स सोमवार को नॉरफॉक से लंदन लौट आए हैं. बकिंघम पैलेस ने बताया है कि किंग चार्ल्स का इलाज आउटपेशेंट की तरह होगा. यानी वो अस्पताल में भर्ती होकर इलाज नहीं करवा रहे होंगे.

हालांकि किंग चार्ल्स सार्वजनिक समारोहों में हिस्सा नहीं लेंगे. वो सरकार प्रमुख होने की अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारी को निभाते रहेंगे. इसमें काग़ज़ी काम और निजी बैठकें भी शामिल रहेंगी.

अगर डॉक्टरों ने दूरी बरतने जैसी सलाह नहीं दी तो पीएम ऋषि सुनक के साथ किंग चार्ल्स की साप्ताहिक मुलाक़ातें जारी रहेंगी.

ऋषि सुनक ने भी किंग चार्ल्स के स्वस्थ होने की दुआ की और सोशल मीडिया पर लिखा- मुझे कोई संदेह नहीं है कि किंग चार्ल्स पूरी मज़बूती के साथ जल्दी लौटेंगे और मुझे मालूम है कि पूरा देश उनके स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है.

किंग चार्ल्स

इमेज स्रोत, X/RoyalFamily/Samir Hussein

किंग चार्ल्स पर प्रतिक्रियाएँ

अगर किंग अपनी आधिकारिक ज़िम्मेदारियों को पूरा कर पाने में असमर्थ हैं तो इसके लिए संविधान में व्यवस्था है. ऐसा होने पर किंग की जगह पर काउंसर्ल्स ऑफ स्टेट को ये ज़िम्मेदारी दी जा सकती हैं.

मौजूदा वक़्त में क्वीन कैमिला, प्रिंस विलियम, प्रिंसेस रॉयल और प्रिंस एडवर्ड इसमें शामिल हैं.

किंग चार्ल्स के पूर्व सलाहकार जूलियन पेन ने बीबीसी से कहा- किंग इस बात से काफ़ी निराश होंगे कि वो लोगों से नहीं मिल पाएंगे.

ब्रिटेन के अख़बारों में किंग चार्ल्स को कैंसर होने की ख़बर पहले पन्ने पर छाई हुई है.

ब्रिटेन के अख़बार

राजशाही का विरोध करने वाले समूह रिपब्लिक ने भी किंग चार्ल्स के स्वस्थ होने की कामना की है. ये समूह अतीत में किंग चार्ल्स की आलोचना करता रहा है.

ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज़ ने भी किंग चार्ल्स के जल्दी स्वस्थ होने की दुआ की और कहा कि वो बकिंघम पैलेस को इस बारे में चिट्ठी लिखेंगे.

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी किंग चार्ल्स को कैंसर होने पर एक पोस्ट लिखी और किंग चार्ल्स के जल्दी ठीक होने की दुआएँ कीं. बाइडन के बेटे की 46 साल की उम्र में ब्रेन कैंसर से मौत हो गई थी.

बीबीसी के मेडिकल एडिटर फरगस वाल्श के मुताबिक़, ब्रिटेन में हर रोज़ एक हज़ार लोगों को कैंसर होने के बारे में पता चलता है. हम जानते हैं कि कैंसर में जोखिम की एक अहम वजह उम्र भी होती है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)