अपहरण और हत्या की साज़िश, ‘जिहादियों’ पर शक पैदा करने की चाल

    • Author, अमन द्विवेदी
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, लखनऊ से

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक बड़े कपड़ा व्यापारी के नाबालिग़ बेटे के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने दावा किया है कि अभियुक्तों ने पुलिस को भटकाने के लिए मज़हबी नारों का इस्तेमाल किया.

पुलिस ने घटना में शामिल तीनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार करने का दावा किया है. पुलिस ने बताया कि व्यापारी के बेटे के अपहरण और हत्या में उसको पहले घर पर पढ़ाने आने वाली ट्यूशन टीचर और उसके दोस्त शामिल थे.

ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उनके दोस्त प्रभात शुक्ला और प्रभात के दोस्त शिवा को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया है.

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया था कि हत्या के बाद अभियुक्तों ने फ़िरौती के लिए 30 लाख रुपये की मांग की और घटना से जुड़े सीसीटीवी फ़ुटेज भी पुलिस के हाथ लगे थे.

मज़हबी नारों का इस्तेमाल

गिरफ़्तार किए गए अभियुक्तों ने छात्र की हत्या के बाद व्यापारी के घर पर फ़िरौती के 30 लाख रुपए मांगने के लिए चिट्ठी भेजी थी.

पुलिस के मुताबिक़, उस चिट्ठी में ‘अल्लाह’ और ‘अल्लाहू अकबर’ जैसे शब्द और नारे लिखे गए थे.

चिट्ठी में धार्मिक नारों के बारे में पुलिस ने अपनी प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि अभियुक्त प्रभात शुक्ला, शिवा और ट्यूशन टीचर रचिता ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए चिट्ठी में ख़ास धर्म का नारा लिखा था.

पुलिस का कहना है कि प्रभात शुक्ला ने अपने दोस्त शिवा और रचिता के साथ मिलकर हत्या की साज़िश रची थी और हत्या के बाद किसी को उन लोगों पर शक न हो, इसलिए अपहरण और फ़िरौती की रक़म मांगने वाली चिट्ठी व्यापारी के घर पर भेजी थी.

आरोपियों की चिट्ठी में लिखे नारों पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया.

उन्होंने इस घटना पर लिखा कि, "कानपुर में एक टेक्सटाइल व्यवसायी के पुत्र के अपहरण और हत्या के मामले में अपराध को एक समुदाय विशेष से जोड़कर फ़िरौती की मांग करना और ऐसा करके पुलिस का ध्यान भटकाने की साज़िश बेहद गंभीर मामला है. इस तरह का चलन देश-समाज के लिए बेहद घातक है, इस पर सख़्त-से-सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए."

कैसे सुलझी गुत्थी

पुलिस ने बताया है कि सोमवार की शाम साढ़े चार बजे नाबालिग़ छात्र घर से अपनी कोचिंग के लिए निकला था और रोज़ की तरह जब वह घर वापस नहीं आया तो परिजनों ने पहले छात्र से संपर्क करने की कोशिश की.

फिर रात 9 बजकर 45 मिनट पर छात्र के परिजनों ने कानपुर के रायपुरवा थाने पर गुमशुदगी की सूचना दी और पुलिस ने छात्र के पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू की.

पुलिस के मुताबिक़ अभियुक्त प्रभात शुक्ला को पता था कि कारोबारी का बेटा रोज़ शाम को 4 बजे स्वरूप नगर कोचिंग के लिए जाता था. इसलिए घटना को अंजाम देने के लिए उसने पहले से तैयारी कर ली थी.

“सोमवार को उसने जरीब चौकी के पास व्यापारी के बेटे से अपने घर तक के लिए लिफ़्ट मांगी और बाद में उसे कोल्ड ड्रिंक ऑफ़र किया जिसमें नशीला पदार्थ मिला था.”

“बाद में अपने घर के बगल वाले कमरे में ले जाकर व्यापारी के बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी. हत्या के बाद अभियुक्तों ने व्यापारी को फ़िरौती के लिए वो चिट्ठी लिखी.”

हत्या का मक़सद

पुलिस ने अपनी जांच के आधार पर बताया कि इस पूरी घटना की प्लानिंग प्रभात और उसकी गर्लफ्रेंड रचिता ने की थी.

लेकिन हत्या का मक़सद क्या था? क्योंकि फ़िरौती की मांग तो अभियुक्तों ने छात्र की हत्या के बाद की.

इसके जवाब में पुलिस ने बताया, “अभियुक्त प्रभात को छात्र और उसकी ट्यूशन टीचर रचिता की दोस्ती पसंद नहीं थी. इसी के कारण उसने ये साज़िश रची और फिर रचिता और अपने दोस्त शिवा को भी इसमें शामिल किया.”

पुलिस ने बताया कि उसने मृतक छात्र का मोबाइल फ़ोन भी बरामद कर लिया है और उसमें से और भी डिटेल्स निकलेंगी.

सिक्योरिटी गार्ड की समझदारी से पकड़े गए अभियुक्त

मृतक छात्र के मामा ने बताया कि उनकी बहन ने उन्हें फ़ोन किया था तो वह भी छात्र को ढूंढने के लिए अपनी बहन के घर आए हुए थे.

इलाके के सिक्योरिटी गार्ड ने मृतक छात्र के मामा को बताया कि स्कूटी से एक शख़्स आया था जिसने मृतक के घर पर एक चिट्ठी देने की गुज़ारिश की थी.

गार्ड ने उस शख़्स की बात मानने से इनकार कर दिया और कहा कि वो ख़ुद जाकर ये चिट्ठी घर पर देकर आए.

गार्ड ने उस स्कूटी का नंबर नोट कर लिया था. उसके बयान के आधार पर ही पुलिस ने स्कूटी के मालिक प्रभात शुक्ला को पकड़ा.

पुलिस ने बताया कि मृतक के घर पर चिट्ठी पहुंचाने वाला शख़्स प्रभात का दोस्त शिवा था.

घटना से नाराज़ कानपुर के व्यापारी

कानपुर के कपड़ा व्यापारी के बेटे की हत्या से नाराज़ कानपुर कपड़ा कमेटी के पदाधिकारियों ने कैंडल मार्च निकाला. व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों को फ़ांसी की सज़ा दिलाने की मांग की है.

कानपुर कपड़ा कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रोमिट सिंह सागरी ने कहा कि "अभियुक्त पुलिस की गिरफ़्त में हैं. हमारी ये मांग है और व्यापारियों की मांग है कि इनको सख़्त से सख़्त सज़ा दी जाए. इनको फ़ांसी की सज़ा दी जाए."

वहीं छात्र के मामा ने भी कहा कि, "मैं योगी आदित्यनाथ जी से मांग करता हूं कि इसको कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए. इनको फ़ांसी की सज़ा दी जाए."

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